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Friday, March 20, 2026

March 20, 2026

देश की भावी पीढ़ी को भगवान श्री परशुराम के पदचिन्हों पर चलने की प्रेरणा मिलेगी भव्य चौक से: डा. अरविंद शर्मा

देश की भावी पीढ़ी को भगवान श्री परशुराम के पदचिन्हों पर चलने की प्रेरणा मिलेगी भव्य चौक से: डा. अरविंद शर्मा

पर्यटन एवं सहकारिता मंत्री डा. अरविंद शर्मा ने पिहोवा में भगवान श्री परशुराम चौक का किया उद्घाटन

कैबिनेट मंत्री ने विकास कार्यों के लिए 11 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की
चंडीगढ़— हरियाणा के सहकारिता एवं पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा ने कहा कि पिहोवा में निर्मित भगवान श्री परशुराम चौक से देश की भावी पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह चौक युवाओं को भगवान श्री परशुराम के आदर्शों पर चलने के लिए आत्मबल प्रदान करेगा और तीर्थ नगरी पिहोवा के सौंदर्यीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शुक्रवार को पिहोवा में नगरपालिका द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। इससे पूर्व उन्होंने भगवान श्री परशुराम चौक का विधिवत उद्घाटन किया और विकास कार्यों के लिए 11 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने मां सरस्वती मंदिर में मत्था टेककर पूजा-अर्चना भी की।
उन्होंने कहा कि पिहोवा एक प्रमुख तीर्थ नगरी है, जहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हर वर्ष आते हैं। इस भव्य चौक की सुंदरता और आकर्षण यहां आने वाले पर्यटकों पर विशेष छाप छोड़ेगा, जिसे वे अपने-अपने क्षेत्रों तक लेकर जाएंगे।
डा. अरविंद शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। मोरनी हिल्स, कुरुक्षेत्र सहित अन्य स्थानों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
डा. शर्मा ने कहा कि भगवान श्री परशुराम के नाम पर यह भव्य चौक बनाना सराहनीय पहल है। चौक पर स्थापित शंख और उस पर स्थापित होने वाली भगवान श्री परशुराम की प्रतिमा से इसकी भव्यता और बढ़ेगी।उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार सरस्वती नदी के जल प्रवाह को पिहोवा तक लाने के लिए प्रयासरत है। पिहोवा ड्रेन को सरस्वती ड्रेन घोषित किया जाएगा और मुख्य मार्ग को फोरलेन बनाने का कार्य भी शीघ्र शुरू होगा।
March 20, 2026

शारीरिक शिक्षा विभाग में इंटर-हाउस स्पोर्ट्स क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन- मेजर ध्यानचंद हाउस बना विजेता, नीरज चोपड़ा हाउस रहा उपविजेता

शारीरिक शिक्षा विभाग में इंटर-हाउस स्पोर्ट्स क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन
- मेजर ध्यानचंद हाउस बना विजेता, नीरज चोपड़ा हाउस रहा उपविजेता
रोहतक : महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा आज विभाग के सेमिनार हॉल में इंटर-डिपार्टमेंट स्पोर्ट्स क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस प्रतियोगिता में विभाग के सभी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
प्रतियोगिता को रोचक बनाने के लिए विद्यार्थियों को चार हाउसों में विभाजित किया गया- मेजर ध्यानचंद हाउस (एम.पी.एड. चौथा सेमेस्टर), सचिन तेंदुलकर हाउस (एम.पी.एड. दूसरा सेमेस्टर), नीरज चोपड़ा हाउस (बी.पी.एड. चौथा सेमेस्टर) तथा अभिनव बिंद्रा हाउस (बी.पी.एड. दूसरा सेमेस्टर)।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्रातः 11:00 बजे मुख्य अतिथि प्रो. सुधीर कुमार, अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विभाग तथा बॉयज हॉस्टल के मुख्य वार्डन द्वारा किया गया। प्रतियोगिता पाँच राउंड में आयोजित की गई, जिसमें सभी टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। अंततः मेजर ध्यानचंद हाउस विजेता घोषित हुआ, जबकि नीरज चोपड़ा हाउस (बी.पी.एड. चौथा सेमेस्टर) उपविजेता रहा।
मुख्य अतिथि प्रो. सुधीर कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए अवसरों को पहचानना और उनका सही उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतियोगिता में कोई हारने वाला नहीं होता, बल्कि हर प्रतिभागी अपने अनुभवों से सीखता है। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शारीरिक शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त किया।
विभागाध्यक्ष प्रो. भगत सिंह ने अपने संबोधन में स्पोर्ट्स क्विज़ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को निष्पक्ष खेल की भावना अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिता के दौरान सभी विद्यार्थियों ने उत्साह और उल्लास के साथ भाग लिया। इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन में विभाग के शिक्षक गण- डॉ. संजीव, कुलताज सिंह, डॉ. मस्तराम, शुभम, सुमित, नीलम, सोनिया एवं शोधार्थी इंदु का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
March 20, 2026

