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Tuesday, September 22, 2020

183 दिन बाद खुले स्कूल, अभिभावकों के संग पहुंचे बच्चे

183 दिन बाद खुले स्कूल, अभिभावकों के संग पहुंचे बच्चे

क्लास न लगाकर अध्यापकों ने एक-एक बच्चों से मुलाकात कर उनकी प्राब्लम दूर की

रेवाड़ी, 21 सितम्बर ( पंकज कुमार ): कोरोना संक्रमण को लेकर करीब 6 माह से बंद स्कूलों को प्रदेश सरकार की गाइडलाइन के अनुसार सोमवार से कक्षा 9वीं से 12वीं कक्षा तक बच्चों के लिए खोले गए। 183 दिनों के बाद खुले स्कूलों में मात्र कुछ छात्र ही अपने अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे। अध्यापकों ने कक्षाएं न लगाकर एक-एक बच्चे से मुलाकात की और उनकी परेशानियों दूर किया। जिसके बाद बच्चे अपने घरों को लौट गए। वहीं स्कूलों में फीस जमा करने को लेकर भी अभिभावक पहुंचे।

गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा मार्च माह से ही सभी स्कूलों को बंद कर दिया था। जैसे-जैसे लॉकडाउन बढ़ता गया, स्कूलों को बंद रखने का फैसला भी बढ़ता गया। देश व प्रदेश अनलॉक होने के साथ-साथ जरूरत की प्रतिष्ठान खुलने लगे। इस दौरान प्रदेश सरकार ने बड़ी कक्षाओं को लेकर स्कूल खोलने का निर्णय लिया। लेकिन अभी बच्चों को केवल परामर्श, सुझाव व पढ़ाई को लेकर आ रही कठिनाइयों को लेकर चर्चा की जा रही है। सोमवार को जिला में 278 के आसपास स्कूलों में बच्चे पहुंचे। दूर-दराज से आने वाले बच्चों के लिए स्कूल की ओर से बसें भी भेजी गई। स्कूल खोलने को लेकर स्कूल मैनेजमेंट व एसोसिएशन द्वारा दो दिन पूर्व ही तैयारी शुरू कर दी थी। शनिवार व रविवार को सभी स्कूलों के अध्यापकों व स्टाफ का कोरोना टेस्ट भी किए गए और जिनकी रिपोर्ट नैगेटिव आई, केवल उन्हीं स्कूलों को खोलने की अनुमति दी गई।

स्कूल में प्रवेश से पूर्व विद्यार्थियों व अभिभावकों का तापमान नामा गया और सेनिटाइजर से हाथ धोकर ही स्कूल में प्रवेश करने दिया गया। स्कूल खुलने के पहले दिन बहुत ही कम मात्रा में विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। सोशल डिस्टेंसिंग व मास्क का विशेष ध्यान रखा गया। बच्चों के साथ स्कूल पहुंचे अभिभावकों ने दाखिला व फीस प्रक्रिया में भाग लिया।

हरियाणा प्राइवेट प्राइवेट स्कूल के जिला अध्यक्ष रामपाल यादव ने कहा कि करीब 276 स्कूलों में बच्चे पहुंचे। सोशल डिस्टेंसिंग के आधार पर अध्यापक एक-एक बच्चों से मिलकर उनकी परेशानियों को दूर किया गया। अभिभावकों की सहमति से ही बच्चों को बुलाया गया। दूर-दराज के बच्चों के लिए स्कूल बस का भी प्रबंध किया गया। सभी स्कूलों में कोरोना के पुख्ता इंतजाम किये गए थे।

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