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Saturday, April 17, 2021

April 17, 2021

गेहूं सीजन पर मौसम की आफत:प्रदेश का आधा गेहूं मंडियों में पड़ा, 7 जिलों में बारिश से भीगा, खरीद- 41.35 लाख टन उठान- सिर्फ 25 लाख टन

गेहूं सीजन पर मौसम की आफत:प्रदेश का आधा गेहूं मंडियों में पड़ा, 7 जिलों में बारिश से भीगा, खरीद- 41.35 लाख टन उठान- सिर्फ 25 लाख टन

चंडीगढ़ : प्रदेश की अनाज मंडियों में गेहूं की आवक 50 लाख टन को पार कर गई है। इसमें से सरकार ने 41.35 लाख टन गेहूं की खरीद की है, लेकिन उठान महज 25 लाख टन का हुआ है। इसके चलते शुक्रवार को बारिश से पानीपत, इसराना, सिरसा, डबवाली, महेंद्रगढ़, हिसार, फतेहाबाद, दादरी, भिवानी समेत कई अनाज मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं भीग गया।
शुक्रवार को विभिन्न मंडियों में करीब 2 लाख टन गेहूं की खरीद की गई। प्रदेश में अब तक 1,60,270 किसानों के 4,33,262 जे फार्म बनाए जा चुके हैं। अनाज मंडियों में अब तक कुल गेहूं खरीद की करीब 60 फीसदी आवक हो चुकी है। *शनिवार व रविवार को प्रदेशभर में गेहूं की खरीद बंद रहेगी।*
गेहूं खरीद के मामले में सीएम मनोहर लाल ने कहा कि 16 अप्रैल तक किसानों को 873.27 करोड़ रुपए की राशि सीधे खातों में भेजी जा चुकी है। गेहूं खरीद का कार्य चल रहा है। बारदाने की कोई कमी नहीं है। अब तक आए करीब 50 लाख टन गेहूं में से 41 लाख टन से अधिक गेहूं की खरीद कर ली गई है। गेहूं के मंडियों से उठान के लिए सभी डीसी को आदेश दिए गए हैं।
किसानों व आढ़तियों की परेशानी बढ़ी }बारिश से कई जिलों में कटाई पर ब्रेक, 2 दिन खरीद भी बंद रहेगी
*भिवानी*: जिले में 9 खरीद केंद्रों पर खुले में पड़ा गेहूं भीग गया। अब तक खरीदी गई 97 हजार टन में से उठान 36 हजार मीट्रिक टन गेहूं का ही हुआ है। 60 हजार से ज्यादा मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में पड़ा है। इसमें से 35 हजार टन गेहूं खुले में ढेरियों में ही पड़ा हुआ है। बारिश से गेहूं की कटाई भी रुक गई है।
*दादरी*: जिले में 4 लाख 37 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। 2.8 लाख क्विंटल गेहूं खरीद केंद्र व मंडियों में खुले आसमान में पड़ा है, जो बारिश से भीग गया।
*हिसार*: बूंदाबांदी के चलते जिले की मंडियाें में खुले में पड़ी गेहूं की ढेरियां और बाेरियां भीग गईं। मंडियों में तिरपाल आदि के पूरे प्रबंध नजर नहीं आए। अब गीला गेहूं बेचने में किसानों को दिक्कत आएगी। गेहूं सुखाने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी।
*इसराना*: अनाज मंडी में लिफ्टिंग की रफ्तार ढीली होने से करीब 4 लाख गेहूं के बैग शुक्रवार शाम को आई बारिश में भीग गए। पानीपत अनाज में पड़ा हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया।
सिरसा: सिरसा, रानियां, ऐलनाबाद, कालांवाली की मंडियों व खरीद केंद्रों पर 29 लाख क्विंटल से ज्यादा गेहूं की आवक हुई है। 7 लाख क्विंटल से ज्यादा गेहूं बिना खरीद के पड़ा है। वहीं, 20 लाख क्विंटल का उठान पेंडिंग है। 17 लाख क्विंटल गेहूं शुक्रवार को 3 से 8 एमएम तक हुई बारिश में भीग गया।
उठान में लापरवाही: खरीद एजेंसियों की लापरवाही से सभी मंडियों में उठान धीमा है, जिससे आढ़तियों व किसानों की समस्या बढ़ी हुई है। जबकि उठान में तेजी लाने के लिए सरकार ने दूसरी बार खरीद रोकी है।
April 17, 2021

