Saturday, January 4, 2025
Friday, January 3, 2025
अग्रवाल संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 4 को दिल्ली में : डॉ. राजकुमार गोयल
पंचकूला जोन की उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की कार्यवाही 06, 13, 20 और 27 जनवरी को पंचकूला में की जाएगी
सी.आई.डी. का पूरा अर्थ--क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट, हालांकि न यह डिपार्टमेंट, न यह करती है क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन -- हेमंत कुमार
सी.आई.डी. का पूरा अर्थ--क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन डिपार्टमेंट, हालांकि न यह डिपार्टमेंट, न यह करती है क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन --
चंडीगढ़ -- हाल ही में हरियाणा सरकार द्वारा 1998 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आई.पी.एस.) अधिकारी सौरभ सिंह को प्रदेश गुप्तचर (सी.आई.डी.) का नया ए.डी.जी.पी. (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक) अर्थात प्रमुख तैनात किया गया. सौरभ इससे पूर्व फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर पद पर कार्यरत थे. इससे पूर्व निरंतर साढ़े चार वर्षो तक 1993 बैच के आई.पी.एस. आलोक मित्तल सी.आई.डी. ए.डी.जी.पी. पद पर तैनात थे एवं अब उन्हें एंटी करप्शन ब्यूरो ( ए.सी.बी.) हरियाणा का नया ए.डी.जी.पी. तैनात किया गया है.
हरियाणा पुलिस कानून की धारा 16 अनुसार स्टेट इंटेलिजेंस विंग का कार्य आसूचना (इंटेलिजेंस) का संग्रहण, समाकलन, विश्लेषण एवं उपयुक्त (सीमित) प्रचारण करना है जो कार्य वर्तमान में हरियाणा सी.आई.डी. द्वारा किये जाते हैं. वहीं स्टेट क्राइम इन्वेस्टिगेशन विंग का कार्य आपराधिक आसूचना (क्रिमिनल इंटेलिजेंस) का संग्रहण, समाकलन और विश्लेषण करना है एवं इसके साथ साथ यह विंग गंभीर और जघन्य अपराधों एवं जिनका अंतरराज्यीय, अंतर-जिला, बहुशाखा, मुख्य आर्थिक अपराध, साइबर अपराध एवं अन्य गंभीर अपराधों के सम्बन्ध में अन्वेषण/जांच करना भी शामिल है. वर्तमान में सारे कार्य वर्तमान में हरियाणा पुलिस की स्टेट क्राइम ब्रांच द्वारा किये जा रहे है जिसकी वर्तमान ए. डी.जी.पी. 1996 बैच के वरिष्ठ महिला आई.पी.एस. ममता सिंह हैं. इस प्रकार हरियाणा पुलिस कानून की धारा 16 में इंटेलिजेंस और क्रिमिनल इंटेलिजेंस में अंतर उल्लेखित है.हेमंत ने आगे बताया कि हमारे देश में सी.आई.डी. की स्थापना अंग्रेजी शासनकाल दौरान हुई थी हालांकि वर्तमान में देश के सभी राज्यों में इसकी संरचना एवं कार्यकाल एक समान नहीं है. चूँकि हरियाणा पुलिस कानून, 2007 की धारा 16 अनुसार प्रदेश सी.आई.डी. के पास न तो कानूनन क्रिमिनल इंटेलिजेंस है तो न ही क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन की शक्ति एवं यह शक्तियां स्टेट क्राइम इन्वेस्टीगेशन विंग के पास निहित है, इसलिए सीआईडी का वर्तमान अंग्रेजी नाम क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन न्यायोचित नहीं है, अतः हरियाणा सरकार को प्रदेश पुलिस कानून की धारा 16 की अनुपालना में आधिकारिक तौर पर प्रदेश सीआईडी (गुप्तचर) का नाम क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन (आपराधिक अन्वेषण) नहीं बल्कि स्टेट इंटेलिजेंस विंग का प्रयोग करना चाहिए. पंजाब में भी प्रदेश सीआईडी को गत कई वर्षों से इंटेलिजेंस विंग कहा जाता है. भारत सरकार में भी गुप्तचर/ख़ुफ़िया कार्य-कलापों के लिए इंटेलिजेंस (आसूचना) ब्यूरो के नाम से संगठन मौजूद है, जो केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आता है.
