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Tuesday, May 4, 2021

एक-एक सांस के लिए संघर्ष कर रहे कोरोना संक्रमित

एक-एक सांस के लिए संघर्ष कर रहे कोरोना संक्रमित

बहादुरगढ़ :  तुम्हारी फाइलों में गांव का रंग गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं, ये दावे किताबी हैं... जिले की मौजूदा परिस्थितियों पर किसी शायर की यह पंक्तियां सटीक बैठ रही हैं। यहां कोरोना संक्रमित व सांस के मरीज एक-एक सांस के लिए संघर्ष कर रहे हैं, मांगने पर ऑक्सीजन सिलेंडर मिल नहीं रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन ऑक्सीजन पर्याप्त होने का दावा कर रहे हैं। असलियत यह है कि कई लोग खतरे की स्थिति और आने वाले दिनों में ऑक्सीजन की आवश्यकता को देखते हुए ऑक्सीजन सिलेंडर पाने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं। कोरोना महामारी के बीच ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए इतनी मारामारी मचेगी, इसका किसी को जरा भी अंदाजा नहीं था। हालात ऐसे बन चुके हैं कि मरीजों के स्वास्थ्य लाभ के लिए तीमारदारों को सही समय पर उचित मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। झज्जर जिले में हर रोज कोरोना संक्रमण के दो सौ से मामले सामने आ रहे हैं। कई मरीजों की हालत में सुधार नहीं होने के कारण ऑक्सीजन की जरूरत भी महसूस की जा रही है। 

*ज्यादातर मरीजों के स्वजन इन ऑक्सीजन गैस सिलेंडरों के लिए भटकते देखे जा रहे हैं। *
अलग-अलग जगहों पर ऑक्सीजन के लिए तड़प रहे मरीजों को ऑक्सीजन दिलाने के लिए स्वजन दौड़ लगा रहे हैं। परिजन कोरोना संक्रमितों की जान बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं, लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मिलने पर उन्हें अपनी हिम्मत टूटती दिखाई दे रही है। एक मरीज के परिजन मनोज के अनुसार जहां-जहां भी सिलेंडर मिलने की उम्मीद थी, सबने मना कर दिया है। पार्षद पति समुंद्र सहवाग के अनुसार ऑक्सीजन की इतनी किल्लत है नहीं, जितनी बताई जा रही है। अजीब स्थिति है, सांसों पर कारोबार हो रहा है।

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