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Friday, January 9, 2026

January 09, 2026

रोहतक में साई नेशनल बॉक्सिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 20 वर्षों के लिए विस्तार

रोहतक में साई नेशनल बॉक्सिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में 20 वर्षों के लिए विस्तार

खेल विभाग हरियाणा और साई के बीच एमओयू
चंडीगढ़- सिविल सचिवालय चंडीगढ़ में आज हुई अहम बैठक में खेल विभाग, हरियाणा और मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्टस के अधीन भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के बीच रोहतक के सेक्टर-6 स्थित राजीव गांधी स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स में बॉक्सिंग के साई नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के 20 वर्षों के लिए विस्तार को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर सहमति बनी।
इस एमओयू के तहत खेल विभाग हरियाणा द्वारा रोहतक के राजीव गांधी स्पोर्टस कॉम्प्लेक्स में नेशनल बॉक्सिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के संचालन हेतु आवश्यक भूमि और आधारभूत स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं  भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) द्वारा इस सेंटर के लिए आधुनिक ढांचागत सुविधाएं, अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरण, उच्च गुणवत्ता की ट्रेनिंग व्यवस्था तथा अनुभवी और प्रशिक्षित कोचिंग स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा। 
बैठक की अध्यक्षता करते हुए खेल विभाग हरियाणा के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया ने कहा कि यह नेशनल बॉक्सिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रदेश के उभरते और प्रतिभावान मुक्केबाजों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे भारत को अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिताओं में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि एमओयू की अवधि 20 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसमें 10 वर्षों के पश्चात इसकी समीक्षा कर आवश्यकतानुसार संशोधन एवं पुनरीक्षण किया जाएगा, ताकि समय की जरूरतों और खेल विज्ञान में हो रहे नवाचारों के अनुरूप इस केंद्र को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। यह पहल हरियाणा को बॉक्सिंग के क्षेत्र में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि इस नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से हरियाणा के मुक्केबाजों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे भविष्य में ओलंपिक, एशियाई और विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रदर्शन और अधिक सशक्त होगा।
बैठक में खेल विभाग निदेशक श्री पार्थ गुप्ता, भारतीय खेल प्राधिकरण के क्षेत्रीय निदेशक श्री डा. शिवम शर्मा, खेल विभाग के एडिशनल डायरेक्टर श्री अश्वनी मलिक डिप्टी डायरेक्टर श्री गौरव रावत एवं श्री अशोक कुमार उपस्थित रहे।
January 09, 2026

*साहस, विश्वास और तालमेल का उत्कृष्ट प्रदर्शन—राष्ट्रीय टेंट पेगिंग प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों ने दिखाया कौशल*

*साहस, विश्वास और तालमेल का उत्कृष्ट प्रदर्शन—राष्ट्रीय टेंट पेगिंग प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ियों ने दिखाया कौशल*
गुरुग्राम : राष्ट्रीय टेंट पेगिंग घुड़सवार प्रतियोगिता का शुभारंभ 6 जनवरी से रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र में किया गया। प्रतियोगिता के तहत आज रिंग एंड पेग स्पर्धा का आयोजन हुआ, जिसमें सेना, अर्धसैनिक बलों तथा विभिन्न राज्य पुलिस बलों की कुल 18 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में घुड़सवारी कौशल, घोड़े और सवार के बीच तालमेल तथा साहस का उच्च स्तरीय प्रदर्शन देखने को मिला।
पुरुस्कार वितरण समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस परिसर भोंडसी एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, चारु बाली मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। पुरस्कार वितरण के उपरांत उन्होंने प्रतिभागी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई प्रतिभाओं की पहचान और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि विजेता खिलाड़ी विशेष रूप से प्रशंसा के पात्र हैं। यह प्रतियोगिता न केवल घुड़सवारी के अद्वितीय कौशल को प्रदर्शित करती है, बल्कि घोड़े की शक्ति, निष्ठा और सवार के साथ उसके गहरे तालमेल का भी प्रतीक है।
प्रतियोगिता में ध्रुव पानुयवेशन मोड के सदस्य संदीप कुमार ने अपने घोड़े “हैली किंग” के साथ उत्कृष्ट तालमेल और विश्वास का परिचय देते हुए 6.08 सेकंड में 18 अंक अर्जित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। भारतीय नौसेना के अंकित कुमार ने घोड़ी “पौड़ी चांदनी” के साथ 6.11 सेकंड का समय लेकर द्वितीय स्थान हासिल किया। असम राइफल्स के राइफलमैन दिनेश कालेकर ने घोड़े “जीनियस” के साथ 6.12 सेकंड में तृतीय स्थान प्राप्त किया। भारतीय थल सेना की 61 कैवेलरी बटालियन के प्रवीन जगताप चतुर्थ स्थान पर रहे। मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक चारु बाली ने विजेता खिलाड़ियों एवं घोड़ों को रिबन पहनाकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर ब्रिगेडियर संदीप सिंह कश्यप, पूर्व पुलिस महानिदेशक रामकृष्ण, सेवानिवृत्त कर्नल ए. के. यादव, सरप्रताप सोहेल, डॉ. अक्तर अफसर, आकिफ अफसर, निरीक्षक सुनील कुमार, उपनिरीक्षक कृष्ण, राजबीर, प्रवीन्द्र कुमार सहित प्रशिक्षकगण एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
January 09, 2026

सीजेआई सूर्यकांत के डिनर में शामिल होंगे 50 से अधिक व्यंजन

सीजेआई सूर्यकांत के डिनर में शामिल होंगे 50 से अधिक व्यंजन

-होटल को सौंपा गया मैन्यू, तैयारियां जोरों पर-

-9 व 10 को विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे सीजेआई सूर्यकांत-
हिसार : चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआाई) सूर्यकांत 9 और 10 जनवरी को अपने गृह जिले हिसार में अनेक कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। उनके कई कार्यक्रम लगभग तय हो गए हैं लेकिन अभी फाइनल टूर प्रोग्राम आना बाकी है। हिसार और हांसी में उनके कई कार्यक्रम हैं, जहां उनको शिरकत करनी है।
हरियाणा सरकार की ओर से उनका स्टेट डिनर का प्रबंध किया जा रहा है। शहर के निजी होटल में इसके लिए खास तैयारी की जा रही है। डिनर का मेन्यू होटल को भेज दिया गया है जिसमें खासतौर पर वेज खाना परोसा जाएगा।
एक जानकारी के अनुसार लगभग 50 से ज्यादा व्यंजन इसमें शामिल किए गए हैं। खास बात है कि सीजेआई के खाने में श्रीलंका की पारंपरिक डिश श्रीलंकाई वेजिटेबल करी मेन्यू में शामिल की गई है। इसमें नारियल दूध व करी पत्ते का खास इस्तेमाल होता है। इसे खास तौर पर परोसा जाएगा। इसके अलावा सरसों का साग और मक्की की रोटी के अलावा आठ तरह की रोटियों को शामिल किया गया है। वेलकम ड्रिंक से लेकर सात तरह की डेजर्ट आइटम इसमें रखी गई हैं।
-मेन्यू में ये आइटम रहेंगे शामिल-

सब्जियों में पनीर रूलादे, सरसों का साग, दाल मखनी, वेज जलफ्रेजी ड्राई, भरवा आलू खुंब, श्रीलंकाई वेजिटेबल करी, सीजनल सब्जियां होंगी। इनके अलावा गोल गप्पे, दही भल्ले, पापड़ी चाट, तवा वेजिटेबल, टी टपरी, बीट कॉफी, लहसुन दाल तड़का, चार तरह का पास्ता होगा। 9 तरह की रोटियां, जिसमें तवा रोटी, मक्की की रोटी, तंदूरी रोटी, नान (प्लेन, स्टफ और गार्लिक), लच्छा पराठा, मिस्सी रोटी, प्याज की रोटी शामिल रहेंगी। डेजर्ट में केसर रसमलाई, चॉकलेट ब्राउनी विद हॉट चाकलेट सॉस, ट्रफल बटर स्कॉच पेस्ट्री, गाजर का हलवा, जलेबी विद हॉट मिल्क, अमेरिकन नट्स और मैंगो आईसक्रीम शामिल रहेंगी।

-हिसार एयरपोर्ट पर लैंड होगा प्लेन-

अभी तक के शेड्यूल के हिसाब से हिसार एयरपोर्ट पर सीजेआई का प्लेन 9 जनवरी दोपहर 3 बजे लैंड होगा। उनके स्वागत को राज्य के तमाम बड़े अधिकारी, हाईकोर्ट के प्रशासनिक अधिकारी व हिसार की सेशन जज भी जाएंगी। इसके बाद सीजेआई सीधा हांसी जाएंगे। यहां बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में शामिल होंगे। करीब आधा घंटा यहां रुकने के बाद वह हिसार बार के हाई टी कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वह स्टेट डिनर में जाएंगे। यहां वे हाईकोर्ट के न्यायाधीशों, हिसार कोर्ट के ज्यूडीशियल अफसरों, हरियाणा सरकार के अधिकारियों के साथ डिनर करेंगे। इसके बाद अगले दिन वह हिसार से बरवाला और नारनौंद कोर्ट कॉम्पलेक्स का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह अपने पैतृक गांव पेटवाड़ जाएंगे। यहीं से इसी दिन हिसार में एलुमनी मीट में पुराने गवर्नमेंट कॉलेज जाएंगे।

-केंद्रीय कानून मंत्री भी गांव पहुंचेंगे-

सीजेआई के बड़े भाई मास्टर ऋषिकांत ने बताया कि उनके भाई सीजेआई सूर्यकांत गांव के स्कूल में सम्मान समारोह में शिरकत करेंगे। गांव पेटवाड़ की ग्राम पंचायत उनका सम्मान समारोह कर रही है। इसमें केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल व मुख्यमंत्री नायब सैनी भी शामिल होंगे। वह यहां दोपहर को भोजन भी करेंगे। इसके लिए खास तैयारी की जा रही है। चीफ जस्टिस बनने के बाद सूर्यकांत जब पैतृक गांव पेटवाड़ पहुंचेंगे तो ग्रामीण रामलला जैसा स्वागत करने की तैयारी में हैं। एक बार फिर गांव में दीवाली देखने को मिलेगी। उनका हमेशा से ही गांव की मिट्टी से जुड़ाव रहा है।