कुरुक्षेत्र में भाजपा नेता का विरोध:हरियाणा प्रदेशाध्‍यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसान, पुलिस के साथ की धक्का मुक्की

कुरुक्षेत्र में भाजपा नेता का विरोध:हरियाणा प्रदेशाध्‍यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ के खिलाफ सड़कों पर उतरे किसान, पुलिस के साथ की धक्का मुक्की

कुरुक्षेत्र : हरियाणा में कृषि कानूनों के विरोध में भाजपा नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को कुरुक्षेत्र जिले में प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ का विरोध हुआ। इस दौरान किसानों और पुलिस वालों के बीच धक्का मुक्की भी हुई। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने किसानों को हिरासत में भी लिया।
मिली जानकारी के अनुसार, धनखड़ शुक्रवार को अंबेडकर भवन में शाहाबाद मंडल के कार्यकर्ताओं के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे। लेकिन उनके आने की खबर मिलते ही किसान अंबेडकर भवन के बाहर जुट गए। जैसे ही प्रदेशाध्यक्ष आए, किसानों ने गेट को घेर लिया।
किसानों ने सरकार विरोधी नारेबाजी की। यह देखते हुए धनखड़ को पिछले दरवाजे से अंदर ले जाया गया, जहां वे कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए। इससे पहले धनखड़ ने मीडिया से बातचीत करते हुए किसान आंदोलन पर बातचीत की। वहीं भवन के बाहर जुटे किसान विरोधी नारेबाजी करते रहे।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों के हित में काम कर रही है। कृषि कानून भी किसानों के हित में हैं। लेकिन इनके खिलाफ उन्हें भड़काया जा रहा है। हरियाणा की मंडियों में पुराने सिस्टम से ही गेहूं की खरीद होती रहेगी।
धनखड़ ने कहा कि केंद्र सरकार कई बार किसानों से इस मुद्दे पर बात कर चुकी है, लेकिन वे मानने के तैयार नहीं हैं। उन्हें कांग्रेसियों ने इस तरह भड़का दिया है कि किसान कृषि कानूनों के फायदे देखना ही नहीं चाहते। वैसे केंद्र सरकार की ओर से किसानों के साथ बातचीत के दरवाजे आगे भी खुले हैं।
बता दें कि किसानों के अंबेडकर भवन में पहुंचने की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। ASP रविंद्र तोमर ने किसानों को समझाने का प्रयास भी किया, लेकिन किसान अड़े रहे। उन्होंने मुख्य गेट खाली नहीं किया। इस दौरान पुलिस व किसानों के बीच धक्का मुक्की हो गई।

Tuesday, April 13, 2021

April 13, 2021

किसान आंदोलन पर कोरोना का साया, लाॅकडाउन की आहट से वापस जा रहे किसान

किसान आंदोलन पर कोरोना का साया, लाॅकडाउन की आहट से वापस जा रहे किसान


सोनीपत : केएमपी पर 24 घंटे के जाम के बाद आंदोलनरत किसान कोरोना के बढ़ते प्रकोप और लॉकडाउन की आहट से परेशान हैं। उन्होंने पंजाब जाने का सिलसिला तेज कर दिया है। इस समय बहादुरगढ़ में मौजूद ट्राॅलियों में जहां 8 से 10 लोग होते थे, वहां दो से तीन रह गए हैं। इस तरह से बहादुरगढ़ में एवरेज 25 हजार किसानों की थी, जिनमें से 15 हजार किसान बहादुरगढ़ में मौजूद हैं पर धीरे-धीरे किसानों के वापस जाने व पंजाब से कम किसानों के आने का सिलसिला तेज हो गया है। कोरोना का डर किसानों को नहीं है, लेकिन किसानों को लगता है कि कभी भी लॉकडाउन होने पर पंजाब से आने वाली सभी रेलगाड़ियों का आवागमन बंद हो जाएगा। इससे गर्मियों के मौसम में यहां एक से दो माह तक पंजाब जाने का कोई साधन नहीं होगा। इस डर से किसानों ने वापस घर जाने का सिलसिला शुरू कर दिया है। अब किसान 15-15 दिनाें के रोटेशन पर आ रहे हैं।


