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Tuesday, June 28, 2022

June 28, 2022

राकेश टिकैत ने युवक की आत्महत्या को अग्निपथ योजना से जोड़ा, यूजर्स बोले- अब आप ही हमारे तारनतार...

राकेश टिकैत ने युवक की आत्महत्या को अग्निपथ योजना से जोड़ा, यूजर्स बोले- अब आप ही हमारे तारनतार...

नई दिल्ली : भारतीय किसान यूनियन (Bharatiya Kisan Union) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना (Agneepath Scheme) पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने फतेहपुर (Fatehpur) में एक युवक की आत्महत्या (Suicide) को अग्निपथ योजना से जोड़ दिया है। राकेश टिकैत ने इस आत्महत्या के पीछे की वजह को मोदी सरकार (Modi Government) की संवादहीनता को जिम्मेदार ठहराया है। खास बात है कि फतेहपुर पुलिस (Fatehpur Police) ने भी राकेश टिकैत की ट्वीट पर रिप्लाई किया है और स्थिति स्पष्ट की है कि इस आत्महत्या का तालुक्क अग्निपथ योजना से नहीं है। यही नहीं, यूजर्स भी लगातार रिप्लाई कर राकेश टिकैत पर निशाना साध रहे हैं।  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अपने ट्वीट में लिखा, 'सरकार की योजनाओं को लागू करने से पहले संवादहीनता की वजह से किसान आंदोलन में 750 किसानों ने अपनी जान गवाई और अब अग्निपथ योजना का संवाद ना होने की वजह से पहले रोहतक में सचिन और अब फतेहपुर में विकास ने अपनी जान दे दी। ये बेहद दुःखद खबर है।' पुलिस ने किया रिप्लाई फतेहपुर पुलिस ने इस घटना के बाद पक्ष सामने रखा था। इसके बावजूद राकेश टिकैत ने इस आत्महत्या को सीधे अग्निपथ योजना से जोड़ दिया। राकेश टिकैत का ट्वीट वायरल हुआ तो फतेहपुर पुलिस ने रिप्लाई करते हुए दोबार से स्पष्ट किया गया कि इस युवक की आत्महत्या का अग्निपथ योजना से कोई संबंध नहीं है। फतेहपुर पुलिस ने थाना कल्यानपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम हरदौलपुर में घटित घटना के सम्बंध में क्षेत्राधिकारी बिंदकी द्वारा दी गई बाइट को भी शेयर किया है। थाना कल्यानपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम हरदौलपुर में घटित घटना के सम्बंध में क्षेत्राधिकारी बिंदकी द्वारा दी गयी बाइट।#UPPolice pic.twitter.com/vktRMR0y1o — FATEHPUR POLICE (@fatehpurpolice) June 25, 2022 यूजर्स भी भड़के ट्विटर यूजर्स को जब इस आत्महत्या की सच्चाई पता चली तो उन्होंने राकेश टिकैत पर निशाने साधने शुरू कर दिए। आलोक नामक यूजर ने लिखा, 'किसानों को उनके घर वालों ने जिन्दा भेजा था, आपके बुलावे पे। उनकी मौत के जिम्मेदार आप है। अब उनके घर के भरण पोषण की जिम्मेदारी आपकी है। भागिये मत जवाबदेही से। नेतागीरी सिर्फ उकसाने का नाम नही, जवाबदेही भी होनी चाहिये।' गौरव सिंह ने लिखा, 'अब तो आप ही हम सबका तारनहार बन सकते हो।' सरकार पर भी साधा निशाना बता दें कि ज्यादातर यूजर्स ऐसे भी हैं, जो सरकार पर भी प्रहार कर रहे हैं। इन यूजर्स का कहना है कि चाहे अग्निपथ योजना को लेकर आत्महत्या नहीं की, लेकिन आत्महत्या के पीछे की वजह तो नौकरी न मिलना ही था। राकेश धानीवाला ने लिखा, 'समय बदला है, सरकारें बदली हैं, नियम भी बदले हैं, तो लोगों को भी बदलने की जरूरत है ! आत्म हत्या किसी भी समस्या का अंतिम समाधान नहीं है। युवाओं को समझना होगा!!' इसी प्रकार अन्य यूजर्स ने भी लिखा कि युवाओं के लिए सबसे बड़ी परेशानी बेरोजगारी होती है। सरकार को इस बारे में सोचना चाहिए।
June 28, 2022

थाने में गूंजी किलकारी : गर्भवती को ट्रेन में हुई प्रसव पीड़ा, पुलिस कर्मचारियों ने RPF थाने में करवाई नॉर्मल डिलीवरी

थाने में गूंजी किलकारी : गर्भवती को ट्रेन में हुई प्रसव पीड़ा, पुलिस कर्मचारियों ने RPF थाने में करवाई नॉर्मल डिलीवरी

सोनीपत : पश्चिम एक्सप्रेस ट्रेन से अमृतसर जा रही एक गर्भवती महिला को यात्रा के दौरान प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। कंट्रोल रूम से इसकी सूचना रेलवे स्टेशन पर अधिकारियों को दी गई। जब तक ट्रेन प्लेटफार्म पर पहुंची, वहां पर आरपीएफ ( रेलवे सुरक्षा बल ) का महिला स्टाफ पहुंच गया। एंबुलेंस नहीं पहुंचने के कारण महिला पुलिस कर्मी गर्भवती महिला को आरपीएफ थाना में लेकर गई और महिला की सामान्य डिलीवरी कराई। महिला ने बेटी को जन्म दिया। बाद में आरपीएफ ने अपनी गाड़ी से जच्चा-बच्चा को नागरिक अस्पताल सोनीपत के जच्चा-बच्चा वार्ड में भर्ती करवाया। आरपीएफ के अनुसार दिल्ली की तरफ से पश्चिम एक्सप्रेस दोपहर बाद 1:29 मिनट पर सोनीपत रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर दो पर पहुंची। कृष्णा कालोनी, जिला वलसाढ, गुजरात की रेणू पत्नी मुकेश ट्रेन की बोगी बी-तीन में सीट नंबर 55 पर यात्रा कर रही थी। रेणू सूरत से अमृतसर जा रही थी। जैसे ही ट्रेन सोनीपत के नजदीक पहुंची तो रेणू को प्रसव पीड़ा तेजी हो गई। उसके साथ तीन साल का बेटा था। बोगी में सवार यात्रियों ने महिला को संभाला। वहीं, इसकी सूचना रेलवे कर्मचारियों के माध्यम से स्टेशन पर पहुंचाई, ताकि महिला को रेलवे स्टेशन पर उतारकर बेहतर उपचार मिल सके। सूचना के बाद स्टेशन पर एएसआई जगबीर सिंह, महिला कांस्टेबल सुमन यादव, मनीषा, कांस्टेबल नवीन कुमार स्टेशन पर पहुंचे। उन्होंने महिला को संभाला। 
 *समय पर न एंबुलेंस पहुंची, न ही स्वास्थ्यकर्मी* 

