जुलाना में युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण शिविर का आयोजन
एआई सीखेगा युवा, विकसित भारत के निर्माण में निभाएगा अहम भूमिका: कैप्टन योगेश बैरागी
जींद: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने के कृत्रिम बुद्धिमत्ता को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवाओं को नई तकनीक से जोड़ने के आह्वान, हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जी की प्रेरणा एवं कैप्टन योगेश बैरागी, चेयरमैन, राज्य समाज कल्याण बोर्ड, हरियाणा की पहल पर जुलाना में युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। गौरतलब है कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री जी ने लाल किले के प्राचीर से एक करोड़ युवाओं को एआई का प्रशिक्षण देने की घोषणा की थी उसी संदर्भ में जुलाना में युवाओं के एआई प्रशिक्षण का ट्रेनिंग कैंप आयोजित किया गया।
यह प्रशिक्षण शिविर महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन, जींद द्वारा कोरडाओ वीआईपी अनुसंधान पत्रिका, वेब 3.0 एवं विकेंद्रीकृत प्रणालियां, नीदरलैंड्स के सहयोग से आयोजित किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं आधुनिक डिजिटल तकनीकों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और रोजगार के बदलते स्वरूप के लिए तैयार करना रहा। कार्यक्रम में लैबरफेड के उपाध्यक्ष श्री देवेंद्र पांचाल, जिला रोजगार अधिकारी डॉ. अंजू नरवाल, संस्था अध्यक्ष राजकुमार भोला, मनदीप गुप्ता,राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान जुलाना की प्राचार्या श्रीमती राजेश कुंडु,सार्थक सिंगला सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रशिक्षण शिविर में युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की उपयोगिता, वर्तमान समय में इसके बढ़ते महत्व तथा शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में इससे उत्पन्न हो रहे नए अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता विशेषज्ञ श्री मनदीप गुप्ता ने युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मूल अवधारणाओं, इसके व्यावहारिक उपयोग तथा भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि आने वाला समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों का है। ऐसे में युवाओं को समय की मांग के अनुरूप तकनीकी एवं डिजिटल कौशल हासिल करके स्वयं को भविष्य के लिए तैयार करना होगा।
कार्यक्रम के आयोजक एवं राज्य समाज कल्याण बोर्ड, हरियाणा के चेयरमैन कैप्टन योगेश बैरागी ने कहा कि आज पूरी दुनिया तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें सही दिशा, सही अवसर और आधुनिक तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराने की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। युवा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी आधुनिक तकनीकों को सीखकर न केवल रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी भी बन सकते हैं। कैप्टन योगेश बैरागी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता से डरने की नहीं, इसे सीखने और सकारात्मक दिशा में उपयोग करने की आवश्यकता है। आने वाले समय में वही युवा आगे बढ़ेंगे, जो तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि जुलाना और जींद क्षेत्र का युवा तकनीक का केवल उपयोगकर्ता न बने, बल्कि तकनीक को समझने वाला, उसका रचनात्मक उपयोग करने वाला और भविष्य में नई संभावनाओं का निर्माण करने वाला युवा बने। उन्होंने आगे कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का सही और सकारात्मक उपयोग युवाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें स्वरोजगार, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर प्रदान कर सकता है। संस्था भविष्य में भी युवाओं को आधुनिक तकनीकी एवं डिजिटल कौशल से जोड़ने के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित करती रहेगी।
महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन के अध्यक्ष राजकुमार भोला ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज केवल एक आधुनिक तकनीक नहीं रह गई है, बल्कि यह शिक्षा, रोजगार, नवाचार, व्यवसाय और सामाजिक विकास को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण शक्ति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल युवाओं को कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक का सामान्य ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें भविष्य के कौशल से जोड़ना और रोजगार के बदलते स्वरूप के अनुरूप तैयार करना है। इसी उद्देश्य के तहत युवाओं के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया है। राजकुमार भोला ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प में तकनीकी रूप से सक्षम युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आज आवश्यकता है कि ग्रामीण एवं छोटे शहरों के युवाओं को भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी अत्याधुनिक तकनीकों तक समान अवसर और पहुंच मिले ।
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