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Saturday, January 4, 2025

January 04, 2025

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की पहली लिस्ट; इसमें 29 उम्मीदवारों के नाम डिक्लेयर, अरविंद केजरीवाल के खिलाफ किसे उतारा?

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी की पहली लिस्ट; इसमें 29 उम्मीदवारों के नाम डिक्लेयर, अरविंद केजरीवाल के खिलाफ किसे उतारा?
नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव-2025 के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में 29 उम्मीदवारों के नाम डिक्लेयर किए गए हैं। बीजेपी ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नई दिल्ली विधानसभा सीट से प्रवेश वर्मा को मैदान में उतारा है।
वहीं सीएम आतिशी के खिलाफ कालकाजी विधानसभा सीट से रमेश बिधूड़ी को उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा करोल बाग से दुष्यंत गौतम, राजौरी गार्डन से मनजिंदर सिंह सिरसा, बिजवासन से कैलाश गहलोत (आप से आए), गांधी नगर से अरविंदर सिंह लवली चुनाव लड़ेंगे। वहीं अन्य सभी उम्मीदवारों के नाम आप नीचे लिस्ट में देख सकते हैं।
BJP Candidates First List For Delhi Assembly Election 2025 
BJP Candidates First List For Delhi Assembly Election 2025 
*AAP ने सभी उम्मीदवार किए घोषित*

दिल्ली विधानसभा चुनाव-2025 के लिए सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने सबसे पहले ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। आप ने दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर सभी उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। वहीं कांग्रेस ने भी अब तक तीन लिस्ट में 48 उम्मीदवार उतारे हैं। कांग्रेस ने अलका लांबा को कालकाजी विधानसभा सीट से आतिशी के खिलाफ उम्मीदवार बनाया है। जिसमें कड़ाके की टक्कर होने वाली है।
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*दिल्ली विधानसभा चुनाव-2025 का शेड्यूल कब होगा जारी?*

दिल्ली विधानसभा चुनाव-2025 के शेड्यूल की घोषणा को लेकर तैयारी चल रही है। आने वाले कुछ ही दिनों में चुनाव आयोग प्रेस वार्ता कर दिल्ली में विधानसभा चुनाव की घोषणा कर सकता है। फरवरी मध्य या लास्ट में दिल्ली विधानसभा चुनाव संपन्न हो सकता है।
*2020 के चुनाव में AAP को 62 सीटें*

दिल्ली में कुल 70 विधानसभा सीटें हैं। 2020 के पिछले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को 62 सीटें हासिल हुईं थीं। इस तरह से आम आदमी पार्टी ने हैट्रिक मारते हुए लगातार तीसरी बार बहुमत के साथ दिल्ली में अपनी सरकार बनाई थी। इसी के साथ केजरीवाल दिल्ली के तीसरी बार मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि आम आदमी पार्टी को 2015 के मुकाबले में 5 सीटों का नुकसान हुआ।
वहीं भारतीय जनता पार्टी को इतनी सीटों का फायदा हुआ था। लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) सिर्फ 8 सीटों पर सिमटकर रह गई थी। जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस का एक बार फिर सूपड़ा साफ हो गया था और वह कोई भी सीट नहीं जीत सकी थी। दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों पर बहुमत का आंकड़ा 36 का है।
*2015 के चुनाव में AAP को 67 सीटें*

दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने सबसे पहले 2013 में अपनी सरकार बनाई थी। लेकिन यह सरकार ज्यादा दिन नहीं चल सकी और 49 दिनों में केजरीवाल ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लग गया। वहीं फिर 2015 में विधानसभा चुनाव हुआ। उस दौरान आम आदमी पार्टी ने विधानसभा की 70 में से 67 सीटें जीतीं और केजरीवाल ने फिर से दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वहीं इस चुनाव में BJP ने 3 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली थी।
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Friday, January 3, 2025

January 03, 2025

अग्रवाल संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 4 को दिल्ली में : डॉ. राजकुमार गोयल

अग्रवाल संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष डा. राजकुमार गोयल ने दी जानकारी
अग्रवाल संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 4 को दिल्ली मेंअग्रवाल संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 4 को दिल्ली में
5 को राष्ट्रीय अलंकरण समारोह का होगा आयोजन
डा. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर जनपथ पर आयोजित होगा यह राष्ट्रीय कार्यक्रम
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला होंगे मुख्य अतिथि
जीन्द : अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन हरियाणा के प्रदेश उपाध्यक्ष डा. राजकुमार गोयल ने बताया कि अग्रवाल संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 4 जनवरी को दिल्ली के डा. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित होगी। अगले दिन 5 जनवरी को राष्ट्रीय अलंकरण समारोह का आयोजन होगा जिसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि होंगे। राजकुमार गोयल अग्रवाल संगठन के पदाधिकारियों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर रामधन जैन, पवन बंसल, सावर गर्ग, सोनू जैन, राजेश गोयल, मनीष गर्ग इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
गोयल ने बताया कि 4 जनवरी को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक राष्ट्रीय चेयरमेन प्रदीप मितल व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित होगी। इस कार्यकारिणी बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के साथ साथ सभी प्रदेशों के अध्यक्ष भी उपस्थित रहेंगे। इस बैठक में समाज से जुड़े कई अहम मुद्दों को शामिल किया गया है। समाज की मजबूती को लेकर भी इस राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में गहन मंथन होगा। अगले दिन 5 जनवरी को इसी डा. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर के ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय स्तर का अग्र अलंकरण सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा जिसमें देश विदेश की कुल 51 ऐसी महान विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होने अपने अपने क्षेत्र में विशिष्ठ योगदान दिया है और देश का नाम रोशन किया है।
गोयल ने बताया कि इस राष्ट्रीय अलंकरण समारोह में लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि होंगे। परम श्रद्धेय गीता मनस्वी ज्ञानानंद महाराज जी का सानिध्य रहेगा। इसके साथ सांसद दामोदर अग्रवाल, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद एन.डी. गुप्ता, सांसद प्रवीन खंडेलवाल, सांसद नरेश बंसल, सांसद अतुल गर्ग इत्यादि विशिष्ठ अतिथि होंगे। राष्ट्रीय अलंकरण समारोह के लिए जो 51 श्रेणियां बनाई गई है जिनमें अग्र भूषण पुरस्कार, बनारसी दास गुप्ता सेवा पुरस्कार, भामाशाह पुरस्कार, अग्र श्री पुरस्कार, अग्र गौरव पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ कार्यकर्ता पुरस्कार, उद्योग एवं व्यापार पुरस्कार, महिला उद्यमी पुरस्कार, युवा उद्यमी पुरस्कार के साथ साथ चिकित्सा, शिक्षा, कला, संगीत इत्यादि क्षेत्रों के पुरस्कार शामिल है।
January 03, 2025

