Wednesday, June 24, 2026
June 24, 2026
नशामुक्ति अभियान में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए डॉ. अशोक कुमार वर्मा सम्मानित
कुरुक्षेत्र : हरियाणा पुलिस के उपनिरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा, जो हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं, को गुरुग्राम पुलिस आयुक्त श्री सिबास कविराज IPS द्वारा गुरुग्राम में आयोजित एक कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें नशा मुक्ति अभियान में उनके उत्कृष्ट योगदान एवं सराहनीय सेवाओं के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अशोक कुमार वर्मा वर्ष 2020 से हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अंतर्गत कार्य करते हुए पूरे प्रदेश में नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान चला रहे हैं। वे हरियाणा के सभी ज़िलों में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। विशेष बात यह है कि डॉ. वर्मा हरियाणा सरकार की नशामुक्ति साइकिल यात्रा में दोनों बार सक्रिय रूप से भाग ले चुके हैं। वे स्वयं साइकिल के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न गांवों और शहरों में पहुंचकर लोगों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ब्यूरो के अंतर्गत कार्य करते हुए डॉ. अशोक कुमार वर्मा अब तक 600 से अधिक व्यक्तियों को नशामुक्त करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उनकी समर्पित सेवाओं, जनजागरण के प्रति प्रतिबद्धता एवं पुनर्वास कार्यों को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस आयुक्त द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने डॉ. वर्मा के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनका योगदान हरियाणा को नशामुक्त बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
June 24, 2026
जींद को सिर्फ एनसीआर का टैग नहीं, विकास का अधिकार भी मिले: अग्रवाल समाज
एनसीआर में रखा है तो सुविधाएं भी दो: डॉ. राजकुमार गोयल, 12 साल बाद भी जींद को नहीं मिला अपेक्षित लाभ
जींद को सिर्फ एनसीआर का टैग नहीं, विकास का अधिकार भी मिले: अग्रवाल समाज
जींद : अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी डॉ. राजकुमार गोयल ने कहा है कि यदि जींद को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बनाए रखना है तो जिले को भी एनसीआर के अनुरूप सुविधाएं और विकास कार्य उपलब्ध कराए जाने चाहिए। केवल कागजों में एनसीआर का दर्जा देने से जनता को कोई लाभ नहीं मिलेगा। जींद में भी मेट्रो जैसी आधुनिक परिवहन व्यवस्था, बड़े औद्योगिक क्षेत्र, बेहतर सड़क नेटवर्क, आधुनिक स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधाएं तथा निवेश को बढ़ावा देने वाली योजनाएं लागू की जानी चाहिए।
डॉ. गोयल अन्य पदाधिकारियों के साथ हाल ही में हुई एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में लिए गए निर्णय पर चर्चा कर रहे थे। इस बैठक में हरियाणा के सभी 14 जिलों, जिनमें जींद भी शामिल है, को एनसीआर में यथावत रखने का फैसला लिया गया है।
उन्होंने कहा कि जब वर्ष 2014 में जींद को एनसीआर में शामिल किया गया था, तब लोगों को उम्मीद थी कि जिले में बड़े उद्योग स्थापित होंगे, आधुनिक परिवहन सुविधाएं विकसित होंगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आधारभूत ढांचे में तेजी से सुधार होगा। लेकिन 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी जींद को एनसीआर में शामिल होने का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है।
डॉ. गोयल ने कहा कि यदि जींद वास्तव में एनसीआर का हिस्सा है तो उसका विकास भी दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और अन्य विकसित एनसीआर क्षेत्रों की तर्ज पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि जिले के लिए विशेष विकास पैकेज तैयार किया जाए और उन योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए जो रोजगार, निवेश और आधारभूत ढांचे को मजबूत कर सकें।
एनसीआर के नाम पर नियम मिले, सुविधाएं नहीं
डॉ. गोयल ने कहा कि एनसीआर में शामिल होने के बाद जिले के लोगों को कई प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है। विशेष रूप से 10 और 15 वर्ष पुराने वाहनों से जुड़े नियमों के कारण हजारों वाहन मालिक प्रभावित हुए हैं। इससे आम नागरिकों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन इसके बदले जिले को एनसीआर स्तर की सुविधाएं नहीं मिल सकीं।