सोनीपत रेलवे स्टेशन परिसर में हेल्थ सेंटर बनाया गया है। हेल्थ सेंटर बनाने के पीछे लक्ष्य भी रेलवे कर्मचारियों के साथ-साथ यात्रियों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करानी है। सेंटर पर महिला डाक्टर नहीं है। लंबे समय से रेलवे कर्मचारियों द्वारा महिला डाक्टर की नियुक्ति करने की मांग कर रह हैं। सोमवार को जैसे ही कंट्रोल रूम से महिला यात्री की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली तो हेल्थ सेंटर से भी सुविधा नहीं मिली। एंबुलेंस तक समय पर स्टेशन पर नहीं पहुंची। पुलिसकर्मियों ने स्वजनों को दी जानकारी गर्भवती को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद स्वजन की जच्चा-बच्चा के सकुशल होने की सूचना दी गई। आरपीएफ में कार्यरत एएसआइ जसबीर सिंह और हेड कांस्टेबल धीरज तोमर के अनुसार जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। कंट्रोल रूप से सूचना मिलते ही एंबुलेंस बुलाने के लिए काल की थी, लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंची। वहीं, महिला ने बताया कि गुजरात में पति के साथ रहती है और अमृतसर अपने घर जा रही थी। उन्होंने सहायता करने पर रेलवे कर्मचारियों का धन्यवाद भी किया।

Monday, June 27, 2022

June 27, 2022

अग्निपथ योजना के विरोध में यूथ कांग्रेस ने अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन

अग्निपथ योजना के विरोध में यूथ कांग्रेस ने अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन

सिरसा : सेना में भर्ती को लेकर केंद्र सरकार द्वारा नई भर्ती योजना अग्निपथ को लेकर यूथ कांग्रेस की ओर से सुभाष चौक पर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव वेदप्रकाश भाट ने किया। वेद भाट ने कहा कि यह योजना देश के युवाओं के साथ खिलवाड़ है और देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान है। वेद भाट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना किसी विचार-विमर्श के पहले नोटबंदी की, जिससे आम वर्ग दो वक्त की रोटी का मोहताज हो गया। उसके बाद युवाओं के लिए अग्निपथ जैसी योजना लाकर केंद्र सरकार ने युवाओं के तन से कपड़े उतारने की पूरी-पूरी योजना बना डाली है। वेद भाट ने कहा कि हर वर्ष दो करोड़ लोगों को रोजगार देने की बात करने वाले प्रधानमंत्री स्थाई रोजगार देने की बजाय सरकारी विभागों को ही बेचने पर आमादा हैं। कुछ विभागों का तो निजीकरण हो चुका है और कुछ का होने की कगार पर है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना से युवा वर्ग इधर गिरे तो कुंआ और उधर गिरे तो खाई वाली स्थिति में आ जाएगा। इतना ही नहीं यह योजना देश की सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपनी झूठी वाहवाही करवाने की बजाय देश व जनता के हित को देखते हुए नीतियां व कानून बनाए। उन्हें भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण अडवानी, मुरली मनोहर जोशी तथा भाजपा के वयोवृद्ध नेताओं से मशविरा जरूर करना चाहिए। वेद भाट ने अग्निपथ योजना को तुरंत वापस लेकर पुरानी नीति के अनुसार सेना भर्ती करने की मांग की है, ताकि देश की युवा शक्ति सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सके और सेना को और अधिक मजबूती मिल सके। इस मौके पर कमल कांटीवाल ने कहा कि यह योजना सीधे तौर पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है। सरकार निजीकरण की बजाय स्थाई नौकरी की व्यवस्था करे, ताकि युवा अपने परिवार का बेहतर तरीके से पालन-पोषण कर सके।

Sunday, June 26, 2022

June 26, 2022

अग्निपथ योजना के खिलाफ फिर सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस, 27 जून को देशभर में धरना- हुड्डा

अग्निपथ योजना के खिलाफ फिर सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस, 27 जून को देशभर में धरना- हुड्डा 

रोहतक: पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि देशहित, देश की सुरक्षा, फौज और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली अग्निपथ योजना का विरोध जारी रहेगा। 27 तारीख को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक गांधीवादी तरीके से पूरे देश में कांग्रेस धरना प्रदर्शन करेगी। रोहतक में धरने के अगवानी वह खुद करेंगे और करनाल में प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान इसकी कमान संभालेंगे। 

हुड्डा ने दोहराया कि अग्निपथ योजना ना देश हित में है, ना देश की सुरक्षा, ना फौज और युवाओं के हित में। इस योजना से फौज के भीतर ही 2 किस्म की फौज बन जाएंगी, एक परमानेंट और एक टेंपरेरी। इनके बीच में समन्व्य स्थापित करना बेहद मुश्किल होगा।
हुड्डा ने कहा कि हरियाणा सरकार अग्निवीरों को पक्की नौकरी देने का वादा करके सब्जबाग दिखा रही है। जबकि हकीकत यह है कि बीजेपी-जेजेपी सरकार की नीतियों के चलते हरियाणा पूरे देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी झेल रहा है। आँकड़े बताते हैं कि अब तक 29,275 पूर्व सैनिकों ने नौकरी के लिए आवेदन किया है। जबकि सरकार ने सिर्फ 543 को ही नौकरी दी है। यानी सरकार सिर्फ 1.8% पूर्व सैनिकों को ही नौकरी दी है। ऐसे में 4 साल की नौकरी के बाद सेना से वापस आने वाले 75% अग्निवीरों को यह सरकार नौकरी कैसे देगी? अगर ऐसा है तो सरकार हरियाणा के अग्निवीरों को पहले पक्की नौकरी दे और 4 साल के सेना में डेपुटेशन पर भेजे। 

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इजराइल जैसे छोटे देशों की तुलना भारत जैसे विशाल देश से नहीं हो सकती। इन छोटे-छोटे देशों में ना तो बेरोजगारी है और ना ही लोग सेना में भर्ती होना चाहते। इसलिए वहां पर सेना में सेवाएं देना अनिवार्य किया गया है। जबकि, भारत के युवा खुद सेना में भर्ती होने का सपना देखते हैं और एक सैनिक बनकर खुद को गौरवान्वित महसूस करते हैं। ऐसे में इजरायल जैसे देशों की नीति भारत में लागू नहीं हो सकती। सरकार को इसपर पुनर्विचार करते हुए अग्निपथ योजना को वापस लेना चाहिए और पक्की भर्तियां शुरू करनी चाहिए। पिछले 3 साल में अगर भर्तियां पूरी होती तो हरियाणा के करीब 20,000 युवा आज फौज में भर्ती होकर देश सेवा कर रहे होते। 
निकाय चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि शहरी मतदाता ने भाजपा जजपा को पूरी तरह नकार दिया है। इस चुनाव में बीजेपी को सिर्फ 26% वोट मिले यानी हर 4 में से 3 मतदाताओं ने भाजपा के खिलाफ वोट किया। जबकि निर्दलीय उम्मीदावरों को बीजेपी जेजेपी से दोगुने वोट मिले हैं। लेकिन इस हार को भी भाजपा जेजेपी जीत के तौर पर पेश कर रही है। उसकी हालत खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे वाली हो गई है। 

हुड्डा ने रिकॉर्ड तोड़ महंगाई के बीच सिंचाई विभाग और वॉटर रिसोर्स अथॉरिटी की ओर से वाटर सप्लाई के रेट में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जाहिर की। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब आदमी से लेकर किसान तक हर एक पर महंगाई की बड़ी मार मारने जा रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि सरकार आम आदमी के जीने, मरने, सांस लेने, सोने और जागने पर भी टैक्स ले रही है। लगातार टैक्स पर टैक्स और कीमत पर कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करती रहेगी।
रोहतक न्यायिक परिसर और अन्य सरकारी इमारतों को शहर के बाहर निकालने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में हुड्डा ने कहा कि वह अपने स्टैंड पर कायम हैं। किसी भी कीमत पर न्यायिक परिसर और अन्य सरकारी दफ्तरों को शहर से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा। क्योंकि, हर छोटे-बड़े कार्य के लिए बड़ी तादाद में आम आदमी की आवाजाही इन दफ्तरों में होती है। अगर यह शहर से बाहर जाएंगे तो ना सिर्फ वकीलों व कोर्ट स्टाफ को दिक्कत होगी बल्कि आम लोगों को भी कोर्ट कचहरी जाने के लिए कई किलोमीटर का सफर तय है करना पड़ेगा।
June 26, 2022