पंचकूला जोन की उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की कार्यवाही 06, 13, 20 और 27 जनवरी को पंचकूला में की जाएगी

पंचकूला जोन की उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की कार्यवाही 06, 13, 20 और 27 जनवरी को पंचकूला में की जाएगी
चंडीगढ़, 3 जनवरी - उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, अच्छी वोल्टेज और निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए प्रतिबद्ध है। ‘पूर्ण उपभोक्ता संतुष्टि’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिजली निगम द्वारा अनेक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम प्रारंभ किये गए हैं ताकि उपभोक्ताओं की समस्याओं को त्वरित रूप में सुलझाया जा सके।
बिजली निगम के प्रवक्ता ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच रेगुलेशन 2.8.2 के अनुसार प्रत्येक मामले में 1 लाख रुपये से अधिक और 3 लाख रुपये तक की राशि के वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेगा। पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों नामत: कुरुक्षेत्र, अंबाला, पंचकूला, कैथल और यमुनानगर के उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण 06, 13, 20 और 27 जनवरी को जोनल उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच, पंचकूला में उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पंचकूला जोन के अंतर्गत आने वाले जिलों के उपभोक्ताओं के गलत बिलों, बिजली की दरों से संबंधित मामलों, मीटर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों, खराब हुए मीटरों से संबंधित मामलों तथा वोल्टेज से जुड़े हुए मामलों का निपटान किया जाएगा। उपभोक्ता और निगम के बीच किसी भी विवाद के निपटान के लिए फोरम में वित्तीय विवादों से संबंधित शिकायत प्रस्तुत करने से पहले पिछले छह महीनों के दौरान उपभोक्ता द्वारा भुगतान किए गए बिजली के औसत शुल्क के आधार पर गणना की गई प्रत्येक माह के लिए दावा की गई राशि या उसके द्वारा देय बिजली शुल्क के बराबर राशि, जो कम है, उपभोक्ता को जमा करवानी होगी। इस दौरान उपभोक्ता को प्रमाणित करना होगा कि यह मामला अदालत, प्राधिकरण या फोरम के समक्ष लंबित नहीं है क्योंकि इस न्यायालय या फोरम में विचाराधीन मामलों पर बैठक के दौरान विचार नहीं किया जाएगा।
January 03, 2025

सी.आई.डी. का पूरा अर्थ--क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट, हालांकि न यह डिपार्टमेंट, न यह करती है क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन -- हेमंत कुमार


सी.आई.डी. (CID) का नाम बदलकर स्टेट इंटेलिजेंस विंग किया जाए, एडवोकेट ने हरियाणा पुलिस कानून  की धारा 16 का  हवाला देकर प्रदेश सरकार को लिखा 