-बाजरे की रोटी, लहसुन की चटनी, लस्सी और मूंग की दाल पसंद-

सूर्यकांत के बड़े भाई शिवकांत ने बताया कि सूर्यकांत सादा खाना पसंद करता है। घर में कुछ भी बना हो, वह खा लेता है। जज बनने के बाद घर पर आना हुआ। हालांकि, हम उसकी पसंद का ध्यान रखते हैं। उनको मिसी रोटी, बाजरे की रोटी, लहसुन की चटनी, लस्सी और मूंग की दाल पसंद है।

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Thursday, January 8, 2026

January 08, 2026

कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी के अथक प्रयासों से चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय, भिवानी को पानी की आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने का मार्ग हुआ प्रशस्त

कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी के अथक प्रयासों से चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय, भिवानी को पानी की आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने का मार्ग हुआ प्रशस्त

राज्य सरकार ने पंपिंग स्टेशन स्थापित करने हेतु आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के लिए एनओसी की जारी

इससे विश्वविद्यालय परिसर में पेयजल एवं अन्य जल आवश्यकताओं की पूर्ति होगी सुनिश्चित
चण्डीगढ़ - हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार ने चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय, भिवानी को पानी की आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार द्वारा निगाना फीडर के आरडी 33300-एल पर पंपिंग स्टेशन स्थापित करने हेतु आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि इस पंपिंग स्टेशन के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में पेयजल एवं अन्य जल आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। यह निर्णय उच्च शिक्षा संस्थानों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने बताया कि यह कार्य सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की निगरानी और देखरेख में किया जाएगा, ताकि पास से गुजरने वाले चैनल की सुरक्षा बनी रहे और जल प्रबंधन से संबंधित सभी तकनीकी मानकों का पूर्ण रूप से पालन किया जा सके। विभाग यह भी सुनिश्चित करेगा कि पंपिंग स्टेशन के निर्माण से किसी प्रकार की क्षति या बाधा उत्पन्न न हो।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल संसाधनों के समुचित उपयोग और संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और जनहित से जुड़े संस्थानों को आवश्यक जल सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व, सकारात्मक सोच और समयबद्ध निर्णयों के कारण यह कार्य सफलतापूर्वक संभव हो सका है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है और मुख्यमंत्री स्वयं योजनाओं की निरंतर समीक्षा कर रहे हैं। गौरतलब है कि मंत्री के प्रयासों, संबंधित विभागों के आपसी समन्वय तथा प्रशासनिक सक्रियता के चलते इस कार्य का धरातल पर लाभ मिलेगा।
January 08, 2026

हरियाणा सरकार की मधुमक्खी पालकों के लिए बड़ी पहल: कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा

हरियाणा सरकार की मधुमक्खी पालकों के लिए बड़ी पहल: कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा

- शहद भी आया भावांतर भरपाई योजना के तहत
चंडीगढ़ - हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भावांतर भरपाई योजना के तहत शहद के लिए संरक्षित मूल्य तय किया है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय राज्य सरकार की किसान हितैषी सोच और कृषि से जुड़ी सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इससे मधुमक्खी पालकों को बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी और उन्हें अपने उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि मधुमक्खी पालन किसानों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण अतिरिक्त स्रोत बनकर उभरा है। यह न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाता है, बल्कि परागण के माध्यम से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। शहद के लिए संरक्षित मूल्य तय करना मधुमक्खी पालकों के हित में एक ऐतिहासिक कदम है।

कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि उक्त योजना के तहत पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया मधुक्रांति पोर्टल (madhukranti.in) तथा भावान्तर भरपाई योजना पोर्टल (शहद) hortharyana.gov.in के माध्यम से की जाएगी। पंजीकरण की अवधि 1 जनवरी से 30 जून 2026 तक निर्धारित की गई है। योजना का लाभ लेने के लिए हरियाणा राज्य की सीमा के भीतर सत्यापन अनिवार्य होगा।

उन्होंने बताया कि लाभार्थियों को परिवार पहचान पत्र और बैंक खाते के विवरण के आधार पर सत्यापन कराना होगा। यह प्रक्रिया अधिकृत अधिकारियों द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाएगी, ताकि योजना का लाभ वास्तविक मधुमक्खी पालकों तक पहुंच सके।

श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि यह पहल सरकार के किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के अनुरूप है और इससे ग्रामीण युवाओं व किसानों को मधुमक्खी पालन अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

कृषि मंत्री ने राज्य के सभी मधुमक्खी पालकों से अपील की कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण कराएं और योजना का पूरा लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2021 पर संपर्क किया जा सकता है।

इस पहल के साथ हरियाणा सरकार ने एक बार फिर किसान कल्याण और ग्रामीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से दोहराया है।
January 08, 2026

प्रदेश सरकार एचआईवी की रोकथाम और पीड़ितों की देखभाल-सेवाओं को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध : आरती सिंह राव

प्रदेश सरकार एचआईवी की रोकथाम और पीड़ितों की देखभाल-सेवाओं को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध : आरती सिंह राव

व्यापक क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का किया जा रहा है आयोजन
चंडीगढ़ - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार एचआईवी की रोकथाम और पीड़ितों की देखभाल-सेवाओं को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार भारत सरकार के वर्ष 2030 तक एड्स के खतरे को खत्म करने के लक्ष्य को पाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसके लिए व्यापक क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को एचआईवी/एड्स के बारे में जागरूकता बढ़ाने तथा प्रदेश में डेटा प्रबंधन प्रणाली (SIMS) को मजबूत करने के लिए निर्देश दिए।

हरियाणा स्टेट एड्स कण्ट्रोल सोसाइटी की उपनिदेशक डॉ. मीनाक्षी सोई ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री के दिशा निर्देशों की अनुपालना में क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसी दिशा में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (एनएसीपी) के प्रमुख घटकों पर आधारित एक व्यापक क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन 5 जनवरी से 10 जनवरी तक पंचकूला में किया जा रहा है।
यह कार्यशाला तीन चरणों में आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य एचआईवी से जुड़े सेवा कार्यों में संलग्न फील्ड स्तर के कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता एवं कार्य निष्पादन क्षमता को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित और सक्षम मानव संसाधन ही प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की नींव होते हैं।

डॉ. मीनाक्षी ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) सेवाएं, ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (ओएसटी) केंद्र तथा उच्च जोखिम एवं संवेदनशील समूहों के लिए लक्षित हस्तक्षेप (टीआई) जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही स्ट्रेंथनिंग ओवरऑल केयर फॉर एचआईवी (एसओसीएच) पोर्टल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो एकीकृत एचआईवी सेवा प्रदाय के लिए राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) से जुड़े आईटी विशेषज्ञ श्री रोशन चौहान एवं श्री अभिनाश कुमार गुप्ता इस प्रशिक्षण के लिए संसाधन व्यक्ति के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को डेटा रिकॉर्डिंग, रिपोर्टिंग, केस प्रबंधन एवं एसओसीएच पोर्टल के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य भर के सभी एसटीआई काउंसलर एवं ओएसटी डेटा मैनेजर इस क्षमता निर्माण पहल में भाग ले रहे हैं। कार्यशाला में हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण, लाइव डेमोंस्ट्रेशन, तकनीकी समस्याओं का समाधान तथा इंटरएक्टिव सत्र शामिल हैं, जिससे फील्ड स्तर की चुनौतियों का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
डॉ. मीनाक्षी ने बताया कि इस पहल से निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने और जरूरतमंद समुदायों तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने दोहराया कि यह प्रयास राज्य सरकार की एचआईवी रोकथाम एवं देखभाल सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और वर्ष 2030 तक एड्स को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में समाप्त करने के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप है।
January 08, 2026

हरियाणा सरकार ने एचसीएस ( https://hpsc.gov.in/en-us/)परीक्षा पाठ्यक्रम में किया संशोधन

हरियाणा सरकार ने एचसीएस ( https://hpsc.gov.in/en-us/)परीक्षा पाठ्यक्रम में किया संशोधन

मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के होंगे 4 पेपर
चंडीगढ़—हरियाणा सरकार ने प्रदेश के शीर्ष प्रशासनिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) एवं संबद्ध सेवाओं की परीक्षा के पाठ्यक्रम में व्यापक संशोधन किया है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई है।

प्रारंभिक परीक्षा में अब कुल 400 अंकों के दो वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र होंगे। प्रश्नपत्र-I (सामान्य अध्ययन) में सामान्य विज्ञान, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक घटनाएं, भारतीय इतिहास एवं स्वतंत्रता आंदोलन, भारतीय एवं विश्व भूगोल, भारतीय राजनीति, अर्थव्यवस्था, संस्कृति तथा तार्किक क्षमता से संबंधित विषय शामिल होंगे। इसमें हरियाणा की अर्थव्यवस्था, समाज, संस्कृति और भाषा से जुड़े पहलू भी अंतर्निहित रहेंगे।

प्रश्नपत्र-II (सिविल सेवा अभिरुचि परीक्षा) में अभ्यर्थियों की समझ, तार्किक विवेचना, निर्णय क्षमता, समस्या समाधान, सामान्य मानसिक क्षमता, कक्षा 10 के स्तर की संख्यात्मक योग्यता तथा आंकड़ों की व्याख्या का परीक्षण किया जाएगा।

मुख्य लिखित परीक्षा में कुल छह वर्णनात्मक प्रश्नपत्र होंगे, प्रत्येक प्रश्नपत्र तीन घंटे और 100 अंक का होगा, जिससे कुल अंक 600 हो जाएंगे। इस संशोधन के तहत वैकल्पिक विषय प्रणाली को समाप्त कर सामान्य अध्ययन के चार प्रश्नपत्र शामिल किए गए हैं।

प्रश्नपत्र-I (अंग्रेजी एवं निबंध) में गद्यांश की समझ, प्रेसी लेखन, शब्दावली, व्याकरण, रचना एवं किसी एक विषय पर सुव्यवस्थित और संक्षिप्त निबंध लेखन का मूल्यांकन होगा। प्रश्नपत्र-II (हिंदी एवं हिंदी निबंध–देवनागरी लिपि) में अनुवाद, पत्र एवं प्रेसी लेखन, गद्य-पद्य व्याख्या, मुहावरे, शुद्धि एवं विषय आधारित निबंध शामिल हैं।

सामान्य अध्ययन-I में प्राचीन से आधुनिक काल तक की भारतीय कला, साहित्य एवं स्थापत्य, 18वीं सदी से आधुनिक भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम, स्वतंत्रता पश्चात राष्ट्र निर्माण, विश्व इतिहास, भारतीय समाज की विविधता, सामाजिक मुद्दे, भौतिक एवं मानव भूगोल तथा हरियाणा से संबंधित पहलुओं को शामिल किया गया है।