जींद को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की जरूरत
इस अवसर पर सावर गर्ग ने कहा कि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड द्वारा जींद को एनसीआर में बनाए रखने का निर्णय लिया गया है, इसलिए यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जिले को केवल नियमों और प्रतिबंधों तक सीमित न रखा जाए। यहां आधुनिक परिवहन व्यवस्था, औद्योगिक विकास, बेहतर सड़कें, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और उच्चस्तरीय शिक्षा संस्थान स्थापित किए जाने चाहिए।
रामधन जैन ने कहा कि यदि जींद एनसीआर का हिस्सा है तो उसका विकास भी अन्य विकसित एनसीआर शहरों की तरह नजर आना चाहिए। केवल एनसीआर का दर्जा देने से जनता को कोई लाभ नहीं होगा, जब तक कि उन्हें वास्तविक विकास और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध न कराई जाएं।
सरकार उठाए ठोस कदम: पवन बंसल
पवन बंसल ने कहा कि जिले के व्यापारी, उद्योगपति और आम नागरिक लंबे समय से एनसीआर के लाभों का इंतजार कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि प्रदेश और केंद्र सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएं और जींद को विकास की मुख्यधारा से जोड़ें। उन्होंने मांग की कि जिले के लिए विशेष विकास योजनाएं तैयार की जाएं ताकि एनसीआर में शामिल होने का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंच सके।
वहीं मनीष गर्ग ने कहा कि यदि जींद को एनसीआर में रखना है तो उसे एनसीआर जैसी सुविधाएं और विकास भी देना होगा। तभी इस निर्णय का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सकेगा और जिले की जनता को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल पाएगा।
इस दौरान सावर गर्ग, रामधन जैन, पवन बंसल, सोनू जैन, जयभगवान सिंगला और मनीष गर्ग सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
Tuesday, June 23, 2026
June 23, 2026
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का आज हाई-स्पीड ट्रायल, 120 KMPH की रफ्तार से दौड़ेगी ‘ग्रीन ट्रेन’
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का आज हाई-स्पीड ट्रायल, 120 KMPH की रफ्तार से दौड़ेगी ‘ग्रीन ट्रेन’
जींद : भारत की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन अब अंतिम चरण की परीक्षण प्रक्रिया में पहुंच गई है। बुधवार, 24 जून को इस ट्रेन का 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हाई-स्पीड ट्रायल किया जाएगा। यदि यह परीक्षण सफल रहता है, तो जल्द ही ट्रेन को यात्रियों के लिए नियमित संचालन में शामिल किया जा सकता है।
दिल्ली के शकूरबस्ती रेलवे वर्कशॉप में तकनीकी परीक्षण पूरा होने के बाद ट्रेन को वापस जींद रेलवे जंक्शन लाया गया है। इससे पहले ट्रेन का 75 और 85 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से सफल परीक्षण किया जा चुका है।
*आरडीएसओ की विशेषज्ञ टीम करेगी निगरानी*
उत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अजय माइकल के अनुसार, लखनऊ स्थित रेलवे डिजाइन एवं मानक संगठन (RDSO) की विशेषज्ञ टीम जींद पहुंचकर ट्रेन के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेगी। परीक्षण के दौरान ट्रेन की गति, भार वहन क्षमता, सुरक्षा मानकों और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की जाएगी।
*120 करोड़ रुपये की परियोजना*
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना की लागत करीब 120 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग पर संचालित होगी।
*ट्रेन के प्रमुख स्टॉपेज होंगे—*
*जींद जंक्शन*
*पांडू पिंडारा*
*भंभेवा*
*गोहाना जंक्शन*
*मोहाना*
*सोनीपत जंक्शन*
इस रूट पर यात्रा का किराया लगभग 25 रुपये प्रस्तावित है, जबकि जींद से सोनीपत तक का सफर करीब एक घंटे में पूरा होगा।
*पर्यावरण के लिए वरदान बनेगी हाइड्रोजन ट्रेन*
हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक पर आधारित होगी। यह किसी प्रकार का धुआं या प्रदूषण नहीं फैलाएगी और इसके संचालन से केवल पानी एवं भाप का उत्सर्जन होगा।
ट्रेन में पारंपरिक डीजल इंजन के स्थान पर अत्याधुनिक हाइड्रोजन फ्यूल सेल सिस्टम लगाया गया है। इसके साथ अतिरिक्त ऊर्जा और बैकअप के लिए हेवी-ड्यूटी लिथियम-आयन बैटरियां भी स्थापित की गई हैं।