सी.आई.डी. का  पूरा अर्थ--क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट, हालांकि न यह डिपार्टमेंट, न यह करती है  क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन  --  हेमंत कुमार
चंडीगढ़ -- हाल ही में  हरियाणा सरकार द्वारा 
1998 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आई.पी.एस.)  अधिकारी  सौरभ सिंह को प्रदेश गुप्तचर (सी.आई.डी.) का नया ए.डी.जी.पी. (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक) अर्थात  प्रमुख   तैनात किया गया.  सौरभ इससे पूर्व फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर पद पर कार्यरत थे. इससे पूर्व निरंतर साढ़े चार वर्षो  तक  1993 बैच के आई.पी.एस. आलोक मित्तल सी.आई.डी.  ए.डी.जी.पी. पद पर तैनात थे एवं अब उन्हें  एंटी करप्शन ब्यूरो ( ए.सी.बी.)  हरियाणा का नया ए.डी.जी.पी. तैनात किया गया है.
इसी बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एडवोकेट एवं कानूनी विश्लेषक हेमंत कुमार ने एक रोचक परंतु महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि  हरियाणा पुलिस  अधिनियम ( कानून), 2007 को‌ लागू हुए‌  16 वर्ष‌ से ऊपर हो गए हैं.‌ सितम्बर, 2006 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा देश में पुलिस सुधार सुनिश्चित करने के लिए  प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार एवं अन्य नामक ऐतिहासिक निर्णय में देश की सभी प्रदेश सरकारों को‌‌ दिए गए छ: निर्देशों की अनुपालना के दृष्टिगत‌‌ हरियाणा सहित‌  देश की हर प्रदेश विधानसभा द्वारा अंग्रेजी शासनकाल के दौरान से‌ लागू पुलिस एक्ट, 1861 को समाप्त कर अपने अपने प्रदेश के लिए संबंधित‌ राज्य पुलिस कानून बनाया गया था.हेमंत ने बताया कि हरियाणा पुलिस कानून, 2007‌ में  सी.आई.डी. नाम का कहीं उल्लेख नहीं है. इसके स्थान पर उक्त  कानून की धारा 16 में प्रदेश पुलिस में  स्टेट इंटेलिजेंस विंग और स्टेट क्राइम   इन्वेस्टिगेशन विंग  गठित करने  का उल्लेख है.   उक्त  धारा  अनुसार  दोनों कोई अलग विभाग नहीं बल्कि राज्य पुलिस संगठन की ही दो अलग अलग विंग अर्थात  शाखाएँ होंगी.
हरियाणा पुलिस कानून की धारा 16 अनुसार स्टेट इंटेलिजेंस विंग का कार्य आसूचना (इंटेलिजेंस) का संग्रहण, समाकलन, विश्लेषण एवं उपयुक्त (सीमित) प्रचारण  करना है जो कार्य वर्तमान में हरियाणा सी.आई.डी. द्वारा किये जाते हैं. वहीं स्टेट क्राइम  इन्वेस्टिगेशन विंग का कार्य आपराधिक आसूचना (क्रिमिनल इंटेलिजेंस) का संग्रहण, समाकलन  और विश्लेषण करना है  एवं इसके साथ साथ यह विंग गंभीर और जघन्य अपराधों एवं जिनका अंतरराज्यीय, अंतर-जिला, बहुशाखा, मुख्य आर्थिक  अपराध, साइबर अपराध एवं अन्य गंभीर अपराधों के सम्बन्ध में अन्वेषण/जांच  करना भी  शामिल है.  वर्तमान में  सारे कार्य वर्तमान में हरियाणा पुलिस की स्टेट क्राइम ब्रांच द्वारा किये जा रहे है जिसकी वर्तमान ए. डी.जी.पी. 1996 बैच के वरिष्ठ महिला आई.पी.एस.  ममता सिंह  हैं. इस प्रकार हरियाणा पुलिस कानून की धारा 16 में इंटेलिजेंस और क्रिमिनल इंटेलिजेंस में अंतर उल्लेखित है.हेमंत ने आगे बताया कि हमारे देश  में सी.आई.डी. की स्थापना अंग्रेजी शासनकाल दौरान हुई थी  हालांकि वर्तमान में  देश के सभी राज्यों में इसकी संरचना एवं कार्यकाल एक समान नहीं  है.  चूँकि हरियाणा  पुलिस कानून, 2007 की धारा 16 अनुसार  प्रदेश सी.आई.डी. के पास न तो कानूनन क्रिमिनल इंटेलिजेंस है तो न ही क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन की शक्ति एवं यह  शक्तियां स्टेट क्राइम इन्वेस्टीगेशन विंग के पास निहित है, इसलिए सीआईडी का वर्तमान अंग्रेजी  नाम क्रिमिनल  इन्वेस्टीगेशन  न्यायोचित नहीं है, अतः हरियाणा सरकार को प्रदेश पुलिस कानून की धारा 16 की अनुपालना में आधिकारिक तौर पर प्रदेश सीआईडी (गुप्तचर) का  नाम   क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन (आपराधिक अन्वेषण) नहीं बल्कि  स्टेट  इंटेलिजेंस विंग का प्रयोग करना चाहिए.  पंजाब में  भी प्रदेश सीआईडी को  गत कई वर्षों से इंटेलिजेंस विंग कहा जाता है.  भारत सरकार में भी गुप्तचर/ख़ुफ़िया कार्य-कलापों  के लिए  इंटेलिजेंस (आसूचना) ब्यूरो के नाम से संगठन मौजूद  है,  जो केंद्रीय गृह मंत्रालय  के अधीन आता  है.
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा इस वर्ष अक्तूबर, 2024  में जारी प्रदेश के  मुख्यमंत्री और मंत्रियों के मध्य आबंटित विभागों संबंधी  जारी  ताजा आधिकारिक आदेश में मुख्यमंत्री  नायब सिंह के मौजूदा विभागों में   गुप्तचर  (सीआईडी) का भी उल्लेख है जिसका  अंग्रेजी में अनुवाद क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन  दर्शाया गया है जिसकी हालांकि हिंदी  है आपराधिक जांच. रोचक बात यह है कि  सीआईडी अर्थात गुप्तचर  किसी भी आपराधिक मामले में  आधिकारिक तौर पर  क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन (जांच/अनुसंधान ) आदि नहीं करता है. वैसे भी हरियाणा सरकार कार्य (आबंटन) नियमावली 1974 में आज तक सीआईडी को अलग विभाग के रूप में नहीं बल्कि प्रदेश के गृह विभाग के अंतर्गत ही दर्शाया गया है.
इस प्रकार हरियाणा में  सीआईडी आधिकारिक तौर पर डिपार्टमेंट भी  नहीं है.  इसलिए सीआईडी का  मौजूदा  नाम अर्थात क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट न्यायोचित नहीं है. हेमंत ने गत 4 वर्षों में कई  बार इस संबंध में अर्थात प्रदेश सीआईडी का नाम बदलकर स्टेट‌ इंटेलिजेंस विंग करने हेतु प्रदेश सरकार को लिखा हालांकि आज तक इस पर वांछित कार्रवाई लंबित है.  हाल ही में इस विषय पर‌ उनके द्वारा  एक बार पुनः हरियाणा सरकार को ज्ञापन भेजा गया है.


January 03, 2025

आरएसएस ने अंबेडकर को बताया 'अपना', 85 साल पुराने किस्से को अब मिल रही हवा


आरएसएस ने अंबेडकर को बताया 'अपना', 85 साल पुराने किस्से को अब मिल रही हवा
नई दिल्ली : भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम भारतीय समाज और राजनीति में एक सशक्त आवाज के तौर पर लिया जाता है. लेकिन अब एक नया दावा सामने आया है, जो उनके और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बीच के रिश्ते पर रोशनी डालता है. 
दावा किया गया है कि 85 साल पहले महाराष्ट्र के एक शाखा में डॉ. अंबेडकर ने संघ के स्वयंसेवकों से मुलाकात की थी और इस दौरान उन्होंने आरएसएस के प्रति अपना समर्थन का इजहार किया था. यह दावा आरएसएस के मीडिया केंद्र, विश्व संवाद केंद्र (वीएसके) की ओर से किया गया है, जिसमें कहा गया कि अंबेडकर ने संघ के प्रति अपनेपन की भावना को महसूस किया, हालांकि कुछ मुद्दों पर उनके मतभेद थे.
वीएसके के विदर्भ प्रांत ने 2 जनवरी 2025 को एक बयान जारी कर इस ऐतिहासिक मुलाकात और उसके बाद के तथ्यों का खुलासा किया. बयान में कहा गया कि डॉ. अंबेडकर ने 2 जनवरी 1940 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के कराड में आरएसएस की एक शाखा का दौरा किया था. इस दौरान, अंबेडकर ने संघ के स्वयंसेवकों को संबोधित किया और कहा, "हालांकि, कुछ मुद्दों पर मतभेद हैं, लेकिन मैं संघ को अपनेपन की भावना से देखता हूं." 
 डॉ. अंबेडकर और आरएसएस के रिश्ते का खुलासा!