सहायक प्राध्यापक पद पर चयनित 40 विद्यार्थियों को भूगोल विभाग में सम्मानित किया गया

सहायक प्राध्यापक पद पर चयनित 40 विद्यार्थियों को भूगोल विभाग में सम्मानित किया गया 
रोहतक : महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग में सहायक प्राध्यापक (कॉलेज कैडर) पद पर चयनित 40 विद्यार्थियों को आज सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. प्रमोद कुमार की विशेष उपस्थिति रही, जबकि विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रो. इंदरजीत सिंह एवं प्रो. के. वी. चमार मौजूद रहे।

इस अवसर पर वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. बीनू सांगवान, प्रो. सचिंदर सिंह, प्रो. रेनू आर्य, एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. राजेश दलाल तथा असिस्टेंट प्रोफेसर प्रो. प्रदीप कुमार सहित विभाग के अन्य शिक्षकों ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। 

समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों की मेहनत, लगन एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता को सम्मानित करना तथा वर्तमान छात्रों को प्रेरित करना रहा। अतिथियों ने अपने संबोधन में उच्च शिक्षा में करियर के अवसरों और शिक्षक के रूप में समर्पण के महत्व पर विचार साझा किए। कार्यक्रम में एम.ए. एवं पीजी डिप्लोमा के विद्यार्थी तथा शोधार्थी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

भूगोल विभाग ने इस उपलब्धि को अपने मजबूत शैक्षणिक वातावरण का परिणाम बताते हुए गर्व व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार ने विद्यार्थियों की सफलता पर हरियाणा सरकार की भर्ती नीति एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग की सराहना की।
March 20, 2026

एमओयू से हर घर स्वच्छ जल के लक्ष्य को मिलेगी नई गति – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

हरियाणा में जल जीवन मिशन-2.0 के लिए केंद्र व राज्य के बीच हुआ एमओयू

एमओयू से हर घर स्वच्छ जल के लक्ष्य को मिलेगी नई गति – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

3000 करोड़ रुपये के निवेश से जल आपूर्ति और गुणवत्ता पर होगा फोकस

नूहं, पलवल और महेंद्रगढ़ के लिए विशेष जल परियोजनाएं होंगी क्रियान्वित
चंडीगढ़-- हरियाणा में जल जीवन मिशन के दूसरे चरण को लागू करने के लिए शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में केंद्र सरकार व हरियाणा सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। हरियाणा सरकार की ओर से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री मोहम्मद शाइन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू हस्ताक्षरित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी चंडीगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। इस अवसर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा, मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी तथा मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यशपाल उपस्थित रहे।
 श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जल जीवन मिशन-2.0 के अंतर्गत राज्य सरकारों व केंद्र सरकार के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए आज हुआ यह एमओयू बहुत महत्वपूर्ण है। जल जीवन मिशन के दूसरे चरण में राज्य सरकार का ध्यान केवल जल आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि उसकी गुणवत्ता, स्थिरता और दीर्घकालिक प्रबंधन पर भी केंद्रित होगा। इसके तहत जल भंडारण टैंकों का आधुनिकीकरण, शेष परिवारों को पाइप लाइन जल आपूर्ति से जोड़ना और दक्षिण हरियाणा के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों जैसे नूहं, पलवल और महेंद्रगढ़ में विशेष परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। इन सभी योजनाओं पर लगभग 3000 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के पहले चरण में हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल और पर्याप्त पेयजल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने का राज्य सरकार ने जो संकल्प लिया, उसे साकार भी किया। वर्ष 2019 में जल जीवन मिशन की जब शुरुआत हुई थी तब हरियाणा में केवल 58 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों में नल का कनेक्शन था, लेकिन सरकार के सतत प्रयासों से 6 अप्रैल, 2022 को ही सरकार ने शत-प्रतिशत कवरेज हासिल कर देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान बनाया है। यह उपलब्धि हरियाणा के लाखों परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि एक समय था जब महिलाओं को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता था, लेकिन अब महिलाओं को उनके घरों में ही स्वच्छ जल उपलब्ध कराने से आए परिवर्तन सामाजिक सम्मान और जीवन स्तर में सुधार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में जल आपूर्ति का एक मजबूत और व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित किया जा चुका है। इसमें नहर आधारित हजारों जलघर, टयूबवेल आधारित जलघर और बूस्टिंग स्टेशन शामिल हैं। BISWAS पोर्टल के माध्यम से बिलिंग को पारदर्शी बनाया गया है और बीबीपीएस के जरिए भुगतान को सरल किया गया है। नागरिकों की शिकायत के समाधान के लिए मल्टी चैनल प्रणाली लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल की गुणवत्ता सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में राज्य के सभी 23 जिलों में एनएबीएल मान्यता प्राप्त अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल परीक्षण वैन तैनात की गई है।
 उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश ने विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसमें जल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। जल केवल एक संसाधन नहीं बल्कि यह जीवन और सम्मान का प्रतीक है। इसी सोच के साथ हम सभी को इस मिशन को एक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना है और यह नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का माध्यम है। यह विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है, इसलिए हम सब मिलकर इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं और हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने के कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
हरियाणा ने जल जीवन मिशन के पहले चरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य किया हासिल – केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल
इस मौके पर नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की सराहना करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के तहत हरियाणा राज्य ने उल्लेखनीय कार्य किया है और पहले चरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल उत्कृष्ट कार्य किया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अधिकारियों और टीम ने समर्पण और दक्षता के साथ कार्य करते हुए हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने में बेहतर कार्य किया है।
श्री सी.आर. पाटिल ने जल जीवन मिशन–2 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी राज्यों के साथ समन्वय और समझौते को आवश्यक बताते हुए कहा कि इस दिशा में निरंतर बैठकें आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी सहित सभी अधिकारियों और मिशन से जुड़े प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन–1 की सफलता के आधार पर अब दूसरे चरण को और मजबूती से आगे बढ़ाया जा रहा है।
March 20, 2026