June 23, 2026
*डिटेक्टिव स्टाफ जींद की बड़ी कार्रवाई*, *1800 पव्वे अवैध देसी शराब सहित एक आरोपी गिरफ्तार*
डिटेक्टिव स्टाफ जींद की बड़ी कार्रवाई*,
*1800 पव्वे अवैध देसी शराब सहित एक आरोपी गिरफ्तार*
जींद : पुलिसअधीक्षक जींद कुलदीप सिंह भा पु से के कुशल दिशा-निर्देशानुसार अवैध शराब तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत डिटेक्टिव स्टाफ जींद की टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक कार से भारी मात्रा में अवैध देसी शराब बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
डिटेक्टिव स्टाफ जींद के इंचार्ज निरीक्षक मनीष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी एक टीम गश्त व अपराध रोकथाम ड्यूटी पर मौजूद थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति सफेद रंग की आई-20 कार में अवैध शराब की बड़ी खेप लेकर गांव भनभौरी से मखंड की ओर आने वाला है। सूचना को विश्वसनीय मानते हुए पुलिस टीम ने मखंड नहर पुल के पास नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी।
कुछ समय बाद बताए गए वाहन को रोककर जांच की गई। वाहन चालक की पहचान सत्यवान उर्फ लाला पुत्र चन्दन निवासी गांव कापड़ो, जिला हिसार के रूप में हुई। तलाशी के दौरान कार से कुल 36 पेटियों में 1800 पव्वे देसी शराब बरामद किए गए। इनमें 1100 पव्वे देसी शराब मार्का “Masti Malta” तथा 700 पव्वे देसी शराब मार्का “Shahi” शामिल हैं।
पुलिस द्वारा आरोपी से शराब संबंधी लाइसेंस एवं परमिट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद नियमानुसार शराब को कब्जे में लेकर नमूने सील किए गए तथा पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई गई।
आरोपी के खिलाफ थाना उचाना में हरियाणा आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। बरामद शराब एवं वाहन को पुलिस कब्जे में लेकर आगामी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अवैध शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर सप्लाई किया जाना था।
जींद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब, नशा तस्करी एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
June 23, 2026
यूरिया के लिए लाइनों में किसान, पोर्टल सरकार बनी भाजपा : कुमारी सैलजा
यूरिया के लिए लाइनों में किसान, पोर्टल सरकार बनी भाजपा : कुमारी सैलजा
चंडीगढ़ : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य, सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा में यूरिया और डीएपी खाद की किल्लत ने सरकार की तैयारियों और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर बिजाई सीजन में किसानों को खाद के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है, जबकि सरकार नए-नए पोर्टल, सत्यापन और नियम लागू करने में व्यस्त दिखाई देती है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार के पास "मेरी फसल-मेरा ब्यौरा", राजस्व रिकॉर्ड और किसानों की कृषि योग्य भूमि का पूरा विवरण उपलब्ध है। इसके बावजूद किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समय पर यूरिया उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। प्रदेश के अनेक जिलों से खाद की कमी, लंबी लाइनों और किसानों की परेशानी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। सांसद ने कहा कि यदि सरकार के पास प्रत्येक किसान की भूमि और फसल का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है तो उसी आधार पर पहले से खाद की मांग का आकलन कर पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी उपलब्ध करवाया जाना चाहिए। किसानों को बार-बार पोर्टल, टोकन और सत्यापन प्रक्रियाओं में उलझाने के बजाय उनकी वास्तविक जरूरतों का समाधान किया जाना चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार को तत्काल जिला स्तर पर खाद की उपलब्धता की समीक्षा कर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि खरीफ सीजन में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हितों की रक्षा के लिए हमेशा उनके साथ खड़ी है।
सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कुमारी सैलजा ने उकलाना क्षेत्र की लंबे समय से लंबित रेलवे मांगों को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। सांसद ने पत्र में उकलाना रेलवे स्टेशन पर टिकट आरक्षण (रिजर्वेशन) काउंटर स्थापित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे यात्रियों को टिकट बुकिंग और निरस्तीकरण के लिए हिसार या नरवाना नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही अजमेर-अमृतसर एक्सप्रेस, भावनगर-हरिद्वार एक्सप्रेस और विवेक एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण लंबी दूरी की ट्रेनों का उकलाना स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि उकलाना तथा आसपास के लगभग 60 गांवों के हजारों यात्री प्रतिदिन शैक्षणिक, व्यावसायिक और सामाजिक कार्यों के लिए यात्रा करते हैं। ऐसे में इन ट्रेनों के ठहराव और आरक्षण सुविधा से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने रेल मंत्री से जनहित में इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है।
June 23, 2026
खिलाड़ियों को 6 महीने से डाइट मनी नहीं, 355 कोच पद खाली; हरियाणा सरकार पर रणदीप सुरजेवाला का बड़ा हमला
खिलाड़ियों को 6 महीने से डाइट मनी नहीं, 355 कोच पद खाली; हरियाणा सरकार पर रणदीप सुरजेवाला का बड़ा हमला
चंडीगढ़ : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने हरियाणा सरकार की खेल नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने देश को सबसे अधिक मेडल विजेता खिलाड़ी दिए हैं, लेकिन आज वही खिलाड़ी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।
सुरजेवाला ने दावा किया कि सरकार ने डाइट मनी बढ़ाने का प्रचार तो किया, लेकिन खिलाड़ियों को पिछले करीब छह माह से डाइट मनी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि भूखे पेट खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कैसे कर पाएंगे। उनके अनुसार, खेल विभाग में प्रशिक्षकों के 355 पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन नहीं मिल रहा। वहीं कार्यरत कोचों के मानदेय में बढ़ोतरी से जुड़ी फाइलें भी लंबे समय से लंबित हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश की खेल नर्सरियों में योग मैट, जिम्नास्टिक मैट, फिटनेस किट और अन्य आवश्यक खेल सामग्री तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार खेल पाठशालाओं और खेल क्रांति के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
सुरजेवाला ने यह भी दावा किया कि नूंह, यमुनानगर, हिसार और भिवानी में जांच के दौरान अनियमितताएं मिलने के बाद 10 खेल नर्सरियां बंद करनी पड़ीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नर्सरियों में खिलाड़ियों की फर्जी संख्या दिखाने, खेल उपकरणों की कमी और खराब खेल मैदान जैसी खामियां सामने आईं।
उन्होंने कहा कि यदि खिलाड़ियों को समय पर डाइट, प्रशिक्षक और खेल संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए तो हरियाणा की खेल प्रतिभाओं का भविष्य प्रभावित होगा। सुरजेवाला ने सरकार से खेल व्यवस्था में सुधार करने, खाली पद भरने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
Monday, June 22, 2026
June 22, 2026
अमर शहीद बाबा बन्दा सिंह बहादुर जी की शहीदी को समर्पित भव्य श्रद्धांजलि समारोह आयोजित
अमर शहीद बाबा बन्दा सिंह बहादुर जी की शहीदी को समर्पित भव्य श्रद्धांजलि समारोह आयोजित
धर्म, राष्ट्र और मानवता की रक्षा हेतु दिए गए बलिदान को किया गया नमन
जींद : अमर शहीद बाबा बन्दा सिंह बहादुर वेलफेयर सोसाइटी, जींद द्वारा महान योद्धा, अद्वितीय सेनानायक एवं धर्मरक्षक बाबा बन्दा सिंह बहादुर जी की शहीदी को समर्पित एक भव्य एवं प्रेरणादायी श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन हिन्दू कन्या महाविद्यालय, जींद में अत्यंत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सेवा संगठनों के प्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों तथा दूर-दराज़ से पहुंचे श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर बाबा जी के अद्वितीय बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर श्री कृष्ण मिढ़ा रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाबा बन्दा सिंह बहादुर जी केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और जनकल्याण के अग्रदूत थे। उन्होंने अपने साहस, त्याग और दृढ़ संकल्प से अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का ऐसा इतिहास