Thursday, September 18, 2025
राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन
प्रसिद्ध टीवी अभिनेत्री कांची सिंह कल जीन्द में ब्यूटी टैलेंट अवॉर्ड शो की होगी सेलिब्रिटी गेस्ट,गोयल फर्नीचर होंगे वीआईपी गेस्ट
फर्जी दस्तावेजों पर लोन लेकर हडपा, तीन पर मामला दर्ज
नशामुक्त युवा, भयमुक्त समाज का संकल्प : एसपी
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर “महाराजा अग्रसेन रेलवे स्टेशन” किए जाने पर हरियाणा के अग्रवाल समाज ने जताया आभार
Wednesday, September 17, 2025
राजकीय महिला महाविद्यालय, जींद में “क्यू-जीआईएस हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला
नागरिक अस्पताल के डिप्टी एमएस ने डिप्टी स्पीकर को दिया निमंत्रण
Monday, September 15, 2025
भाजपा द्वारा जीएसटी में छूट दिए जाने की तारिफ हर वर्ग कर रहा : नेहा धवन
हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान देने वाले शिक्षकों को मिला प्रशस्ति पत्र : राजेश वशिष्ठ
जुलाना क्षेत्र में फल एवं सब्जी की खेती नहीं होने के कारण सब्जी मंडी हुई फ्लॉप
युवती को ब्लैकमेल कर किया यौन शोषण, मामला दर्ज
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के जन्मदिन पर जींद में रक्तदान शिविर आज
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शहर में भगवान वाल्मीकि भवन एवं छात्रावास निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग
Saturday, September 13, 2025
प्रदेश में स्वास्थ्य ढाँचे को किया जाएगा मजबूत : आरती सिंह राव
सेवा पखवाड़ा और “नमो युवा रन” के आयोजन से हरियाणा को नशामुक्त करने का है संकल्प-राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम
सूखे से समृद्धि की ओर दक्षिणी हरियाणा किसानों के लिए सरकार बना रही सार्वजनिक व व्यक्तिगत तालाब
सूखे से समृद्धि की ओर दक्षिणी हरियाणा
किसानों के लिए सरकार बना रही सार्वजनिक व व्यक्तिगत तालाब
जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और पर्यावरण संतुलन की मिसाल बने खेत-जलघरचंडीगढ़--दक्षिणी हरियाणा जो कभी जल संकट से जूझ रहा था, वहां का किसान आज आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर एक नई क्रांति की मिसाल पेश कर रहा है। प्रदेश सरकार की खेत-जलघर योजना तथा सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं ने महेंद्रगढ़ जिला के अनेक किसानों की जिंदगी बदल दी है। इस जिला के गांव बुडीन व दुलोठ के आसपास के किसानों ने बताया कि अब उन्हें बारिश पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
गांव दुलोठ के किसान हितेश यादव ने बताया कि सरकारी सब्सिडी से सार्वजनिक तथा व्यक्तिगत तालाब बनाने के बाद अब किसान सिर्फ परंपरागत तरीकों पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि वे ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी तकनीकें अपनाकर कम पानी में भी अधिक पैदावार ले रहे हैं।यह बदलाव केवल किसानों की आय तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने जल संरक्षण, ऊर्जा बचत और पर्यावरण संतुलन जैसे बड़े लक्ष्यों को भी साधा है। खेत-जलघर से किसान सोलर पंपिंग सिस्टम के जरिए अपने खेतों को सींच रहे हैं। सभी किसानों के लिए सिंचाई का समय निर्धारित किया हुआ है। बारी-बारी से किसान अपनी खेती को सींच रहे हैं।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत माइक्रो इरिगेशन कमांड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (मिकाडा) की पहल ने किसानों को एक नई राह दिखाई है। इन तालाबों से किसानों के खेतों तक पाइप लाइनों के जरिए सिंचाई की जा रही है।
जूनियर इंजीनियर उत्तम सिंह ने बताया कि पहले किसान पानी की कमी के कारण एक फसल भी मुश्किल से ले पाते थे। जलघर योजना के बाद अब ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम से 40-60 प्रतिशत तक पानी की बचत हो रही है। इससे ना केवल सिंचाई का खर्च कम हुआ है बल्कि उपज भी बढ़ी है।
खेत जलघर एक टिकाऊ कृषि प्रणाली : सोनित राठी
मिकाडा के एक्सईएन सोनित राठी ने बताया कि हरियाणा सरकार की खेत जलघर योजना सिर्फ किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य नहीं रखती, बल्कि एक टिकाऊ कृषि प्रणाली का निर्माण कर रही हैं। इस तरह की सही नीतियों और आधुनिक तकनीकों के सहारे, सूखे और जल संकट जैसी चुनौतियों को भी अवसर में बदला जा सकता है।
सरकार इस तरह दे रही सब्सिडी
* किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली पर 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिल रही है।
* खेत तालाब योजना के तहत सामुदायिक तालाब बनाने के लिए 80 प्रतिशत तक और व्यक्तिगत तालाब के लिए 70 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है।
* सोलर पंप के मामले में 3 एचपी से 10 एचपी तक के पंपों पर 75 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिल रही है। इससे किसान बिजली और डीजल पर अपनी निर्भरता कम कर रहे हैं।
इग्नू ने 15 सितंबर तक फिर बढ़ाई दाखिलों की तिथि
इग्नू ने 15 सितंबर तक फिर बढ़ाई दाखिलों की तिथिचंडीगढ़ -- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने जुलाई 2025 सत्र के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन और ओडीएल माध्यम से दाखिले की अंतिम तिथि को 31 अगस्त से बढ़ाकर अब 15 सितंबर 2025 कर दिया है। यह निर्णय उन छात्रों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है जिन्हें मेरिट या अन्य कारणों के चलते पूर्व में दाखिला नहीं मिल सका था।इग्नू के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इग्नू द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों के माध्यम से छात्र उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और परंपरागत शिक्षा को सरल एवं सुलभ तरीके से प्राप्त कर सकते हैं। इग्नू केवल डिग्री आधारित कोर्सेस ही नहीं, बल्कि कौशल विकास और रोजगार उन्मुख पाठ्यक्रमों की भी पेशकश कर रही है जो विशेष रूप से स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किए गए हैं। ये कोर्स ओडीएल और ऑनलाइन दोनों मोड में उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि इग्नू के अध्ययन केंद्र ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कार्यरत हैं। इग्नू की ओपन एवं डिस्टेंस लर्निंग प्रणाली के अंतर्गत विद्यार्थी अपने घर के आस-पास रहकर ही पढ़ाई पूरी कर सकते हैं और परीक्षाएं भी नजदीकी परीक्षा केंद्रों पर दे सकते हैं। इग्नू लगभग 350 से अधिक कार्यक्रम संचालित करता है, जिनमें डिप्लोमा, यूजी, पीजी एवं पीजी डिप्लोमा कार्यक्रम शामिल हैं। इग्नू देशभर में गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं लचीली शिक्षा प्रदान करता है, जिससे कार्यरत पेशेवर, गृहिणियां, ग्रामीण छात्र, वरिष्ठ नागरिक एवं शिक्षा से वंचित कोई भी व्यक्ति अपनी पढ़ाई को पुन: आरंभ कर सकता है।