देश व युवाओं के साथ खिलवाड़ है अग्रिपथ योजना : अशोक अरोड़ा

देश व युवाओं के साथ खिलवाड़ है अग्रिपथ योजना : अशोक अरोड़ा

अग्रिपथ योजना के विरोध में 27 जून को उपायुक्त कार्यालय पर धरना देंगें कांग्रेस कार्यकर्ता  

कुरुक्षेत्र :  हरियाणा के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अशोक अरोड़ा ने कहा है कि सरकार द्वारा लाई गई अग्रिपथ योजना देश व युवाओं के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा को लेकर शॉर्ट टर्म नीतियां नहीं बननी चाहिए। देश की सुरक्षा कोई अल्पकालिक या अनौपचारिक विषय नहीं है। अग्रिपथ के नाम पर सैन्य भर्ती को लेकर जो खानापूर्ति करने वाला लापरवाह रवैया अपनाया जा रहा है, वह देश और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए घातक साबित होगा। अग्रिपथ योजना के लाए जाने से देश का युवा वर्ग असंतुष्ट और आक्रोशित है। सेना में जवानों की भर्ती की संख्या को कमी के साथ-साथ मात्र चार साल के लिए सीमित किया जा रहा है, यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सरकार को तुरंत इस फैसले को वापिस लेना चाहिए।
Agripath scheme is playing with country and youth: Ashok Arora Haryana Bulletin News
पूर्व मंत्री ने कहा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दिशा निर्देश पर 27 जून दिन सोमवार को अग्रिपथ योजना के विरोध में उपायुक्त कार्यालय पर थानेसर हल्के के कार्यकर्ता धरना देंगें। इस दिन थानेसर हल्का के सभी कार्यकर्ता सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक धरना देंगें। अशोक अरोड़ा ने कहा कि इस योजना के आने से फौज की तैयारी कर रहे युवाओं में अपने जीवन को लेकर असमंजस पैदा हो गई है। ऐसे में सरकार को चाहिए इस योजना को तुरंत वापिस ले।

Thursday, June 16, 2022

June 16, 2022

अग्निपथ के विरोध में रोहतक में सुसाइड:पिता बोले- बेटे को सेना में जाने का जुनून था, आखिरी बार बात हुई तो मन नहीं भांप पाया

अग्निपथ के विरोध में रोहतक में सुसाइड:पिता बोले- बेटे को सेना में जाने का जुनून था, आखिरी बार बात हुई तो मन नहीं भांप पाया

जींद/रोहतक : भारतीय सेना में भर्ती की नई स्कीम 'अग्निपथ' के विरोध में सुसाइड करने वाले युवक का परिवार अपने बेटे की मौत के लिए सरकार को जिम्मेदार मानता है। हरियाणा के रोहतक में बतौर पेइंग गेस्ट (PG) रहकर दो साल से सेना भर्ती की तैयारी कर रहे जींद के लिजवाना कलां गांव के सचिन ने सुसाइड से चंद घंटे पहले ही अपने पिता सत्यपाल से बात की थी।

22 साल के बेटे के सुसाइड की खबर मिलने के बाद रोहतक PGI में उसकी बॉडी लेने पहुंचे सत्यपाल को इस बात का मलाल है कि बेटे से बातचीत में वह उसके मन की बात को भांप नहीं पाए। उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि कल शाम को उनकी सचिन से हुई बातचीत आखिरी थी और अब उनका बेटा कभी लौटकर नहीं आएगा।
"पिता ने कहा- आखिरी बार बात हुई तो मायूसी का अहसास नहीं हुआ*

सत्यपाल के अनुसार, कल शाम को जब सचिन से बात हुई तो उन्होंने उससे पूछा कि तूझे किसी चीज की जरूरत तो नहीं है? जवाब में उसने कहा कि सबकुछ है। इसके बाद उन्होंने बेटे से अच्छे से भर्ती की तैयारी करने को कहा। इसके बाद फोन कट गया।

सेना से रिटायर्ड सत्यपाल ने अफसोस भरे लहजे में कहा कि अगर बातचीत में बेटे की परेशानी या मायूसी का जरा सा भी अहसास हो जाता तो मैं 35 किलोमीटर दूर गांव से दौड़कर रोहतक में उसके पास पहुंच जाता। उसके कभी सुसाइड नहीं करने देता।

डबडबाई आंखों से आकाश की तरफ निहारते हुए सत्यपाल ने कहा, 'सचिन छोटा था, इसलिए सबका लाड़ला था। बेटे की तरह उनका भी सपना था कि उनका खून उन्हीं की तरह फौज में भर्ती होकर देश सेवा करे।'

इस बीच सचिन की मौत से आहत लिजवाना कलां ​​​​​​ और उसके आसपास के ​चार गांवों के लोगों ने शनिवार को जींद-रोहतक रोड जाम करने की चेतावनी दी है। इन चारों की गांवों के बच्चे लिजवाना कलां गांव के स्टेडियम में सेना में भर्ती की तैयारी करते हैं।
सचिन की मौत के बाद लिजवाना में उनके घर में उमड़े ग्रामीण।

*परिवार को सचिन से थी बड़ी उम्मीदें*

जींद के ऐतिहासिक गांव लिजवाना कलां के सत्यपाल ने बताया कि वह खुद सेना में रहकर देश की सेवा कर चुके हैं। उनकी चार बेटियां और दो बेटे हैं। सचिन सबसे छोटा था। उसकी चारों बहनों और बड़े भाई मंगत की शादी हो चुकी है। मंगत बेरोजगार है। परिवार में केवल सचिन ही अविवाहित था। वह अपना और अपने परिवार का सपना पूरा करने के लिए दो बरसों से रोहतक में रहकर आर्मी की भर्ती की तैयारी कर रहा था। परिवार को भी सचिन से बड़ी उम्मीदें थीं। देश सेवा के साथ-साथ परिवार का खर्च चलाने के लिए वह सेना में भर्ती होना चाहता था।

*2 साल पहले आर्मी भर्ती में फिजिकल और मेडिकल टेस्ट दिया था*

सचिन 2 साल पहले गोवा में हुई आर्मी की 'रिलेशन भर्ती' में फिजिकल और मेडिकल टेस्ट पूरा कर चुका था। अब केवल लिखित पेपर होना बाकी था। कोरोना और दूसरी वजहों से 2 साल में कई बार पेपर की तारीख आगे खिसकती रही। सेना में जाना उसका जुनून बन चुका था।

लिखित पेपर के लिए सचिन दो साल से रोहतक में रहकर कोचिंग ले रहा था। सचिन की बड़ी बहन पूनम कहती हैं कि उन्होंने कई बार समझाना चाहा लेकिन सचिन के दिमाग पर केवल सेना में जाने का भूत सवार था। वह कोई दूसरी नौकरी या काम करने को तैयार नहीं था।
पीजीआई में पहुंचे डीएसपी पुलिस के जवानों से जानकारी लेते हुए।

