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Sunday, September 20, 2020

अब गुरूजी भी बनेंगे कोरोना वारियर्स, देखें कैसे करेंगे काम

अब गुरूजी भी बनेंगे कोरोना वारियर्स, देखें कैसे करेंगे काम

अब गुरूजी भी बनेंगे कोरोना वारियर्स, देखें कैसे करेंगे काम

चंडीगढ़: कुछ लेक्चरर्स की ड्यूटी कॉल सेंटर में लगाई गई है। कॉल सेंटर में रहकर इन लेक्चरर्स को लोगों की टेलीफोन पर काउंसिलिंग करनी होगी। जो स्ट्रेस मे हैं उनकी बात को समझकर उन्हें स्ट्रेस से बाहर निकालना होगा।
कॉलेज के टीचर्स का काम मिनी कंटेनमेंट जोन के बाहर खड़े होकर कंटेनमेंट जोन के लोगों की जरूरतों को देखना यूटी कैडर एजुकेशनल एम्पलॉयज यूनियन के मुताबिक टीचर्स की ऐसी ड्यूटी लगाना बिल्कुल गलत,स्टूडेंट्स की ऑनलाइन एजुकेशन प्रभावित होगी कोरोना महामारी में जहां लोगों को अनावश्यक रूप से निकलने के लिए मना किया गया है उस समय में टीचर्स की ड्यूटी लगाई गई है। स्कूल और कॉलेज दोनों स्तर के टीचर्स को इसमें शामिल किया गया है। जहां एक तरफ कॉलेज के टीचर्स दिन में कोरोना से संबंधित ड्यूटी देंगे वहीं स्कूल के टीचर्स रात को क्वारैंटाइन सेंटर के बाहर ड्यूटी पर होंगे।
पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज सेक्टर 46 में कुल 60 लेक्चरर हैं और उनमें से 33 लेक्चरर्स की ड्यूटी कोरोनो से संबंधित कामों में लगा दी गई है। यह ड्यूटी एसडीएम ऑफिस द्वारा लगाई गई। जब स्टूडेंट्स को टीचिंग में दिक्कत आई तो कॉलेज प्रशासन ने एसडीएम ऑफिस से गुजारिश की। इस पर 10 लेक्चरर्स की ड्यूटी को कैंसिल कर दिया गया लेकिन अभी भी 22 लेक्चरर्स यह ड्यूटी दे रहे हैं। कोरोना में ड्यूटी लगाने की शुरुआत सेक्टर 46 के गवर्नमेंट कॉलेज से हुई लेकिन अब अन्य कॉलेजों के लेक्चरर्स की ड्यूटी लगाने का काम भी शुरू हो गया है। कॉलेजों से लिस्ट मांगी गई है और उसमें सभी टीचर्स के नाम मांगे गए हैं। इसके बाद एसडीएम ऑफिस की ओर से इनकी ड्यूटी लगाई जाएगी। अगले हफ्ते अन्य कॉलेजों के लेक्चरर्स को जोडऩे का काम शुरू हो जाएगा।

मेडिकल इमरजेंसी में करनी होगी मदद


कॉलेज के टीचर्स का काम मिनी कंटेनमेंट जोन के बाहर खड़े होकर कंटेनमेंट जोन के लोगों की जरूरतों को देखना है। अगर उन लोगों को कुछ चाहिए तो लाकर देना है। अगर कोई मेडिकल एमरजेंसी आ जाए तो उसमें भी मदद करनी होगी। यह भी देखना होगा कि कोई वॉयलेशन न करे और बाहर न निकल जाए। कुछ लेक्चरर्स की ड्यूटी कॉल सेंटर में लगाई गई है। कॉल सेंटर में रहकर इन लेक्चरर्स को लोगों की टेलीफोन पर काउंसिलिंग करनी होगी। जो स्ट्रेस मे हैं उनकी बात को समझकर उन्हें स्ट्रेस से बाहर निकालना होगा। स्कूलों के टीचर्स की ड्यूटी भी कोरोना के काम में लगाई गई है। डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर की ओर से एसडीएम साउथ डिविजन को भेजी गई लिस्ट में 25 विभिन्न गवर्नमेंट स्कूलों के 25 टीचर्स की ड्यूटी लगाई गई है। यह सभी जेबीटी कैटेगरी के टीचर हैं। खासबात है कि रात के समय में भी एक टीचर को पुलिस के साथ ड्यूटी देनी होगी। पुलिस और टीचर को मिलकर यह देखना है कि कोई व्यक्ति क्वारैंटाइन जोन से बाहर न निकले और न ही कोई व्यक्ति उसके अंदर जाए।

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