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Tuesday, June 30, 2026

राजस्थान-हरियाणा के बीच जल विवाद सुलझाना ऐतिहासिक फैसला: रामराजी शर्मा

राजस्थान-हरियाणा के बीच जल विवाद सुलझाना ऐतिहासिक फैसला: रामराजी शर्मा
जींद : भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रामराजी शर्मा ने राजस्थान और हरियाणा के बीच 32 साल पुराना यमुना जल विवाद सुलझना एक ऐतिहासिक फैसला है। जारी बयान में रामराजी शर्मा ने कहा कि विगत दिवस नई दिल्ली में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। शर्मा ने कहा कि पीएम मोदी के 'टीम इंडिया' के विजन और जल संसाधनों के न्यायपूर्ण प्रबंधन के नेतृत्व के कारण ही यह दशकों पुराना गतिरोध खत्म हो सका है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि राजस्थान की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। यह केवल एक जल परियोजना नहीं, बल्कि प्रदेश के किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और भविष्य की जल आवश्यकताओं के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा जो काम 1994 से लटकाया हुआ था, उसे भाजपा की डबल इंजन सरकार ने धरातल पर उतारा है। शर्मा ने कहा कि हरियाणा और राजस्थान के बीच आपसी समन्वय से यह ऐतिहासिक समझौता साकार हुआ है। मानसून के दौरान (जुलाई से अक्टूबर तक) जो अतिरिक्त (सरप्लस) पानी बहकर बेकार चला जाता था, अब उसका उपयोग राजस्थान में पेयजल और सिंचाई संकट को दूर करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1994 के करार के तहत राजस्थान के हिस्से का पानी कनाल (नहर) के बजाय पाइपलाइन से भेजा जाएगा, क्योंकि खुली नहरों से पानी का भारी नुकसान होता था। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लगातार जनहित में इस प्रकार की योजनाओं को अमलीजामा पहना रहे हैं, ताकि वर्षों से जल संकट से जूझ रहे लोगों को राहत प्रदान की जा सके। 

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