सामान्य अध्ययन-II में भारतीय संविधान की विकास यात्रा, विशेषताएं, संशोधन, संघीय ढांचा, संसद एवं विधानमंडलों की कार्यप्रणाली, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका, संवैधानिक एवं वैधानिक संस्थाएं, शासन, कल्याणकारी योजनाएं, ई-गवर्नेंस, नागरिक सेवाओं की भूमिका, अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं हरियाणा से जुड़े समकालीन मुद्दे सम्मिलित हैं।

सामान्य अध्ययन-III में भारतीय अर्थव्यवस्था, कृषि, औद्योगिक नीति, अवसंरचना, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन, आंतरिक सुरक्षा तथा हरियाणा से संबंधित विषयों को स्थान दिया गया है।

 सामान्य अध्ययन-IV (नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि) में केस स्टडी के माध्यम से लोक जीवन में नैतिक मूल्यों, ईमानदारी, उत्तरदायित्व, सहानुभूति, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, सार्वजनिक सेवा में आचरण, पारदर्शिता, सूचना का अधिकार तथा भ्रष्टाचार से जुड़ी चुनौतियों का आकलन किया जाएगा।
January 08, 2026

21 जनवरी सेे संचालित होगी सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की विशेष अंक सुधार परीक्षा

21 जनवरी सेे संचालित होगी सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की विशेष अंक सुधार परीक्षा
- संशोधित तिथि-पत्र बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध
चंडीगढ़ - हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) विशेष अंक सुधार परीक्षा जनवरी-2026 की परीक्षाएं 21 जनवरी से संचालित करवाए जाने का निर्णय लिया गया है। परीक्षाओं का तिथि-पत्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर अपलोड कर दिया गया है। ज्ञात रहे यह परीक्षाएं 06 जनवरी से संचालित होनी थी।
यह जानकारी देते हुए बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) विशेष अंक सुधार परीक्षा जनवरी-2026 का आयोजन 21 जनवरी से 31 जनवरी, 2026 तक करवाया जाएगा। परीक्षाओं का समय सायं 2:00 बजे से 5:00 बजे तक रहेगा।
उन्होंने आगे बताया कि विशेष अंक सुधार परीक्षा के लिए लगभग 2600 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया है। यह परीक्षाएं प्रदेशभर में 06 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित करवाई जाएँगी, जिसमें 02 हिसार, 01 गुरूग्राम,  01 रोहतक, 01 करनाल तथा 01 परीक्षा केन्द्र भिवानी में स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि परीक्षाओं से सम्बन्धित नवीनतम जानकारी हेतु परीक्षार्थी समय-समय पर बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करते रहें।
January 08, 2026

पिछले 11 वर्षों में देश ने देखा सकारात्मक परिवर्तन, जनता ने महसूस किया कि यह सरकार मेरी है, यही सच्चा सुशासन है- मुख्यमंत्री

पिछले 11 वर्षों में देश ने देखा सकारात्मक परिवर्तन, जनता ने महसूस किया कि यह सरकार मेरी है, यही सच्चा सुशासन है- मुख्यमंत्री

हरियाणा को शिक्षा और गवर्नेस के क्षेत्र में राष्ट्रीय मॉडल राज्य बनाने की दिशा में अहम कदम, मुख्यमंत्री ने नीव पोर्टल का किया शुभारंभ

'ज्ञान सेतु' के अंतर्गत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच हुआ एमओयू

बजट में पहली बार शोध (रिसर्च) के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान
चंडीगढ़ - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याण हेतु किए गए कार्यों और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से देशवासियों को आज एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की मूल जिम्मेदारी जनता के हित में कार्य करना होती है और आज देश व प्रदेश के नागरिक यह अनुभव कर रहे हैं कि यह सरकार वास्तव में उनकी अपनी सरकार है—यही सुशासन का सच्चा स्वरूप है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग यह मानते थे कि केवल पाँच वर्ष पूरे करने होते हैं और फिर सरकार बदल ही जाती है, लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। अब जनता बदलाव नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाला ठोस और परिणाममुखी कार्य चाहती है।

मुख्यमंत्री वीरवार को पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों और सतत मूल्यांकन के लिए ‘नेशनल एजुकेशन इवैल्यूएशन एंड वेलिडेशन (नीव) पोर्टल’का शुभारंभ किया। साथ ही, मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 'ज्ञान सेतु' पहल के अंतर्गत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्तासक्षर किए गए।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति डिग्री के साथ कौशल और आत्मनिर्भरता पर आधारित दूरदर्शी पहल

 श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन हरियाणा के शैक्षणिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा, क्योंकि आज हरियाणा के शिक्षा परिदृश्य को एक नई दिशा मिली है, जो प्रदेश के भविष्य को सशक्त आधार प्रदान करेगी। आज हुए सभी एमओयू का उद्देश्य दूरदर्शी सोच पर आधारित है, ताकि हरियाणा अपनी जड़ों से जुड़ते हुए मजबूती के साथ आगे बढ़ सके। इसी क्रम में 24 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा विज़न डॉक्यूमेंट–2047 का शुभारंभ किया गया था। यह संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विजन के अंतर्गत है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसका उद्देश्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है जो केवल काग़ज़ी डिग्रियों तक सीमित न रहे। इस नीति के तहत शिक्षा को कौशल-आधारित बनाया गया है, ताकि युवा शिक्षित होने के साथ-साथ उसके पास ऐसे व्यावहारिक हुनर हों जो उसे आत्मनिर्भर बनाएं और सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने में सक्षम करें। इसी सोच के अनुरूप हरियाणा को देश का ग्रोथ इंजन बनाने की बड़ी जिम्मेदारी हम सभी की है और आज हुए एमओयू का लाभ आने वाले समय में प्रदेश की जनता, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को मिलेगा।

बजट में पहली बार शोध (रिसर्च) के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में पहली बार शोध (रिसर्च) के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है। बजट तैयार करते समय हमारी यह स्पष्ट सोच थी कि विश्वविद्यालय शोध के क्षेत्र में आगे आएँ और विद्यार्थी जमीनी समस्याओं के समाधान से जुड़ें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज हम देख रहे हैं कि जलभराव (वॉटरलॉगिंग) एक गंभीर समस्या बन चुकी है, इसलिए एक विश्वविद्यालय इस विषय पर गहन शोध कर स्थायी समाधान सुझाए।

मोदी सरकार की जनकल्याणकारी पहलों से बदली देश-प्रदेश की तस्वीर

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले जिन मुद्दों पर कभी गंभीरता से विचार नहीं हुआ, उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ठोस सोच के साथ अमल में लाकर जनकल्याण का माध्यम बनाया। मोदी सरकार की जनकल्याणकारी पहलों से देश-प्रदेश की तस्वीर बदली है। आयुष्मान भारत–चिरायु योजना से करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली, हर घर नल से जल योजना ने ग्रामीण महिलाओं की कठिनाइयाँ कम कीं, ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ पहल से हरियाणा में अधिकांश गांवों में 24 घंटे बिजली पहुंची और उज्ज्वला योजना से गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन मिले। इन पहलों ने बुनियादी समस्याओं का समाधान कर लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का एक स्पष्ट और दूरदर्शी विज़न है—विकसित भारत का। उन्होंने 2014 के बाद संकल्प लिया और विजन रखा कि भारत दुनिया की पाँचवीं आर्थिक शक्ति बनेगा और भारत ने इस लक्ष्य को प्राप्त भी किया। इसके बाद आज भारत दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्थां बन चुका है और तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।

उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश में एक व्यापक और स्पष्ट बदलाव दिखाई देता है, जिसकी चर्चा आमजन से लेकर हर वर्ग में हो रही है। आज किए गए एमओयू का उद्देश्य भी यही है कि विकसित भारत की परिकल्पना को विकसित हरियाणा से जोड़ते हुए आने वाले समय में प्रमुख स्तंभों को और सुदृढ़ किया जाए, जिसमें रिसर्च के क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है।

एआई प्री-बजट फीडबैक पोर्टल लॉन्च, नागरिकों के सुझावों से बनेगा जनभागीदारी वाला बजट

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत दो दिन पहले ही एआई प्री-बजट फीडबैक पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पर नागरिक और विभिन्न हितधारक अपने सुझाव दे सकते हैं। विद्यार्थियों भी अच्छे और उपयोगी सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट सरकार का नहीं, बल्कि जनता का बजट है, जिसमें लोगों की भागीदारी जरूरी है। अधिक से अधिक सुझाव आएँगे तो प्रदेश के विकास के लिए बेहतर और प्रभावी निर्णय लिए जा सकेंगे।

हरियाणा सरकार किसानों को फसल विविधीकरण और आधुनिक हॉर्टिकल्चर की ओर कर रही प्रोत्साहित

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसान की स्वाभाविक अपेक्षा होती है कि उसकी पैदावार बढ़े और आय में वृद्धि हो, लेकिन अत्यधिक रासायनिक खाद का उपयोग करने या बार-बार एक ही फसल पर निर्भर रहने से सीधा नुकसान मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने किसानों को फसल विविधीकरण की ओर ले जाने, विशेषकर हॉर्टिकल्चर की तरफ प्रोत्साहित करने के लिए नीतियाँ बनाई हैं। एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की घोषणाएँ इसी दिशा में की गईं हैं, ताकि किसान प्राकृतिक खेती अपनाएँ, रसायनों का कम उपयोग करें और इसके लिए उन्हें प्रोत्साहन भी मिले। साथ ही, निर्यात की अपार संभावनाओं को देखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। गन्नौर में बन रही अत्याधुनिक हॉर्टिकल्चर मंडी इसका बड़ा उदाहरण है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार, बेहतर दाम और अधिक आय मिलेगी। आज समय की जरूरत पारंपरिक फसलों की बजाय नई फसलों, नई तकनीकों और मूल्यवर्धन की दिशा में बढ़ने की है। उन्होंने विश्वास व्य‌क्त किया कि प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बल पर किसान इस बदलाव को आत्मसात करेंगे और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम हरियाणा के लोगों को स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों को कौशल आधारित प्रशिक्षण और उद्योग-विशेष पोर्टल विकसित करने का किया आह्वान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के बीच महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने कुलपतियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने विश्वविद्यालयों में उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध करवाएं। इससे न केवल उद्योगों को आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित कार्यशक्ति मिलेगी, बल्कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर भी प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिशा में एक समर्पित पोर्टल विकसित किया जाना चाहिए, जहां औद्योगिक इकाइयां अपनी योग्यता और कौशल के अनुरूप आवश्यकताओं को पोर्टल पर अपलोड कर सकें।

