/>

Breaking

Saturday, February 20, 2021

शहीद परिवार के साथ पुलिस द्वारा मारपीट का मामला, वीरांगना ने सरकार को चेताया, कार्रवाई नही हुई तो...

शहीद परिवार के साथ पुलिस द्वारा मारपीट का मामला, वीरांगना ने सरकार को चेताया, कार्रवाई नही हुई तो...


रेवाड़ी : ( पंकज कुमार ): शहीद संदीप की पत्नी मंजू ने आखिर वह निर्णय ले ही लिया कि वह सेना द्वारा दिए गए सम्मान के मेडल 1 सप्ताह बाद कार्रवाई न करने की सूरत में डीसी को लौटा देगी। पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण धरना देने के दौरान की गई बर्बरता को लेकर परिवार अभी भी सदमे में है परिवार सवाल कर रहा है कि आखिर उन्होंने ऐसा क्या गुनाह किया था कि न केवल उनके साथ मारपीट की गई बल्कि उनके साथ जमकर गाली गलोच भी कि गई। अब शहीद की पत्नी ने सरकार को 1 सप्ताह का समय दिया है कि नहीं ना चौकी प्रभारी के खिलाफ कार्यवाही करें अन्यथा वह सेना द्वारा मिले सम्मान को डीसी को लौटा देंगी। यह बड़ी विडंबना है कि एक शहीद की पत्नी को पुलिस के खिलाफ कार्रवाई करवाने के लिए मैडम तक लौटाने की बात कहनी पडे। शहीद परिवार के साथ डहीना चौकी प्रभारी द्वारा बदसलूकी व मारपीट का वीडियो वायरल हुये 24 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन पुलिस कप्तान ने ऐसे अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करना भी मुनासिब नहीं समझा।
शहीद परिवार ने बताया कि डहीना पंचायत भूमि पर शहीद संदीप व एक अन्य शहीद का स्मारक बना हुआ है। शहीद स्मारक के सामने ही अब बस शेल्टर बनाया जा रहा था। उनका विरोध मात्र इतना था कि शहीद की प्रतिमा के सामने बस शेल्टर ना बनाया जाए इसके लिए वे बाकायदा अधिकारियों से मिल व लिख भी रहे थे। लेकिन कुछ प्रभावशाली लोगों ने बस शेल्टर प्रतिमा के सामने ही लगाने के लिये अपनी मूछों का सवाल बना लिया था। यही कारण था कि प्रशासन ने तुरंत ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर बस शेल्टर लगाने के लिए भेज दिए। जब उन्हें इस बात की सूचना मिली तो शहीद की पत्नी मंजू वह परिवार के अन्य सदस्य शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठ गए। लेकिन कुछ देर बाद ही पुलिस ने अपना असली चेहरा दिखाना शुरू कर दिया न केवल उनके परिवार के साथ मारपीट की बल्कि शहीद की वीरांगना के साथ भी बदसलूकी की।
अब शहीद की वीरांगना मंजू देवी का कहना है कि अगर सरकार 1 सप्ताह के अंदर अंदर डहिना पुलिस चौकी प्रभारी  के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है तो वह सेना द्वारा दिए गए सम्मान को वापस लौटा देगी। मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पूर्व सैनिकों व विपक्ष के नेताओं ने भी सरकार को आड़े हाथों लेना शुरु कर दिया है। जब भी संबंध में कारवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त राजकुमार से मारपीट करने के आदेश देने के संबंध में पूछा तो उन्होंने ऐसे  किसी आदेश से मना किया साथ ही उन्होंने पुलिस का भी बचाव किया उन्होंने कहा कि परिवार ने ही पुलिस के साथ मारपीट की थी लेकिन कार्रवाई के दौरान सरकार द्वारा की जा रही वीडियोग्राफी में ऐसा कुछ भी नजर नहीं आ रहा। हां वहां खड़े लोगों ने शहीद परिवार के साथ की जा रही मारपीट व बदसलूकी का वीडियो जरूर बनाया जो वायरल हो रहा है।

No comments:

Post a Comment