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Friday, October 9, 2020

नगर परिषद में गड़बड़झाला:बिलों पर हुए हस्ताक्षरों में हुई गड़बड़ी, पार्षद कर्मबीर को सरकारी लाभ लेने और राममेहर को कब्जे का पाया दोषी

नगर परिषद में गड़बड़झाला:बिलों पर हुए हस्ताक्षरों में हुई गड़बड़ी, पार्षद कर्मबीर को सरकारी लाभ लेने और राममेहर को कब्जे का पाया दोषी

जींद : ( संजय तिरँगाधारी ) विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा द्वारा नगर निकाय मंत्री अनिल विज को नगर परिषद जींद में अनियमितताओं की लगभग 400 से अधिक पेजों की शिकायत के मामले में शुरुआती जांच पूरी हो गई है। इस मामले में जिला नगर आयुक्त ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी करके निदेशालय को नियमित जांच की सिफारिश की है। जिला नगर आयुक्त कार्यालय द्वारा 12 बिंदुओं पर हुई शुरुआती जांच की रिपोर्ट निदेशक को भेजी गई है।
शहरी स्थानीय निकाय के निदेशक ने 17 सितंबर 2020 को अपने यादी पत्र क्रमांक-सीटीपी-11/डीयूएलबी/2020/3336 भेजकर विधायक जींद द्वारा दी गई शिकायत की रिपोर्ट मांगी थी, जिसे डीएमसी कार्यालय ने 21 सितंबर को निदेशालय को भेजा है। विधायक द्वारा दी गई शिकायत में शहर में बनाई गई 600 से ज्यादा गली निर्माण में गबन के आरोप लगाए गए थे, जिसमें रिपोर्ट में सामने आया है कि गली निर्माण के गबन में मूल रिकाॅर्ड के साथ मिलान किया गया।
इन विकास कार्यों के निर्माण के बाद बिलों के हस्ताक्षर में अनियमितताएं मिली हैं। इसमें ईओ, सचिव, प्रधान, लेखा अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं। इसके अलावा स्कीम नंबर-5 व 6 और गोहाना रोड से बाल भवन रोड निर्माण में क्वालिटी व लेवल सही नहीं मिला है, जिसकी गहनता से जांच कराए जाने की सिफारिश की गई है।
अमरुत योजना पर विधायक के आरोप खारिज
जींद के विधायक द्वारा शहर में चल रही अमरुत योजना पर कई बार सवाल उठाए हैं। इसमें करोड़ों रुपए के गबन के आरोप लगाए थे। इस मामले में जो शुरुआती जांच की गई है, उसमें किसी प्रकार की अनियमितताएं नहीं मिली है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नगर परिषद जींद में अमरुत योजना के तहत चल रहे सीवरेज निकासी की अनियमितताएं नहीं मिली। अमरुत योजना में रेस्टोरेशन का काम धीमा है।
शिकायत में लगाए गए आरोप और कार्रवाई
स्वच्छ भारत मिशन में सफाई का ठेका: फर्म द्वारा जो अनुभव प्रमाण पत्र व वर्क ऑर्डर लगाए थे, वह फर्जी निकले इस पर ईओ ने एल-1 (बालाजी मैन पावर सर्विस फरीदाबाद) की ईएमडी 5 लाख रुपए जब्त कर ली और 16 सितंबर 2019 से 30 दिसंबर 2019 तक किए गए कार्यों की अदायगी नहीं की गई। साथ ही फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया।
पीएमकेवाई के तहत पार्षद को लाभ देने के बारे में : पार्षद कर्मबीर के विरुद्ध प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गलत तरीके से राशि जारी करने के बारे में शिकायत मिली थी, जिस पर प्रार्थी को दो किस्त एक-एक लाख रुपए की गई है।
जन्म प्रमाण पत्र फर्जी जारी करना : जन्म पत्री के रजिस्टर का निरीक्षण किया गया, जिसमें 28 दिसंबर 2009 व 19 सितंबर 2012, 28 जुलाई 2010, 15 जनवरी 2001 व अन्य कई जगह जन्म-मृत्यु रजिस्टरों में कटिंग की गई है। यह आरोप सिद्ध होता है।