विश्वविद्यालय रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देते हुए हरियाणा को बनाएं अग्रणी – मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी

इससे पहले हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट-2047 के अनुरूप कृषि प्रधान राज्य हरियाणा को मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के रूप में तेजी से विकसित करने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने विश्वविद्यालयों में शोध और नवाचार को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा 20 करोड़ रुपये का हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड स्थापित किया गया है, ताकि उच्च शिक्षण संस्थानों में रिसर्च और इनोवेशन को प्रोत्साहन दिया जा सके।

हरियाणा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विनित गर्ग ने कहा कि विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में एआई, सेमीकंडक्टर सहित विभिन्न नए कोर्स शुरू किए जाने चाहिए, ताकि उद्योगों की बढ़ती मांग के अनुरूप युवाओं का कौशल विकास सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में संसाधनों के आपसी आदान-प्रदान के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य में हर 20 किलोमीटर पर राजकीय महाविद्यालय स्थापित किए जा चुके हैं और उन सभी महाविद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मापदंडों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू ने कहा कि हरियाणा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी कार्यान्वयन तथा प्रदेश को इस दिशा में देश का अग्रणी राज्य बनाने के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के विजन को साकार करने के लिए ‘नीव’ पोर्टल तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल स्वर्ण जयंती वित्तीय प्रबंधन संस्थान और विश्वविद्यालयों के सहयोग से विकसित किया गया है, जिस पर सभी स्कूल, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय चरणबद्ध तरीके से डेटा अपलोड करेंगे।
January 08, 2026

प्रदेश में टीबी जांच को तेज़ किया जाए : स्वास्थ्य मंत्री

प्रदेश में टीबी जांच को तेज़ किया जाए : स्वास्थ्य मंत्री 
-स्वास्थ्य अवसंरचना और आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता 
चंडीगढ़ - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने आज स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाना, चिकित्सा संसाधनों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा विभिन्न प्रमुख स्वास्थ्य परियोजनाओं को तेज़ी से लागू करना रहा।

इस बैठक में हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ मनोज कुमार , महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ मनीष बंसल , डॉ कुलदीप सिंह , डॉ वीरेंद्र यादव  सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आरती सिंह राव ने बैठक के दौरान तपेदिक (टीबी) जांच से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप राज्य में टीबी जांच को तेज़ किया जाए। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री को  जानकारी दी कि हरियाणा में टीबी के निदान हेतु प्रति वर्ष लगभग चार लाख व्यक्तियों की जांच करने की क्षमता है। जिला अस्पतालों में टीबी जांच के लिए पाथोडिटेक्ट मशीनों को खरीद/रीएजेंट रेंटल मॉडल के माध्यम से स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर संबंधित विक्रेताओं से प्रस्ताव मंगवाकर आगामी स्टेट हाई पॉवर परचेज कमेटी (एसएचपीपीसी) बैठक में विचार किया जाएगा। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्तर पर टीबी जांच के लिए ट्रूनैट मशीनें खरीदने का निर्णय लिया गया, जिसका एजेंडा भी अगली एसएचपीपीसी बैठक में रखा जाएगा।

बैठक में सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधाओं को पीपीपी (PPP) मोड पर संचालित करने के विषय पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि ये सेवाएं राज्य के कई जिलों में पहले से संचालित हैं। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि शीघ्र ही सभी जिला अस्पतालों में सीटी और एमआरआई सेवाएं शुरू की जाएं।

इसके अलावा, सभी जिला अस्पतालों में विभिन्न पैथोलॉजी जांचों को एक ही एजेंसी के माध्यम से संचालित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। बताया गया कि उत्तर प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में यह मॉडल सफलतापूर्वक अपनाया जा रहा है। बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों में ट्रॉमा से संबंधित सेवाओं को और अधिक मजबूत करने पर भी जोर दिया गया, ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को बेहतर और त्वरित उपचार मिल सके।

स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा उपकरणों की चल रही खरीद प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों की आवश्यकताओं के अनुरूप उपकरणों की खरीद में तेजी लाई जाए। साथ ही, सभी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाइयों और उपभोग्य सामग्रियों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

बैठक में दवाओं के लिए नॉन-अवेलेबिलिटी सर्टिफिकेट (NAC) जारी करने की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए कि इस व्यवस्था को जमीनी स्तर की जरूरतों के अनुरूप और अधिक संवेदनशील बनाया जाए।

 स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अधिकारियों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया।
January 08, 2026

हरियाणा में लंबित म्यूटेशन निपटाने के लिए ‘जलसा-ए-आम’ अभियान शुरू

हरियाणा में लंबित म्यूटेशन निपटाने के लिए ‘जलसा-ए-आम’ अभियान शुरू

एग्रीस्टैक और डिजिटल राजस्व सुधारों को मिलेगी रफ्तार
चंडीगढ़--जन सुविधाओं को सुदृढ़ करने और नागरिक-केंद्रित शासन को मजबूती देने की दिशा में हरियाणा सरकार ने समयबद्ध राज्यव्यापी अभियान ‘जलसा-ए-आम’ शुरू किया है। इसके तहत सभी लंबित म्यूटेशन मामलों का निपटान किया जाएगा। साथ ही एग्रीस्टैक के क्रियान्वयन, डिजिटल राजस्व सुधारों, भूमि विभाजन मामलों के निस्तारण, अंतर-राज्य सीमा चिह्नांकन तथा व्यापक शीतलहर तैयारियों को गति दी जाएगी।

इन उपायों की समीक्षा एवं घोषणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों के साथ आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में की।

जलसा-ए-आम अभियान जनवरी माह के शनिवारों 10, 17, 24 और 31 जनवरी को आयोजित किया जाएगा, ताकि म्यूटेशन मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। डॉ. मिश्रा ने अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके। वर्तमान में राज्य में 143 तहसीलों और 7,104 गांवों में 1,89,635 म्यूटेशन आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। उपायुक्तों को 10 दिनों से अधिक समय से लंबित 50,794 मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें फरीदाबाद, पलवल और अंबाला पर विशेष फोकस रहेगा। जनता की असुविधा को कम करने के लिए राज्य ऑटो-म्यूटेशन की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसके लिए मौजूदा बैकलॉग का प्राथमिकता से निपटान आवश्यक है।

भूमि विभाजन के लंबे समय से लंबित मामलों पर जोर देते हुए डॉ. मिश्रा ने पंजाब भूमि राजस्व अधिनियम की प्रतिस्थापित धारा 111ए के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए, जो त्वरित निस्तारण का प्रावधान करती है। निस्तारण में तेजी लाने के लिए प्रत्येक सहायक कलेक्टर (द्वितीय श्रेणी) को प्रति माह न्यूनतम 12 विभाजन मामलों का निपटान करने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि कम कार्यभार वाले तहसीलदारों को प्रति माह 20 मामलों का लक्ष्य सौंपा गया है।

जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए डॉ. मिश्रा ने त्रि-स्तरीय निगरानी तंत्र स्थापित करने के निर्देश दिए, जिसके तहत जिला, मंडल और राज्य स्तर पर मासिक समीक्षा की जाएगी। उन्होंने वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) तंत्र शुरू करने के भी निर्देश दिए, जिसके अंतर्गत सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारियों को अनुबंध के आधार पर गांव-स्तरीय शिविरों में सहमति-आधारित समाधान हेतु नियुक्त किया जाएगा। प्रत्येक सफलतापूर्वक सुलझे मामले पर 10,000 रुपये का मानदेय स्वीकृत किया गया है, जिसे विवादित पक्षकारों द्वारा समान रूप से साझा किया जाएगा। उपायुक्तों को अधिक संख्या में लंबित राजस्व मामलों वाले गांवों में ADR शिविर आयोजित करने हेतु सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारियों को पैनल में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।

 *डिजिटल परिवर्तन की उपलब्धियां*

डिजिटल राजस्व प्रशासन की प्रगति की समीक्षा करते हुए डॉ. मिश्रा ने बताया कि हरियाणा में 60 लाख से अधिक भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है। पेपरलेस रजिस्ट्रेशन प्रणाली के शुभारंभ के बाद से 83,379 संपत्ति विलेख पेपरलेस मोड में पंजीकृत किए जा चुके हैं। कुल 1,17,931 विलेखों में से 90,711 को स्वीकृति मिली है, जो 76.9 प्रतिशत की स्वीकृति दर दर्शाता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन पंजीकरण मामलों को दो से अधिक बार वापस किया गया हो, उन्हें समयबद्ध समाधान के लिए स्वतः वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाए।

 *ततिमा डिजिटलीकरण लगभग पूर्ण*

5 जनवरी, 2026 तक 6,351 जियो-रेफरेंस्ड गांवों में 60.43 लाख ततिमा रिकॉर्ड पूरे किए जा चुके हैं। महेंद्रगढ़ जिले में 99.7 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि भिवानी और जींद जिलों में क्रमशः 3.82 लाख और 4.28 लाख रिकॉर्ड पूरे किए जा चुके हैं। शेष जिलों को 31 जनवरी 2026 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

 
*एग्रीस्टैक का रोल आउट और अनुपालन उपाय*

एग्रीस्टैक के तहत 98 लाख से अधिक किसानों के लिए डेटा बकेट तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें से 5.12 लाख नामांकन पूरे हो चुके हैं। डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि एग्रीस्टैक शिविरों में भूमि स्वामियों की PPP-ID और आधार सीडिंग एक साथ की जाए और इसे एक माह के भीतर पूर्ण किया जाए। पीएम-किसान लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें कृषि विभाग द्वारा भेजे जाने वाले एसएमएस अलर्ट के माध्यम से जुटाया जाएगा।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कृषि, राजस्व और CRID विभागों के अधिकारी फील्ड-स्तरीय शिविरों में एक साझा मंच पर कार्य करें, ताकि आधार-PPP सीडिंग और राजस्व अभिलेखों का अद्यतन निर्बाध रूप से हो सके। डॉ. मिश्रा ने लंबित अनुशासनात्मक कार्यवाहियों के शीघ्र निस्तारण तथा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत मध्यस्थता मामलों में न्यायालय-निर्देशित समय-सीमाओं के कड़ाई से पालन पर भी जोर दिया।

