Breaking

Monday, February 23, 2026

नायब सैनी सरकार की 'रोजगार क्रांति' महज जुमलों तक सीमित, युवा टूटते सपनों के साथ कतारों में : रणदीप सुरजेवाला

नायब सैनी सरकार की 'रोजगार क्रांति' महज जुमलों तक सीमित, युवा टूटते सपनों के साथ कतारों में : रणदीप सुरजेवाला 

कहा : हरियाणा में बेरोजगारी का भयावह चेहरा: 8 चपरासी पदों पर 10,000 युवाओं की भीड़

किसान भवन पर राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने सुनी जन समस्याएं 
कैथल : हरियाणा में बेरोजगारी की मार अब चरम पर पहुंच गई है। जिला एवं सत्र न्यायालय, पानीपत में चपरासी (क्लास-IV) के मात्र 8 अस्थायी पदों के लिए करीब 10,000 युवाओं ने आवेदन किया या इंटरव्यू के लिए लंबी कतारें लगाईं। इनमें एमबीए, बी.एड., सीईटी पास, स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्रीधारक युवा शामिल हैं, जबकि पद के लिए न्यूनतम योग्यता केवल 8वीं पास है। मासिक वेतन महज ₹16,900 होने के बावजूद यह भीड़ सरकार की नीतियों पर गहरा सवाल खड़ा करती है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इस घटना को "कड़वी सच्चाई" बताते हुए नायब सैनी सरकार पर तीखा हमला बोला। 

किसान भवन पर जनता की समस्याएं सुनते हुए रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा भाषणों में उद्योग, निवेश और स्टार्टअप्स की बातें की जाती हैं, लेकिन स्थायी रोजगार नहीं, भविष्य की सुरक्षा नहीं, पारदर्शिता नहीं—सिर्फ जुमले, प्रचार और अखबारों में इश्तिहार।

सुरजेवाला ने कहा कि जब डिग्रियां दीवार पर टंगी रहती हैं और भर्ती कैलेंडर फाइलों में अटका रहता है, तो युवा क्या करें? यह सिर्फ 8 पद नहीं, बल्कि शासन की असलियत है। यह सिर्फ भीड़ नहीं, बल्कि टूटते सपनों का जनसैलाब है। युवा बर्बाद हो रहे हैं और नायब सैनी सरकार बेनकाब हो चुकी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने हरियाणा के युवाओं को निराशा के सिवा कुछ नहीं दिया। राज्य में लाखों युवा बेरोजगार हैं, भर्तियां लटकी हुई हैं, और कम योग्यता वाले पदों पर भी उच्च शिक्षित युवा मजबूरी में आवेदन कर रहे हैं।

सुरजेवाला ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि यह घटना हरियाणा की बेरोजगारी की गंभीर स्थिति को उजागर करती है, जहां पहले भी इसी तरह के पदों पर हजारों उच्च शिक्षित आवेदन कर चुके हैं। क्या सरकार अब भी इसे नजरअंदाज करेगी? स्थायी रोजगार सृजन पर ठोस कदम उठाए जाएं। युवाओं के सपनों को जुमलों से नहीं, वास्तविक नौकरियों से जोड़ा जाए।
Randeep Singh Surjewala  #kaithal

No comments:

Post a Comment