निदेशालय की गाइडलाइन को दरकिनार कर 18 फीट से चौड़ी गली/सड़क को ब्लाॅक से बनाना : निदेशक शहरी स्थानीय निकाय हरियाणा द्वारा 18 फीट से चौड़ी गलियों का निर्माण ब्लाॅक लगाकर नियमों के विरुद्ध काम किए गए। इसमें स्कीम नंबर 5 व 6 की स्पेशल रिपेयर में चौड़ी गली का निर्माण ब्लाॅक द्वारा किया गया है, जो सीएम अनाउसमेंट से संबंधित है। विकास कार्य में हिदायत अनुसार काम नहीं किया गया, जो नियमों के विरुद्ध है।
4 करोड़ से ऊपर की राशि पास काॅलोनी स्कीम नंबर-5 व 6 में स्पेशल रिपेयर के नाम से गबन : यहां जो काम किया गया है, उसमें क्वालिटी व लेवल का इश्यू सामने आया है। इसकी गहनता से जांच करवाए जाने की सिफारिश की गई है। गोहाना रोड से बाल भवन रोड में भी क्वालिटी व लेवल का इश्यू है।
पार्कों के निर्माण में अनियमितताएं : नगर परिषद जींद के अटल पार्क, जींद जंक्शन पार्क, ज्योतिबा फुले पार्क, जयंती देवी आदि पार्कों के निर्माण में क्वालिटी व लेवल का ईश्यू है, जिसकी गहनता से जांच करवाई जाए।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे : ईओ नगर परिषद के यादी क्रमांक-2216/एमसीजे 18 सितंबर 2020 के द्वारा रिपोर्ट में सामने आया है कि वार्ड 30 से पार्षद राममेहर द्वारा जमीन पर अतिक्रमण किया हुआ है।
इधर, पार्षदों ने प्रशासन पर लगाया दबाव में काम करने का आरोप, पार्षदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की
पूर्व चेयरपर्सन एवं पार्षद विनोद आसरी, जिले सिंह जागलान व प्रवीण बैनीवाल ने कहा कि प्रशासन दबाव में काम कर रहा है। इसलिए अब तक अवैध कब्जा करने वाले और पीएमकेवाई का लाभ लेने वाले पार्षदों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। वह मांग करते हैं कि दोनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सदस्यता रद्द की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जे मामले में नरवाना नगर परिषद में एक पार्षद की सदस्यता रद्द हो चुकी है और उस समय जींद के डीसी डॉ. आदित्य दहिया थे। अब ऐसा ही मामला जींद में है और डीसी भी वही हैं। उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए। पार्षद कर्मबीर द्वारा भी संवैधानिक पद पर होते हुए सरकारी योजना का लाभ लिया है, जो गलत है। उस पर भी कार्रवाई की जाए। वह इस मामले में विधायक, डीसी, डीएमसी तक मिल चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। यह सब दबाव के कारण प्रशासन नहीं कर रहा। लोगों को एक-एक साल तक पीएमकेवाई का लाभ नहीं मिल रहा और पार्षद को अब तक 2 लाख रुपए की राशि दे दी गई है। इस मौके पर रणधीर राणा, रिंकू नागर, संदीप कटवाल, हरपाल, मुकेश के अलावा पार्षद प्रतिनिधि श्यामलाल, जितेंद्र कुंडू, हरीश अरोड़ा, संजीव मेहरा, संजय गोयल मौजूद रहे।
शिकायत की प्रारंभिक जांच पूरी
विधायक द्वारा की गई शिकायत की प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है और इसमें मुख्यालय द्वारा नियमित जांच करवाई जानी है। गलियों के निर्माण मामले में मूल रिकाॅर्ड के साथ मिलान किया गया था, जिसमें संबंधित अधिकारी, प्रधान आदि के हस्ताक्षर नहीं मिले थे। डॉ. सुशील कुमार, जिला नगर आयुक्त, जींद।

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