 *अंतर-राज्य सीमा चिह्नांकन*

हरियाणा–उत्तर प्रदेश सीमा पर 1,221 में से 535 सीमा स्तंभ अब तक स्थापित किए जा चुके हैं। सोनीपत जिले में 74.6 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, इसके बाद पलवल और करनाल जिले हैं। शेष कार्य 18 फरवरी 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

 *शीतलहर से निपटने की तैयारी और जन-अपील*

डॉ. मिश्रा ने बताया कि राज्य में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के दिशानिर्देशों के अनुरूप कोल्ड वेव एक्शन प्लान लागू किया गया है। चिकित्सा सामग्री और गर्म कपड़ों से सुसज्जित जिला-स्तरीय आपात प्रतिक्रिया टीमें सक्रिय कर दी गई हैं, जो 24 घंटे के भीतर प्रतिक्रिया देंगी।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे विशेषकर अकेले रहने वाले बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों वाले परिवारों जैसे संवेदनशील पड़ोसियों का ध्यान रखें। सामुदायिक केंद्रों, ग्राम पंचायतों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों से हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्टबाइट के शुरुआती लक्षणों की पहचान पर जागरूकता शिविर आयोजित करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने अत्यधिक ठंड के कारण किसी भी संकटग्रस्त व्यक्ति की सूचना आपात हेल्पलाइन 112 पर देने की अपील की।
January 08, 2026

फर्जी मार्कशीट पर चुनाव लड़ने वाला सरपंच गिरफ्तार

फर्जी मार्कशीट पर चुनाव लड़ने वाला सरपंच गिरफ्तार
कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र के खरींडवा में 10वीं की फर्जी मार्कशीट पर चुनाव लड़ने के आरोपी सरपंच पवन कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सरपंच ने खुद को बचाने के सेशन कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन SC ने उसके केस को डिसमिस कर दिया।
January 08, 2026

ऐसे पुलिस ऑफिसर जिन्होंने हरियाणा पुलिस को दिए 21 से ज्यादा मेडल, रात को स्वस्थ सोए थे, सुबह अचेत मिले, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृ*त घोषित

ऐसे पुलिस ऑफिसर जिन्होंने हरियाणा पुलिस को दिए 21 से ज्यादा मेडल, रात को स्वस्थ सोए थे, सुबह अचेत मिले, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृ*त घोषित 
करनाल : मधुबन के हरियाणा पुलिस अकादमी परिसर में सरकारी क्वार्टर में रह रहे एक पुलिसकर्मी की सुबह अचेत अवस्था में मिलने के बाद अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। परिजन तुरंत निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर मोर्च्युरी हाउस भेजा गया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की जांच की जा रही है।
मृतक की पहचान और पारिवारिक जानकारी

मृतक की पहचान 47 वर्षीय सब इंस्पेक्टर विक्रम के रूप में हुई है। वे हरियाणा पुलिस अकादमी में सीएसओ में बास्केटबॉल खिलाड़ी के रूप में तैनात थे। वे मूल रूप से सोनीपत के धनाना गांव के रहने वाले थे। मौजूदा समय में उनकी रिहायश जींद के सेक्टर-8 के हाउस नंबर 741 में बताई गई है। वर्तमान में वे परिवार के साथ मधुबन के सरकारी क्वार्टर में रह रहे थे। परिवार में पत्नी गृहणी हैं और 17 वर्षीय बेटा विराज है, जो पढ़ाई कर रहा है।
घटना का क्रम और अस्पताल तक की प्रक्रिया

मंगलवार रात को वे ठीक तरह से सोए थे। सुबह जब घर वालों ने उठाने की कोशिश की तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद परिजन उन्हें तुरंत करनाल के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
सेवा और खेल उपलब्धियां

विक्रम वर्ष 2001 में सिपाही के तौर पर भर्ती हुए थे और वर्ष 2022 में सब इंस्पेक्टर बने। वे बेहतरीन बास्केटबॉल खिलाड़ी माने जाते थे। उन्होंने हरियाणा पुलिस के लिए 21 से अधिक पदक जीते थे। ऑल इंडिया पुलिस गेम्स में उन्होंने दो बार विदेश में भी प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2021 में उन्होंने चीन में भी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था।
परिवार का बयान और अंतिम संस्कार

मृतक के भाई विजय ने बताया कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और किसी को ऐसी अनहोनी की उम्मीद नहीं थी। परिजनों के अनुसार अंतिम संस्कार पैतृक गांव जींद में किया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है।
वही मधुबन के थाना प्रभारी गौरव पुनिया ने बताया कि सब इंस्पेक्टर विक्रम की मौत हुई है। परिजनों ने हार्ट अटैक बताया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और विसरा लैब भेज दिया है ताकि मौत के असली कारणों का पता चल सके। जींद में पुलिस सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। 
January 08, 2026

मनरेगा खत्म करने के विरोध में सड़क से संसद तक आवाज उठाएगी कांग्रेस : ऋषिपाल

मनरेगा खत्म करने के विरोध में सड़क से संसद तक आवाज उठाएगी कांग्रेस : ऋषिपाल 
जींद: कांग्रेस के जिला प्रधान ऋषिपाल हैबतपुर में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा खत्म करना गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण भारत पर सीधा हमला है। मनरेगा कोई साधारण सरकारी योजना नहीं बल्कि यह ग्रामीण भारत की रोजी-रोटी , सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की गारंटी है। जिसे कांग्रेस ने लागू किया था । भाजपा सरकार मनरेगा को कमजोर करने,  उसका दायरा सीमित करने और अंतत: खत्म करने की मंशा से ऐसे हथकंडे अपना रही है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को सड़क से संसद तक उठाने का काम करेगी।

Wednesday, January 7, 2026

January 07, 2026

प्रदेश के बजट को रोजगार परक और उद्योगों के अनुकूल बनाना सरकार का लक्ष्य - मुख्यमंत्री

प्रदेश के बजट को रोजगार परक और उद्योगों के अनुकूल बनाना सरकार का लक्ष्य - मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में पूर्व बजट परामर्श बैठक में उद्योग एवं विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ किया संवाद

 औद्योगिक विकास के लिए बजट प्रावधानों में होगा विशेष फोकस - मुख्यमंत्री
 चंडीगढ़ - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उद्योग एवं विनिर्माण क्षेत्र का प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। आर्थिक विकास के दृष्टिकोण से राज्य के आगामी बजट में औद्योगिक क्षेत्र पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। प्रदेश सरकार ने आगामी बजट के लिए यह लक्ष्य रखा है कि बजट अधिक से अधिक रोजगार परक और उद्योगों के अनुकूल हो ताकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले व 2047 तक विकसित भारत की यात्रा में हरियाणा का योगदान अग्रणी हो।

मुख्यमंत्री बुधवार को गुरुग्राम में बजट पूर्व परामर्श बैठक में उद्यमियों से सीधा संवाद कर रहे थे।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बजट पूर्व परामर्श बैठक का लक्ष्य संबंधित हितधारकों के बहुमूल्य सुझाव लेकर प्रदेश में अधिक से अधिक उद्योगों के अनुकूल माहौल बनाना है। बीते वर्ष भी उद्योगों के साथ इस तरह बजट पूर्व परामर्श बैठक की गई थी, जिसमें बेहतरीन सुझाव आए थे, जिससे नीतियों को अधिक मजबूती मिली। बैठक में सुझाव प्राप्त हुए थे, जिसमें से 71 सुझावों को बजट में शामिल किया गया। उद्योग एवं श्रम विभाग के लिए वर्ष 2025 - 26 बजट में लगभग 1 हजार 951 करोड़ 43 लाख रुपये का प्रावधान किया गया, इसमें से 873 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बजट से जुड़े अच्छे सुझाव आमंत्रित हैं, कोई भी साथी एआई चैटबोट के माध्यम से अपने सुझाव दे सकता है।

*धरातल पर उतर रही घोषणाएं*

 मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार बजट में की गई घोषणाओं को लगातार धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है। पिछले बजट में उद्योग एवं श्रम विभाग के बजट को 129.37 प्रतिशत तक बढ़ाया गया था ताकि इसे और अधिक सशक्त बनाया जाए। हरियाणा सरकार ने श्रमिकों के लिए डॉरमेट्री और सिंगल रूम के निर्माण हेतु आईएमटी बावल में 5 एकड़, आईएमटी फरीदाबाद में 2.76 एकड़ तथा आईएमटी सोहना में 5.47 एकड़ भूमि अधिकृत की है। आईएमटी खरखौदा के विस्तार के लिए 3 करोड़ रुपये प्रति एकड़ की दर से लगभग 5800 एकड़ भूमि की पहचान की जा चुकी है। इसे शीघ्र ही औद्योगिक नीति-2022 के अंतर्गत अधिकृत किया जाएगा।

 *औद्योगिक विकास के लिए बजट प्रावधानों में होगा विशेष फोकस*

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस बजट पूर्व परामर्श बैठक में अनेक सुझाव आए। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हरियाणा के औद्योगिक विकास के लिए बजट प्रावधानों में विशेष फोकस होगा। जितने ठोस और लागू करने योग्य सुझाव दिए गए हैं, उतना ही प्रभावी बजट प्रस्तुत करेंगें। उन्होंने कहा कि हर सुझाव हमारे लिए मार्गदर्शक है और मैं व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करूंगा कि उन पर गंभीरता से विचार किया जाए।

 *खरखौदा में बनेगा सैटेलाइट शहर*

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनीपत जिला के खरखौदा में 10 हजार एकड़ क्षेत्र में सैटेलाइट शहर बसाने की योजना है। इसके साथ-साथ राई में हॉल सेल मार्केट बनाई जाएगी। इसको लेकर व्यापारियों ने संपर्क करना भी शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने संकल्प पत्र में ईवी पार्क बनाने का लक्ष्य भी रखा है। इसके साथ ही 70 हजार करोड़ रुपये की लागत से आरआरटीएस की डीपीआर बन चुकी है, जल्द ही उसका टेंडर होगा। यह सराय काले खां से करनाल व सराय काले खां से अलवर तक जाएगा, इससे प्रदेशवासियों को लाभ मिलेगा। वहीं मानेसर में कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लघु सचिवालय परिसर बावल में 26 लाख रुपये की राशि से लेबर कोर्ट बनाई जाएगी, इसके लिए बजट लोक निर्माण विभाग(भवन एवं सड़कें) को दिया जा चुका है।