रचा, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि समाज को बाबा जी के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण और मानव सेवा के कार्यों में सक्रिय योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम की शुरुआत रागी जगजीत सिंह बबीहा के नेतृत्व में रागी जत्थे द्वारा भावपूर्ण गुरु यश गायन से हुई, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिकता एवं श्रद्धा से सराबोर कर दिया। इसके उपरांत प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. हरबंस कौर सग्गू तथा डॉ. स्वर्ण सिंह स्वर्ण ने बाबा बन्दा सिंह बहादुर जी के जीवन, संघर्ष, शौर्य, सामाजिक सुधारों और ऐतिहासिक शहीदी पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार उन्होंने मुगल अत्याचारों के विरुद्ध संघर्ष कर पीड़ित एवं शोषित वर्गों को न्याय दिलाने का कार्य किया। वक्ताओं ने कहा कि बाबा जी का जीवन केवल सिख इतिहास ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारतीय इतिहास के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम का मंच संचालन अरविंद खुराना ने किया। उन्होंने अमर शहीद बाबा बन्दा सिंह बहादुर वेलफेयर सोसाइटी द्वारा समाजहित में संचालित विभिन्न सेवा परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि संस्था निरंतर टिफिन सेवा, मेडिकल उपकरण सेवा, बुक बैंक सेवा तथा अन्य जनकल्याणकारी कार्यों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की सहायता कर रही है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इन सेवा कार्यों में सहयोग और सहभागिता का आह्वान किया।
इस अवसर पर सरोज खुराना सहित अनेक सामाजिक एवं धार्मिक कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बाबा बन्दा सिंह बहादुर जी के बलिदान और उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
समारोह में जींद के अनेक प्रमुख गणमान्य नागरिकों एवं समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें जगदीश आहूजा, कंवल अरोड़ा, जीत सचदेवा, सोहन लाल, रविंदर धवन, गगन अरोड़ा, मुकेश, अमन सहित अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल रहे।
कार्यक्रम की सफलता में विभिन्न सेवा संगठनों का विशेष योगदान रहा। गोकुल सेवा समिति, राधे चरण पादुका सेवा समिति, शरबत दा भला सेवा दल तथा गुरु तेग बहादुर सेवा दल ने लंगर सेवा एवं अन्य व्यवस्थाओं का दायित्व संभालते हुए सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
रोहतक से पधारे प्रीतम भयाना ने परम पूज्य बाबा जितेन्द्र पाल सिंह सोढी जी का पावन संदेश संगतों तक पहुंचाया, जिसमें मानव सेवा, भाईचारे और धार्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया। वहीं दिल्ली से आए तिलक जीत सिंह खुराना एवं वेद प्रकाश मक्कड़ ने विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, अतिथियों एवं संगतों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
समारोह में हांसी, पानीपत, बवानी खेड़ा, हिसार सहित अनेक स्थानों से पहुंची संगतों ने बाबा बन्दा सिंह बहादुर जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलकर समाज और राष्ट्र की सेवा करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक अरदास, संगत के प्रति धन्यवाद ज्ञापन तथा मानवता, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ। श्रद्धा, सेवा और प्रेरणा से परिपूर्ण यह आयोजन उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया तथा बाबा बन्दा सिंह बहादुर जी के अमर बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ।
सभी आई संगतों ने बड़े श्रद्धा भाव से गुरु का लंगर भी ग्रहण किया।
Sunday, June 21, 2026
June 21, 2026
घोड़ा दौड़ाने नहीं, जनता के लिए काम करने आया हूं : लक्ष्मण यादव
घोड़ा दौड़ाने नहीं, जनता के लिए काम करने आया हूं : लक्ष्मण यादव
सतीश यादव के बयान पर पलटवार, बोले- 35 बार विधानसभा में उठाई क्षेत्र की आवाज
