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Wednesday, March 18, 2026

ईआरएसएस-112 संचार अधिकारियों हेतु मानसिक स्वास्थ्य संकट प्रबंधन पर प्रशिक्षण आयोजित

ईआरएसएस-112 संचार अधिकारियों हेतु मानसिक स्वास्थ्य संकट प्रबंधन पर प्रशिक्षण आयोजित
चंडीगढ़ - ईआरएसएस-112 के संचार अधिकारियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य संकट प्रबंधन पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण सत्र प्रतिष्ठित मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ब्रह्मदीप, डॉ. एम.पी. शर्मा तथा सिविल अस्पताल, पंचकूला की मनोवैज्ञानिक सामाजिक कार्यकर्ता अंकिता चौधरी ने मुख्य भूमिका निभाई।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य 112 संचार अधिकारियों की क्षमता को सुदृढ़ करना था, ताकि वे आत्महत्या, आत्म-क्षति, अवसाद एवं तनाव से जुड़े मामलों जैसे मानसिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों को प्रभावी ढंग से संभाल सकें। चूंकि ये अधिकारी संकट की स्थिति में प्रथम संपर्क बिंदु होते हैं, इसलिए उन्हें संवेदनशीलता, सहानुभूति और पेशेवर तरीके से प्रतिक्रिया देने हेतु व्यावहारिक कौशल प्रदान किए गए।

प्रशिक्षण के दौरान "कॉल के दौरान मौखिक संकेतों के माध्यम से आत्महत्या एवं आत्म-क्षति के चेतावनी संकेतों की पहचान करने" , सक्रिय सुनने (Active Listening) एवं डी-एस्केलेशन तकनीकों के माध्यम से तनावग्रस्त कॉलर्स का प्रबंधन करने , फोन पर त्वरित भावनात्मक सहयोग एवं आश्वासन प्रदान करने ,अवसाद, चिंता एवं तनाव जैसी सामान्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं की समझ होने , आपातकालीन एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ समयबद्ध समन्वय एवं रेफरल सुनिश्चित करने जैसे प्रमुख बिंदुओं की समझ होने पर बल दिया गया। 

प्रशिक्षण में इंटरैक्टिव अभ्यासों एवं वास्तविक जीवन पर आधारित परिदृश्य (Simulation) शामिल किए गए, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ और उनका आत्मविश्वास बढ़ा।

डॉ. ब्रह्मदीप ने आत्महत्या रोकथाम में प्रथम प्रतिक्रिया देने वाले कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और संवेदनशील संवाद के महत्व को रेखांकित किया। वहीं अंकिता चौधरी ने मनोसामाजिक हस्तक्षेपों एवं प्रभावी टेलीफोनिक परामर्श तकनीकों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की पहलें आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने के साथ-साथ सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

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