प्रदेश में गैस भंडारण आवश्यकता अनुसार पर्याप्त - कृष्ण कुमार बेदी

प्रदेश में गैस भंडारण आवश्यकता अनुसार पर्याप्त - कृष्ण कुमार बेदी

जनसेवा को लक्ष्य मानकर निरंतर कार्य हेतु, पूरा रोड मैप तैयार 
चण्डीगढ -- हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश का चहुंमुखी विकास करना है। विशेषकर ग्रामीण अंचल में बेहतर सड़कों का निर्माण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, पेयजल एवं बिजली की निर्बाध आपूर्ति जैसी मूल आवश्यकताओं पर निरंतर फोकस किया जा रहा है। प्रदेश के आखिरी कोने तक आमजन को सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ मिले, यह मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का विजन है।
कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी शुक्रवार को नरवाना पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में जन समस्याएं सुन रहे थे। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और विकास परियोजनाओं का हर क्षेत्र के लोगों को भरपूर फायदा मिले सरकार का यह प्रयास है। इसलिए जनसेवा को लक्ष्य मानकर निरंतर कार्य किए जा रहे हैं और इसके लिए पूरा रोड मैप भी तैयार किया गया है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि नरवाना शहर की जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जा रहा है। लोगों की मांग पर नरवाना वासियों को जल्द ही बस स्टैंड के नए भवन की सौगात भी मिलेगी।
कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि प्रदेश में एलपीजी गैस आपूर्ति पूर्णतया निर्बाध और सुचारू है और रहेगी। गैस उपभोक्ताओं को किसी भी दहशत और भ्रामक प्रचार का शिकार होने की जरूरत नहीं है। प्रदेश में गैस भंडारण आवश्यकता अनुसार पर्याप्त है और लोगों को गैस आपूर्ति से संबंधित कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
कैबिनेट मंत्री ने साफतौर पर कहा कि एलपीजी गैस का कोई भी संस्थान या निजी कंपनी, एजेंसी और होलसेलर अतिरिक्त भंडारण, जमाखोरी, कालाबाजारी तथा ब्लैकमेलिंग ना करें। इसके लिए अधिकारियों को सख्त निगरानी के आदेश दिए गए हैं। यदि कोई भी ऐसी हरकत करते पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
March 20, 2026