रेवाड़ी : भारतीय जनता पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से शनिवार को रेवाड़ी स्थित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) विश्रामगृह में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता भाजपा विधायक लक्ष्मण यादव ने की। बैठक में संगठन के विस्तार, केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने तथा लाभार्थियों से सीधे संपर्क स्थापित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए विधायक लक्ष्मण यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों तक पहुंचें और उन्हें केंद्र व प्रदेश सरकार की उपलब्धियों से अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने समाज के हर वर्ग के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं, जिनका लाभ करोड़ों लोगों को मिला है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में व्यवस्थाओं को बदलने का कार्य किया है। आज युवाओं को बिना खर्ची और बिना पर्ची के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं तथा भाई-भतीजावाद की राजनीति समाप्त हुई है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में समान विकास की नीति के तहत कार्य किए जा रहे हैं। सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है।
*अनुशासन और कार्य संस्कृति पर दिया जोर*
लक्ष्मण यादव ने संगठनात्मक अनुशासन को भाजपा की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि राजनीतिक और सामाजिक जीवन में जनता नेताओं और कार्यकर्ताओं का अनुसरण करती है। इसलिए सभी को अनुशासित रहकर संगठन और समाज हित में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देखती और समझती है तथा अंत में फैसला भी वही करती है।
*दीपिका यादव के आरोपों पर दिया जवाब*
कांग्रेस की राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर दीपिका यादव द्वारा जिला प्रमुख पर लगाए गए आरोपों के संबंध में पूछे गए सवाल पर विधायक ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "सवारी अपने सामान की स्वयं जिम्मेदार होती है।" उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में हर व्यक्ति को अपने आचरण और छवि का स्वयं ध्यान रखना चाहिए।
*सतीश यादव को दिया जवाब*
पूर्व जिला प्रमुख सतीश यादव द्वारा दिए गए उस बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि "लक्ष्मण यादव को घोड़ा दौड़ाना नहीं आता", पर विधायक ने पलटवार करते हुए कहा कि वह व्यवस्था और नियमों के अनुसार राजनीति करते हैं।
उन्होंने कहा, "मैं राजनीति में घोड़ा दौड़ाने नहीं बल्कि जनता के लिए काम करने आया हूं। मैं किसी को पीछे छोड़कर आगे निकलने की राजनीति में विश्वास नहीं करता। मैं जमीन से जुड़ा व्यक्ति हूं और जनता के बीच रहकर कार्य कर रहा हूं।"
*35 बार विधानसभा में उठाए क्षेत्र के मुद्दे*
लक्ष्मण यादव ने दावा किया कि विधायक बनने के बाद वह 35 से अधिक बार विधानसभा में क्षेत्र की समस्याओं और जनता की आवाज को मजबूती से उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई योजनाएं अब धरातल पर उतर रही हैं और उनके सकारात्मक परिणाम भी दिखाई देने लगे हैं।
*बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर*
बैठक में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आगामी राजनीतिक चुनौतियों एवं चुनावी तैयारियों को लेकर भी चर्चा की। पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया कि संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय और मजबूत बनाने पर विशेष फोकस किया जाएगा, ताकि सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को सीधे जनता तक पहुंचाया जा सके।
June 21, 2026
डिजिटल दौर में बदल रही हरियाणवी संगीत की दुनिया, लेकिन मेहनत का कोई विकल्प नहीं : अमनराज गिल
डिजिटल दौर में बदल रही हरियाणवी संगीत की दुनिया, लेकिन मेहनत का कोई विकल्प नहीं : अमनराज गिल
सोशल मीडिया ने दिए नए अवसर, लेकिन पहचान बनाने के लिए निरंतर अभ्यास और गुणवत्ता जरूरी
चंडीगढ़ : हरियाणवी संगीत उद्योग पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व बदलावों से गुजरा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों ने न केवल संगीत के प्रसार की गति को बढ़ाया है, बल्कि नए कलाकारों के लिए भी सफलता के दरवाजे खोल दिए हैं। अब कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बड़े मंचों या रिकॉर्डिंग कंपनियों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे अपने गीत और रचनाएं सीधे लाखों श्रोताओं तक पहुंचा सकते हैं।
हालांकि, अवसरों के इस बढ़ते दायरे के साथ प्रतिस्पर्धा भी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। ऐसे में संगीत उद्योग में लंबे समय तक अपनी पहचान बनाए रखना केवल प्रतिभा पर नहीं, बल्कि निरंतर मेहनत, सीखने की ललक और अनुशासन पर निर्भर करता है।