वीएसके ने इस बयान में आगे कहा कि डॉ. अंबेडकर ने संघ के बारे में जो विचार व्यक्त किए थे, वे इस बात को दर्शाते हैं कि उन्हें आरएसएस के मकसदों और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में साफ जानकारी थी. बयान में यह भी जिक्र किया गया कि डॉ. अंबेडकर को यह पता था कि आरएसएस एक अखिल भारतीय संगठन है, जो हिंदुओं को एकजुट करने का काम करता है. हालांकि, डॉ. अंबेडकर आरएसएस की विकास गति से संतुष्ट नहीं थे और उनके मन में संघ के भविष्य को लेकर कुछ संदेह थे.
आरएसएस पर दलित विरोधी होने के आरोपों की चर्चा भी की गई, जिसमें वीएसके ने बताया कि यह आरोप गलत साबित हुए हैं. दरअसल, डॉ. अंबेडकर के समय से लेकर आज तक, संघ ने समाज के अलग अलग वर्गों को जोड़ने के लिए कई काम किए हैं. इस दौरान, आरएसएस पर लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए यह कहा गया कि संघ का मकसद केवल एक विशेष वर्ग या जाति को बढ़ावा देना नहीं था, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज की एकता को सुनिश्चित करना था. 
 महात्मा गांधी का आरएसएस से संबंध

वीएसके ने अपने बयान में महात्मा गांधी के आरएसएस से जुड़े अनुभव का भी जिक्र किया. गांधीजी ने 1934 में वर्धा में आरएसएस के शिविर का दौरा किया था और वहां उन्होंने महसूस किया कि संघ में कई जातियों और धर्मों के लोग एक साथ काम कर रहे थे. गांधीजी ने इस अनुभव को अपने शब्दों में साझा करते हुए कहा था कि आरएसएस के शिविर में जातिवाद के प्रति कोई भेदभाव नहीं था. सभी स्वयंसेवकों में एक ही भावना थी - "हम सभी हिंदू हैं."
गांधीजी के इस अनुभव ने आरएसएस की छवि को एक नई दिशा दी और उन्होंने डॉ. हेडगेवार से मुलाकात कर संघ के अस्पृश्यता उन्मूलन कार्यक्रम की सफलता की सराहना की थी. इस संदर्भ में वीएसके ने यह भी कहा कि आरएसएस के खिलाफ जो आरोप लगाए गए थे, जैसे कि तिरंगे का सम्मान नहीं करना या स्वतंत्रता संग्राम में भाग न लेना, वे सभी गलत थे. 
'आरएसएस का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान'

वीएसके के अनुसार, यह दावा कि आरएसएस के स्वयंसेवक स्वतंत्रता संग्राम में भागीदार नहीं थे. भी पूरी तरह से गलत है. आरएसएस के संस्थापक डॉ. हेडगेवार ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सक्रिय सदस्य के रूप में स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था. ‘जंगल सत्याग्रह’ जैसे आंदोलनों में उनकी भागीदारी ने आरएसएस की प्रतिबद्धता को स्वतंत्रता संग्राम के प्रति सिद्ध किया था.
इस बयान ने डॉ. अंबेडकर और आरएसएस के बीच के संबंधों को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया है, जो पहले से चल रहे विचारों और आरोपों को चुनौती देता है. यह एक ऐतिहासिक तथ्य है कि दोनों के बीच विचारधारात्मक मतभेद हो सकते थे, लेकिन उनके बीच एक गहरे सामाजिक और राष्ट्रीय जुड़ाव का आधार भी था.

Thursday, January 2, 2025

January 02, 2025

वर्ष 2023-24 की खेल उपलब्धियों के पुरस्कार व छात्रवृति हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 10 जनवरी तक बढ़ाई गई

वर्ष 2023-24 की खेल उपलब्धियों के पुरस्कार व छात्रवृति हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 10 जनवरी तक बढ़ाई गई

गत 30 जुलाई 2024 तक आवेदन करने से वंचित रहे खिलाड़ी कर सकते है आवेदन
चंडीगढ़, 02 जनवरी-  हरियाणा के खेल विभाग  द्वारा 1 जनवरी 2023 से 31 मार्च 2024 के दौरान खेल उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता/प्रतिभागी खिलाडिय़ों को नकद पुरस्कार तथा छात्रवृति प्रदान करने हेतु वर्ष 2023-2024 के लिए पूर्व वर्षाे की तरह आवेदन आमांत्रित किये गये थे, जिसकी अंतिम तिथि 30 जुलाई 2024 निर्धारित की गई थी। इस दौरान आवेदन करने से वंचित रहे प्रदेश के खिलाडिय़ों को आवेदन के लिए एक और अवसर प्रदान किया गया है। ऐसे खिलाड़ी अब 10 जनवरी 2025 तक आवेदन कर सकते है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि पुरस्कार व छात्रवृति के लिए आवेदन पत्र का नमूना विभाग की वेबसाईट  www.haryanasports.gov.in  पर उपलब्ध है। पात्र खिलाड़ी पूर्ण रूप से आवेदन पत्र भरकर सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित आगामी 10 जनवरी 2025 को सांय 5 बजे तक स्थानीय जिला खेल कार्यालय में जमा करवा सकते है। इस निर्धारित तिथि के पश्चात किसी भी खिलाड़ी का आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किया जायेगा।
January 02, 2025

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को 2025 तक लागू करने के लिए युद्ध स्तर पर की जा रही है तैयारियां - शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को 2025 तक लागू करने के लिए युद्ध स्तर पर की जा रही है तैयारियां - शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा

विवेकानंद जयंती पर एनईपी को लेकर ऑनलाइन होगा पोर्टल जारी, इसी पर सुझाव मांगे जाएंगे

