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Friday, March 20, 2026

विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
जींद— विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला जींद में व्यापक स्तर पर मुख स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नागरिक अस्पताल के दंत विभाग सहित जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य आमजन को मौखिक स्वच्छता एवं दंत स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।
इस अवसर पर उप-सिविल सर्जन (दंत) डॉ. रमेश पांचाल ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख स्वास्थ्य के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस का संदेश “स्वस्थ मुख, स्वस्थ जीवन का आधार” है। उन्होंने कहा कि मुख स्वास्थ्य केवल दांतों और मसूड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शरीर के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है।
कार्यक्रम का आयोजन सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली के मार्गदर्शन में किया गया। उनके नेतृत्व में जिले में दंत स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. पांचाल ने जानकारी दी कि 20 मार्च 2026 से 20 अप्रैल 2026 तक जिले में विशेष मुख स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्कूलों, कॉलेजों, बस्तियों, ईंट-भट्टों और वरिष्ठ नागरिक समूहों में जाकर लोगों को दंत स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि खराब मौखिक स्वच्छता कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती है, जिनमें हृदय रोग, मधुमेह और श्वसन संबंधी समस्याएं शामिल हैं। विशेष रूप से उन्होंने मुख कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की और बताया कि तंबाकू एवं उससे जुड़े उत्पाद जैसे गुटखा, पान मसाला, बीड़ी और सिगरेट इसके प्रमुख कारण हैं।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि यदि मुंह में लंबे समय तक रहने वाले घाव, सफेद या लाल धब्बे, लगातार दर्द या निगलने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें, क्योंकि ये मुख कैंसर के प्रारंभिक संकेत हो सकते हैं।
इस दौरान वरिष्ठ दंत सर्जन डॉ. दिनेश गुप्ता ने भी लोगों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि नियमित रूप से दांतों की सफाई, संतुलित आहार और समय-समय पर जांच करवाने से कई बीमारियों से बचाव संभव है। उन्होंने दिन में दो बार ब्रश करने, फ्लॉस का उपयोग करने, मीठे और चिपचिपे खाद्य पदार्थों से बचने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी।
कार्यक्रम में प्रारंभिक जांच (Early Detection) के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी बीमारी की समय पर पहचान उसके सफल उपचार की कुंजी होती है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की शपथ दिलाई गई और यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ मुख और मजबूत दांत अत्यंत आवश्यक हैं।
इस अवसर पर विभिन्न चिकित्सक एवं स्वास्थ्य अधिकारी, नर्सिंग कॉलेज की प्राध्यापिका एवं छात्राएं तथा दंत विभाग के कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर जन-जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया।

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