*बहन से साझा किया भाई का दर्द*

रोहतक में बतौर पेइंग गेस्ट रहकर सेना भर्ती की तैयारी कर रहा सचिन आर्मी में भर्ती के लिए लाई गई अग्रिपथ योजना से मायूस हो गया था। बुधवार को ही उसने अपने पिता सत्यपाल को फोन किया था कि वह जल्दी ही गांव आएगा। केंद्र सरकार की नई योजना आने के बाद सचिन ने खरकरामजी में ब्याही गई अपनी बड़ी बहन पूनम को भी फोन किया था। बहन से बातचीत में उसने कहा था कि अब वह अपना शायद सपना पूरा नहीं कर पाएगा। पूनम के अनुसार, उन्होंने फोन पर बातचीत में सचिन को हौसला बनाए रखने के लिए कहा था मगर वह सुसाइड कर लेगा, इसका आभास नहीं था।

*रात में दोस्त के जन्मदिन पर की पार्टी*

परिवार ने बताया कि बुधवार को सचिन के दोस्त का जन्मदिन था। वह उसके जन्मदिन की पार्टी में भी गया और देर रात लौटा। पार्टी में भी वह दोस्तों के साथ बहुत ज्यादा घुलमिल नहीं पाया। सचिन के रूम मेट रूपेश ने बताया कि सचिन काफी शालीन स्वभाव का था और सबके साथ घुल मिलकर रहता था। बुधवार शाम को उसने बताया था कि वह बर्थ-डे पार्टी में जा रहा है और वापसी में उसके साथ कुछ साथी होंगे इसलिए आप दूसरे कमरों में सो जाना। देर रात जब सचिन लौटा तो वह लोग सो चुके थे। गुरुवार सुबह उन्होंने आवाज लगाई लेकिन जब दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने गेट तोड़ दिया। अंदर सचिन की बॉडी फंदे पर झूल रही थी।

*तीन-चार दिन से परेशान था*

पेइंग गेस्ट में सचिन के साथ रहकर कोचिंग लेने वाले युवकों ने उसके परिवार को बताया कि सचिन तीन-चार दिन से परेशान था। हालांकि अपनी परेशानी का पता उसने घरवालों को नहीं लगने दिया। सेना भर्ती की परीक्षा न होने और नई स्कीम के कारण वह परेशान था। उसने अपनी परेशानी का जिक्र दोस्तों के आगे किया तो था मगर खुलकर कुछ नहीं बताया। इसलिए दोस्तों को भी आभास नहीं हुआ कि सचिन आत्महत्या जैसा कदम उठा सकता है।

*पिता ने दिया युवाओं को संदेश*

सचिन के पिता और पूर्व सैनिक सत्यपाल ने कहा कि किसी भी तरह के हालात में युवाओं को धैर्य बनाए रखने की जरूरत है। युवाओं को चाहिए कि वह अपने परिवार के हितों को देखते हुए ऐसा कोई कदम न उठाएं जिससे उनके परिवार को दिक्कत हो। सत्यपाल ने कहा कि शायद उनके बेटे का वक्त आ गया था।

*4 गांवों के युवाओं में मायूसी*

सचिन अपने गांव लिजवाना कलां के स्टेडियम में ही आर्मी भर्ती की तैयारी करता था। इस स्टेडियम में लिजवाना कलां के अलावा आसपास के अकालगढ़, मेहरड़ा और फतेहगढ़ के युवा भी आते हैं। यह सभी युवा सेना और पुलिस में भर्ती के लिए मेहनत करते हैं। सचिन की मौत से मायूस इन युवाओं ने कहा कि सरकार की गलत नीति की वजह से यह घटना घटी है। शनिवार को चारों गांवों के युवा जुलाना पहुंचकर जींद-रोहतक मार्ग को जाम करेंगे।
June 16, 2022

सेना भर्ती के लिये अग्निपथ योजना के दूरगामी परिणाम बेहतर नहीं होंगे - भूपेंद्र हुड्डा

अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार करे सरकार - भूपेंद्र हुड्डा

इसे तर्कसंगत बनाए और सेना से निकले जवानों को स्थायी जॉब देने की नीति लेकर आए - भूपेंद्र हुड्डा
सेना भर्ती के लिये अग्निपथ योजना के दूरगामी परिणाम बेहतर नहीं होंगे - भूपेंद्र हुड्डा
4 साल बाद सेवा से निकाल दिये गये 75 प्रतिशत नौजवान फिर बेरोजगार हो जायेंगे और नौकरी के लिये दर दर की ठोकर खाने को मजबूर होंगे - भूपेंद्र हुड्डा
पिछले 3 वर्षों में ओवरएज हो चुके युवाओं को आयु सीमा में छूट देने पर भी विचार करे सरकार - भूपेंद्र हुड्डा

चंडीगढ़, 15 जून :  पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सेना भर्ती के लिये बनायी गयी नयी अग्निपथ पॉलिसी को न तो देश हित में न ही नौजवानों के हित में बताया और सरकार से अनुरोध किया कि इस पॉलिसी पर पुनः विचार करे साथ ही इसे तर्कसंगत बनाते हुए 4 साल बाद बाद सेना से निकले जवानों को स्थायी जॉब देने की नीति लेकर आए। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना को लेकर देश भर के नौजवानों में मायूसी है। इस योजना को तैयार करते समय इसके दूरगामी परिणामों पर पूरी तरह से विचार नहीं किया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय में इस पॉलिसी का असर बेहद बुरा होगा जो देश की सुरक्षा के हित में भी नहीं है। ऐसा लगता है कि सरकार वेतन, पेंशन, ग्रेच्युटी का पैसा बचाने और सैन्य बल की क्षमता को घटाकर आधा करने की नीयत से देश की सुरक्षा के साथ समझौता कर रही है। 

उन्होंने कहा कि कोरोना के नाम पर पिछले 3 वर्षों से सेना में भर्ती बंद होने के चलते बड़ी संख्या में युवा ओवरएज हो चुके हैं। इस नयी पॉलिसी के लागू होने के बाद जो नौजवान पिछले कई वर्षों से सेना भर्ती की आस लगाये बैठे थे न सिर्फ उनको, बल्कि उन नौजवानों जिन्होंने सेना भर्ती के लिये लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट दे दिये थे और परिणाम का इंतजार कर रहे थे, की भी उम्मीदों पर भी पानी फिर गया है। पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने मांग करी कि सरकार पिछले 3 वर्षों में ओवरएज हो चुके युवाओं को आयु सीमा में छूट देने पर भी विचार करे। 
अग्निपथ योजना की खामियों को गिनाते हुए चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अग्निवीर के तौर पर जिन्हें सेना में भर्ती किया जायेगा उनमें से 75 प्रतिशत जवानों को 4 साल बाद रिटायर कर दिया जायेगा। उनके भविष्य का क्या होगा, इसका कोई ख्याल नहीं रखा गया है। यह योजना सेना की परंपरा, प्रकृति, नैतिकता और मूल्यों पर खरी नहीं उतरती। योजना के तहत प्रशिक्षण की जो अवधि तय की गई है वह अपर्याप्त है। कामचलाऊ प्रशिक्षण से सेना की क्षमता और प्रभाव पर बुरा असर पड़ सकता है। महज 4 साल की सर्विस होने से सेना को टूरिस्ट संगठन की तरह समझा जाने लगेगा। नई व्यवस्था में रेजिमेंट व्यवस्था खत्म होने से जवानों का नाम, नमक और निशान से लगाव भी खत्म हो जाएगा। सेना से 4 साल बाद निकाले गये अग्निवीरों को सेवा निधि के तौर पर 11.71 लाख एकमुश्त रकम देने की बात सरकार कह रही है, जबकि सच्चाई ये है कि इस निधि में से आधा हिस्सा ही सरकार का है आधा तो सैनिकों की कमाई का पैसा होगा। उन्होंने सीधा सवाल किया कि 4 साल बाद फिर से बेरोजगार होने वाले अग्निवीर क्या 11.71 लाख रुपये में पूरी जिंदगी बिता पायेंगे? उन्हें 4 साल की नौकरी के बाद न पेंशन, न मिलिट्री अस्पताल न कैंटीन की सुविधा ही मिल पायेगी। 
उन्होंने कहा कि साढ़े 21 साल और 25 साल की उम्र में फिर से जो 75 प्रतिशत सैनिक बेरोजगार होंगे उनके स्थायी रोजगार के लिये सरकार ने कोई योजना नहीं बनाई है और उन्हें अधर में छोड़ दिया है। इसके अलावा, सेना की 4 साल की सर्विस पूरी करने वाले इन नौजवानों की फौज नौकरी के लिये दर-दर भटकने को मजबूर हो जायेगी। हथियारों का प्रयोग जानने वाले ऐसे बेरोजगार नौजवानों को आसानी से गुमराह किया जा सकता है जो समाज के लिये गंभीर खतरा साबित हो सकता है। भूपेंद्र हुड्डा ने फिर दोहराया कि सरकार देश और समाज के व्यापक हित को ध्यान में रखकर निर्णय ले और इस योजना पर पुनर्विचार करे।
June 16, 2022

