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Friday, June 4, 2021

सरकार माने या ना माने लेकिन 2024 में किसानों को नहीं करना पड़ेगा आंदोलन-राकेश टिकैत

-सरकार माने या ना माने लेकिन 2024 में किसानों को नहीं करना पड़ेगा आंदोलन-राकेश टिकैत

-भाजपा वालों की आत्मा व जमीर दोनों मर चुके हैं-गुरनाम सिंह चढूनी

संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के समझाने पर उझाना गांव के किसान ने समाप्त किया अपना तप



जींद /नरवाना ( संजय कुमार ) भारतीय जनता पार्टी को जो हाल पश्चिम बंगाल में हुआ वहीं हाल उत्तर प्रदेश भी होगा। क्योंकि जब चुनाव होगा तो किसान प्रत्यासियों के पास जाएगें। जो प्रत्यासी सरकार के पक्ष में रहेगा वो किसान व मजदूरों से जाएगा और किसानों के पक्ष में होगा किसान आंदोलन की ताकत उसके साथ होगी। इसलिए जिस भी पार्टी के घोषणा पत्र में तीनों नए कृषि कानूनों को सही ठहराया जाएगा, किसान उसका सुपड़ा साफ करने का काम करेगें। यह चेतावनी संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने उझाना गांव में आयोजित सम्मान समारोह के  दौरान दी। उन्होंने कहा कि जो नेता हमसे डरे हुए हैं। हमें उनके पिछे नहीं भागना है। लेकिन जब वे अपनी राजनीति चमकाने का काम करें तो उसका विरोध भी जरूरी है। टिकैत ने कहा कि यूपी के पंचायतों के चुनाव में जो हाल भाजपा वालों का हुआ है। उससे भी बुरा हाल विधानसभा चुनाव में होगा। इसके लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने रणनीति तैयार कर ली है। उन्होंने कहा कि रहीं आंदोलन की सफलता की बात तो किसान सफल होने तक आंदोलन करेगें और हमें विश्वास है कि 2024 के बाद किसान आंदोलन नहीं करेगें, क्योंकि तब तक तीनों नए कृषि कानून रद्द होगें और एमएसपी पर गांरटी कानून बनकर तैयार हो जाएगा। गौरतलब है कि उझाना गांव में पिछले 6 दिनों से आग के दूनों के बीच बैठकर तप रहा था। जिसे मनाने संयुक्त किसान मार्चा के सदस्य उझाना गांव में पहुंचे थे और किसान नेताओं ने तपस्वी किसान को मना भी लिया। इसके बाद रामभज के हौंसले की मिशाल दी और उन्हे पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इससे पहले तपस्वी किसान को कंधों पर बैठाकर तप स्थल से मंच तक लाया गया। किसान रामभज ने कहा कि हम किसान शांति से आंदोलन चला रहे हैं लेकिन सरकार हमें कदम कदम पर तंग करती है। जिससे तंग आकर उसने तप शुरू किया था। लेकिन किसान आंदोलन के चलते संयुक्त किसान मोर्चा के आदेश का पालन करना मेरे के लिए सर्वोपरी है। इस मौके पर उझाना खाप के पदाधिकारियों सहित आसपास गांवों के लोग उपस्थित रहे। किसान नेता सत्यवान नैन, आजाद पालवां, सिक्किम, राजेश अम्बरसर सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। उझाना गांव के लोगों द्वारा समारोह में पहुंचे सभी नेताओं को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।

-हरियाणा निभा रहा छोटे भाई की भूमिका- दलेवल

आंदोलन में हरियाणा निभा रहा है छोटे भाई की जिम्मेदारी:-किसान नेता जगजीत दलेवाल ने कहा कि किसान आंदोलन जब पंजाब से शुरू हुआ तो हरियाणा के रास्ते दिल्ली की तरफ बढा तो पंजाब व दिल्ली के बीच बसे हरियाणा के किसान मजदूरों ने पंजाब के छोटे भाई जिम्मेदारी निभाते हुए पंजाब के साथ दिल्ली कूच किया और रास्ते में आने वाली हर बाधा को हटाने का काम किया। दलेवाल ने कहा कि हरियाणा के लोग गुस्से में जल्दी आते हैं। इसिलिए नेता जानबूझ हरियाणा के किसानों इलाकों में आकर किसानों को उकसाते हैं। लेकिन हमें धैर्य नहीं खोना है क्योंकि हमारी गुस्से का फायदा सरकार उठा सकती है। इसलिए जिस तरह 6 महिने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चला आगे भी इसी प्रकार चलाते रहें।

-भाजपा का जमीर व आत्मा मर चुकी है- गुरनाम सिंह चढूनी 

 किसान आंदोलन के चलते हमारे 100-100 साल के बुजुर्गों पर सरकार द्वारा लाठियां बरसाकर उन्हे लहुलुहान किया जा रहा है। जिससे साफ हो जाता है कि भाजपा की आत्मा व जमीर दोनों मर चुके हैं। लेकिन हमारे बुजुर्गों का इतना हौंसला है कि वे सरकार को अपने लठ से जवाब दे सकती है। लेकिन आंदोलन के अनुशासन के लिए किसान सरकार की लाठियां खाने के लिए भी तैयार है और सरकार को भी ये पता चल चुका है कि किसान लाठी से डरने वाला नहीं है। इसे किसी दूसरी चाल से तोड़ा जाए। चूढनी ने कहा कि सरकार के हर हथकंडे को हमें समझना पड़ेगा और उसका तोड़ निकालकर उसे तहस नहस करना पडेगा, तभी इस आंदोलन में हमारी जीत होगी।
-बदोवाल टोल प्लाजा पर भी पहुंचे राकेश टिकैत:-बदोवाल टोल प्लाजा पर पहुंचे राकेश टिकैत ने कहा कि हमें चुनाव के दौरान अपनी पावर दिखानी होगी। क्योंकि अब यूपी, पंजाब, उतराखंड क ई प्रदेशों में चुनाव होने वाले है। सरकार चुनाव की तैयारी करेगी दूसरी तरफ हम सरकार को सबक सिखाने की तैयारी करेगें। उन्होंने कहा कि पूरे देश के किसानों के हितों की रक्षा करने की जिम्मेवारी हरियाणा, पंजाब व यूपी की है। इसलिए हमें हर मोर्चे पर सरकार को नाकाम साबित करना है। और मौजूदा व भविष्य में आने वाली सरकार को ये बताना है कि जो किसानों का नहीं वो कहीं का भी नहीं। टोल पर पहुंचने पर धरना कमेटी द्वारा उन्हे सम्मानित किया गया और ये आश्वासन दिया गया कि दिल्ली संयुक्त किसान मोर्चा जो भी आदेश जारी करेगा हम किसान आधी रात को ही उसे पूरा करेगें।

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