चार साल बाद भी जींद बस अड्डे का नही खुला पेट्रोल पंप।
निजी पेट्रोल पंप पर डीजल भरवा रही बसें, समय हो रहा बर्बाद
रोजाना 40 से 50 बसों के अतिरिक्त फेरों से बढ़ रहा खर्च।
जींद : हरियाणा के जींद के नए बस अड्डे पर चार साल बीतने के बावजूद रोडवेज का डीजल पंप शुरू नही हो पाया है। इसके चलते रोडवेज बसों को डीजल भरवाने के लिए छह किलोमीटर दूर गोहाना रोड स्थित निजी पेट्रोल पंप तक जाना पड़ रहा है। इस व्यवस्था से जहां बसों का अतिरिक्त समय बर्बाद हो रहा है, वहीं यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार बस में यात्रियों को बैठाने के बाद चालक व परिचालक डीजल भरवाने के लिए बस को पंप पर ले जाते हैं। इससे यात्रियों को 30 से 40 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है और उनके गंतव्य तक पहुंचने में देरी होती है। बसों में प्रतिदिन यात्रा करने वाले यात्रियों के अनुसार बस स्टैंड को नए स्थान पर शिफ्ट करते समय डीजल पंप जैसी जरूरी सुविधा शुरू की जानी चाहिए थी। चार साल बाद भी पंप चालू नहीं होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। यात्रियों का कहना है कि बसों में सफर करने वाले लोगों का समय भी महत्वपूर्ण है लेकिन तेल भरवाने के लिए बसों को दूसरे स्थान पर ले जाने से उनकी यात्रा प्रभावित होती है।
*रोजाना 40 से 50 बसों के अतिरिक्त फेरों से बढ़ रहा खर्च*
जींद डिपो में वर्तमान में 165 विभागीय बसों के अलावा किलोमीटर स्कीम की 37 बसें संचालित हैं। डीजल भरवाने के लिए बसों को प्रतिदिन अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। यदि प्रतिदिन 40 से 50 बसें छह किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा लगाती हैं तो महीनेभर में हजारों किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय होता है। इससे डीजल की खपत और परिचालन खर्च बढ़ता है। विभाग को होने वाले वास्तविक आर्थिक नुकसान का आकलन अतिरिक्त दूरी, बसों की संख्या और ईंधन खपत के आधार पर किया जा सकता है।
जींद डिपो के महाप्रबंधक राहुल जैन ने बताया कि पंप का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। विभाग को फरीदाबाद से लाइसेंस मिलना है लेकिन वो अभी तक मिला नहीं है। जैसे ही मिलता हैए पंप चालू करा दिया जाएगा।
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