CA बनना चाहती है जींद की मुस्कान:12वीं में 496अंक लेकर दूसरे स्थान पर रही; कॉमर्स को दिए हर दिन 5 घंटे

CA बनना चाहती है जींद की मुस्कान:12वीं में 496अंक लेकर दूसरे स्थान पर रही; कॉमर्स को दिए हर दिन 5 घंटे

जींद : हरियाणा के जींद के नरवाना की छात्रा मुस्कान ने बुधवार को घोषित हुए हरियाणा बोर्ड के 12वीं के रिजल्ट में कॉमर्स संकाय में 496 अंक लेकर राज्यभर में दूसरा स्थान हासिल किया है। छात्रा ने हरियाणा बुलेटिन न्यूज़ से अपनी सफलता का राज शेयर करते हुए कहा कि वो हर विषय को पहले समझती, फिर दोहराती है और इसी से सफलता की सीढ़ी चढ़ गई। मुस्कान सीए बनना चाहती है। बेटी के अच्छे रिजल्ट से घर में मिठाई बंट रही है। पिता रमेश सिंगला और माता ममता फूले नहीं समा रही। स्कूल सटाफ के साथ जानकार बधाई दे रहे हैं।
एसडी कन्या महाविद्यालय नरवाना की छात्रा मुस्कान ने कॉमर्स संकाय में 496 अंक प्राप्त किए हैं। नरवाना के अग्रसेन नगर निवासी ममता ने कहा कि वो कॉमर्स की पढ़ाई के लिए दिन में चार से पांच घंटे देती थी। कॉमर्स के हर विषय को वो पूरी तन्मयता से पढ़ती थी। बचपन से ही उसका सीए बनने का सपना था और इसी सपने को साकार करने के लिए वो लगातार मेहनत कर रही थी। बाकायदा उसने इसके लिए कोचिंग भी ली। अब उसकी मेहनत का परिणाम सबके सामने है। पिता रमेश कुमार दुकानदार हैं तो मां ममता देवी ग्रहणी हैं।
मुस्कान अपनी मां ममता ओर पिता रमेश सिंगला के साथ।

*सोशल मीडिया से रही बिल्कुल दूर*

तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी ममता ने कहा कि जब वो बारहवीं कक्षा में हुई तो उसने सोशल मीडिया से बिल्कुल पूरी तरह से दूरी बना ली। उसने मोबाइल का बहुत कम प्रयोग किया। अगर कभी जरूरत भी पड़ी तो वो मोबाइल पर बारहवीं कक्षा के कॉमर्स के पुराने प्रश्र पत्र या विषय संबंधित ही जानकारी देखा करती थी।
*हर विषय को पहले समझती, फिर दोहराती,*

ममता ने बताया कि पढ़ाई के दौरान अकाउंट, कॉमर्स विषय सहित अन्य सभी विषयों को पहले वो एक-एक कर समझती थी। इसके लिए वो अध्यापकों से पूछती थी। उसके मन में विषय संबंधित जो भी जिज्ञासा होती थी वो उनका समाधान करवाती। इसके बाद वो उन्हें घर पर पढ़ाई के दौरान दोहराती थी। बाकायदा खुद से विषय को लेकर टैस्ट भी लेती थी। हर विषय को पक्का करने के लिए वो बार-बार वर्क करती। उसने कभी भी विषय को लेकर रट्टा मारी नहीं की बल्कि हर विषय को बारिकी से समझा।

Monday, June 6, 2022

June 06, 2022

युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो रही है विकराल बेरोजगारी और सरकार की लकवाग्रस्त नीतियां- हुड्डा

युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो रही है विकराल बेरोजगारी और सरकार की लकवाग्रस्त नीतियां- हुड्डा 

बेरोजगारी से हताश होकर आत्महत्या करने वाले युवाओं के प्रति सरकार के पास संवेदना के दो शब्द तक नहीं- हुड्डा  
बेरोजगारी को दूर करने के लिए एक्शन प्लान तैयार करे सरकार- हुड्डा 

चंडीगढ़: हरियाणा में विकराल बेरोजगारी और प्रदेश सरकार की लकवाग्रस्त नीतियां युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। यह कहना है पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का। हुड्डा ने बयान जारी कर बेरोजगारी से परेशान युवाओं द्वारा आत्महत्या करने की खबरों पर गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की खबरें ना समाज के लिए अच्छी हैं और ना ही सरकार के लिए। पढ़े लिखे, योग्य युवाओं का इस तरह हताशा में डूबना सरकार की नाकामियों का नतीजा है।

करनाल के पीएचडी धारक युवा डॉ प्रदीप द्वारा बेरोजगारी से परेशान होकर आत्महत्या करना बताता है कि बेरोजगारी किस हद तक बढ़ चुकी है। पिछले कई साल से हरियाणा पूरे देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी झेल रहा है। सीएमआईई के ताजा आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में इस वक्त देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर है। यही वजह है कि काम नहीं मिलने से हताश युवा नशे और अपराध की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं। कई युवा डिप्रेशन के शिकार होकर आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे हैं।

डॉ. प्रदीप से पहले भिवानी जिले के तालू गांव निवासी पवन ने इसी तरह का दर्दनाक कदम उठाया था। पवन भी 3 साल से सेना भर्ती नहीं होने की वजह से हताश था। लेकिन बार बार सामने आ रही ऐसी खबरों पर सरकार की चुप्पी उसकी संवेदनहीनता को दर्शाती है। ऐसे युवाओं के प्रति बोलने के लिए सरकार के पास संवेदना के दो शब्द भी नहीं है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अलग-अलग सरकारी महकमों में खाली पदों को भरना, नए पद सृजित करना, औद्योगिक विकास के जरिए रोजगार पैदा करना सरकार की जिम्मेदारी है। अगर वह ऐसा नहीं कर पाती तो इसका खामियाजा युवा पीढ़ी और पूरे समाज को भुगतना पड़ता है। विपक्ष के तौर पर कांग्रेस की मांग है कि सरकार विकराल रूप अख्तियार कर चुकी बेरोजगारी को कम करने के लिए एक्शन प्लान तैयार करे। खाली पड़े 4 लाख पदों को जल्द से जल्द भरा जाए। नए पद सृजित करने बारे रणनीति बनाई जाए और सूबे में ठप पड़े औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए भ्रष्टाचार पर नकेल कसी जाए, बढ़ते अपराध पर काबू करके प्रदेश में सुरक्षित माहौल तैयार किया जाए और इवेंट मैनेजमेंट की बजाए सरकार का फोकस रिजल्ट मैनेजमेंट पर हो।