औद्योगिक विकास के साथ ही विकसित राष्ट्र बनेगा भारत - राव नरबीर सिंह

हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार विकसित भारत-2047 के विजन पर फोकस करते हुए कार्य कर रही है। औद्योगिक विकास के साथ ही विकसित राष्ट्र के रूप में भारत को नई पहचान दिलाने के लिए सरकार अपना दायित्व प्रभावी रूप से निभा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य उन्मुख हरियाणा बनाने में उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों की अहम भागीदारी होती है, ऐसे में हरियाणा सरकार द्वारा आगामी बजट को हर हित की सोच के साथ सुगम व फलदायी बनाने के लिए इस प्रकार के प्री बजट सेशन में सुझाव लेते हुए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह हरियाणा सरकार की सार्थक पहल है कि बजट पूर्व परामर्श लेकर हर क्षेत्र के लोगों का ध्यान रखते हुए बजट में प्रावधान रखे जा रहे हैं। उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों को पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर पटौदी से विधायक बिमला चौधरी, गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, श्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन, आबकारी एवं कराधान आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़, एचएसआईआईडीसी के एमडी आदित्य दहिया, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
January 07, 2026

हरियाणा ने सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री एवं निर्गम के लिए अधिसूचित की सामान्य शर्तें

हरियाणा ने सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री एवं निर्गम के लिए अधिसूचित की सामान्य शर्तें
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार ने अपनी प्रतिभूतियों (स्टेट गवर्नमेंट सिक्योरिटीज) की बिक्री और निर्गम से संबंधित सामान्य नियम व शर्तें अधिसूचित की हैं।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, जिनके पास वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का दायित्व भी है, द्वारा इस सम्बन्ध में अधिसूचना जारी की गई है, जो 20 जुलाई, 2007 की पूर्व अधिसूचना को प्रतिस्थापित करेगी।

अधिसूचना के अनुसार, ‘हरियाणा सरकार द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री एवं निर्गम हेतु सामान्य अधिसूचना’ शीर्षक से जारी इस अधिसूचना में सरकारी प्रतिभूतियों के उद्देश्य, प्रकार, विशेषताएं, पात्र निवेशक तथा निर्गम की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है। ये प्रतिभूतियां भारत के संविधान के अनुच्छेद 293(1) के अंतर्गत हरियाणा राज्य के समेकित कोष की सुरक्षा के विरुद्ध जारी की जाएंगी।

सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की प्रतिभूतियां जारी की जा सकती हैं, जिनमें निश्चित कूपन दर वाली प्रतिभूतियां शामिल हैं। ऐसी प्रतिभूतियों पर लागू कूपन दर का निर्धारण नीलामी अथवा पृथक रूप से अधिसूचित अन्य विधियों के माध्यम से किया जाएगा। इन प्रतिभूतियों को अंकित मूल्य पर, छूट पर अथवा प्रीमियम पर जारी किया जा सकता है, जिनकी न्यूनतम मूल परिपक्वता अवधि एक वर्ष होगी। खास विशेषताओं वाली अन्य प्रकार की प्रतिभूतियां भी आवश्यकता अनुसार अलग अधिसूचना के माध्यम से जारी की जा सकेंगी।

अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पात्र निवेशकों में भारत के निवासी व्यक्ति, फर्म, कंपनियां, संस्थान, भविष्य निधि एवं पेंशन फंड, ट्रस्ट, हिंदू अविभाजित परिवार, अन्य राज्य सरकारें तथा विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेश शामिल होंगे। गैर-निवासी निवेशक भी विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम तथा उससे संबंधित नियमों के अनुसार निवेश कर सकेंगे।

भारतीय रिजर्व बैंक इन प्रतिभूतियों के निर्गम से संबंधित परिचालन विवरण, जैसे निर्गम की तिथि, अवधि और निर्गम की विधि, प्रेस विज्ञप्ति अथवा अन्य माध्यमों से अधिसूचित करेगा। प्रतिभूतियां डीमैट रूप में रिजर्व बैंक के पास संधारित सहायक सामान्य लेखा (एसजीएल) या घटक सहायक सामान्य लेखा (सीएसजीएल) खातों के माध्यम से अथवा किसी अन्य अनुमत रूप में जारी की जाएंगी।

न्यूनतम सदस्यता राशि 10,000 रुपये (फेस वैल्यू) तथा उसके गुणकों में निर्धारित की गई है। कूपन भुगतान और मूलधन की अदायगी रिजर्व बैंक के सार्वजनिक ऋण कार्यालयों द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। अधिसूचना में परिपक्वता से पूर्व पुनर्भुगतान, बायबैक, ट्रांसफरेबिलिटी, कंवर्जन तथा प्रतिभूतियों के समेकन से संबंधित प्रावधानों का भी उल्लेख किया गया है।

सरकार रिजर्व बैंक के परामर्श से प्रतिभूतियों का निर्गम नीलामी, ऑन-टैप सेल, मौजूदा प्रतिभूतियों की स्विचिंग अथवा अन्य अधिसूचित माध्यमों से कर सकेगी। नीलामी यील्ड आधारित अथवा मूल्य आधारित हो सकती है, जिसमें समान मूल्य अथवा बहु-मूल्य विधि अपनाई जा सकेगी तथा प्रतिस्पर्धी एवं गैर-प्रतिस्पर्धी बोली, दोनों तरह की सुविधा उपलब्ध होगी।

अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निवेशकों के अधिकार एवं दायित्व सरकारी प्रतिभूति अधिनियम, 2006, सरकारी प्रतिभूति विनियम, 2007 तथा लागू कर कानूनों के अधीन होंगे। प्रतिभूतियों से संबंधित किसी भी विवाद का निपटारा भारतीय न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र में किया जाएगा।
January 07, 2026

काम में देरी करने की लापरवाही बरतने वाली गुरुग्राम और थानेसर की एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के दिये निर्देश : रणबीर गंगवा

लोक निर्माण विभाग स्वयं को एक ब्रांड के रूप में स्थापित करे: रणबीर गंगवा

सड़क एवं बिल्डिंग के प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे करवाने के निर्देश

काम में देरी करने की लापरवाही बरतने वाली गुरुग्राम और थानेसर की एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के दिये निर्देश
चंडीगढ़- हरियाणा के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश में भवन और सड़कें वन-स्टैंडर्ड हों तथा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) स्वयं को एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित करे। इसके लिए विभाग के अधिकारी पूरी योजना के साथ काम करें। जनता को किसी प्रकार की परेशानी ना हो, और उनकी समस्याओं के तुरंत समाधान की दिशा में भी काम हो।

कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने बुधवार को हरियाणा निवास में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कई निर्देश दिए है।  बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के अंतर्गत सड़कों से संबंधित कार्यों, सफेद पट्टी (रोड मार्किंग), प्रस्तावित मॉडल रोड्स तथा भवन एवं सड़क से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

*लेटलतीफी करने वालों पर एक्शन होगा: गंगवा*

बैठक के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को अवगत कराया कि कुछ स्थानों पर एक ही ठेकेदार द्वारा कई-कई कार्य लेने के कारण परियोजना समय पर पूरा नहीं हो पा रही। इस पर मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने काम को 1 साल तक भी पूरा नहीं कर पाने वाली एजेंसी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने थानेसर और गुरुग्राम क्षेत्र की ऐसी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार अधिक टेंडर कार्य लेना गलत नहीं है, लेकिन सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे होने चाहिए। किसी भी प्रकार की लेटलतीफी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ठेकेदार की लेटलतीफी का खामियाजा जनता को क्यों भुगतना पड़ता है। यह सुनिश्चित किया जाए कि अगर कोई टेक्निकल दिक्कत नहीं तो समय पर प्रोजेक्ट पूरा हो।

मंत्री श्री गंगवा ने निर्देश दिए कि किसी भी कार्य के पूर्ण होने के तीन माह के भीतर वित्तीय क्लोजिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी एजेंसी को भुगतान को लेकर परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में देरी स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए सभी अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करनी होगी।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हेडक्वार्टर से समय-समय पर टीमें भेजकर कार्यों की गुणवत्ता की जांच की जाए तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। अधिक माइंस वाले टेंडरों पर विशेष नजर रखने, खराब हालत की सड़कों की नई सड़क बनने तक मरम्मत सुनिश्चित करने तथा पिछली डीएलपी अवधि की सड़कों की नियमित निगरानी के निर्देश भी दिए गए। बैठक में बताया गया कि हरियाणा में 3040 किलोमीटर लंबी सड़क है। इनमें से 16435 किलोमीटर सड़क डीएलपी के दायरे में है। वहीं 6019 किलोमीटर डीएलपी से बाहर है। मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इनमें से जो सड़क खस्ता हाल है, जब तक वह नई नहीं बन जाती, तब तक उसे हर हालत में सुचारू रखने यानि अगर पैचवर्क की जरूरत है तो वह किया जाए और अगर गड्ढे है तो उन्हें भरा जाए। उन्होंने कहा कि जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर प्राप्त शिकायतों को प्रतिदिन देखने और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारी स्वयं ऐप की निगरानी करें और शिकायतों का जवाब तय समय में दें।

बैठक में फील्ड कर्मचारियों, विशेषकर बेलदारों की फील्ड में उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही प्रत्येक कार्य की प्रगति प्रतिशत के अनुसार रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट करने को कहा गया।

 *28 नए रोड रोलर मिलेंगे*

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि प्रदेश में जल्द ही आधुनिक उपकरणों से युक्त पैच वैन शुरू की जाएगी, जिस पर विभाग की मैकेनिकल विंग कार्य कर रही है। वर्तमान में 28 नए रोड रोलर विभाग को प्राप्त हो चुके हैं, जबकि शेष 28 की डिलीवरी शीघ्र होगी। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल एवं हॉर्टिकल्चर विंग की गतिविधियों की रिपोर्ट भी मंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई।

बैठक में प्रत्येक जिले में बनाए जाने वाले मॉडल रोड्स को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 11 मॉडल रोड्स की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी गई, जबकि अगले वर्ष प्रदेश में 23 और मॉडल रोड्स विकसित करने के लिए सड़कों की पहचान कर ली गई है। इन सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था, लाइटिंग और ड्रेनेज सहित सभी आवश्यक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जाएगा। साथ ही हेडक्वार्टर की टीमें सभी चल रहे प्रोजेक्ट्स पर लगातार नजर रखेंगी और अधिकारी समय-समय पर मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे।

