मां के दरबार में कन्याओं का पूजन, जींद के लोगों का सौभाग्य : सांसद ब्रह्मचारी
पूर्णाहुति के समय पहुंचेगे सांसद सतपाल ब्रह्ममचारी और कार्तिकेय शर्मा
जींद : गुप्त नवरात्रों में जींद शहर के महाभारतकालीन जयंती देवी मंदिर में 18 जनवरी से 31 जनवरी तक चलने वाले महायज्ञ एवं कन्या पूजन उत्सव को लेकर श्रद्धालु पूरी तरह से तैयारियों में जुटे हुए है। मानव कल्याण के लिए शुरू होने वाले भव्य धार्मिक समागम के लिए एक तरफ जहां श्रद्धालु रची हुई रूपरेखा पर काम कर रहे है वहीं दूसरी तरफ 31 जनवरी को पूर्ण आहुति और भव्य कन्या पूजन के समय आने वाले मुख्य अतिथियों को तय कर रहे है। मंदिर पुजारी नवीन कुमार शास्त्री ने कहा कि 31 जनवरी को अनेकों साधु, संतो के सान्निध्य के अलावा शीर्ष स्तर के कई नेता शिरकत करेंगे। सोनीपत सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, राज्य सभा सांसद कार्तिकेय शर्मा का भव्य कन्या पूजन समारोह में आना तय हुआ है। श्रद्धालु जींद के इतिहास में फिर से खास अध्याय अंकित करने के लिए होने वाले कन्या पूजन समारोह को लेकर अन्य अतिथियों को भी आमंत्रित करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जहां 11 से 13 हजार कन्याओं का पूजन हुआ था। वहीं इस वर्ष भी 11 हजार कन्याओं का पूजन तय किया गया है। माता जयंती की कृपा से 15 हजार कन्याओं के पूजन की व्यवस्था की जायेगी। मंदिर पुजारी नवीन कुमार शास्त्री और श्रद्धालुओं ने सोनीपत सांसद सतपाल ब्रह्मचारी को विधिवत तरीके से निमंत्रण दिया। पुजारी ने इस दौरान कार्यक्रम की विस्तृत रूप से रूपरेखा बताई। इस दौरान सांसद ब्रह्मचारी ने कहा कि मां जयंती देवी के दरबार में जाना बड़ा सौभाग्यशाली होगा। खासकर भव्य कन्या पूजन समारोह में पहुंच कर आपार संख्या में पहुंची देवी तुल्य शक्तियों की पूजा अर्चना से जो ऊर्जा मिलेगी, उसका कोई मोल नहीं है। यह जींद और आसपास के क्षेत्र के लोगों का सौभाग्य है कि मां जयंती के दरबार में श्रद्धालु 39 वर्षों से कन्याओं के पूजन में समारोह आयोजित करते आए हंै। इस अवसर पर कांग्रेस जिला प्रधान रिषिपाल हैबतपुर, वरिष्ठ नेता पवन गर्ग, ब्राह्मण सभा जींद के पूर्व प्रधान सियाराम शास्त्री, चंद्रानंद स्वामी, वजीर गांगोली, राजेंद्र शर्मा सहित दर्जनों श्रद्धालु मौजूद थे।
*51 पंडित प्रतिदिन जपेंगे सवा लाख नवार्ण मंत्र*
जयंती देवी मंदिर पुजारी नवीन कुमार शास्त्री ने बताया कि 18 जनवरी से शुरू होने वाले दुर्गा सप्तशती 108 पाठ एवं सवा लाख नवार्ण मंत्रों का जाप कर 51 पंडित कार्यक्रम को पूरी तरह से भक्ति रस से सरोबार करेंगे। भक्ति के इस समागम में शामिल होने के लिए हर रोज मंदिर प्रांगण में सैंकड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। 31 जनवरी को गुप्त नवरात्रों के समापन और मां जयंती के प्रकटोत्सव पर पूर्णाहुति होगी। भव्य कार्यक्रम की व्यवस्था के लिए 500 श्रद्धालु वालंटियर के तौर पर अपनी सेवाएं देंगे।
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