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Tuesday, April 7, 2026

भारत सरकार ने जारी किए जनगणना 2027 के वित्तीय मानक; प्रगणकों को मिलेंगे ₹25,000 मानदेय

भारत सरकार ने जारी किए जनगणना 2027 के वित्तीय मानक; प्रगणकों को मिलेंगे ₹25,000 मानदेय
चंडीगढ़: भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत जनगणना कार्य निदेशालय, हरियाणा ने आगामी 'भारतीय जनगणना 2027' के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश और वित्तीय मानको (Norms) की घोषणा कर दी है। निदेशालय द्वारा जारी सर्कुलर नंबर 2 के अनुसार, इस बार की जनगणना पूरी तरह तकनीकी आधारित होगी ताकि डेटा का संग्रह और प्रकाशन तेज़ी से किया जा सके।
दो चरणों में संपन्न होगी जनगणना

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना 2027 का कार्य दो मुख्य चरणों में पूरा किया जाएगा:
* प्रथम चरण (अप्रैल से सितंबर 2026): मकान सूचीकरण और आवास गणना (Houselisting and Housing Census - HLO)।

* द्वितीय चरण (फरवरी 2027): जनसंख्या की गणना (Population Enumeration - PE)।
मानदेय (Honorarium) का विवरण
जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) के लिए मानदेय की राशि तय कर दी गई है:
* प्रथम चरण (HLO): ₹9,000
* द्वितीय चरण (PE): ₹16,000
* कुल मानदेय: ₹25,000
महत्वपूर्ण शर्त: प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को डेटा संग्रह के लिए अपने स्वयं के मोबाइल उपकरणों का उपयोग करना होगा। साथ ही, प्रगणन ब्लॉकों के दौरों के लिए अलग से कोई TA/DA (यात्रा भत्ता) प्रदान नहीं किया जाएगा।
प्रशिक्षण भत्ता और नियम
विभिन्न स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए भी प्रतिदिन के हिसाब से राशि निर्धारित की गई है:
| प्रशिक्षण श्रेणी | राशि (प्रति व्यक्ति/दिन) |
| राज्य एवं मंडल स्तर के अधिकारी | ₹900 |
| जिला/चार्ज स्तर के पदाधिकारी | ₹650 |
| जिला स्तर पर तकनीकी/नियमित सहायक | ₹650 |
| सामान्य क्षेत्रों में फील्ड ट्रेनर्स | ₹600 |
| प्रगणक और पर्यवेक्षक | ₹600 |
प्रशिक्षण संबंधी विशेष नोट:
* प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को मिलने वाले ₹600 में से ₹200 प्रतिदिन जलपान (Refreshments) के लिए शामिल हैं।
* सख्त निर्देश: यदि कोई प्रगणक या पर्यवेक्षक प्रशिक्षण लेने के बाद फील्ड वर्क (क्षेत्रीय कार्य) नहीं करता है, तो उसे प्रशिक्षण भत्ता नहीं दिया जाएगा।
* अन्य सभी श्रेणियों के लिए भी प्रतिदिन की राशि में जलपान का खर्च शामिल है।
तकनीकी नवाचार पर ज़ोर
इस बार की जनगणना में "डिजिटल इंडिया" की झलक देखने को मिलेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग से न केवल डेटा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि गणना के बाद के परिणामों को भी जल्द जारी किया जा सकेगा।
यह आदेश हरियाणा के सभी मंडल आयुक्तों, नगर निगम आयुक्तों और उपायुक्तों (सह-प्रिंसिपल जनगणना अधिकारी) को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दिया गया है।

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