रेलवे स्टेशन अधीक्षक यशपाल सिंह का कहना है क्या फर्क पड़ता है किसान वापस अधिक जा रहे हैं या फिर आ रहे हैं, क्योंकि टिकट यह पहले भी नहीं लेते थे, अब भी नहीं ले रहे। पर किसानों का वापस जाने का सिलसिला बढ़ा है। इधर, सोनीपत जिला क्षेत्र में केजीपी, केएमपी व टोल क्षेत्र में सुरक्षा, नुकसान व जाम से बचाव के लिए धारा 144 लागू कर दी है। जिलाधीश श्यामलाल पूनिया ने यह आदेश जारी किए हैं। 

उधर संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि किसान किसी जिद पर नहीं अड़े हैं बल्कि सरकार से बातचीत के लिए हर समय तैयार हैं, बशर्ते कि सरकार बातचीत का न्यौता भेजे। किसान नेताओं ने सरकार की नीयत पर भी सवाल उठाया और कहा कि सरकार की ऐसी नीयत दिख नहीं रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर पर तंज कसा कि उपदेश देने की बजाय समाधान करें तो किसानों की भलाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर किसानों को डराने की जरूरत नहीं है। 

किसान संयुक्त मोर्चा के सदस्य योगेंद्र यादव, डा. दर्शनपाल, राकेश टिकैत और अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि सरकार लोगों की वाहवाही लेने के लिए ऐसी सलाह किसानों को दे रही है। दरअसल सरकार की मंशा अब कोरोना संक्रमण के नाम पर किसानों का धरना तोडऩे की है लेकिन किसान ऐसा कतई नहीं होने देंगे। किसान नेता राकेश टिकैत ने चुटकी लेते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के चुनाव खत्म होते ही भाजपा नेताओं के दिल्ली आगमन के साथ कोरोना भी दिल्ली में आ रहा है इसलिए हर किसी को कोरोना के डर से सरकार डरा रही है। लेकिन केंद्र की सरकार यह भूल रही है कि किसान का कोरोना भी कुछ नहीं बिगाड़ सकता है इसलिए हमारी चिंता करने की बजाय नेताओं को चाहिए कि वे किसान के हित में समाधान सोचें। केवल बातों से किसान की समस्या का हल नहीं होगा।
April 13, 2021

किसान आंदोलन में निहंग ने तलवार से युवक का हाथ काटा, रोहतक पीजीआई रेफर

किसान आंदोलन में निहंग ने तलवार से युवक का हाथ काटा, रोहतक पीजीआई रेफर



सोनीपत : सोनीपत कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए जारी आंदोलन में शामिल निहंग ने कुंडली गांव के युवक पर तलवार से हमला कर हाथ काट दिया। युवक के हाथ पर तलवार से गहरा घाव बन गया। उसके कंधे और पीठ पर भी चोट लगी है। घायल को सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। कुंडली थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। 