रबी सीजन के मध्यनजर समय रहते मंडियों में पूरे करें आवश्यक प्रबंध- राजेश नागर

रबी सीजन के मध्यनजर समय रहते मंडियों में पूरे करें आवश्यक प्रबंध- राजेश नागर

मंत्री ने किया घरौंडा अनाज मंडी का औचक निरीक्षण, प्रबंधों का लिया जायजा, दिए आवश्यक निर्देश
चण्डीगढ- हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने घरौंडा अनाज मंडी का औचक निरीक्षण किया और मंडी आढ़तियों तथा किसानों से बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आने वाले गेहूं के सीजन को लेकर खरीद प्रबंधों को समय रहते पूरा करें तथा किसानों के लिए मंडियों में स्वच्छ पेयजल, सुलभ शौचालय, बिजली, कैंटीन, शेड व सडक़ों की मरम्मत करवाई जाए। सरसों की खरीद में भी किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें और किसानों को कोई दिक्कत न आने दी जाए।

उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि मंडियों से गेहूं उठान के लिए पर्याप्त मात्रा में वाहन उपलब्ध करवाने के लिए टेंडर लग चुका है, जल्दी ही ट्रकों की व्यवस्था सुनिश्चित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बारदाने की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था करवाई जा रही है और सभी खरीद एजेंसियों को भी सरकार की ओर से आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं कि वे विभागों से संबंधित सभी तैयारियां जल्द पूरी करेंगे।

खाद्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि रबी सीजन के दौरान मंडियों में किसानों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। किसानों की फसल का एक-एक दाना सरकार द्वारा खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडी में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नजर आए तो किसान इसकी सूचना दे सकते हैं, उस पर तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

पत्रकारों के सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि मंडी के आरपीओ, प्रधान और अन्य अधिकारियों से बात कर यहां की समस्याओं के बारे में जानकारी ली गई है। यहां अब तक कोई समस्या नहीं आई है, अगर कोई समस्या आती है तो उसको समय पर दूर कर दिया जाएगा। इस मौके पर डीएफएससी मुकेश कुमार तथा मंडी प्रधान सुखबीर सिंह संधू मौजूद रहे।
March 20, 2026

मत्स्य पालन से जुड़ी कई सेवाएं राइट टू सर्विस के दायरे में

मत्स्य पालन से जुड़ी कई सेवाएं राइट टू सर्विस के दायरे में

नई सेवाओं के लिए समय-सीमा निर्धारित
चंडीगढ़-हरियाणा सरकार ने नागरिकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं मुहैया कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मत्स्य पालन से जुड़ी कई नई सेवाओं को हरियाणा अधिकार सेवा अधिनियम, 2014 के तहत अधिसूचित किया है।

मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में एक अधिसूचना जारी की गई है।

अब सघन मत्स्य पालन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत लोडिंग ऑटो, फोर व्हीलर, ट्रॉली के साथ मिनी ट्रैक्टर पर सब्सिडी 40 दिन के अन्दर मिलेगी।

अधिसूचित सेवाओं में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत आनुवंशिक सुधार कार्यक्रम और न्यूक्लियस प्रजनन केन्द्रों (एनबीसी) हेतु सब्सिडी, नवाचार एवं और नवीन परियोजनाओं/गतिविधियों स्टार्ट-अप, इन्क्यूबेटर और पायलट परियोजनाओं सहित प्रौद्योगिकी प्रदर्शन के लिए सब्सिडी, प्रशिक्षण, जागरूकता, अनुभव एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के लिए सब्सिडी, एकीकृत सजावटी मछली इकाई (ताजे पानी की मछलियों के प्रजनन एवं पालन) हेतु सब्सिडी तथा ताजे पानी के सजावटी मछली ब्रूड बैंक की स्थापना के लिए सब्सिडी शामिल है।

इसी प्रकार, मनोरंजक मत्स्य पालन को बढ़ावा देने हेतु सब्सिडी, मछली एवं मत्स्य उत्पादों के ई-ट्रेडिंग एवं ई-मार्केटिंग के लिए ई-प्लेटफॉर्म हेतु सब्सिडी, कोल्ड स्टोरेज/आइस प्लांट के आधुनिकीकरण के लिए सब्सिडी, मछली मूल्य वर्धित उद्यम इकाइयों के लिए सब्सिडी तथा विस्तार एवं सहायता सेवाओं (मत्स्य सेवा केंद्र) के लिए सब्सिडी को भी इन सेवाओं में शामिल किया गया है।

इन सभी सेवाओं के लिए 50 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है, जिसके भीतर संबंधित विभाग को सेवाएं प्रदान करनी होंगी। सभी सेवाओं के लिए संबंधित जिला मत्स्य पालन अधिकारी को पदनामित अधिकारी,सम्बन्धित उप-निदेशक मत्स्य पालन को प्रथम अपीलीय प्राधिकारी तथा निदेशक मत्स्य पालन को द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी नामित किया गया है ।
March 20, 2026

फरीदाबाद के बिजली बिलिंग प्रकरण में आयोग के निर्देश, उपभोक्ता को 5,000 रुपये मुआवजा देने के आदेश