हरियाणवी संगीत उद्योग से जुड़े प्रसिद्ध गायक, गीतकार और संगीत निर्माता अमनराज गिल का मानना है कि संगीत केवल अच्छी आवाज का नाम नहीं है। उनके अनुसार किसी भी गीत को तैयार करने के पीछे कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। गीत लेखन, संगीत निर्माण, रिकॉर्डिंग, मिक्सिंग, मास्टरिंग और वीडियो निर्माण जैसे अनेक चरणों से गुजरने के बाद एक गाना श्रोताओं तक पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रोजेक्ट की सफलता केवल एक व्यक्ति की नहीं होती, बल्कि पूरी टीम के सामूहिक प्रयास और समर्पण का परिणाम होती है। इसलिए संगीत उद्योग में टीमवर्क की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
पहचान बनाना सबसे बड़ी चुनौती
नए कलाकारों के सामने आने वाली चुनौतियों पर बात करते हुए अमनराज गिल ने कहा कि आज अवसर पहले से कहीं अधिक हैं, लेकिन भीड़ में अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं है। उनका मानना है कि किसी एक गीत का वायरल होना या लोकप्रिय हो जाना किसी कलाकार के लंबे करियर की गारंटी नहीं देता।
उन्होंने कहा कि वास्तविक सफलता उसी कलाकार को मिलती है जो लगातार अपने कौशल को बेहतर बनाता है, नियमित अभ्यास करता है और अपने काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देता है। धैर्य और निरंतरता ही कलाकार को लंबे समय तक उद्योग में स्थापित रख सकती है।
सहयोग और प्रतिस्पर्धा दोनों का माहौल
संगीत उद्योग में सहयोग की संस्कृति को लेकर पूछे गए सवाल पर अमनराज गिल ने कहा कि इस क्षेत्र में अलग-अलग तरह के अनुभव देखने को मिलते हैं। कई वरिष्ठ कलाकार और तकनीकी विशेषज्ञ नए प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर देते हैं और उन्हें सीखने का मंच प्रदान करते हैं।
हालांकि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण कई बार सहयोग सीमित भी दिखाई देता है। उनके अनुसार पूरे उद्योग को किसी एक अनुभव के आधार पर नहीं आंका जा सकता। संगीत जगत में सकारात्मक सहयोग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा दोनों साथ-साथ मौजूद हैं।
युवाओं के लिए जरूरी है तकनीक और रचनात्मकता का संतुलन
गीत लेखन और संगीत निर्माण में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को सलाह देते हुए अमनराज गिल ने कहा कि केवल तकनीकी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है। भाषा पर अच्छी पकड़, रचनात्मक सोच, नए विचारों को विकसित करने की क्षमता और लगातार सीखते रहने की आदत भी उतनी ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि आज तकनीक तेजी से बदल रही है और कलाकारों को भी समय के साथ खुद को अपडेट रखना होगा। अपने काम की नियमित समीक्षा करना और लगातार सुधार करना किसी भी कलाकार के विकास की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं
अमनराज गिल का मानना है कि संगीत में सफलता का कोई तय फार्मूला नहीं होता। हर कलाकार का सफर अलग होता है और हर किसी को अपनी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अनुशासन, निरंतर अभ्यास, धैर्य और सीखने की इच्छा ऐसे गुण हैं जो किसी भी कलाकार को लंबे समय तक इस क्षेत्र में टिके रहने में मदद करते हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में अवसरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन प्रतिभा को पहचान दिलाने और उसे कायम रखने के लिए आज भी मेहनत सबसे बड़ा मंत्र है। यही वजह है कि संगीत उद्योग में प्रतिभा के साथ-साथ निरंतर परिश्रम को सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी माना जाता है।
Saturday, June 20, 2026
June 20, 2026
हरियाणा युवा कांग्रेस में बड़ा भूचाल! महेंद्रगढ़ जिला अध्यक्ष पुनीत बुलान ने दिया इस्तीफा, भावुक संदेश से बढ़ी राजनीतिक हलचल
हरियाणा युवा कांग्रेस में बड़ा भूचाल! महेंद्रगढ़ जिला अध्यक्ष पुनीत बुलान ने दिया इस्तीफा, भावुक संदेश से बढ़ी राजनीतिक हलचल
Mahendragarh News / Haryana Bulletin News
