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Wednesday, March 11, 2026

धर्म पर हमलों की साजिश का पर्दाफाश क्यों नहीं कर रहा प्रशासन : हरिओम जी महाराज

धर्म पर हमलों की साजिश का पर्दाफाश क्यों नहीं कर रहा प्रशासन : हरिओम जी महाराज 
जींद : सभी वेद शास्त्रों के अनुसार यज्ञ सनातन का मूल है। हमारे प्राचीन ऋषि मुनियों से लेकर देवी देवताओं तक ने सृष्टि के संतुलन और रक्षा के लिए हमेशा ही यज्ञ का ही सहारा लिया। आधुनिक विज्ञान भी इस बात को मानता है कि यज्ञ के द्वारा पर्यावरण प्रदूषण को रोकने और ऑक्सीजन के निर्माण में सहायता मिलती है। मैंने अपना पूरा जीवन निस्वार्थ भाव से  इसी मानव रक्षा के कार्य अर्थात यज्ञ के लिए समर्पित किया है। इसी सन्दर्भ में देश के सभी राज्यों में 108 कुण्डीय या इससे अधिक 108 महायज्ञ का संकल्प भी लिया है जिसमें से 102 महायज्ञ देश के 24 से अधिक राज्यों में किए जा चुके हैं। हाल ही में 103वां महायज्ञ 27 फरवरी को हरियाणा के जींद में संपन्न हुआ है। लेकिन पिछले काफी समय से इन महायज्ञ को रोकने के लिए कुछ आसुरी ताकतें षड़यंत्र के तहत विघ्न डालने का काम कर रही हैं। सनातन के खिलाफ रचे जा रहे इन षड़यंन्त्रों से मन बहुत व्यथित है। जगतगुरु त्रिपुरा पीठाधीश्वर चक्रवर्ती यज्ञ सम्राट श्रीश्री 1008 श्री हरिओम जी महाराज ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से आज अपनी यह टीस जनसामान्य के सम्मुख रखी है।
हरिओम जी महाराज ने कहा कि सभी घटनाओं की शिकायत स्थानीय पुलिस प्रशासन को देने व अभियोग तक दर्ज करवाने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्यवाही न होने व निष्कर्ष ना निकाल पाने के कारण प्रशासन व सरकार भी संदेह के घेरे में है। सरकार व प्रशासन के रवैये से सनातन प्रेमियों में निराशा की स्थिति है। पिछले वर्ष कुरुक्षेत्र ले केशव पार्क में 18 से 27 मार्च को हुए 1008 कुण्डीय महायज्ञ में षड़यंत्र के तहत दंगा करवाने व यज्ञशाला जलवाने की कोशिश की गई। इससे पहले भी इसी मैदान में यज्ञशाला को आगे के हवाले किया जा चुका है लेकिन उस समय इसको हादसा समझ कर भुला दिया गया। अब  18 से 27 फरवरी को जींद में 103वें 108 कुण्डीय महायज्ञ में पूर्णाहुति की पूर्व संध्या पर आरती पांडाल को आग लगाने की कोशिश अगर वालंटियरों की सतर्कता से नहीं रुक पाटी तो पांडाल में मौजूद हजारों लोगों के साथ कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था। आगजनी की कोशिश करने वाले व्यक्ति को तुरंत पकड़ कर पुलिस के हवाले भी कर दिया गया लेकिन इसके बावजूद पुलिस पूरे षड़यंत्र का पर्दाफाश कर मास्टर माइंड तक नहीं पहुंच पा रही है या पहुंचना नहीं चाहती है। 
हरिओम जी महाराज ने कहा कि अगर अब भी प्रशासन या सरकार कि तरफ से कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जाती तो संत समाज को साथ लेकर मजबूरन उन्हें कोई बड़ा निर्णय लेना पड़ेगा। षड़यंत्रकारी ताकतों द्वारा बार-बार हमलों के बावजूद मेरे साथ चलने वाले दर्जनों साधु, संत व ब्राह्मणों की सुरक्षा के लिए भी अभी तक कोई कोई कदम ना उठाना सरकार व प्रशासन पर सवालिया निशान लगाता है। लेकिन मैं षड़यंत्रकारी ताकतों को खुली चुनौती देता हूँ कि चाहे सरकार व प्रशासन उनकी मुट्ठी में हो पर जनकल्याण के लिए 108 महायज्ञ के मेरे संकल्प को वो कभी भी रोक नहीं पाएंगे। अधर्म कितना भी ताकतवार क्यों ना हो लेकिन जीत अंत में धर्म और सत्य की ही होती है।

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