कुंडली के धर्मेश कुमार ने पुलिस को  बताया कि उसका भाई शेखर टीडीआई माल में नौकरी करता है। वह सोमवार दोपहर को खाना खाने के लिए बाइक से प्याउ मनियारी के कट से एचएसआईआईडीसी की तरफ जा रहा था। उसके साथ में गांव का ही सन्नी भी था। जब वह धरने वाले कैंप के पास से होकर निकल रहे थे तो वहां पर कुछ निहंग सिखों की पुलिसकर्मियों से बहस चल रही थी। इससे रास्ता बंद था। शेखर एक किनारे से होकर बाइक निकालने का प्रयास करने लगा तो उसका एक निहंग युवक के साथ रास्ते को लेकर विवाद हो गया। निहंग सिख ने रास्ता रोक लिया। विवाद होने पर निहंग सिख ने सन्नी पर तलवार से वार कर दिया। उसके साथी शेखर ने बाजू ऊपर कर वार को रोकने का प्रयास किया। इससे शेखर की बाजू कट गई। निहंग ने दूसरा वार करने के लिए तलवार उठाई तो शेखर ने उसको पकड़ लिया। छीना-झपटी में तलवार से उसके कंधे और पीठ पर चोट लग गई।
शेखर और सन्नी बाइक लेकर वहां से भाग निकले। सन्नी घायल शेखर को लेकर कुंडली के निजी अस्पताल में पहुंचा। सूचना पाकर कुंडली थाना पुलिस भी अस्पताल में पहुंच गई। पुलिस घायल शेखर को लेकर सामान्य अस्पताल पहुंची, जहां से उसको पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। कृषि बिलों के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान लोगों की निहंग सिखों से कई बार झड़प हो चुकी हैं। पुलिस ने आरोपी निहंग को हिरासत में ले लिया है। उसकी पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में हुई है।   शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घायल शेखर की हालत खतरे से बाहर है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना की जानकारी संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल को दे दी है।  
कुंडली थाना प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घायल शेखर की हालत खतरे से बाहर है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना की जानकारी संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल को दे दी है।

Sunday, March 21, 2021

March 21, 2021

खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर बरसोला अपने कुबने के साथ बैठे सांकेतिक भूख हड़ताल पर

खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर बरसोला अपने कुबने के साथ बैठे सांकेतिक भूख हड़ताल पर 

-तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ खटकड़ टोल के पास किसान दे रहे है 85 दिनों से धरना
-अब हर रोज एक गांव से बैठेगे ग्रामीण सांकेतिक भूख हड़ताल पर
जींद : 20 मार्च : ( सजंय तिरंगाधारी ) तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ खटकड़ टोल के पास किसानों का धरना 85वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता वेदप्रकाश अलीपुरा ने की। सर्व जातीय खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर पहलवान बरसोला अपने कुनबे के साथ सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठे। डेढ़ साल के बच्चे से लेकर 80 साल के प्रताप सिंह भी भूख हड़ताल पर रहे। परिवार के 40 सदस्य धरने पर बैठे। धरने पर घासो कलां, घासो खुर्द, सफा खेड़ी, खरकभूरा, पालवां, तारखां, सुदकैन कलां, सुदकैन खुर्द, लोधर, काब्रच्छा, अलीपुरा, गुरूकुल खेड़ा, करसिंधु सहित अन्य गांवों से किसान, युवा, महिलाओं ने हिस्सा लिया। अब हर रोज जब तक धरना चलेगा एक गांव के ग्रामीण सांकेतिक भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
सतबीर बरसोला ने कहा कि उनके कुनबे का बच्चा से लेकर बुजुर्ग तक सांकेतिक भूख हड़ताल पर शनिवार को किसानों के धरने पर बैठा। धरने के माध्यम से संदेश केंद्र, प्रदेश सरकार को दिया गया कि जो हठ सरकार कर रही है उस हठ को छोड़ते हुए तीनों कृषि कानूनों को रद्द करें, एमएसपी पर कानून बनाने का काम करें। सरकार लोगों की भावनाओं के साथ खेलना बंद करें। सरकार की सोच थी कि आंदोलन जितना लंबा चलेगा आंदोलन कमजोर होगा लेकिन आंदोलन जितना लंबा चला उतना लंबा फैला चुका है। आज पूरे देश के अलावा विदेशों तक में किसानों के पक्ष में प्रदर्शन किए जा रहे है। आंदोलन को तोडऩे के लिए हर तरह की कोशिश की गई लेकिन कोई भी कोशिश कामयाब नहीं हुई। कभी छोटा किसान, बड़ा किसान तो कभी एक जाति विशेष का आंदोलन किसान आंदोलन को बनाने की कोशिश हुई लेकिन हर कोशिश फेल साबित हुई।
भाकियू जिलाध्यक्ष आजाद पालवां ने कहा कि किसान व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं कर रहे है बल्कि जेजेपी, भाजपा पार्टी के नेताओं, विधायकों, मंत्रियों का विरोध कर रहे है। सोशल मीडिया पर एक पार्टी विशेष के लोग प्रचार कर रहे है किसान व्यक्ति विशेष का विरोध कर रहे है जो आंदोलन को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है। कभी अपने कार्यकर्ताओं तो कभी महिलाओं को आगे करके इस तरह का प्रचार करवाया जा रहा है। दोनों पार्टियों का विरोध किसान कर रहे है क्योंकि दोनों किसानों के साथ नहीं है। किसी भी तरह के बहकावे में किसान अब नहीं आएंगे। जो नेताओं के पास हाजिरी लगाते है उनको चेतावनी मंच के माध्यम से दी गई है वो किसान धरने पर न आए। नेता, किसान में से एक को चुने। इस मौके पर पूर्व कर्नल डीके भारद्वाज, सूबेदार अमरनाथ, कैप्टन भूपेंद्र जागलान, वेदप्रकाश, सुदेश गोयत, सिक्किम सफा खेड़ी, कविता, कमला, शीला, पनमेश्वरी, प्रियंका, ओमप्रकाश घासो, हरिकेश काब्रच्छा, धर्मबीर सुदकैन, मेवा करसिंधु मौजूद रहे।
 