फरीदाबाद के बिजली बिलिंग प्रकरण में आयोग के निर्देश, उपभोक्ता को 5,000 रुपये मुआवजा देने के आदेश
चंडीगढ़ — हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने जिला फरीदाबाद से संबंधित एक बिजली बिलिंग प्रकरण में तथ्यों पर विचार करते हुए उपभोक्ता श्री करण सिंह खत्री को 5,000 रुपये मुआवजा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। यह मुआवजा विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों से वसूल किया जाएगा।

आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आवेदक ने 01 अगस्त 2024 को अस्थायी बिजली कनेक्शन लिया था। इस अवधि के दौरान उन्हें औसत आधार पर लगभग 2,500 रुपये प्रति माह के बिल जारी किए जाते रहे, जिनका उन्होंने नियमित रूप से भुगतान किया। बाद में 19 जनवरी 2026 को 01 अगस्त 2024 से 15 जनवरी 2026 की अवधि का 15,833 रुपये का बिल जारी किया गया।

इस संबंध में आवेदक ने 21 जनवरी 2026 को शिकायत दर्ज करवाई तथा नियमानुसार प्रथम एवं द्वितीय अपील की प्रक्रिया अपनाई। आयोग के संज्ञान में यह भी आया कि प्रकरण विचाराधीन रहने के दौरान उपभोक्ता द्वारा पूरी राशि का भुगतान किया गया।

आयोग ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि उपभोक्ता द्वारा वास्तविक विद्युत खपत का भुगतान किया जाना आवश्यक है, तथापि लंबे समय तक औसत बिलिंग के पश्चात एकमुश्त राशि आने की स्थिति में उपभोक्ता की सुविधा का भी ध्यान रखा जाना अपेक्षित है।

आयोग ने निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार किस्तों में भुगतान जैसी व्यवस्था पर भी विचार करें।

हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट, 2014 की धारा 17(1)(ह) के तहत आयोग ने अधिकतम अनुमन्य 5,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। साथ ही, संबंधित अधिकारी को 13 अप्रैल 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
March 20, 2026

समाधान शिविर निपटान में फतेहाबाद बना प्रदेश में नंबर वन


March 20, 2026

नूंह, रेवाड़ी, हिसार, जींद, रोहतक और चरखी दादरी के सिविल अस्पतालों में पीपीपी मोड पर जल्द शुरू होंगी एमआरआई स्कैन सेवाएं : स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव

नूंह, रेवाड़ी, हिसार, जींद, रोहतक और चरखी दादरी के सिविल अस्पतालों में पीपीपी मोड पर जल्द शुरू होंगी एमआरआई स्कैन सेवाएं : स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव 

- हरियाणा के सिविल अस्पतालों को सशक्त बनाने के लिए अहम परियोजनाओं को दी मंजूरी
चंडीगढ़- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की अध्यक्षता में स्पेशल हाई पावर्ड परचेज कमेटी (SHPPC) की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के सिविल अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक के दौरान सिविल अस्पताल मांडीखेड़ा (नूंह) और रेवाड़ी में सीटी स्कैन सेवाओं को हायर करने की स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही मांडीखेड़ा  (नूंह), रेवाड़ी, हिसार, जींद, रोहतक और चरखी दादरी के सिविल अस्पतालों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के आधार पर एमआरआई स्कैन सेवाएं शुरू करने का निर्णय लिया गया।

इसके अलावा, कुरुक्षेत्र, गुरुग्राम और जींद के जिला सिविल अस्पतालों में मैकेनाइज्ड और ऑटोमेटेड क्लीनिंग सेवाएं शुरू करने को भी मंजूरी प्रदान की गई, जिससे अस्पतालों में स्वच्छता और मरीजों को बेहतर वातावरण मिल सकेगा।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि स्वीकृत परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए और कार्यान्वयन में पारदर्शिता व दक्षता सुनिश्चित की जाए।

इन पहलों को हरियाणा के सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।

Thursday, March 19, 2026

March 19, 2026

प्रदेश में रसोई गैस को लेकर सरकार और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क : राजेश नागर

प्रदेश में रसोई गैस को लेकर सरकार और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क : राजेश नागर

