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Tuesday, February 17, 2026

एमडीयू में रंग महोत्सव में रंग रास थिएटर फेस्टिवल का आगाज़, -राम नाम सत्य है नाटक ने दर्शकों को किया भाव-विभोर

एमडीयू में रंग महोत्सव में रंग रास थिएटर फेस्टिवल का आगाज़, 
-राम नाम सत्य है नाटक ने दर्शकों को किया भाव-विभोर
रोहतक :  महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के आर.के. ऑडिटोरियम में रंग महोत्सव के तहत दो दिवसीय थिएटर फेस्टिवल रंग रास का भव्य शुभारंभ हुआ। भारतीय पुनर्वास परिषद की पूर्व अध्यक्ष डॉ शरणजीत कौर ने बतौर मुख्यातिथि इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

रंग रास थिएटर फेस्टिवल के प्रथम दिन राम नाम सत्य है नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक का लेखन डॉ. चंद्रशेखर फणसलकर ने किया तथा निर्देशन सोनू रोंझिया द्वारा किया गया। नाटक की प्रस्तुति मीरा कल्चर सोसायटी द्वारा की गई।
राम नाम सत्य है एक सशक्त सामाजिक नाटक है, जो जीवन की नश्वरता और समाज की वास्तविक मानसिकता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। यह नाटक अक्सर सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसमें मृत्यु और जीवन के संघर्ष को एक गहरे दृष्टिकोण से दिखाया जाता है। नाटक यह संदेश देता है कि जीवन क्षणभंगुर है और मानव को अपने जीवन में सच्चे मानवीय मूल्यों, संवेदनाओं और रिश्तों को महत्व देना चाहिए। 

अपने प्रभावशाली संवाद, यथार्थवादी प्रस्तुति और भावनात्मक कथानक के माध्यम से यह नाटक दर्शकों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करता है तथा समाज को एक सार्थक संदेश प्रदान करता है। कलाकारों के जीवंत अभिनय ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए गहरी छाप छोड़ी।
मुख्य अतिथि डॉ. शरणजीत कौर ने कहा कि रंगमंच समाज का सशक्त माध्यम है, जो जीवन के यथार्थ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है। उन्होंने रंग रास जैसे आयोजनों को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की।

रंग रास के कन्वीनर प्रो. हरीश कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में रंगमंच के प्रति रुचि विकसित करना तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनात्मक अभिव्यक्तियों को मंच प्रदान करना है।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि आईआईएमसी, नई दिल्ली के प्रो. राकेश गोस्वामी ने कहा कि एमडीयू रंग रास की शुरूआत कर थिएटर के क्षेत्र में हरियाणा में एक नई शुरूआत की है जिससे रंग मंच के कलाकारों को न केवल प्रेरणा मिलेगी बल्कि अभिव्यक्त करने का मंच भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि जिस संवदेनशीलता के साथ नाटक के कलाकारों ने अभिनय किया है उसे रोहतक के दर्शक वर्षों तक याद करेंगे। 

इस अवसर पर दो रंगमंच के कलाकारों को सम्मानित भी किया गया, जिनमें सुपवा के डॉ. दुष्यंत, रोहतक के रंगकर्मी अविनाश सैनी और निर्देशक सोनू रांझिया शामिल रहे।

इस कार्यक्रम में डॉ. लक्ष्मी गुप्ता, रंग महोत्सव की संयोजक प्रो. सपना गर्ग, डीन सीडीसी प्रो. विनीता हुड्डा, डॉ. बेनुल तोमर समेत विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, विद्यार्थी और कला उपस्थित रहे। निदेशक युवा कल्याण डॉ. प्रताप राठी और उनकी टीम ने आयोजन सहयोग दिया।

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