बैठक में 107 कॉलेजों के प्राचार्यों के अलावा नोडल अधिकारी भी हुए शामिल
चंडीगढ़, 2 जनवरी- हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को 2025 में क्रियान्वयन के लिए शिक्षा विभाग युद्ध स्तर पर तैयारी कर रहा है। राज्य के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों के साथ-साथ शिक्षाविदों अन्य हितकारकों के सुझाव आमंत्रित करने के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र में 12 जनवरी को विवेकानंद जयंती पर ऑनलाइन पोर्टल जारी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि गत दिनों शिक्षा सदन पंचकूला में मैराथन बैठक की अध्यक्षता वे स्वयं कर चुके हैं, जिसमें तय किया गया था कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन और उद्देश्यों को लेकर मंडल स्तर के महाविद्यालयों के साथ बैठक की जाए और इस कड़ी में आज राजकीय कन्या महाविद्यालय सेक्टर 14, गुरूग्राम में बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें गुरुग्राम डिवीजन के 74 सरकारी कॉलेजों और फरीदाबाद डिवीजन के 33 कॉलेजों के प्राचार्यों ने हिस्सा लिया।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के साथ छात्रों को सीधे तौर पर जोड़ने के लिए विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में सुझाव पेटिका लगाने के निर्देश पहले दिए जा चुके हैं। आने वाले सुझावों के आधार नई शिक्षा नीति को बेहतर बनाने के लिए नई रूपरेखा तैयार की जाएगी।

शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा ने कहा कि आधुनिकता के युग में हर विद्यार्थी डिजिटल तकनीक के साथ जुड़ा हुआ है, इसलिए आनलाइन सुझाव को लेकर पोर्टल बनाया गया है, ताकि विद्यार्थी घर बैठे सुझाव दे सकें। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के सुझावों के आधार पर योजना तैयार की जा रही है, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को किसी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि फऱवरी 2025 में शिक्षा नीति को लेकर राष्ट्रीय स्तर की गोलमेज कांफ्रेंस का आयोजन किया जाएगा।

बैठक में उच्चतर शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक हेमंत वर्मा, सहायक निदेशख डॉ. कृष्णा  और प्राचार्य डॉ. जितेंद्र मौजूद रहे।
January 02, 2025

कृषि मंत्री ने कैबिनेट द्वारा डाय-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) पर एक बार के विशेष पैकेज को मंजूरी देने की सराहना की

कृषि मंत्री ने कैबिनेट द्वारा डाय-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) पर एक बार के विशेष पैकेज को मंजूरी देने की सराहना की

कहाविशेष डीएपी पैकेज और पीएमएफबीवाई का विस्तार हरियाणा के कृषि क्षेत्र के लिए परिवर्तनकारी कदम  

चंडीगढ़, 2 जनवरी -हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने आज केंद्रीय कैबिनेट द्वारा किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए उठाए गए दूरदर्शी कदमों की सराहना की और इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया है।  

श्री राणा ने  यहां जारी बयान में प्रधानमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री की प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (एनबीएस) के अतिरिक्त प्रति मीट्रिक टन ₹3,500 की दर से डाय-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) पर एक बार के विशेष पैकेज को मंजूरी दी है। ₹3,850 करोड़ की वित्तीय लागत के साथ यह पहल वैश्विक बाजार की अस्थिरता और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच किसानों को किफायती दरों पर डीएपी की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करती हैजिससे किसानों को महत्वपूर्ण राहत मिलेगी।  

उन्होंने कहा कि इस पैकेज का विस्तार केंद्र सरकार की मेहनतकश किसानों के हितों को सशक्त बनाने की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2024 से अब तक डीएपी के लिए विशेष पैकेज ₹6,475 करोड़ से अधिक हो चुका हैजो किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि किफायती दरों पर डीएपी की उपलब्धता आगामी खरीफ और रबी सीजन में किसानों के वित्तीय बोझ को कम करने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने में सहायक होगी।

राणा ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) को 2025-26 तक बढ़ाने के सरकार के निर्णय की भी सराहना की। इन योजनाओं पर ₹69,515.71 करोड़ का बड़ा खर्च किया गया हैजो अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ फसलों के लिए महत्वपूर्ण जोखिम कवरेज प्रदान करती हैं और किसानों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं।  

मंत्री ने नवाचार और प्रौद्योगिकी के लिए बनाए गए फंड (FIAT) की महत्ता पर भी जोर दियाजिसे ₹824.77 करोड़ के कोष के साथ स्थापित किया गया है।

कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के इन परिवर्तनकारी कदमों भारतीय कृषि में एक नए युग का आगाज होगा। उन्होंने कहा ये निर्णय केंद्र सरकार का किसानों को सशक्त बनाने और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक दूरदर्शी दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।

January 02, 2025

प्रदेश सरकार का मत्स्य पालन पर रहेगा फोकस : श्याम सिंह राणा

प्रदेश सरकार का मत्स्य पालन पर रहेगा फोकस : श्याम सिंह राणा

 झींगा पालन को प्रोत्साहन देने की योजनाओं पर जोर देने के दिए निर्देश
चंडीगढ़ , 2 जनवरी - हरियाणा के मत्स्य पालन मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि राज्य सरकार का भविष्य में मत्स्य पालन पर भी विशेष फ़ोकस रहेगा।


उन्होंने आज मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों की बैठक के बाद जानकारी दी कि सरकार का प्रयास है कि विभागीय योजनाओं का लाभ मछली पालकों तक प्रभावी रूप से पहुंचे, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।  

 श्री राणा ने बजट-पूर्व चर्चा के दौरान अधिकारियों को केंद्र और राज्य प्रायोजित योजनाओं को सभी किसानों तक पहुंचाने के लिए ठोस रणनीतियां बनाने और इनके प्रति जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए।
*फिश-फीड उत्पादन और झींगा पालन को बढ़ावा*

मत्स्य पालन मंत्री ने अधिकारियों को राज्य में फिश-फीड उत्पादन बढ़ाने के लिए नए संयंत्र स्थापित करने के उपाय तलाशने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वे अन्य विभागों के साथ मिलकर एक व्यापक योजना तैयार करेंगे।  

झींगा मछली के पालन को किसानों के लिए लाभप्रद बताते हुए कहा कि अधिकारी किसानों को झींगा पालन के लिए प्रेरित करें ताकि खेती के साथ-साथ यह उनके लिए एक अतिरिक्त आय का स्रोत बन सके। उन्होंने किसानों को झींगा पालन के लिए सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली योजनाओं और सब्सिडी की जानकारी देने की आवश्यकता पर बल दिया।

