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Thursday, June 16, 2022

CA बनना चाहती है जींद की मुस्कान:12वीं में 496अंक लेकर दूसरे स्थान पर रही; कॉमर्स को दिए हर दिन 5 घंटे

CA बनना चाहती है जींद की मुस्कान:12वीं में 496अंक लेकर दूसरे स्थान पर रही; कॉमर्स को दिए हर दिन 5 घंटे

जींद : हरियाणा के जींद के नरवाना की छात्रा मुस्कान ने बुधवार को घोषित हुए हरियाणा बोर्ड के 12वीं के रिजल्ट में कॉमर्स संकाय में 496 अंक लेकर राज्यभर में दूसरा स्थान हासिल किया है। छात्रा ने हरियाणा बुलेटिन न्यूज़ से अपनी सफलता का राज शेयर करते हुए कहा कि वो हर विषय को पहले समझती, फिर दोहराती है और इसी से सफलता की सीढ़ी चढ़ गई। मुस्कान सीए बनना चाहती है। बेटी के अच्छे रिजल्ट से घर में मिठाई बंट रही है। पिता रमेश सिंगला और माता ममता फूले नहीं समा रही। स्कूल सटाफ के साथ जानकार बधाई दे रहे हैं।
एसडी कन्या महाविद्यालय नरवाना की छात्रा मुस्कान ने कॉमर्स संकाय में 496 अंक प्राप्त किए हैं। नरवाना के अग्रसेन नगर निवासी ममता ने कहा कि वो कॉमर्स की पढ़ाई के लिए दिन में चार से पांच घंटे देती थी। कॉमर्स के हर विषय को वो पूरी तन्मयता से पढ़ती थी। बचपन से ही उसका सीए बनने का सपना था और इसी सपने को साकार करने के लिए वो लगातार मेहनत कर रही थी। बाकायदा उसने इसके लिए कोचिंग भी ली। अब उसकी मेहनत का परिणाम सबके सामने है। पिता रमेश कुमार दुकानदार हैं तो मां ममता देवी ग्रहणी हैं।
मुस्कान अपनी मां ममता ओर पिता रमेश सिंगला के साथ।

*सोशल मीडिया से रही बिल्कुल दूर*

तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी ममता ने कहा कि जब वो बारहवीं कक्षा में हुई तो उसने सोशल मीडिया से बिल्कुल पूरी तरह से दूरी बना ली। उसने मोबाइल का बहुत कम प्रयोग किया। अगर कभी जरूरत भी पड़ी तो वो मोबाइल पर बारहवीं कक्षा के कॉमर्स के पुराने प्रश्र पत्र या विषय संबंधित ही जानकारी देखा करती थी।
*हर विषय को पहले समझती, फिर दोहराती,*

ममता ने बताया कि पढ़ाई के दौरान अकाउंट, कॉमर्स विषय सहित अन्य सभी विषयों को पहले वो एक-एक कर समझती थी। इसके लिए वो अध्यापकों से पूछती थी। उसके मन में विषय संबंधित जो भी जिज्ञासा होती थी वो उनका समाधान करवाती। इसके बाद वो उन्हें घर पर पढ़ाई के दौरान दोहराती थी। बाकायदा खुद से विषय को लेकर टैस्ट भी लेती थी। हर विषय को पक्का करने के लिए वो बार-बार वर्क करती। उसने कभी भी विषय को लेकर रट्टा मारी नहीं की बल्कि हर विषय को बारिकी से समझा।

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