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Sunday, May 16, 2021

सरकारी बिल्डिंगों को अस्थाई हस्पतालों में तबदिल किया जाए- राजकुमार गोयल

सरकारी बिल्डिंगों को अस्थाई हस्पतालों में तबदिल  किया जाए- राजकुमार गोयल

-जींद विकास संगठन ने की डीसी से मांग
जीन्द : (संजय तिरँगाधारी ) सरकारी हस्पतालों में जगह नहीं और प्राईवेट हस्पतालों में एक एक सप्ताह का बिल एक एक लाख रूपये। आखिर मरीज जाए कहां। प्राईवेट हस्पताल न जाए तो मरीज मर रहा है। हस्पताल जाए तो मोटे खर्चो के बोझ तले परिजन मर रहे हैं। जीन्द विकास संगठन ने इस मुददे को गम्भीरता से लेते हुए डीसी से मांग की है कि जीन्द की सरकारी बिल्डिंगों को अस्थाई हस्पतालों में तबदील  किया जाए ताकि लोग प्राईवेट हस्पतालों के लाखों रूपये के बिल से बच सके और अपने परिजनों का इलाज करवा सकें।
जीन्द विकास संगठन के अध्यक्ष राजकुमार गोयल का कहना है कि कोरोना के मरीज लगातार बढते जा रहे है लेकिन सरकारी हस्पताल में बेडों की संख्या सीमित है। सरकारी हस्पतालों में कोई जगह नहीं मिल रही। प्राईवेट में जाए तो लाखों रूपये के बिल बन रहे है। ऐेसे मे लोग परेशान हो कर रह गए हैं। बडे शर्म की बात है कि लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ रही है लेकिन सरकार और प्रशासन मरीजो को दाखिल करने के नाम पर कुछ नही कर रहे। गोयल का कहना है कि जीन्द में मरीजों की संख्या हजारों में पहुंच चुकी है लेकिन प्रशासन के पास बेडो की संख्या सैकडों में भी नहीं है।
गोयल ने जीन्द के डीसी से मांग की है कि जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर है और हस्पतालों का लाखों रूपये का बिल नहीं भर सकते ऐसे जरूरतमंद लोगों के लिए अस्थाई हस्पताल खोले जाने बहुत जरूरी है इसलिए डीसी से मांग की जीन्द के सरकारी कालेजों, सरकारी स्कूलों या सरकारी बिल्डिंगों को जल्द से जल्द कोरोना के इलाज के लिए अस्थाई हस्पतालों में तदबील किया जाए। गोयल का यह भी कहना है कि अगर प्रशासन और सरकार कोरोना के मरीजों को निशुल्क इलाज भी उपलब्ध नहीं करवा सकते तो कोरोना को लेकर किए गए सारे दावे खोखले हैं।

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