महिलाओं से हर महीने जिंदा होने का प्रमाण मांगना महिला सम्मान के खिलाफ : राजकुमार गोयल
जींद : अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी डॉ. राजकुमार गोयल ने हरियाणा सरकार द्वारा संचालित दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं से हर महीने स्वयं को जीवित साबित करने के लिए फोटो अपलोड करवाने की व्यवस्था पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना सराहनीय है लेकिन हर माह जिंदा होने का प्रमाण मांगना न केवल गलत बल्कि महिला सम्मान के खिलाफ है।
गोयल ने कहा कि इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है जो सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। यह कदम आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सहारा देने की दिशा में सकारात्मक है लेकिन हर माह फोटो अपलोड करने की शर्त व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और कमजोर वर्ग की अधिकांश महिलाओं के पास स्मार्टफोन या तकनीकी जानकारी नहीं है। ऐसे में हर महीने एप पर फोटो अपलोड करना उनके लिए मुश्किल भरा है और इससे कई जरूरतमंद महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हो सकती हैं।
गोयल का कहना है कि हालांकि योजना का उद्देश्य सराहनीय है लेकिन इसे लागू करने की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जो महिलाओं के सम्मान और सुविधा को प्राथमिकता दे। गोयल ने यह भी सवाल उठाया कि जब बुढ़ापा पेंशन और विधवा पेंशन जैसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में हर महीने जीवित होने का प्रमाण नहीं मांगा जाता तो फिर केवल लाडो लक्ष्मी योजना में ही यह व्यवस्था क्यों लागू की गई है। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से मांग की कि इस प्रक्रिया को तुरंत बंद कर करवाकर योजना को सरल, सम्मानजनक और महिला हितैषी बनाया जाए।
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