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Thursday, May 13, 2021

केंद्र ने जारी की देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रिपोर्ट, हरियाणा ने सबसे ज्यादा 6.49% डोज बर्बाद किए

केंद्र ने जारी की देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रिपोर्ट, हरियाणा ने सबसे ज्यादा 6.49% डोज बर्बाद किए


चंडीगढ : देश में कोरोना वैक्सीन लगाने में हरियाणा 15वें नंबर पर है। लेकिन यहां टीके की बर्बादी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सबसे ज्यादा है। केंद्र की जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में सबसे ज्यादा 6.49% डोज अभी तक खराब हो चुकी हैं। अभी तक प्रदेश में 44 लाख 2 हजार 220 डोज लोगों को लगाई गई हैं।
यदि प्रतिशत के अनुसार खराब हुई डोज का आंकड़ा निकालें तो यह 2,87,467 होता है। केंद्र सरकार शुरुआती दौर में प्रति डोज 210 रुपए में खरीद रही थी। उस हिसाब से इसकी कीमत 6 करोड़ 3 लाख 68 हजार रुपए होती है।
हर व्यक्ति में दो डोज के 14 दिन बाद एंटीबॉडी बन जाती है। जो डोज खराब हुई है, उससे प्रदेश में 1,43,733 लोगों को दोनों डोज लग जाती। वहीं, केंद्र की इस रिपोर्ट को प्रदेश के एनएचएम अधिकारियों ने गलत बताया है। विभाग का दावा है कि हरियाणा में वैक्सीन की बर्बादी 2 से 3% है। केंद्र ने जो डेटा जारी किए हैं, वह गलत हैं। यह रिपोर्ट 16 जनवरी से 11 मई तक की है।
बर्बादी के कारण

पहले कोवैक्सीन की वॉयल में 20 डोज होती थी। कई बार आखिर में डोज से कम लोग टीका लेने वाले रहते हैं। ऐसे में जितनी डोज वॉयल में शेष रहती है, वह खराब हो जाती है।

कई बार कुछ दवा टीका लगाते वक्त बाहर बिखर जाती है। इसलिए दोबारा डोज भरी जाती है।

डोज भरते वक्त बबल भी कई बार हो जाता है। इसलिए बबल को बाहर निकालते वक्त भी कुछ दवा बाहर बिखर जाती है।

कई बार वॉयल टूट भी जाती है। इसलिए वॉयल में भरी डोज भी बिखर जाती है।

डोज वेस्ट हुई ताे दिया था वेतन काटने के निर्देश, संघ बोला-डॉक्टर की हो जिम्मेदारी
भिवानी में एक एनएचएम कर्मी के वेतन काटने के आदेश दिए गए। क्योंकि वह दो जगह टीकाकरण करने गई। 20 डोज थी, लेकिन एक जगह 7 और दूसरी जगह 5 लोग पहुंचे। ऐसे में 8 डोज खराब हो गई। वेतन काटने के आदेश पर एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष रेहान राजा का कहना है कि वैक्सीनेटर तभी वाॅयल खोलता है जब वैक्सीन ऑफिसर या डॉक्टर निर्देश देता है। ऐसे में वेस्टेज के लिए जिम्मेदारी कर्मचारी की बजाए उनकी तय होनी चाहिए।

18+ वालों के लिए मिली 1.10 लाख नई डोज

प्रदेश को 18 प्लस वाले लोगों के लिए मंगलवार को कोवैक्सीन की 1.10 डोज और मिल गई।

इन्हें जिलों तक सप्लाई कर दिया गया है।

प्रदेश के पास 3,72,831 डोज पहले से स्टोर में हैं।

अब तक राज्य को 49,12,226 डोज मिली हैं। इनमें 44,29,831 डोज लगाई जा चुकी हैं।

*सीधी बातचीत*

-एमडी प्रभजोत सिंह, एनएचएम
*सवाल*. केंद्र ने वैक्सीन डोज की रिपोर्ट जारी की है। इसमें देश में सबसे ज्यादा 6.49 प्रतिशत हरियाणा की बताई है। ऐसा क्यों। *जवाब*. ऐसा नहीं है। केंद्र की रिपोर्ट गलत है। हम केंद्र से बातचीत करेंगे। *सवाल*. फिर हरियाणा में कितनी प्रतिशत वेस्टेज है। *जवाब*. हमारी वेस्टेज 2 से 3 प्रतिशत है। *सवाल*. वैक्सीन खराब होने की वजह क्या है। *जवाब*. यह भी तब ज्यादा थी जब कोवैक्सीन की वॉयल में 20 डोज आती थी। शुरुआत में लोगों के टीका लगवाने से परहेज करने पर डोज खराब होती थी। अब तो वैक्सीन बचती ही नहीं है। *सवाल*. केंद्र और प्रदेश के डेटा में इतना फर्क कैसे आ रहा है। *जवाब*. केंद्र की ओर से जो डेटा बताया जाता है, वह सप्लाई की गई और लगाई गई डोज के डेटा का विश्लेषण है। जबकि काफी डोज तो लगनी है। इसके अलावा हमारा कोविन एप पर डेटा अपलोड करना है, इसके लिए केंद्र से बातचीत करेंगे। *सवाल*. कब का डेटा अपलोड नहीं हो पाया। *जवाब*. अप्रैल में विशेष अभियान चलाकर 4 दिनों में साढ़े छह लाख डोज लगाई थी। इसलिए उस वक्त पूरा डेटा अपलोड नहीं हो सका।

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