श्री श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को विभाग की कार्यक्षमता में सुधार के लिए मछली पालकों के डेटा को डिजिटलीकरण करने की प्रक्रिया को तेज करने के भी निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने विभाग के वार्षिक बजट की तैयारी के लिए योजनाएं तैयार करने को कहा।  

उन्होंने यह भी कहा कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में नवाचार और किसान-हित योजनाओं  के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इससे हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।
January 02, 2025

हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने गलत बिजली बिल के लिए उपभोक्ता को 500 रुपये मुआवजा देने के दिये आदेश

हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने गलत बिजली बिल के लिए उपभोक्ता को 500 रुपये मुआवजा देने के दिये आदेश
चंडीगढ़, 2 जनवरी - हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने महेंद्रगढ़ जिले के एक उपभोक्ता को गलत बिजली बिल के कारण हुई असुविधा और परेशानी के लिए डीएचबीवीएन को 500 रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिये हैं।

आयोग के एक प्रवक्ता ने बताया कि श्री महेंद्र ने 30 सितम्बर, 2024 को सितंबर 2024 से संबंधित गलत बिल के बारे में शिकायत लेकर आयोग से संपर्क किया था। उपभोक्ता ने 02 अक्तूबर, 2024 को सीजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज की थी। हालांकि, सात दिनों की आरटीएस समय-सीमा के भीतर समस्या ठीक न होने पर उपभोक्ता ने एसडीओ कार्यालय से सम्पर्क कर अपनी शिकायत बताई। इस पर एसडीओ ने उन्हें एक लिखित आवेदन जमा करने के लिए कहा, लेकिन उपभोक्ता ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि शिकायत पहले ही सीजीआरएस पोर्टल पर जमा कर दी गई है और आगे कोई आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। परन्तु एसडीओ ने अपनी आवाज ऊंची की और चले गए। सितंबर का बिल तो आखिरकार सही कर दिया गया, लेकिन उपभोक्ता को अक्तूबर 2024 का एक और गलत बिल मिला, जो 11 नवम्बर,2024 को बना था। बाद में इस बिल को भी सही कर दिया गया।
मामले की समीक्षा करने पर आयोग ने पाया कि मीटर रीडिंग न होने के कारण बिल ‘आरएनटी’ आधार पर बनाए गए थे, जो डीएचबीवीएन मुख्यालय की ओर से चूक है। मीटर रीडिंग एजेंसी की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी डीएचबीवीएन की है। ऐसा न करने पर कई उपभोक्ताओं के बिल गलत आ सकते हैं, जिससे शिकायतें हो सकती हैं।

आयोग ने महेंद्रगढ़ डीएचबीवीएन के एक्सईएन को 25 जनवरी, 2025 तक अनुपालन की जानकारी आयोग को देने के निर्देश दिये हैं।
January 02, 2025

शासन को सुदृढ़ करने के लिए हरियाणा में होंगी साप्ताहिक समन्वय बैठकें

शासन को  सुदृढ़ करने के लिए हरियाणा में होंगी साप्ताहिक समन्वय बैठकें

*मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिए निर्देश*

*कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने और नशे के खात्मे पर रहेगा जोर*
चंडीगढ़ 2 जनवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण को और बेहतर बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाते हुए, सभी उपायुक्तों को साप्ताहिक समन्वय बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने और रचनात्मक सार्वजनिक जुड़ाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन बैठकों में एसपी या डीसीपी, सब डिविजनल मजिस्ट्रेट, डीएसपी और जेल सुप्रिटेंडेंट की भागीदारी रहेगी।
 इन बैठकों का प्राथमिक उद्देश्य प्रभावी कानून और व्यवस्था प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच संचार और तालमेल को बढ़ाना है। इन बैठकों में नशीली दवाओं की तस्करी और मादक पदार्थों के सेवन को रोकने, सार्वजनिक शिकायतों के समाधान में तेजी लाने और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार करने के लिए रणनीतियों की समीक्षा और परिष्करण पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 

        जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए, उपायुक्तों को इन बैठकों में किए जाने वाले विचार-विमर्श का दस्तावेजीकरण करने और मासिक आधार पर मुख्य सचिव कार्यालय को cs.coordination@hry.nic.in. पर इनकी संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

        इन साप्ताहिक बैठकों के अलावा, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रत्यक्ष सार्वजनिक जुड़ाव के महत्व पर भी बल दिया है। जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जमीनी स्तर पर आमजन की शिकायतों का समाधान करने के लिए महीने में कम से कम एक बार गांवों में रात्रि विश्राम जरूर करें।

        मुख्यमंत्री ने जनता का विश्वास बढ़ाने और कानून प्रवर्तन में सुधार के लिए जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों द्वारा रात्रि विश्राम तथा नियमित दौरों के संबंध में पहले से दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन करने को भी कहा है।
January 02, 2025

विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार

विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार

*इसराना खंड के बीडीपीओ सहित पांच अधिकारी और कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त होने पर दिए सस्पेंड करने के निर्देश, विभाग ने तुरंत संज्ञान लेते हुए पांचो को किया सस्पेंड।*

*सार्वजनिक स्थानों पर लगने वाले लोहे के बेंच, हैंड पंप और वाटर कूलर के माल में मिला करोड़ों का घोटाला।*

*आरोपियों ने करीब 23 लाख रुपए की बात भी कबूली।*
चंडीगढ़, 2 जनवरी- प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्णलाल पंवार ने अपनी स्वयं की इसराना (पानीपत) विधानसभा के क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर लगने वाले लोहे के बेंच, हैंडपंप और वाटर कूलर में किए गए घोटाले में संलिप्त पाए जाने पर इसराना के बीडीपीओ सहित लेखाकार, सहायक और दो (कनिष्ठ अभियंता)जेई को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। जिस पर संज्ञान लेते हुए पंचायत विभाग के निदेशक ने उन्हें तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विकास एवं पंचायत विभाग में यह भ्रष्टाचार पर एक बहुत बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने बताया कि ब्लॉक समिति इसराना के चेयरमैन हरपाल मलिक ने उन्हें इस बारे में शिकायत दी थी कि विभाग के बीडीपीओ सहित उक्त कर्मचारियों ने विकास कार्यों में अनियमितताएं बरती हैं। उनके संज्ञान में यह मामला आने पर इसकी जांच करवाई गई और जांच में पता चला कि सार्वजनिक स्थानों पर लगने वाले लाखों के लोहे के बेंच, आम जन को पीने का पानी मुहैया करने के लिए लगने वाले हैंड पंप और वाटर कूलर लगाने में अनियमितता  पाई गई हैं। उन्होंने बताया कि यह संभवतः तीन से चार करोड रुपए का घोटाला हो सकता है जिसकी जांच अभी और आगामी दिनों में की जाएगी।

