जींद : जींद के एक प्रतिष्ठित स्कूल के साइंस शिक्षक दीपक को शहर थाना पुलिस ने गुरु पूर्णिमा के दिन 17 वर्षीय छात्रा को भगाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह घटना तब सामने आई जब छात्रा की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज की कि दीपक ने उनकी बेटी को उनके घर के पास से शाम के समय भगा ले गया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत अपहरण का मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। 12 दिन की तलाश के बाद, पुलिस ने आरोपी शिक्षक को हिरासत में ले लिया। यह मामला शहर में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि यह गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते पर सवाल उठाता है।
*पुलिस की त्वरित कार्रवाई*
शहर थाना पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक दीपक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करवाए, जिनमें छात्रा ने अपने साथ हुई घटना का खुलासा किया। इन बयानों के आधार पर पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने पुष्टि की कि दीपक ने नाबालिग छात्रा के साथ बलात्कार किया, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस अब इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके।
*गुरु-शिष्य संबंध पर दाग*
यह घटना जींद ही नहीं, बल्कि पूरे समाज में गुरु-शिष्य के रिश्ते पर एक गहरा धब्बा लगाती है। गुरु पूर्णिमा, जो शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का दिन माना जाता है, उस दिन इस तरह की घटना ने लोगों को स्तब्ध कर दिया। स्कूल जैसे सुरक्षित स्थान पर एक शिक्षक द्वारा नाबालिग छात्रा के साथ ऐसा कृत्य न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि नैतिकता और विश्वास का भी उल्लंघन है। इस घटना ने अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
*पॉक्सो एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई*
पॉक्सो एक्ट (संरक्षण बाल यौन अपराध अधिनियम) के तहत दर्ज इस मामले में आरोपी शिक्षक को कठोर सजा का सामना करना पड़ सकता है। यह कानून बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए बनाया गया है और इसमें सख्त दंड का प्रावधान है। पुलिस ने बताया कि छात्रा के बयानों और सबूतों के आधार पर जांच को और मजबूत किया जा रहा है। मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज बयान इस मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में काम करेंगे। समाज में इस तरह के अपराधों के खिलाफ जागरूकता और सख्ती की जरूरत पर बल दिया जा रहा है।
*समाज में जागरूकता की जरूरत*
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों में सुरक्षित माहौल की आवश्यकता को उजागर किया है। अभिभावकों, स्कूल प्रशासन और समाज को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने होंगे। स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति से पहले उनकी पृष्ठभूमि की गहन जांच, बच्चों को यौन शोषण के प्रति जागरूक करना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं। जींद की इस घटना ने समाज को यह सोचने पर मजबूर किया है कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
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