/>

Breaking

Friday, May 7, 2021

आईटी कंपनियां कर्मचारियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित, वर्क फ्रॉम होम दिया जा रहा है महत्व

आईटी कंपनियां कर्मचारियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित, वर्क फ्रॉम होम दिया जा रहा है महत्व


गुरुग्राम : कोरोना महामारी की दूसरी लहर से हर वर्ग व कारोबार प्रभावित होता दिखाई देना शुरू हो गया है। हालांकि सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए अभी आंशिक लॉकडाउन की घोषणा की है। यदि हालात सामान्य नहीं रहते तो सरकार को लॉकडाउन की अवधि बढ़ानी पड़ सकती है। गुरुग्राम विश्व में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के क्षेत्र में अपना विशेष स्थान रखता है। बड़ी संख्या में गुरुग्राम में आईटी कंपनियां कार्यरत हैं। इन कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को कोरोना के प्रकोप से बचाने के लिए गत वर्ष से ही कोरोना काल में वर्क फ्रॉम होम करने की अनुमति दे दी थी। यह सिलसिला पूरे वर्ष चलता रहा और कोरोना की दूसरी लहर में भी जारी है।

ये आईटी कंपनियां अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंतित होती नजर आ रही हैं। उन्होंने कर्मचारियों को कोरोना से बचाव को लेकर जारी सभी दिशा- निर्देशों का पालन करने का आग्रह भी किया। कंपनी संचालकों का कहना है कि कर्मचारी उनका मस्तिष्क हैं। इसलिए वे अपना पूरा ध्यान रखें। उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा। जानकारों का कहना है कि प्रबंधनों का इस प्रकार का निर्णय सराहनीय है। कोरोना काल में जहां कई आईटी कंपनियां बंद हो गई, वहीं अन्य कंपनियों के सामने भी विभन्नि प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। वे अपना अस्तत्वि बरकरार रखने के लिए संघर्षरत हैं। इन कंपनियों में कार्य कर रहे कर्मचारी भी कोरोना की भेंट चढ़े हैं। अब ये कंपनी संचालक जहां अपने कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देने के पक्ष में हैं, वहीं वे स्वस्थ रहें इस सबको लेकर भी चिंतित दिखाई दे रहे हैं और उन्होंने कर्मचारियों से यह आग्रह भी किया है कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उन्हें अवश्य बताएं, जिनका समाधान कराया जाएगा। कंपनी संचालकों के इस आग्रह से वर्क फ्रॉम होम करने वाले कर्मचारियों में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है और वे उत्साहित भी दिखाई दे रहे हैं। जानकारों का यह भी कहना है कि कुछ ऐसी कंपनियां भी हैं, जिन्होंने कोरोना काल में अपने कर्मचारियों को काम से निकाल दिया था। इन कर्मचारियों को भारी समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। कंपनी संचालकों को इस विषय में गंभीरता से सोचना चाहिए।

No comments:

Post a Comment