: हरियाणा की राजनीति और युवा कांग्रेस संगठन से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आई है। महेंद्रगढ़ जिले में युवा कांग्रेस के निर्वाचित जिला अध्यक्ष पुनीत बुलान ने अपने पद से अचानक इस्तीफा देकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। उनके इस फैसले ने न सिर्फ संगठन के भीतर हलचल पैदा कर दी है, बल्कि कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भी कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार पुनीत बुलान ने अपना इस्तीफा हरियाणा युवा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष को लिखित रूप में भेज दिया है। इस्तीफे के पीछे की वजहों का अभी तक आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन उनके इस कदम को जिले की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
"पद आते-जाते रहते हैं, जनता का विश्वास सबसे बड़ी ताकत"
इस्तीफे के बाद पुनीत बुलान ने सोशल मीडिया और समर्थकों के माध्यम से एक भावुक संदेश जारी किया। उन्होंने अपने संदेश में कांग्रेस नेतृत्व, वरिष्ठ नेताओं, संगठन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और मीडिया कर्मियों का दिल से धन्यवाद किया।
उन्होंने लिखा कि महेंद्रगढ़ जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में मिला अवसर उनके राजनीतिक जीवन का एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। इस दौरान मिले प्यार, सम्मान और सहयोग को वह जीवनभर नहीं भूल पाएंगे।
पुनीत बुलान ने कहा कि राजनीति में पद स्थायी नहीं होते, लेकिन जनता का भरोसा और कार्यकर्ताओं का साथ ही असली पूंजी होती है। उन्होंने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली, उसे उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास किया।
*पद छोड़ने के बाद भी जनता की आवाज उठाने का संकल्प*
अपने भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों पर पुनीत बुलान ने स्पष्ट कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा समाज और युवाओं की समस्याओं को प्रमुखता से उठाना रहा है। चाहे वे किसी पद पर रहें या नहीं, जनहित और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, युवाओं के अधिकार और आम जनता की समस्याओं को लेकर वे पहले की तरह सक्रिय रहेंगे और हर मंच पर लोगों की आवाज बुलंद करते रहेंगे।
*समर्थकों में चर्चाओं का दौर, अगले कदम पर सबकी नजर*
पुनीत बुलान के इस्तीफे के बाद महेंद्रगढ़ जिले में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पुनीत बुलान अपने समर्थकों और करीबियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर सकते हैं, जिसमें उनके अगले राजनीतिक कदमों पर चर्चा होगी।
इसी वजह से अब जिले की राजनीति में यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि क्या यह इस्तीफा केवल संगठनात्मक फैसला है या फिर इसके पीछे कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति छिपी हुई है।
*राजनीतिक गलियारों में बढ़ी उत्सुकता*
फिलहाल पुनीत बुलान के अगले कदम को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन उनके इस्तीफे ने हरियाणा युवा कांग्रेस के भीतर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में पुनीत बुलान कौन सा राजनीतिक रास्ता चुनते हैं।
Friday, June 19, 2026
June 19, 2026
RE -NEET के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत: हरियाणा रोडवेज बसों में मिलेगी मुफ्त यात्रा सुविधा
RE -NEET के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत: हरियाणा रोडवेज बसों में मिलेगी मुफ्त यात्रा सुविधाचंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली NEET पुनः परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए विशेष सुविधा की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर परीक्षार्थियों को हरियाणा रोडवेज की साधारण बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
20 और 21 जून को मिलेगा लाभ
एडमिट कार्ड दिखाना होगा अनिवार्य
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थियों को बस में यात्रा के दौरान अपना वैध NEET एडमिट कार्ड दिखाना होगा। एडमिट कार्ड ही निःशुल्क यात्रा का आधार माना जाएगा।
विद्यार्थियों की सुविधा को प्राथमिकता
सरकार का कहना है कि यह निर्णय विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी बिना किसी आर्थिक या परिवहन संबंधी बाधा के समय पर अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सकें।
हरियाणा सरकार की यह पहल प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी सुविधा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।