*मंडी व्यवस्था को बर्बाद कर रही भाजपा सरकार की नीतियां: ऋषिपाल हैबतपुर*
*कहा-किसानों-आढ़तियों पर थोपे जा रहे तुगलकी फरमान तुरंत वापस ले सरकार*
जींद : जुलाना कस्बे की नई अनाज मंडी में शुक्रवार को किसानों और आढ़तियों का गुस्सा खुलकर सामने आया। सरकार द्वारा लागू किए जा रहे नए नियमों के विरोध में आढ़तियों और किसानों ने हड़ताल करते हुए धरना शुरू कर दिया। पूरे दिन मंडी में खरीद-फरोख्त ठप रही और किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरने को समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस के जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जो सीधे तौर पर किसानों और आढ़तियों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण मंडियों की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ऋषिपाल हैबतपुर ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार हर रोज नए-नए नियम थोपकर किसानों और आढ़तियों को परेशान करने का काम कर रही है। यह पूरी तरह से तुगलकी रवैया है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडियों में पहले से ही पर्याप्त सुविधाओं का अभाव है, ऊपर से सरकार द्वारा जबरन नए नियम लागू कर दिए गए हैं, जिससे हालात और बिगड़ गए हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने विशेष रूप से फसल लेकर आने वाले किसानों के ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट और बायोमेट्रिक प्रणाली को अनिवार्य किए जाने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह नियम पूरी तरह अव्यवहारिक और किसान विरोधी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई किसानों के पास ट्रैक्टर के दस्तावेज पूरे नहीं होते, वहीं बायोमेट्रिक प्रणाली भी तकनीकी समस्याओं से जूझती रहती है। ऐसे में यह नियम किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाएगा। ऋषिपाल हैबतपुर ने मंडी के समय को सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक सीमित करने के फैसले को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि अधिकांश किसान रात के समय कंबाइन से फसल कटाई करते हैं और सुबह या देर रात अपनी उपज मंडी में लाते हैं। ऐसे में समय सीमा तय करना किसानों के काम में बाधा डालने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को जमीनी हकीकत की कोई समझ नहीं है।
ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह किसानों और आढ़तियों की समस्याओं को समझे, लेकिन इसके उलट उन पर नए-नए बोझ डाले जा रहे हैं। यह सरकार किसान विरोधी मानसिकता से काम कर रही है और मंडी व्यवस्था को खत्म करने की साजिश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने तुरंत प्रभाव से इन फैसलों को वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस पार्टी किसानों और आढ़तियों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी। उन्होंने मांग की कि गेहूं की खरीद पुरानी प्रणाली के अनुसार की जाए और मंडियों में पानी, बिजली, शौचालय व अन्य मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध करवाई जाएं।
धरने में मौजूद किसानों और आढ़तियों ने भी एकजुट होकर सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया और चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।
इस मौके पर पूर्व प्रदेश प्रवक्ता जगबीर डिगाना, संगठन महासचिव पवन दुहन,मंडी प्रधान पवन करसोला,जिलाध्यक्ष उपाध्यक्ष राममेहर निढ़ाना, हरिओम शर्मा,राजेंद्र तायल, जस्सा प्रधान, नरेश ढांडा किसान लीडर, अनिल लाठर, जॉनी, राममेहर मलिक गतोली, राकेश सिहाग, जयभगवान, बिककर शामलो,कोषाध्यक्ष इशाक भट्टी, महासचिव सुरेश शर्मा, दलबीर फौजी, सचिव बंसीलाल गोहियाँ, सचिव कुलवंत लाठर, संदीप सरपंच शादीपुर, सुभाष लाठर काला नम्बरदार, जयदीप लाठर, मंजीत लाठर, साहिल खान आदि मौजूद रहे।
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