 उन्होंने बताया कि जिन आरोपियों को निलंबित किया गया है उनमें इसराना के बीडीपीओ विवेक कुमार सहित दो जेई, एक अकाउंटेंट और एक सहायक को निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले के संज्ञान में आने पर उन्होंने इसकी छानबीन करवाई और स्वयं इन आरोपियों ने करीब 23 लाख 85 हजार के गबन को स्वीकार भी किया है। जब इन आरोपियों को इस बात का पता चला तो इन्होंने करीब 23 लाख रुपए से किसी व्यक्ति को यह सामान पूरा करने के लिए कहा। इसके बाद उस व्यक्ति से मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने स्वयं बात कर उसे ऐसा करने के लिए मना किया और यह पूरा मामला डिप्टी कमिश्नर के संज्ञान में डाला गया जिस पर डिप्टी कमिश्नर ने तुरंत प्रभाव से मंत्री कृष्ण लाल पंवार के आदेशों पर उक्त 23 लाख रुपए की रिकवरी जिला परिषद के सीईओ के माध्यम से खाते में जमा करवाने के लिए कही है।

        विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि विभाग में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जा रहा है। यह भ्रष्टाचार पर बहुत बड़ी कार्यवाही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के मामले मिलने पर जांच की जाएगी और किसी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
January 02, 2025

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के खिलाड़ियों की माताओं को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के खिलाड़ियों की माताओं को किया सम्मानित

 गुरुग्राम में आयोजित हुआ समारोह

 माता जीजाबाई सम्मान समारोह खेल क्षेत्र में माताओं की भूमिका का उत्सव – मुख्यमंत्री

 देश को गौरवान्वित करने वाले खिलाड़ियों की माताओं का आशीर्वाद मिलना मेरे लिए सम्मान का क्षण- मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 2 जनवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज गुरुग्राम में क्रीड़ा भारती की हरियाणा प्रांतीय ईकाई की ओर से पैरालंपिक व ओलंपिक खेलों में पदक विजेता तथा प्रतिभागी खिलाड़ियों की माताओं के सम्मान में आयोजित वीर माता जीजा बाई प्रांत स्तरीय सम्मान समारोह में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2024 में पेरिस ओलंपिक और पैरालंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की माताओं को सम्मानित किया।

 इस अवसर पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु द्रोण की नगरी गुरुग्राम में आयोजित माता जीजा बाई सम्मान समारोह खेल के क्षेत्र में माताओं की भूमिका का उत्सव है। देश-दुनिया में परचम लहराने वाले खिलाड़ियों की माताओं का सम्मान गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह समारोह न केवल हमारे खिलाड़ियों के प्रति बल्कि उनकी माताओं के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त करने का एक अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि हर बड़ी सफलता के पीछे माँ का हाथ होता है। ऐसी माताओं का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है। इससे नई पीढ़ी को प्रेरित करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने क्रीड़ा भारती की हरियाणा प्रदेश की इकाई को भी इस अनूठी पहल के लिए बधाई दी। साथ ही संस्था को 21 लाख रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा की।    

श्री नायब सिंह सैनी ने माताओं के ऐतिहासिक योगदान को याद दिलाते हुए कहा कि माता जीजा बाई, जिनके नाम से समारोह का आयोजन किया गया है, उन्होंने अपने बेटे छत्रपति शिवाजी महाराज को एक सच्चे योद्धा और नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार किया था। उनकी दूरदृष्टि और परिश्रम से देश को शिवाजी महाराज के रूप में ऐसा महान योद्धा मिला, जिसने उस समय स्वराज की नींव रखी।
 *खेलों में हरियाणा का परचम दूरदर्शी खेल नीतियों का परिणाम*

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा खेल क्षेत्र में पूरे देश का गौरव बन चुका है। यहां के खिलाड़ी ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल स्तर के खेलों में हर जगह अपना परचम लहरा रहे हैं। खिलाड़ी राष्ट्र की धरोहर होता है। हमने इसी सोच के साथ हरियाणा में खिलाड़ियों के लिए स्पोर्ट्स पॉलिसी बनाई है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए रोजगार सुनिश्चित करने के लिए 'हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी सेवा नियम 2021' बनाये गए हैं। इसके तहत खेल विभाग में 550 नए पद बनाये गये। इसके अलावा, पदक विजेता 224 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी है। खिलाड़ियों को क्लास-वन से क्लास-टू तक के पदों की सीधी भर्ती में आरक्षण का प्रावधान किया गया है। हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सबसे अधिक नकद पुरस्कार दिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 298 खिलाड़ियों को मानदेय भी दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले पदक जीतने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। वर्ष 2014 से अब तक 29 हजार से अधिक छात्रों को 53 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। सरकार ने खिलाड़ियों को बचपन से ही तराशने के लिए खेल नर्सरियां खोली हैं। इस समय प्रदेश में 1,489 खेल नर्सरियां हैं। इनमें 37,225 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन नर्सरियों में 8 से 14 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों और 15 से 19 वर्ष की आयु के खिलाड़ियों को प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि दी जा रही हैं।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि पेरिस ओलंपिक 2024 में 6 में से 5 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते हैं। पैरालम्पिक में भी देश को मिले 29 पदकों में से 8 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने हासिल किए। इससे पहले टोक्यो ओलंपिक 2020 में हमारे प्रदेश के 30 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसमें भारत ने 7 पदक जीते थे, जिसमें से 4 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने हासिल किए थे।  इसी तरह राष्ट्रमंडल खेलों में भी हरियाणा के खिलाड़ियों ने परचम लहराया। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 के दौरान हरियाणा के 43 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसमें हरियाणा के खिलाड़ियों ने 20 पदक जीते। यह उपलब्धियां हरियाणा की दूरदर्शी खेल नीतियों का ही परिणाम हैं।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ी को फिजिकल फिटनेस और खेल कौशल के साथ मानसिक संतुलन, अनुशासन और साहस की भी आवश्यकता होती है। इन गुणों को बच्चे में विकसित करने की शुरुआत उसकी मां से ही होती है। खिलाड़ी का पहला कोच उसकी मां होती है और मां से बड़ा कोई कोच नहीं होता है। जो मां सीखा सकती है वो दुनिया में दूसरा और कोई नहीं सिखा सकता।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार ने मेजर ध्यानचंद सम्मान सहित अर्जुन अवॉर्ड के लिए प्रदेश के कई खिलाड़ियों का नाम चयनित किया है। इसमें मनु भाकर सहित स्वीटी बूरा व अन्य कई नाम शामिल हैं।

 कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा की जनसंख्य़ा देश में दो प्रतिशत के बराबर है, बावजूद इसके खेल में पदक विजेताओं ने इसे नंबर वन बनाया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी का पदक न केवल परिवार को गौरवान्वित करता है बल्कि इससे पूरा समाज, प्रदेश और राष्ट्र का गौरव बढ़ता है।

 खेल राज्यमंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि सबसे निस्वार्थ रिश्ता मां का होता है। देश को गौरवान्वित करने वाले खिलाड़ियों की माताओं का आशीर्वाद प्राप्त करना गौरव का विषय है। उन्होंने सरकार की उपलब्धि गिनाते हुए कहा कि बीते एक दशक में खिलाड़ियों के लिए 592 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह सरकार खिलाड़ियों व उनके परिजनों के हित के लिए प्रयासरत है।

 कार्यक्रम में गुरुग्राम के विधायक श्री मुकेश शर्मा, सोहना के विधायक श्री तेजपाल तंवर, क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल सैनी के अलावा अन्य गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।
January 02, 2025

अवैध खनन करने वालों के खिलाफ हरियाणा सरकार कर रही सख्त कार्रवाई

अवैध खनन करने वालों के खिलाफ हरियाणा सरकार कर रही सख्त कार्रवाई

 खननकारियों के खिलाफ न केवल एफआईआर बल्कि उनसे जुर्माना भी वसूल रही सरकार

 अवैध खनन को लेकर पेश किए जा रहे विपक्ष के दावे पूरी तरह से निराधार
 चंडीगढ़, 2 जनवरी - प्रदेश में अवैध खनन करने वालों के खिलाफ हरियाणा सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। अवैध खननकारियों के खिलाफ न केवल एफआईआर दर्ज की जा रही है बल्कि उनसे जुर्माना भी वसूल किया जा रहा है। सरकार से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक राज्य में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और अवैध खनन गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से सरकार ने कई सख्त उपाय लागू किए हैं। प्रशासन ने खनन स्थलों पर नियमित निरीक्षण और निगरानी बढ़ा दी है। ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जा रहा है ताकि अवैध गतिविधियों का पता लगाया जा सके। इसके अलावा, अवैध खनन में शामिल वाहनों को भी जब्त किया जा रहा है और दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा दी जा रही है।
नूंह जिला के रवा गांव में अवैध खनन को लेकर कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्ट निराधार हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि इससे राज्य के खजाने को 2200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। साथ ही सोशल मीडिया पर भी इस संबंध में किए जा रहे दावे तथ्यों से परे हैं। जानकारी के मुताबिक सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से वर्ष 2002 से गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूहं जिलों में अरावली क्षेत्र में खनन पर प्रतिबंध है। इस क्षेत्र में हरियाणा और राजस्थान के बीच सीमा को लेकर अंतर-राज्यीय विवाद भी है जिसका लाभ राजस्थान के खान पट्टाधारक उठा रहे हैं और हरियाणा के अंदर अतिक्रमण कर रहे हैं। इस संबंध में, खान एवं भूविज्ञान कार्यालय, गुरुग्राम/नूंह द्वारा फिरोजपुर झिरका पुलिस स्टेशन और हरियाणा राज्य प्रवर्तन ब्यूरो में समय-समय पर अब तक 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
 जानकारी के मुताबिक हाल ही में रवा में जो पहाड़ गिरा है, उसमें  6000 मीट्रिक टन पत्थर के अवैध खनन का आंकलन पाया गया, जिसकी कुल रॉयल्टी व कीमत 15 लाख रुपए आंकी गई है। 16 दिसंबर 2024 को रवा क्षेत्र में निरीक्षण में पाया गया कि हरियाणा की राज्य रेखा को चिह्नित करने वाले सीमा स्तंभ बरकरार है। इस मामले में 23 दिसंबर 2024 को पुलिस स्टेशन फिरोजपुर झिरका तथा हरियाणा प्रवर्तन ब्यूरो, नूंह में राजस्थान के पट्टाधारकों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवाई गई, जिसमें मैसर्स पंच भाई स्टोन कंपनी, मैसर्स हाजी ट्रेडिंग कंपनी, आशु सरपंच धोलेट और दलसेर, नांगल, तहसील पहाड़ी, राजस्थान के नाम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जिस पहाड़ के खिसकने बारे समाचार पत्रों में आया है, उस बारे विभाग की सर्वेक्षण टीम द्वारा बताया गया है कि वह पहाड़ राजस्थान की सीमा में है तथा इस बारे राजस्थान द्वारा पहले ही एफआईआर दर्ज करवा दी गई है।
अवैध खनन के इस मामले को हल करने के लिए हरियाणा का खान एवं भूविज्ञान विभाग तथा राजस्थान का खान एवं भूविज्ञान विभाग मिलकर समन्वय कर रहा है। उल्लेखनीय है कि खान एवं भूविज्ञान विभाग, हरियाणा खनन माफिया पर लगातार नकेल कस रहा है। इसी का नतीजा है कि गत वर्ष  हरियाणा के खान एवं भूविज्ञान विभाग को समस्त हरियाणा में संचालित माइनिंग लीज, लघु अवधि परमिट, भट्टों से प्राप्त रायल्टी व अवैध खनन/अवैध खनिज परिवहन से जुर्माना राशि के लगभग 800 करोड़ रुपए हासिल हुए हैं।