Friday, June 3, 2022

June 03, 2022

व्लर्ड नो तंबाकू दिवस पखवाड़े के तहत जागरूकता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया

व्लर्ड नो तंबाकू दिवस पखवाड़े के तहत जागरूकता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया 

जींद : जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को व्लर्ड नो तंबाकू दिवस पखवाड़े के तहत जागरूकता दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएमओ डा. मंजू कादियान तथा पीएमओ डा. लोकवीर सिंह ने की जबकि एसएमओ डा. गोपाल गोयल, डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला, एनसीडी एवं तंबाकू निषेध अधिकारी डिप्टी सीएमओ डा. रमेश पांचाल, डा. पूनम मान, डा. नीतू, राममेहर वर्मा ने आमजन को तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभाव से अवगत करवाया। इस मौके पर खुशी नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं द्वारा नाटक की प्रस्तुति दी गई जिसमें धूम्रपान करने से होने वाली घातक बीमारियों को लेकर सचेत किया गया। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए नाटक की सभी ने प्रशंसा की और मौके पर मौजूद लोगों ने शपथ ली कि वो जीवन में कभी भी धुम्रपान नहीं करेंगे। 
एसएमओ डा. गोपाल गोयल, डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू, गुटखे के सेवन से मुंह का कैंसर, फेफड़ों में कैंसर, गले का कैंसर, शराब का अधिक  सेवन  करने वाले व्यक्ति को लीवर में कैंसर व किडनी कैंसर होने की संभावना अधिक होती है। ऐसे में लोगों को धुम्रपान बिल्कुल नहीं करना चाहिए। धुम्रपान में निकोटिन, कार्बन मोनोऑक्साइड व टार जैसे पदार्थ होते हैं जो हार्ट अटैक, लकवा, दमा, फेफड़े की बीमारी को बढावा देते हैं। इसके अलावा धूम्रपान करने वाले लोगों में अन्य लोगों की तुलना में डायबिटीज का खतरा अधिक होता है। धूम्रपान का इंसुलिन पर भी प्रभाव पड़ता है जिससे इंसुलिन प्रतिरोध का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में हम शपथ लें कि हम धूम्रपान कभी नहीं करेंगे। 
एनसीडी एवं तंबाकू निषेध अधिकारी डिप्टी सीएमओ डा. रमेश पांचाल
ने बताया कि पखवाड़े के तहत आमजन को जहां धूम्रपान से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है वहीं दंत एवं मुख स्वच्छता का पाठ भी पढाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें सुबह और रात को सोने से पहले दांतो को अच्छे से ब्रश करना चाहिए ताकि दांतो की किसी प्रकार की बीमारी से बचा जा सके। क्योंकि यदि हमारे दांत स्वस्थ होंगे तो हम लंबे समय तक इनसे स्वास्थ्य लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने उपस्थित लोगों को धूम्रपान, हुक्का पीना व किसी भी प्रकार के नशे जर्दा, पान, मसाला, खैनी, गुटखा आदि न खाने की सलाह दी क्योंकि इनसे हमारे स्वास्थ्य को बहुत नुकसान होता है। अत: हमें इन बातों को अमल में लाते हुए दूसरों को भी इस बारे जागरूक करना चाहिए और हमें दांतो की साफ-सफाई रखनी चाहिए और नयमित दांतों को ब्रश करने की सलाह दी। इस मौके पर अमिषा जायसवाल, रितिका, हेमलता, अंजली, आरती, पूनम, सुमन, वंदना, तन्नू, खुशबु, अंकिता, प्रिया, काजल, सुपरवाइजर हरदीप मलिक मौजूद रहे।
June 03, 2022

हरियाणा के 14 होनहारों का सिविल सर्विस में चयन, लड़कियों ने मारी बाजी, जानिए

हरियाणा के 14 होनहारों का सिविल सर्विस में चयन, लड़कियों ने मारी बाजी, जानिए 

चंडीगढ़ : संघ लोक सेवा आयोग ( UPSC ) ने आज यूपीएससी सिविल सेवा का फाइनल रिजल्ट 2021 घोषित कर दिया है। इस बार हरियाणा के 13 युवाओं का सिविल सर्विस में चयन में हुआ है। इनमें 10 लड़कियां और 4 लड़के शामिल हैं। इस वर्ष, भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और केंद्रीय सेवाओं, ग्रुप ए और बी में नियुक्ति के लिए यूपीएससी द्वारा कुल 685 उम्मीदवारों का चयन किया है। इनमें 244 सामान्य, 73 ईडब्ल्यूएस, 203 ओबीसी, 105 एससी और 60 एसटी वर्ग के उम्मीदवार शामिल हैं। हरियाणा के इन युवाओं ने मारी बाजी यूपीएससी परीक्षा में फरीदाबाद के सेेक्टर 16 निवासी बेटी महक जैन ने ऑल इंडिया में 17वां रैंक हासिल किया है। वहीं फरीदाबाद के ही सेक्टर 15 निवासी अर्चिता मित्तल का 188वां रैंक आया है। अर्चिता के पिता केके मित्तल इनकम टैक्स कमिश्नर हैं और महक के पिता प्रदीप जैन प्राइवेट नौकरी करते हैं।  चरखी दादरी के पैंतावास खुर्द गांव निवासी शाश्वत सांगवान ने 34वां रैंक हासिल किया है। पिछली पर शाश्वत सांगवान ने यूपीसी परीक्षा में 320 वां रैंक हासिल किया था। शाश्वत के पिता सतीश व मां ललिता एमबीबीएस एमडी डॉक्टर हैं। जो दिल्ली में अपना क्लीनिक चलाते हैं। सोनीपत की प्रतिभा दहिया का 55 वां रैंक आया है। प्रतिभा दहिया खरखौदा कस्बे के झरोठ गांव की रहने वाली हैं। सोनीपत के ही खरखौदा कस्बे के गांव निजामपुर की उत्तम ने 121 रैंक हासिल किया है। बहादुरगढ की कनिका राठी का 64वां रैंक है। कनिका को तीन प्रयासों में सफलता नहीं मिली, लेकिन हार नहीं मानी। आखिरकार चौथे प्रयास में अपना सपना पूरा कर लिया। बहादुरगढ़ की बेटी करीब 27 वर्षीय कनिका राठी की सफलता से परिजन, पड़ोसी और पैतृक गांव के लोग गदगद हैं। कनिका राठी मूल रूप से गांव खरहर की निवासी हैं। काफी वर्ष पहले इनका परिवार यहां बहादुरगढ़ आ गया था। यहां ये दयानंद नगर में रहते हैं।  बहादुरगढ की कनिका राठी को मिठाई खिलाते परिजन। रोहतक के पुलकित बलहारा का 65वां रोहतक के सेक्टर-3 में रहने वाले पुलकित बल्हारा ने पहली कोशिश में ही यूपीएससी की परीक्षा में ऑल इंडिया में 65 वां रैंक पाया है। बचपन से ही पुलिकत ने आईएएस बनने का सपना देखा था, जो अब पूरा हो रहा है। महेंद्रगढ के नारनौल के कारोता गांव के रहने वाले इशू ने 81वां रैंक लेकर जिले का नाम रोशन किया है। हिसार के नारनौंद कस्बे की सोनिया कटारिया का 115वां रैंक आया है। सोनिया के पिता राजपाल एयरफोर्स से रिटायर हैं अभी कैनरा बैंक में कर्मचारी हैं जबकि मां कांता गृहणी है। रेवाड़ी के स्थानीय सेक्टर-3 निवासी सेवानिवृत्त रसायन शास्त्र प्राध्यापक व हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) के पूर्व जिला प्रधान जोगेंद्र सिंह यादव की पुत्रवधू उषा यादव ने सिविल सेवा की परीक्षा में 345वीं रैंक लेकर जिले व प्रदेश का नाम रोशन किया है।  सोनू झज्जर जिले के गांव सेहलंगा के किसान परिवार की बेटी मुस्कान डागर ने पहले प्रयास में सिविल सर्विस परीक्षा उत्तीर्ण कर जिले व गांव का गौरव बढ़ाया है। मुस्कान ने पिछले दो वर्षों से इस परीक्षा की तैयारी की तथा पहले ही प्रयास में 471वां रैंक हासिल कर दिखाया। सोनीपत के रोहणा गांव की बेटी गरिमा गर्ग ने 220वां रैंक हासिल किया है। गरिमा गर्ग अभी परिवार सहित सोनीपत की गुड़ मंडी में रहती हैं। सोनीपत की ही निधि ने 524वां रैंक हासिल किया है। निधि का परिवार सोनीपत सेक्टर 23 में रहता है। महेंद्रगढ के अटेली मंडी निवासी आशीष कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना साकार किया है। आशीष का परिवार मूल रूप से राजस्थान के अलवर जिले के खूंदरोठ गांव है। उसने अब की बार 403 वा रैंक हासिल किया है पिछली बार 570 वां रैंक प्राप्त किया था। आशीष कुमार इंडियन फोरेस्ट सर्विस में चयन होने पर देहरादून में फोरस्ट सर्विस की ट्रेनिंग में कार्यरत हैं।  अपने परिजनों के साथ सोनीपत की प्रतिभा दहिया