बैठक के दौरान विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री हितेश कुमार मीणा, इआईसी श्री राजीव यादव, श्री अनिल दहिया मौजूद थे।
January 07, 2026

हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) वेब पोर्टल के लिए 8 जनवरी को अनिवार्य ऑनलाइन प्रशिक्षण

हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) वेब पोर्टल के लिए 8 जनवरी को अनिवार्य ऑनलाइन प्रशिक्षण
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार ने हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) वेब पोर्टल के संबंध में सभी विभागों, बोर्डों, निगमों एवं प्राधिकरणों के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह ऑनलाइन प्रशिक्षण सत्र 8 जनवरी को प्रातः 11.00 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित किया जाएगा।

मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा इस सम्बन्ध में जारी एक पत्र के अनुसार, यह सत्र पोर्टल की प्रक्रियाओं और कार्यप्रणाली की समान समझ सुनिश्चित करने तथा आवेदकों और आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) को पेश आ रही समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

राज्य सरकार ने सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और प्राधिकरणों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि पोर्टल से संबंधित कार्य देख रहे अधिकारी एवं कर्मचारी इस प्रशिक्षण सत्र में अनिवार्य रूप से भाग लें। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक विभाग, बोर्ड, निगम और प्राधिकरण द्वारा 2-3 पात्र ग्रुप-सी अनुबंध कर्मचारियों को नामित किया जाएगा, ताकि वे प्रशिक्षण प्राप्त कर अन्य पात्र कर्मचारियों को आवेदन प्रक्रिया में सहायता प्रदान कर सकें।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक तथा प्रशिक्षण से संबंधित विस्तृत निर्देश अलग से वेब पोर्टल के माध्यम से सांझा किए जाएंगे।

गौरतलब है कि पात्र अनुबंध कर्मचारियों से आवेदन प्राप्त करने के लिए 25 दिसंबर, 2025 को हरियाणा अनुबंध कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) वेब पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पोर्टल पर आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी है।
January 07, 2026

गुरुग्राम जिला के गांव सिधरावली स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करने की स्वीकृति दी : आरती सिंह राव

जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : आरती सिंह राव 

-गुरुग्राम जिला के गांव सिधरावली स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करने की स्वीकृति दी 
चंडीगढ़— हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने आज चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी आवास पर जनसुनवाई का आयोजन कर राज्य के विभिन्न जिलों से आए नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर पहुंचे।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने प्रत्येक व्यक्ति की बात को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

आरती सिंह राव ने जनसुनवाई के दौरान मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी शिकायतों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर किया जाए और इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि जिन मामलों में तुरंत कार्रवाई संभव है, उनमें तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए और जटिल मामलों में संबंधित व्यक्ति को स्थिति से अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना ही सुशासन की पहचान है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जनसुनवाई जैसे कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम हैं। इससे न केवल समस्याओं की सही जानकारी मिलती है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक को सरकारी सेवाओं के लिए भटकना न पड़े।

आरती सिंह राव ने कहा कि आजकल सरकारी सेवाओं में डिजिटल तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जा रहा है ताकि सेवाएं पारदर्शी, तेज और प्रभावी बन सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली को और मजबूत किया जाए ताकि लोग घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और उसकी स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकें।

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि हरियाणा सरकार जनता के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेकर उनका समाधान किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह की जनसुनवाई जारी रहेंगी।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ हरियाणा ही सशक्त हरियाणा का आधार है और इसके लिए सरकार, प्रशासन और समाज को मिलकर काम करना होगा।

उधर , स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि गुरुग्राम जिला के गांव सिधरावली स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करने की स्वीकृति दे दी है। इसमें स्टॉफ की नियुक्ति के लिए करीब 36 लाख रूपये की भी मंजूरी दे दी है।
January 07, 2026

एनीमिया मुक्त भारत अभियान में हरियाणा अग्रणी राज्य बनकर उभरा: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव

एनीमिया मुक्त भारत अभियान में हरियाणा अग्रणी राज्य बनकर उभरा: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
चंडीगढ़ - हरियाणा ने एनीमिया के खिलाफ भारत की लड़ाई में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए एनीमिया मुक्त भारत (AMB) कार्यक्रम के तहत मई 2022 से अब तक 95 लाख से अधिक लाभार्थियों की जांच की है। 

यह जानकारी हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती आरती सिंह राव ने आज अधिकारियों की बैठक के बाद दी।
इससे पूर्व हुई बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री आर एस ढिल्लो , निदेशक डॉ वीरेंद्र यादव , एनीमिया मुक्त हरियाणा की स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ सुनिधि करोल समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

स्वास्थ्य मंत्री ने दोहराया कि हरियाणा सरकार एनीमिया उन्मूलन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में भी महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए इस दिशा में प्रयास और मजबूत किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि सतत प्रयासों, नवाचारपूर्ण अभियानों और प्रभावी निगरानी व्यवस्था के कारण हरियाणा ने वर्ष 2025 की पहली तिमाही (अप्रैल–जून) में 85.2 प्रतिशत AMB कंपोजिट इंडेक्स स्कोर के साथ देश में दूसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर 2025) में प्रदर्शन को और बेहतर बनाते हुए 90 प्रतिशत स्कोर के साथ राज्य ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।

आरती सिंह राव ने कहा कि कार्यक्रम की सफलता का आधार टेस्ट–ट्रीट–टॉक–ट्रैक (T4) मॉडल है, जिसके तहत एनीमिया की जांच के तुरंत बाद परामर्श, आयरन और फोलिक एसिड (IFA) की दवा शुरू करना तथा नियमित फॉलो-अप सुनिश्चित किया जाता है, ताकि रोग से पूर्ण रूप से उबरना संभव हो सके।

व्यापक स्तर पर जांच अभियान

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान हरियाणा ने एनीमिया की पहचान और उपचार को तेज करने के लिए 100-दिवसीय एनीमिया के खिलाफ विशेष अभियान और एनीमिया उन्मूलन सप्ताह जैसे विशेष अभियान चलाए, जिन्हें अब मार्च और जुलाई 2025 में एनीमिया उन्मूलन महीनों के रूप में विस्तारित किया गया है। इन प्रयासों के तहत पूरे राज्य में 17.5 लाख से अधिक लाभार्थियों की जांच की गई।

इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए राज्य ने 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक सशक्त नारी स्वस्थ परिवार (SNSP) अभियान चलाया, जिसके दौरान लगभग 2.5 लाख लाभार्थियों की जांच की गई। इसके बाद 100-दिवसीय अभियान के अंतर्गत 26 दिसंबर 2025 तक अतिरिक्त 1.5 लाख लोगों की जांच की गई। सभी चिन्हित एनीमिया रोगियों को IFA सप्लीमेंट और आहार संबंधी परामर्श प्रदान किया गया।

संवेदनशील वर्गों तक व्यापक पहुंच

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह कार्यक्रम बच्चों (6–59 माह और 5–9 वर्ष), किशोरों (10–19 वर्ष), प्रजनन आयु की महिलाओं (20–49 वर्ष), गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और अन्य वयस्कों सहित सभी संवेदनशील वर्गों को कवर करता है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में एनीमिया की कुल दर 59.1 प्रतिशत से घटकर 51 प्रतिशत हो गई है, जो एक उत्साहजनक प्रगति को दर्शाता है।

एनीमिया मुक्त हरियाणा की स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ सुनिधि करोल ने बताया कि राज्य ने रीयल-टाइम निगरानी के लिए एनीमिया ट्रैकिंग वेब पोर्टल विकसित किया है, सभी ओपीडी में नियमित स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जा रही है और एनीमिया की रोकथाम व प्रबंधन के लिए प्रभावी आईईसी सामग्री भी तैयार की गई है।

उन्होंने बताया कि मार्च और जुलाई महीनों में 86,024 से अधिक एनीमिया रोगियों की फॉलो-अप हीमोग्लोबिन जांच की गई, जिनमें से 55.1 प्रतिशत में Hb स्तर में सुधार देखा गया, जबकि 22.7 प्रतिशत लाभार्थियों का Hb स्तर सामान्य हो गया।
January 07, 2026

पारदर्शी चयन प्रक्रिया पर उठाए जा रहे आरोप निराधार : हरियाणा लोक सेवा आयोग

पारदर्शी चयन प्रक्रिया पर उठाए जा रहे आरोप निराधार : हरियाणा लोक सेवा आयोग
चंडीगढ़- हरियाणा लोक सेवा आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आयोग के संज्ञान में आया है कि हाल के दिनों में आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर एक झूठा और भ्रामक नैरेटिव गढ़ा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा लोक सेवा आयोग का गठन भारत के संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत किया गया है तथा आयोग को राज्य सेवाओं में नियुक्तियों हेतु परीक्षाएं आयोजित करने का संवैधानिक दायित्व सौंपा गया है।

प्रवक्ता ने बताया कि आयोग द्वारा की गई भर्तियां न्यायिक जांच की कसौटी पर खरी उतरी हैं, जो आयोग द्वारा अपनाई गई चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता का प्रमाण है। आयोग को प्राप्त होने वाले सभी अभ्यावेदन, शिकायतों एवं सुझावों पर विधिवत विचार किया जाता है तथा आवश्यक कार्रवाई की जाती है। इसके अतिरिक्त, चयन प्रक्रिया से संबंधित समस्त जानकारी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कराई जाती है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षण की गुणवत्ता को लेकर आयोग के माननीय अध्यक्ष से संबंधित जो टिप्पणियां प्रसारित की जा रही हैं, वे पूर्णतः असत्य, निराधार एवं भ्रामक हैं। यह   कुछ निहित स्वार्थों द्वारा आयोग की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आयोग शैक्षणिक जगत (अकादमिक समुदाय) को अत्यंत सम्मान की दृष्टि से देखता है तथा उनके सक्रिय सहयोग के बिना इतनी व्यापक और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया संभव नहीं होती।

प्रवक्ता ने दोहराया कि आयोग द्वारा की गई सभी भर्तियां पूर्णतः मेरिट के आधार पर की गई हैं। यदि किसी भी व्यक्ति को आयोग से संबंधित किसी भी विषय पर कोई शंका या आपत्ति है, तो वे आयोग के सचिव के समक्ष अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं, ताकि उनकी शिकायतों का समाधान किया जा सके। इससे उन्हें वास्तविक स्थिति की जानकारी भी प्राप्त होगी और वे चयन प्रक्रिया को बाधित करने वाले झूठे नैरेटिव से भ्रमित नहीं होंगे।

