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Sunday, August 30, 2020

नई गाइडलाइन जारी:खेल नर्सरियों में अब सीनियर खिलाड़ी भी बन सकेंगे कोच, डिग्री के साथ अनुभव को मिलेगी प्राथमिकता

नई गाइडलाइन जारी:खेल नर्सरियों में अब सीनियर खिलाड़ी भी बन सकेंगे कोच, डिग्री के साथ अनुभव को मिलेगी प्राथमिकता

खेल विभाग ने अब कोच नियुक्ति को लेकर नियमों में किया बदलाव, एनआईएस क्वालीफाई या एमपीएड व बीपीएड के साथ जूनियर अंतर राष्ट्रीय खिलाड़ी बनेंगे कोच

करनाल : खेल विभाग सरकारी व गैर सरकारी खेल नर्सरियों में अब डिग्रीधारकों के साथ सीनियर खिलाड़ी कोच बन सकेंगे। इसके लिए विभाग ने अब कोच नियुक्ति को लेकर नियमों में बदलाव कर नई गाइडलाइन जारी की है। अब एनआईएस क्वालीफाई या एमपीएड व बीपीएड के साथ जूनियर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, अपने खेल में नेशनल प्लेयर खिलाड़ी, जूनियर नेशनल खिलाड़ी, ग्रामीण नेशनल खिलाड़ी, ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी खिलाड़ी, नेशनल वूमेन स्पोर्ट्स खिलाड़ी को खेल नर्सरी में कोच बनने का मौका मिलेगा। इन खिलाड़ियों को एक निर्धारित मानदेय दिया जाएगा। सीनियर इंटरनेशनल खिलाड़ी को 25 हजार और जूनियर इंटरनेशनल व नेशनल खिलाड़ी को 20 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे।

अपने ही क्षेत्र के सीनियर खिलाड़ियों को कोच बनने का मिलेगा मौका

पहले नियम था कि एनआईएस पटियाला से डिप्लोमा धारक व बीपीएड, एमपीएड किए आवेदकों को ही कोच नियुक्त किया जाता था। खेल नर्सरियों में एनआईएस पटियाला से डिप्लोमा करने वाले कोच बिहार, यूपी व देश के अन्य हिस्सों से आते थे। इससे अपने ही क्षेत्र के सीनियर खिलाड़ियों को कोच बनने का मौका नहीं मिलता था। अब सीनियर खिलाड़ी अपने ही क्षेत्र की खेल नर्सरियों में युवाओं को तैयार कर सकेंगे।

नए सत्र में नई खेल नर्सरियां शुरू होने का इंतजार कर रहे खिलाड़ी

जिले में पिछले साल 51 खेल नर्सरियों में से 35 खेल नर्सरियां चल रही थी। खेल विभाग के नियमानुसार कोच प्रशिक्षण संस्थाओं में न पाना व खिलाड़ियों का मौजूद न हाेने के कारण 16 खेल नर्सरियां बंद हो चुकी हैं। कोरोना महामारी के कारण स्कूलों में चल रही खेल नर्सरियां बंद पड़ी हैं। जिले के खिलाड़ी नए सत्र में नई खेल नर्सरियां शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

ऐसे होगी अब नए कोच की भर्ती प्रक्रिया

जो खिलाड़ी किसी रजिस्टर्ड संस्थान से जूनियर नेशनल खिलाड़ी, सीनियर इंटरनेशनल खिलाड़ी हो तो खेल नर्सरी शुरू होने के बाद जिला स्तर पर ऐसे अनुभवी खिलाड़ियों का इंटरव्यू लिया जाएगा। इसके बाद शारीरिक टेस्ट के बाद जिस नर्सरी के लिए संबंधित कोच ने आवेदन किया था उस नर्सरी में नियुक्त कर दिया जाएगा। इससे नए खिलाड़ियों को प्रेक्टिस कने में आसानी होगी।

पहले इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू की जाएगी

अभी विभाग की तरफ से केवल गाइडलाइन आई है। अभी जिले में खेल नर्सरियां बंद पड़ी हैं, जब नर्सरियां खुलेंगी तब पहले इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिसके बाद ही उन्हें कोच नियुक्त किया जा सकेगा।
दिलबाग सिंह, जिला खेल अधिकारी।

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