मनोविज्ञान विभाग तथा हैप्पीट्यूड लैबोरेट्री के संयुक्त तत्वावधान में इंटरनेशनल डे ऑफ़ हैप्पीनेस मनाया गया
रोहतक : जीवन में सह-अस्तित्त्व, सौहार्द, अमन चैन की भावना के महत्त्व को बुलंद करते हुए आज महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के मनोविज्ञान विभाग तथा हैप्पीट्यूड लैबोरेट्री के संयुक्त तत्वावधान में इंटरनेशनल डे ऑफ़ हैप्पीनेस मनाया गया। इस विशेष दिवस पर- केयर टुगेदर, शेयर टुगेदर तथा फ्लॉरिश टुगेदर विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला की निदेशिका एवं मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्षा प्रो अंजलि मलिक ने कार्यशाला के प्रारम्भ में स्वागत भाषण दिया। प्रो अंजलि मलिक ने कहा कि आज के संघर्षपूर्ण समय में शांति की ज़रूरत है। आपसी अमन-चैन तथा केयरिंग-शेयरिंग का विशेष महत्व है।
कार्यशाला की आमंत्रित विशेषज्ञ वक्त एमडीयू के मनोविज्ञान विभाग की सेवानिवृत प्रोफेसर एवं पूर्व विभागाध्यक्षा डॉ अमृता यादव ने जीवन में करुणा भाव के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि करुणा, मुदिता तथा नैतिक मूल्य समाज और जीवन में ज़रूरी है। सामाजिक मेल मिलाप के महत्त्व को प्रो अमृता यादव ने विशेष रूप से उकेरा।
कार्यशाला में आमंत्रित विशेषज्ञ वक्ता आईआईटी, दिल्ली की प्रोफेसर डॉ कमलेश सिंह ने लोक साहित्य में समाहित केयरिंग-शेयरिंग के मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से हरियाणवी लोक गीतों में भाईचारा एवं आपसी सदभाव के भाव का उल्लेख किया। इस संबंध में लोकप्रिय लोकगीत- बीर हम एक मां के जाये में वर्णित सामाजिक सौहार्द के भाव का जिक्र प्रो कमलेश ने किया।
इस कार्यशाला की आयोजन सचिव डॉ शशि रश्मि तथा समन्वयिका डॉ बिन्दु ने अतिथि वक्ताओं का परिचय दिया। कार्यशाला संयोजिका तथा हैप्पीट्यूड लैबोरेट्री की प्रोफेसर-इंचार्ज प्रो दीप्ति हुड्डा ने आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने इस इंटरनेशनल डे ऑफ हैप्पीनेस के महत्व को उल्लेखित करते हुए सार संकलन किया। कार्यशाला में थीम पर आधारित संकलन किया। कार्यशाला में थीम पर आधारित विभिन्न एक्टिविटीज प्रतिभागियों से कराई गई। विभाग की प्रोफेसर डॉ शालिनी सिंह, शोधार्थी और विद्यार्थी इस कार्यशाला में उपस्थित रहे।
No comments:
Post a Comment