Tuesday, January 6, 2026

January 06, 2026

सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी; आनन-फानन में अस्पताल में कराया गया भर्ती

सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी; आनन-फानन में अस्पताल में कराया गया भर्ती, डॉक्टरों की निगरानी में, जानिए अभी कैसी है स्थिति
Sonia Gandhi Health: देश की बड़ी राजनीतिक शख्सियत और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी (79 साल) की अचानक तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें आनन-फानन में दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज किया जा रहा है। हालांकि सोनिया गांधी की स्थिति अभी पूरी तरह स्थिर बताई जा रही है और वह लगातार डॉक्टरों की निगरानी में हैं। प्रियंका गांधी और राहुल भी अस्पताल में सोनिया गांधी की देखरेख कर रहे हैं।
*सांस लेने में तकलीफ के बाद ले जाया गया अस्पताल*

जानकारी मिल रही है कि सोमवार रात सोनिया गांधी को सीने में दर्द की समस्या और सांस लेने में तकलीफ के बाद सर गंगाराम अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद उन्हें भर्ती कर लिया। बताया जा रहा है कि ठंडे मौसम और प्रदूषण के असर के कारण उनका ब्रोंकियल अस्थमा बढ़ गया है। इस बीमारी में बुजुर्गों के लिए और ज्यादा खतरा बढ़ जाता है। इसीलिए एहतियात के तौर पर डॉक्टरों ने उन्हें अपनी निगरानी में रखने का फैसला लिया है।
अस्पताल के अनुसार, वह इलाज पर अच्छी प्रतिक्रिया दे रही हैं और संभावना है कि एक-दो दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। बता दें कि अस्थमा ठंड और प्रदूषण में ज़ोर पकड़ता है और खतरा बढ़ा देता है। खासकर ब्रोंकियल अस्थमा एक ऐसी बीमारी है जिसमें सांस की नलियां काफी संवेदनशील हो जाती हैं। ठंडी हवा, धूल, धुआं और प्रदूषक कण नलियों के भीतर सूजन बढ़ा देते हैं, जिससे सांस फूलना, सीने में जकड़न और अधिक खांसी जैसी समस्या बढ़ जाती है।

Monday, January 5, 2026

January 05, 2026

*सीआईए स्टॉफ जींद की बड़ी कामयाबी । *अवैध हथियार सहित युवक काबू ।*

*सीआईए स्टॉफ जींद की बड़ी कामयाबी । *अवैध हथियार सहित युवक काबू ।*
जींद : पुलिस अधीक्षक श्री कुलदीप सिंह भा.पु.से. के कुशल दिशा-निर्देशन में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलांए जा रहे विशेष अभियान के तहत सी.आई.ए जींद ने अवैध हथियार सहित आरोपी को काबू करने में सफलता  हासिल कि है । 
सीआईए जींद के इंचार्ज पीएसआई मनीष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि  दिनांक 04.01.2026 को उनकी एक टीम पीएसआई आनंद कुमार के नेतृत्व में बस अड्डा नगुरा में गश्त व अपराधों की रोकथाम हेतु मौजूद थे । इसी दौरान एक विश्वसनीय मुखबिर ने सूचना दी कि मोनू उर्फ मोन्टी वासी गांव सूदकैन (जींद)  अपने पास अवैध हथियार लिए हुए गांव नगुरां में सरस्वती स्कूल के पास डाहौला मोड़ पर खड़ा है । सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी । बताए गए हुलिए अनुसार एक युवक दिखाई दिया जिसे शक के आधार पर काबू करने पर नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम मोनू उर्फ मोन्टी वासी सूदकैन बताया जिसकी  नियमानुसार तलाशी लेने पर  आरोपी की पैंट की दाहिनी डब से एक देसी पिस्तौल .315 बोर बरामद हुआ जिसे खोलकर चैक किया तो एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ । जब आरोपी से हथियार रखने सबंधी लाइसेंस मांगा गया तो वह कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका । बरामद पिस्तौल को नियमानुसार कब्जा पुलिस में लिया गया । तथा आरोपी के खिलाफ थाना अलेवा में मुकदमा नंबर 02 दिनांक 04.01.2026 धारा 25(1-B)-54/59 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज रजि. करके आरोपी को माननीय अदालत में पेश करके आगामी कार्यवाही नियमानुसार अमल में लाई जा रही है । 
जींद पुलिस आमजन से अपील करती है कि यदि कहीं भी अवैध हथियार या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्ण रूप से गोपनीय रखी जाएगी।
January 05, 2026

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अंबाला कैंट के गांव टुंडली में गुरुद्वारा बाज साहिब के नए भवन का नींव पत्थर रखा

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अंबाला कैंट के गांव टुंडली में गुरुद्वारा बाज साहिब के नए भवन का नींव पत्थर रखा  
चंडीगढ़- हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने सोमवार को अंबाला कैंट के गांव टुंडली में गुरुद्वारा बाज साहिब के नए भवन का नींव पत्थर रखते हुए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी टुंडली और श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं दी। यह नया भवन पहले से बड़ा और भव्य होगा ताकि इसमें अधिक श्रद्धालु भवन में बैठ पाएंगे।

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने भवन निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले अरदास में हिस्सा लिया और नींव पत्थर रखा। इससे पहले, गांव टुंडली में पहुंचने पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरमीत सिंह व अन्य ने उनका स्वागत किया।
January 05, 2026

हरियाणा में विकास कार्यों की होगी निरंतर निगरानी, सरकार ने गठित की उच्चस्तरीय समिति

हरियाणा में विकास कार्यों की होगी निरंतर निगरानी

सरकार ने गठित की उच्चस्तरीय समिति
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार ने राज्य में विकास कार्यों की प्रगति की निरंतर निगरानी करने, उनका समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने तथा उनके क्रियान्वयन में होने वाली देरी को रोकने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।

इस समिति में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री नरेंद्र पाल मलिक तथा मुख्यमंत्री के सीनियर कंसल्टेंट श्री करण अहलावादी को शामिल किया गया है। जन स्वास्थ्य विभाग के मुख्य अभियंता श्री राजीव बातिश समीक्षा प्रक्रिया के लिए हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल से संबंधित तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे।

यह समिति राज्य में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की हर 15 दिन में एक बार समीक्षा करेगी। इसके अतिरिक्त, विकास कार्यों की समग्र प्रगति की समीक्षा हर दो माह में एक बार मुख्यमंत्री के स्तर पर भी की जाएगी।

समिति विकास परियोजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति से लेकर कार्य आवंटन तक की समय-सीमा, प्रशासनिक स्वीकृति अथवा परियोजना की अवधारणा के बाद वास्तु संबंधी अनुमोदनों में होने वाली देरी, कार्य आवंटन और कार्य शुरू होने के बीच के समय, जिसमें अन्य विभागों से आवश्यक अनुमतियाँ भी शामिल हैं, तथा स्वीकृत परियोजनाओं की समय पर पूर्णता का मूल्यांकन करेगी।

इसके साथ ही, समिति परियोजनाओं में देरी एवं लागत वृद्धि के कारणों की भी समीक्षा करेगी। आवश्यकता होने पर संशोधित प्रशासनिक स्वीकृतियों के पश्चात निर्धारित नई समय-सीमा का परीक्षण करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि सभी कार्य निर्धारित अथवा संशोधित समय-सीमा के भीतर पूरे हों। इसके अतिरिक्त, सृजित परिसंपत्तियों के उचित रखरखाव पर भी विशेष ध्यान देगी ताकि विकास कार्यों की दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित की जा सके।

समिति इस संबंध में प्रगति की जानकारी हर महीने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव को भी देगी।
January 05, 2026

भारत निर्वाचन आयोग ने ईसीआईनेट में सुधार के लिए नागरिकों से 10 जनवरी तक सुझाव आमंत्रित किए हैं

भारत निर्वाचन आयोग ने ईसीआईनेट में सुधार के लिए नागरिकों से 10 जनवरी तक सुझाव आमंत्रित किए हैं
चंडीगढ़ - भारत निर्वाचन आयोग सभी नागरिकों को ईसीआईनेट ऐप ( ECINet App) डाउनलोड करने और ऐप में मौजूद 'सुझाव प्रस्तुत करें' टैब का उपयोग कर ऐप को बेहतर बनाने की दिशा में अपने सुझाव देने के लिए आमंत्रित करता है। नागरिक 10 जनवरी, 2026 तक अपने सुझाव दे सकते हैं।

आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि नए ईसीआईएनईटी ऐप के प्रयोगात्मक प्रारूपों से मतदाताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी, मतदान प्रतिशत के रुझान तेजी से उपलब्ध होंगे और मतदान समाप्त होने के 72 घंटों के भीतर इंडेक्स कार्ड प्रकाशित किए जा सकेंगे, जो प्रक्रिया पहले कई हफ्तों या महीनों में पूरी हो जाती थी।
उन्होंने बताया कि इस ऐप का बिहार विधानसभा चुनाव 2025 और उपचुनावों के दौरान सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। सीईओ, डीईओ, ईआरओ, ऑब्जर्वर और फील्ड अधिकारियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर इस प्लेटफॉर्म को लगातार बेहतर और परिष्कृत किया जा रहा है। उपयोगकर्ताओं के सुझावों की जांच की जाएगी और प्लेटफॉर्म को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने के लिए अपडेट किया जाएगा। ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म को इस महीने आधिकारिक तौर पर शुरू किया जाएगा।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि ईसीआईनेट, मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ शुरू की गई आयोग की प्रमुख पहलों में से एक है। ईसीआईनेट ऐप के विकास पर काम 4 मई, 2025 को इसकी घोषणा के बाद शुरू हुआ।
उन्होंने बताया कि ईसीआईनेट ऐप नागरिकों के लिए एक एकीकृत ऐप है जो पहले से मौजूद 40 अलग-अलग चुनाव संबंधी एप्लिकेशन/वेबसाइटों जैसे वोटर हेल्पलाइन ऐप (वीएचए), सीविजिल, सक्षम, पोलिंग ट्रेंड्स (मतदाता मतदान ऐप), नो योर कैंडिडेट (केवाईसी) ऐप को एक ही इंटरफ़ेस में एकीकृत करता है। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल एप स्टोर दोनों से डाउनलोड किया जा सकता है।