जींद : 'गृह भेषज जल पवन पट पाइ कुजोग सुजोग। होहिं कुबस्तु सुबस्तु जग लखहिं सुलच्छन लोग॥' अर्थात कि एक साधारण सी वस्तु भी अगर अच्छी संगत में रहे तो वह बहुत ही कल्याणकारी सिद्ध हो सकती है और अगर बुरी संगत में रहे तो वही वस्तु बहुत ही हानिकारक हो सकती है, यही नियम मनुष्यों पर भी लागू होता है कि सत्संग से मनुष्य सुधरता है और कुसंग से बिगड़ता है। यह शब्द सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने त्रिपुरा पीठाधीश्वर चक्रवर्ती यज्ञ सम्राट श्री श्री 1008 हरिओम जी महाराज जी के सानिध्य में हुड्डा ग्राउंड जी जींद में चल रहे 108 कुंडीय महायज्ञ की संध्या आरती में शामिल होकर कहे। कैबिनेट मंत्री ने महायज्ञ के कार्यक्रम की भरपूर प्रशंसा की एवं इस महायज्ञ में समाज के हर एक वर्ग की सहभागिता को सामाजिक समरसता का अद्भुत कार्य बताया, उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता के बिना सभी विकास कार्य अधूरे हैं, सरकारें चाहे कितने विकास कार्य करवा दें परंतु लोगों का आपसी भाईचारा जबतक नहीं होगा तब तक सभी विकास निर्रथक साबित होते हैं।
इससे पहले आज महायज्ञ के मुख्य यजमान कर्ण प्रताप सिंह के साथ ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के सफाई सेवकों ने आज के दिन के यज्ञ यजमान बनकर सर्वसमाज के कल्याण की कामना करते हुए आहुतियाँ डालीं। यज्ञ सम्राट श्री श्री 1008 हरिओम जी महाराज जी ने आज के यज्ञ में सफाई सेवकों की आहुति को महत्वपूर्ण व अनूठा कार्य बताते हुए सभी मनुष्यों को अपने तन की मैल के साथ-साथ मन की मैल हटाने के लिए कहा जो केवल और केवल धर्म के रास्ते से ही संभव है।
महायज्ञ के आज के कार्यक्रम में हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा भी विशेष रूप से पहुंचे और उन्होंने 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' के समर्थन में समाज के हर एक वर्ग द्वारा इस महायज्ञ में आहुतियाँ डाले जाने को एक अद्भुत कार्य बताया। कृष्ण मिड्ढा ने महायज्ञ में सफाई सेवकों को एक दिन के यजमान बनाये जाने पर भी खुशी जाहिर की व कहा कि इस महायज्ञ से केवल हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश में अंतोदय का संदेश जाएगा और सामाजिक समरसता को बल मिलेगा।
आज महायज्ञ में यजमान बनने पर सफाई सेवक भी प्रसंन्न दिखाई दिए और उन्होंने महाराज जी एवं महायज्ञ के मुख्य यजमान कर्ण प्रताप सिंह का आभार जताया, महिला सफाई सेवकों ने कहा कि इतने बड़े स्तर के आयोजन में यजमान बनकर वह गर्वित महसूस कर रहे हैं। महायज्ञ के मुख्य यजमान कर्ण प्रताप सिंह ने सफाई सेवकों के साथ बैठकर विधिवत् रुप से यज्ञ संचालन किया और सभी सफाई सेवकों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए उनका धन्यवाद भी किया।
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