Sunday, May 29, 2022

May 29, 2022

सार्वजनिक स्थानों पर स्मोकिंग करने वाले लोगों के चालान काटकर उनसे जुर्माना वसूला : डॉ. रमेश पांचाल

सार्वजनिक स्थानों पर स्मोकिंग करने वाले  लोगों के चालान काटकर उनसे जुर्माना वसूला : डॉ. रमेश पांचाल

जींद : ( संजय कुमार ) --सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों पर धुम्रपान पर रोक लगाई हुई है। सार्वजनिक स्थानों पर धुम्रपान दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद लोग सार्वजनिक स्थानों पर धुम्रपान कर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हैं और दूसरे लोगों के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ करते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ शुक्रवार को जींद के स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाया। डिप्टी सिविल सर्जन डा.रमेश पांचाल अपनी टीम के साथ शुक्रवार सुबह सबसे पहले डीआरडीए के सामने की हुडा मार्कीट पहुंचे। यहां उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर धुम्रपान करने वालों की खबर ली। साथ ही हुडा मार्कीट की दुकानों में चल रहे रेस्टोरेंट तथा उनके बरामदों में हुक्का पीने वालों को भी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी और कहा कि दोबारा हुक्के नजर आए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसके बाद कोर्ट परिसर और नया बस अड्डा पर जाकर उन लोगों के चालान काटे, जो स्मोकिंग करते मिले। इनमें रोडवेज का एक ड्राइवर भी शामिल था। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का विरोध करने वाले एक सैनिक को पुलिस के हवाले किया गया। डा.रमेश पांचाल ने बताया कि अभियान के तहत शुक्रवार को कुल 7 लोगों के चालान सार्वजनिक स्थानों पर धुम्रपान करने को लेकर काटे गए। रेहड़ी आदि वालों को चेतावनी दी गई कि उनके पास बीड़ी या सिगरेट मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी। डा.रमेश पांचाल के साथ मैंटल हैल्थ के एमईओ रवि मलिक तथा स्टाफ के दूसरे लोग भी मौजूद रहे।
*हुडा मार्कीट में हुक्का गैंग में मचा हडक़ंप*

डीआरडीए के सामने की हुडा मार्कीट इन दिनों हुक्का गैंग का सबसे बड़ा अड्डा बनी हुई है। कुछ दुकानों के बाहर बरामदों में बैठकर दुकानदार और दूसरे लोग हुक्का गुडग़ुड़ाते हुए ताश खेलते हैं। बरामदों में ही हुक्के के लिए आग सुलगती रहती है। इस तरह की आग से कभी बहुत बड़ा हादसा भी हो सकता है। हुक्का गुडग़ुड़ाने वालों में वह बच्चे भी शामिल रहते हैं, जो यहां कोचिंग सैंटरों में कोचिंग के लिए आते हैं। इससे युवा पीढ़ी नशे की तरफ जा रही है और इस तरह की खतरनाक प्रवृति को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब हर सप्ताह या सप्ताह में 2 दिन डीआरडीए के सामने की हुडा मार्कीट में दस्तक देकर सार्वजनिक स्थानों पर बीड़ी, सिगरेट या हुक्का पीने वालों के चालान काटेगा।
May 29, 2022

गुरुकुल खेड़ा की सैंकड़ों छात्राओं को मासिक धर्म स्वच्छता बारे किया जागरूक

गुरुकुल खेड़ा की सैंकड़ों छात्राओं को मासिक धर्म स्वच्छता बारे किया जागरूक

किशोरावस्था में होने वाले परिवर्तनों के बारे में भी दी विस्तार से जानकारी
आरकेएसके के तहत गुरुकुल खेड़ा में मनाया एमएचएस दिवस

जींद (संजय कुमार ) : उचाना के गुरुकुल खेड़ा गांव के गुरुकुल की 600 से ज्यादा छात्राओं को शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के आरकेएसके कार्यक्रम के तहत मासिक धर्म स्वच्छता बारे  जागरूक करने के लिए बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्राओं को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। 
सिविल सर्जन डॉ. मंजू कादियान के मार्गदर्शन में शनिवार को गुरुकुल खेड़ा में एमएचएस दिवस मनाया गया। इसमें स्कूल हैल्थ के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल मुख्यातिथि रहे जबकि आरकेएसके की डीएएचओ डॉ. पुष्पा जागलान मुख्य वक्ता रही। डॉ. पुष्पा जागलान ने छात्राओं की विशेष रुप से काउंसलिंग करते हुए उन्हें माहवारी के बारे में जागरूक किया। डॉ. पुष्पा जागलान ने छात्राओं को बताया कि मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बेहद जरूरी है। इस दौरान स्वच्छता बरतने से छात्राएं शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहती हैं। इस तरह की स्वच्छता के महत्व से लेकर इसके उपायों और सैनेटरी पैड के इस्तेमाल के बाद सुरक्षित निस्तारण बारे उन्होंने छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी। किशोरावस्था में आने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों के बारे में भी डॉ. पुष्पा जागलान ने छात्राओं को हर तरह की जानकारी दी। 
*डॉ. निकिता ने दी डाइट बारे जानकारी*

कार्यक्रम में डॉ. निकिता ने गुरुकुल की छात्राओं को कंपलीट डाइट के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि डाइट में दूध, दही, हरी और पत्तेदार सब्जियां जरूर शामिल की जाएं। एनीमिया से बचने के लिए भी उन्होंने छात्राओं को जरूरी जानकारी दी। 
*छात्राओं के सवालों के जवाब दिए डीएएचओ ने*