-अभी तक प्रदेशभर में 12 एफआईआर हुई दर्ज, 169 सिलेंडर किए जब्त

-उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, डीएफएससी के नेतृत्व में जिला स्तरीय कमेटियों का किया गठन
चंडीगढ़ - हरियाणा के खाद्य नागरिक, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग मंत्री श्री राजेश नागर ने कहा कि प्रदेश में रसोई गैस को लेकर सरकार और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। नागरिकों को घरों में रसोई गैस की दिक्कत नहीं होनी दी जा रही है। वहीं गैस को लेकर कालाबाजारी करने व अवैध प्रयोग करने के प्रदेशभर में अभी तक 12 एफआईआर दर्ज की गई हैं और करीब 169 सिलेंडरों को जब्त किया गया है। इनमें कुरुक्षेत्र में 18, नारनौल 60, करनाल 5, अंबाला में 21, खरखौदा में 28, फरीदाबाद में 18 और जींद में 19 सिलेंडर शामिल हैं।
श्री राजेश नागर वीरवार को कुरुक्षेत्र में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक के उपरांत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। इनमें उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, डीएफएससी को मुख्य रूप से शामिल किया गया है। रसोई गैस से संबंधी शिकायत मिलने पर ये टीम सख्त एक्शन ले रही है।
राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों की प्रदेश सरकार को पूरी चिंता है। किसी भी नागरिक को पैनिक होने की जरुरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पीछे से हमारी सप्लाई पूरी आ रही है और आगे भी सप्लाई पूरी दी जा रही है। प्रदेश की स्थिति पूरी तरह से कंट्रोल में है। नागरिकों को किसी भी प्रकार से घबराने की जरुरत नहीं है। कुरुक्षेत्र में करीब 8 हजार सिलेंडरों की लागत रोजाना हो रही थी और आज के समय में करीब 8 हजार सिलेंडर नागरिकों को दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में देखने में ये आया है कि घर में मौजूद सभी सिलेंडरों को पहले ही भरवाने के लिए नागरिक एजेंसियों में पहुंच रहे हैं। तीन से चार महीने में सिलेंडर लेने वाले भी तुरंत बुकिंग करवाने पहुंच रहे हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि देश व प्रदेश में स्थिति पूर्णत सामान्य है। ऐसे में सरकार का सहयोग करें और पहले ही तरह ही जरूरी होने पर सिलेंडर लेने जाएं।
March 19, 2026

चंडीगढ़ में योग आधारित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ -बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के सशक्तिकरण पर जोर

चंडीगढ़ में योग आधारित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ

-बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के सशक्तिकरण पर जोर
चंडीगढ़ - हरियाणा योग आयोग के सहयोग से गवर्नमेंट रिहैबिलिटेशन इंस्टीट्यूट फॉर इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटीज (GRIID), चंडीगढ़ में “योग द्वारा सशक्तिकरण: बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के जीवन को सुदृढ़ बनाना” विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आज भव्य शुभारंभ हुआ।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में देशभर से विशेषज्ञों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया और बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के समग्र विकास पर विचार-विमर्श किया।

इस अवसर पर डॉ. रवनीत कौर (निदेशक, GMCH एवं GRIID) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि डॉ. सुषमा नैन (उप निदेशक, आयुष विभाग, हरियाणा सरकार) विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इसके अलावा, हरियाणा योग आयोग के अध्यक्ष डॉ. जयदीप आर्य, डॉ. अजीत सिदाना, डॉ. एम. करुप्पासामी, श्री अनिल कुमार, डॉ. रीना जैन, डॉ. राज कुमार, प्रो. डॉ. सी. वी. जयन्ती और डॉ. पवन कुमार गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अजीत सिदाना के स्वागत संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों और बौद्धिक दिव्यांगता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।  उन्होंने योग, पुनर्वास और आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के समन्वय को अत्यंत आवश्यक बताया।
हरियाणा योग आयोग के अध्यक्ष डॉ. जयदीप आर्य ने कहा कि योग केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन को भी मजबूत करता है। उन्होंने विशेष रूप से बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए योग को एक प्रभावी सहायक माध्यम बताते हुए कहा कि इससे उनके आत्मविश्वास, कार्यक्षमता और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।
सम्मेलन के वैज्ञानिक सत्रों में विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। डॉ. मुक्ता कुमार ने बताया कि बौद्धिक एवं विकासात्मक समस्याओं की पहचान जीवन के शुरुआती तीन वर्षों में ही संभव है और समय पर हस्तक्षेप से बच्चों की क्षमताओं में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है।
वहीं, डॉ. रविंदर कौर और डॉ. ज्योति भोलेश्वर मिश्रा ने योग के माध्यम से व्यवहार प्रबंधन, भावनात्मक स्थिरता और एकाग्रता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। प्रो. डॉ. सी. वी. जयन्ती ने सुझाव दिया कि योगासन को स्पेशल ओलंपिक्स जैसे मंचों पर खेल के रूप में बढ़ावा दिया जाना चाहिए, जिससे विशेष बच्चों की भागीदारी और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
कार्यक्रम के दौरान GRIID के बच्चों द्वारा योगासन प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने समावेश और आत्मविश्वास का संदेश दिया। इसके साथ ही विशेषज्ञों के बीच विचार-विमर्श और शोध प्रस्तुतियों का भी आयोजन हुआ।
सम्मेलन में प्रारंभिक पहचान और हस्तक्षेप, योग एवं पुनर्वास के समन्वय, वैज्ञानिक योग मॉड्यूल के विकास, समावेशी शिक्षा और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया।
March 19, 2026