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा इस वर्ष अक्तूबर, 2024 में जारी प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्रियों के मध्य आबंटित विभागों संबंधी जारी ताजा आधिकारिक आदेश में मुख्यमंत्री नायब सिंह के मौजूदा विभागों में गुप्तचर (सीआईडी) का भी उल्लेख है जिसका अंग्रेजी में अनुवाद क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन दर्शाया गया है जिसकी हालांकि हिंदी है आपराधिक जांच. रोचक बात यह है कि सीआईडी अर्थात गुप्तचर किसी भी आपराधिक मामले में आधिकारिक तौर पर क्रिमिनल इन्वेस्टीगेशन (जांच/अनुसंधान ) आदि नहीं करता है. वैसे भी हरियाणा सरकार कार्य (आबंटन) नियमावली 1974 में आज तक सीआईडी को अलग विभाग के रूप में नहीं बल्कि प्रदेश के गृह विभाग के अंतर्गत ही दर्शाया गया है.
आरएसएस ने अंबेडकर को बताया 'अपना', 85 साल पुराने किस्से को अब मिल रही हवा
Thursday, January 2, 2025
वर्ष 2023-24 की खेल उपलब्धियों के पुरस्कार व छात्रवृति हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 10 जनवरी तक बढ़ाई गई
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को 2025 तक लागू करने के लिए युद्ध स्तर पर की जा रही है तैयारियां - शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा
कृषि मंत्री ने कैबिनेट द्वारा डाय-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) पर एक बार के विशेष पैकेज को मंजूरी देने की सराहना की
कृषि मंत्री ने कैबिनेट द्वारा डाय-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) पर एक बार के विशेष पैकेज को मंजूरी देने की सराहना की
- कहा, विशेष डीएपी पैकेज और पीएमएफबीवाई का विस्तार हरियाणा के कृषि क्षेत्र के लिए परिवर्तनकारी कदम चंडीगढ़, 2 जनवरी -हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने आज केंद्रीय कैबिनेट द्वारा किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए उठाए गए दूरदर्शी कदमों की सराहना की और इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया है।
श्री राणा ने यहां जारी बयान में प्रधानमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री की प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (एनबीएस) के अतिरिक्त प्रति मीट्रिक टन ₹3,500 की दर से डाय-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) पर एक बार के विशेष पैकेज को मंजूरी दी है। ₹3,850 करोड़ की वित्तीय लागत के साथ यह पहल वैश्विक बाजार की अस्थिरता और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच किसानों को किफायती दरों पर डीएपी की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करती है, जिससे किसानों को महत्वपूर्ण राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस पैकेज का विस्तार केंद्र सरकार की मेहनतकश किसानों के हितों को सशक्त बनाने की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2024 से अब तक डीएपी के लिए विशेष पैकेज ₹6,475 करोड़ से अधिक हो चुका है, जो किसानों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि किफायती दरों पर डीएपी की उपलब्धता आगामी खरीफ और रबी सीजन में किसानों के वित्तीय बोझ को कम करने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने में सहायक होगी।
राणा ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) को 2025-26 तक बढ़ाने के सरकार के निर्णय की भी सराहना की। इन योजनाओं पर ₹69,515.71 करोड़ का बड़ा खर्च किया गया है, जो अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ फसलों के लिए महत्वपूर्ण जोखिम कवरेज प्रदान करती हैं और किसानों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं।
मंत्री ने नवाचार और प्रौद्योगिकी के लिए बनाए गए फंड (FIAT) की महत्ता पर भी जोर दिया, जिसे ₹824.77 करोड़ के कोष के साथ स्थापित किया गया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के इन परिवर्तनकारी कदमों भारतीय कृषि में एक नए युग का आगाज होगा। उन्होंने कहा ये निर्णय केंद्र सरकार का किसानों को सशक्त बनाने और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक दूरदर्शी दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।