इस कार्यक्रम में गुरुकुल की छात्राओं ने डीएएचओ डॉ. पुष्पा जागलान से कई तरह के सवाल मासिक धर्म और किशोरावस्था में आने वाले शारीरिक और मानसिक बदलावों को लेकर पूछे। छात्राओं के सवालों के स्टीक जवाब डीएएचओ ने दिए। कार्यक्रम में डॉ. आरती, काऊंसलर राजेंद्र, सुंदर बाई, एएनएम सुनीता तथा महिला एवं बाल विकास की सुपरवाइजर कविता और सुरेश, कुसुम, नीलम आदि मौजूद रहे। गुरुकुल की प्राचार्या बंतो देवी ने स्टाफ की तरफ से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का स्वागत किया। 
*फिलहाल मुआना और कालवा सीएचसी में चल रहा एमएचएस कार्यक्रम, जल्द पूरे जिले में होगा शुरू : डॉ. पांचाल*

इस मौके पर स्कूल हैल्थ के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल ने गुरुकुल की छात्राओं को दांतों की सफाई से लेकर ओरल हैल्थ के बारे में जागरूक किया। साथ ही उन्होंने कहा कि एमएचएस कार्यक्रम फिलहाल मुआना और कालवा सीएचसी के क्षेत्र में चल रहा है। बहुत जल्द यह कार्यक्रम पूरे जिले में शुरू किया जाएगा। डॉ. पांचाल ने बताया कि शनिवार को गुरुकुल खेड़ा में इस बड़े कार्यक्रम के साथ-साथ सब डिविजन स्तर पर भी एमएचएस दिवस के तहत छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बारे जागरूक करने के लिए कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
May 29, 2022

शरीर की तरह हमारा मन भी हो सकता है बीमार : डा. मंजू कादियान

शरीर की तरह हमारा मन भी हो सकता है बीमार : डा. मंजू कादियान

नैशनल मैंटल हैल्थ कार्यक्रम के तहत एनएनएम, स्टाफ नर्स को किया जागरूक
स्वास्थ्यकर्मियों को मानसिक तनाव से बचाव को लेकर करवाया अवगत

जींद : ( संजय कुमार ) ÷ जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल के टे्रनिंग सेंटर में वीरवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा नैशनल मैंटल हैल्थ कार्यक्रम के तहत मैंटल हैल्थ पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएमओ डा. मंजू कादियान, पीएमओ डा. लोकवीर सिंह ने की जबकि              
एमएस डा. गोपाल गोयल, डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला, डा. ब्रिजेंद्र, डा. संकल्प ने कार्यशाला में मौजूद रही लगभग 40 एएनएम, स्टाफ नर्स व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को मानसिक तनाव के बारे में तथा इससे बचने के तरीकों से अवगत करवाया। 
सीएमओ डा. मंजू कादियान ने कहा कि किसी भी शारीरिक बीमारी के लक्षण दिखते ही हम तुरंत डॉक्टर से सलाह लेते हैं लेकिन यह भूल जाते हैं कि शरीर की तरह कभी हमारा मन भी बीमार हो सकता है और उसे भी पूरी देखभाल की जरूरत होती है। शरीर की भांति हमारा मन भी अलग-अलग लक्षणों के जरिये इस बात का संकेत दे रहा होता है कि उसे कोई तकलीफ  है। जिसे सही समय पर दूर करना आवश्यक है लेकिन जागरूकता के अभाव में हम इसके लक्षणों को पहचान नहीं पाते हैं। मेंटल हेल्थ को लेकर आज भी कई लोग इसके लक्षणों को जानबूझ कर नजरअंदाज करने की कौशिश करते हैं जो आगे चल कर किसी गंभीर मनोरोग का रूप धारण कर लेते हैं। ऐसे में हमें इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
पीएमओ डा. लोकवीर सिंह ने कहा कि मानसिक परेशानियों के संदर्भ में सबसे अहम बात यह है कि इनसे पीडि़त व्यक्ति को स्वयं इसके लक्षणों का आभास नहीं होता है। ऐसी स्थिति में परिवार वालों और दोस्तों की यह जिम्मेदारी बनती है कि अगर उन्हें अपने आसपास किसी व्यक्ति में यहां बताए गए लक्षण दिखाई दें तो वे बिना देर किए उसे क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट के पास ले जाएं। 
एमएस डा. गोपाल गोयल व डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला ने कहा कि 
कोरोना संक्रमण के कारण अधिकतर लोग मानसिक तौर पर कमजोर हुए हैं। इस स्थिति में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम द्वारा फिल्ड में कार्यरत एएनएम, स्टाफ नर्सों को ऐसे लोगों के लक्ष्ण व उपचार के बारे में बताया गया है कि जैसे ही कोई ऐसा मरीज उनके संपर्क में आए तो तुरंत प्रभाव से उसे साइकोलॉजिस्ट चिकित्सक से उपचार के लिए प्रेरित करें। 
साइकोलॉजिस्ट डा. संकल्प ने बताया कि देखने में आ रहा है कि कई लोग डिप्रेशन का शिकार हैं और इसे लेकर कई तरह की भ्रांतियां भी पाले  हुए हैं। सबसे पहले तो ऐसे लोग यह समझ लें कि डिप्रेशन पागलपन नहीं होता है और डिप्रेशन के मरीज पूरी तरह ठीक हो सकते हैं। बस डिप्रेशन के इलाज के लिए सही जानकारी बहुत जरूरी है। इस समस्या से निजात पाने में चिकित्सक और मरीज के साथ-साथ उसके परिवार और दोस्तों का सहयोग बहुत जरूरी होता है। सबसे पहले डिप्रेशन दूर करने के लिए आठ घंटे की नींद लें। नींद पूरी होगी तो दिमाग तरोताजा होगा और नकारात्मक भाव मन में कम आएंगे। प्रतिदिन सूरज की रोशनी में कुछ देर जरूर रहें। इससे अवसाद जल्दी हटेगा। बाहर टहलने जाएं। अपने काम का पूरा हिसाब रखें। ध्यान व योग को दिनचर्या में शामिल करें। आपको मेडिटेशन करना चाहिए। प्रकृति और पेड़, पौधों से प्यार करना दिमागी शांति के लिए काफी फायदेमंद है। एक्सरसाइज करने से हमारे दिमाग में हैप्पी हॉर्मोन्स का उत्पादन बढ़ता है। म्यूजिक सुनना भी एक मददगार टिप है, जो आपके तनाव और अवसाद को कम करने में मदद करता है। डा. ब्रिजेंद्र ने स्वास्थ्यकर्मियों को जागरूक करते हुए कहा कि कुछ नया पाने और कुछ खो जाने का डर हमें अपने जीवन में तनाव और डिप्रेशन की तरफ  ले जाता है, इसीलिए इसे बचने की कौशिश करनी चाहिए और अपनी इच्छाओं पर कंट्रोल करना चाहिए। इसके अलावा छात्रों को  परीक्षा या किसी दूसरे काम को कभी भी मानसिक बोझ नहीं बनने देना चाहिए। छात्र जीवन में बच्चों को हर तरह के मानसिक तनाव से दूर रहना चाहिए। तनाव दूर करने के लिए खेलों और मनोरंजक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए। कोई भी परेशानी हो, उसे अपने परिजनों से अवगत करवाना चाहिए। इस मौके पर दिनेश कटारिया, अश्विन, रीना, मैनेजर रवि मलिक, प्रदीप सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।