पीएम-आरकेवीवाई: हरियाणा के लिए 1122 करोड़ की कृषि कार्ययोजना स्वीकृत

पीएम-आरकेवीवाई: हरियाणा के लिए 1122 करोड़ की कृषि कार्ययोजना स्वीकृत

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई एसएलएससी की बैठक

मशीनीकरण, फसल विविधीकरण और सतत कृषि पर विशेष जोर
 चंडीगढ़ : प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) के अंतर्गत हरियाणा राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (एसएलएससी) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 1122 करोड़ रुपये की व्यापक वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी दी है।

यह निर्णय आज यहां मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता हुई बैठक में लिया गया। बैठक के दौरान वर्तमान में चल रही योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा आगामी वर्ष 2026-27 के लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। इस कार्ययोजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना, सिंचाई दक्षता में सुधार करना तथा राज्य में कृषि अवसंरचना को मजबूत करना है।

श्री अनुराग रस्तोगी ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निधियों के समयबद्ध उपयोग और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया ताकि इन योजनाओं का लाभ किसानों तक जमीनी स्तर पर पहुंच सके।

बैठक में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, कृषोन्नति योजना तथा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के क्रियान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान केन्द्र सरकार ने पीएम-आरकेवीवाई के विभिन्न घटकों के तहत हरियाणा के लिए 318.17 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की थी, जिसमें से 240.46 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग किया जा चुका है। यह उपयोग दर 75 प्रतिशत से अधिक है।

बैठक में यह भी बताया गया कि वर्ष 2026-27 के लिए केन्द्र सरकार ने हरियाणा के लिए पीएम-आरकेवीवाई के तहत 545.53 करोड़ रुपये की केंद्रीय हिस्सेदारी निर्धारित की है, जबकि राज्य सरकार 363.69 करोड़ रुपये का योगदान देगी। इस प्रकार कुल आवंटन 909.22 करोड़ रुपये होगा।

राज्य में कृषि मशीनीकरण और फसल अवशेष प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए बजट का बड़ा हिस्सा इन क्षेत्रों के लिए निर्धारित किया गया है। कृषि मशीनीकरण उप-मिशन के तहत किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 200 करोड़ रुपये का परिव्यय अनुमोदित किया गया है। इसके अतिरिक्त फसल अवशेष प्रबंधन के लिए 250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनका उपयोग मशीनों की खरीद और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से खेत में ही अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा पराली जलाने की समस्या को कम करने के लिए किया जाएगा।

फसल विविधीकरण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के मकसद से भी समिति द्वारा कई पहलों को मंजूरी दी गई। एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत 110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे बागवानी गतिविधियों का विस्तार, फसल कटाई के बाद की अवसंरचना का विकास तथा विपणन सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। कृषि में पानी के कुशल उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ कार्यक्रम के तहत 160 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

खाद्य सुरक्षा से जुड़ी पहलों के तहत राष्ट्रीय तिलहन मिशन, दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन जैसे कार्यक्रमों के लिए भी आवंटन को स्वीकृति दी गई है। इन योजनाओं का मकसद प्रदेश में तिलहन, दलहन और अनाज के उत्पादन को बढ़ाना तथा आयात पर निर्भरता को कम करना है। इसके अतिरिक्त बैठक में राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन के तहत 6 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई, जिससे मधुमक्खी पालन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

समिति ने कृषि अवसंरचना विकास से संबंधित कई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इनमें अनुसंधान सुविधाओं को सुदृढ़ करना, सिंचाई संसाधनों में सुधार करना तथा एकीकृत कृषि प्रणाली को प्रोत्साहित करना शामिल है।

बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन, विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
March 19, 2026

हरियाणा मेट्रो ने पकड़ी रफ्तार, यात्री संख्या में 13.55 फीसदी वृद्धि, राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी

हरियाणा मेट्रो ने पकड़ी रफ्तार

यात्री संख्या में 13.55 फीसदी वृद्धि

राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी
चंडीगढ़-हरियाणा के शहरी परिवहन नेटवर्क ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वर्ष 2025-26 में मेट्रो यात्रियों की संख्या में 13.55 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो सार्वजनिक परिवहन की तरफ यात्रियों के बढ़ते विश्वास और स्पष्ट रुझान को दर्शाती है।

यह उपलब्धि आज यहां मुख्य सचिव एवं एचएमआरटीसी के अध्यक्ष श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एचएमआरटीसी) बोर्ड की 64वीं बैठक के दौरान सामने आई।
अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के बीच मेट्रो नेटवर्क का उपयोग करने वाले यात्रियों की संख्या 1.74 करोड़ से अधिक रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 1.53 करोड़ था। जुलाई माह में सर्वाधिक 22.93 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि अन्य सभी महीनों में भी सकारात्मक वृद्धि रही। यह परिचालन की विश्वसनीयता, सेवाओं में सुधार और यात्रियों की बढ़ती प्राथमिकता को दर्शाता है।
वित्तीय दृष्टि से भी एचएमआरटीसी का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है। जनवरी 2026 तक किराया राजस्व में 12.64 फीसदी की वृद्धि हुई है। वहीं, गैर-किराया राजस्व में 108 फीसदी की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि स्टेशन परिसरों के बेहतर उपयोग, विज्ञापन और व्यावसायिक गतिविधियों से प्राप्त आय के कारण संभव हुई है। स्टेशनों के नामकरण अधिकारों की नीलामी तथा अतिरिक्त विज्ञापन स्थलों के विकास जैसी पहलों से एचएमआरटीसी की वित्तीय स्थिति को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि यात्रियों की संख्या और राजस्व में लगातार वृद्धि हरियाणा की समेकित परिवहन रणनीति की सफलता को दर्शाती है। उन्होंने परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय तथा यात्रियों को केंद्र में रखकर सेवाएं प्रदान करने पर निरंतर ध्यान देने के निर्देश दिए।

एचएमआरटीसी के प्रबंध निदेशक श्री चंद्र शेखर खरे ने बताया कि परिचालन उपलब्धियों के साथ-साथ राज्य में मेट्रो एवं क्षेत्रीय परिवहन परियोजनाओं पर भी निरंतर प्रगति हो रही है।
गुरुग्राम के सेक्टर-56 से पंचगांव तक मेट्रो कनेक्टिविटी पर तत्परता से विचार किया जा रहा है। इस संबंध में एचएसआईआईडीसी द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) एवं लेआउट प्लान का अध्ययन किया जा रहा है तथा सिही गांव के निकट सेक्टर-36ए में डिपो के लिए स्थान को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो विस्तार परियोजना की टेक्नो-फिजिबिलिटी का आकलन राइट्स द्वारा किया जा रहा है। बहादुरगढ़-आसौधा कनेक्टिविटी के लिए भी एक नया अध्ययन किया जा रहा है, क्योंकि एचआरआईडीसी द्वारा आसौधा में नया इंटरचेंज स्टेशन विकसित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि यात्रियों की संख्या में वृद्धि हो सके।

गुरुग्राम-फरीदाबाद नमो भारत कॉरिडोर ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य सरकार द्वारा इसकी अलाइनमेंट और स्टेशनों के स्थानों को अंतिम रूप देकर अनुमोदित किया जा चुका है तथा एनसीआरटीसी द्वारा डीपीआर तैयार की जा रही है।

दिल्ली-कुंडली मेट्रो विस्तार परियोजना को स्वीकृति के लिए हरियाणा मंत्रिमंडल की आगामी बैठक में प्रस्तुत किया जाना प्रस्तावित है।
दिल्ली-पानीपत-करनाल आरआरटीएस कॉरिडोर (136.3 किलोमीटर) पर भी प्रगति हुई है। इसकी संशोधित डीपीआर को वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया गया है, जिसके बाद इसे हरियाणा मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त, दिल्ली-बावल आरआरटीएस कॉरिडोर को पीआईबी स्तर पर स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और यह केन्द्र सरकार के विचाराधीन है।
गुरुग्राम शहर के भीतर भी प्रमुख आंतरिक मेट्रो कॉरिडोरों के लिए डीपीआर तैयार करने को मंजूरी दी गई है। इनमें 17.09 किलोमीटर लंबा भोंडसी-सुभाष चैक-राजीव चैक-सोहना चैक-रेलवे स्टेशन कॉरिडोर शामिल है, जिससे सोहना रोड क्षेत्र में कनेक्टिविटी और सुदृढ़ होगी।