Saturday, March 6, 2021

March 06, 2021

8 मार्च को संयुक्त किसान मोर्चा महिला किसान दिवस के रूप में मनाएगा

100 वाँ दिन, 2 मार्च 2021 संयुक्त किसान मोर्चा ने आज सिंघू बॉर्डर पर एक आम बैठक आयोजित की।  आगामी दिनों की कार्रवाई के कार्यक्रम के रूप में निम्नलिखित निर्णय लिए गए:

 नई दिल्ली - 6 मार्च 2021 को, दिल्ली बोर्डर्स पर विरोध प्रदर्शन शुरू होने के 100 दिन हो जाएंगे।  उस दिन दिल्ली व दिल्ली बोर्डर्स के विभिन्न विरोध स्थलों को जोड़ने वाले केएमपी एक्सप्रेसवे पर 5 घंटे की नाकाबंदी होगी।  यह सुबह 11 से शाम 4 बजे के बीच जाम किया जाएगा।  यहां टोल प्लाजा को टोल फीस जमा करने से भी मुक्त किया जाएगा।  शेष भारत में, आंदोलन को समर्थन के लिए, और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए, घरों और कार्यालयों पर काले झंडे लहराए जाएंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रदर्शनकारियों को उस दिन काली पट्टी बांधने के लिए भी आह्वान किया है।
- 8 मार्च को संयुक्त किसान मोर्चा महिला किसान दिवस के रूप में मनाएगा।  देश भर के सभी सयुंक्त किसान मोर्चे के धरना स्थल पर 8 मार्च को महिलाओ द्वारा संचालित होंगे। इस दिन महिलाएं ही मंच प्रबंधन करेंगी और वक्ता होंगी।  एसकेएम ने उस दिन महिला संगठनों और अन्य लोगों को आमंत्रित किया कि वे किसान आंदोलन के समर्थन में इस तरह के कार्यक्रम करें और देश में महिला किसानों के योगदान को उजागर करें।

 - केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 15 मार्च 2021 को 'निजीकरण विरोधी दिवस' का समर्थन करते हुए सयुंक्त किसान मोर्चा द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। एसकेएम इस दिन को 'कॉरपोरेट विरोधी' दिवस के रूप में देखते हुए ट्रेड यूनियनों के इस आह्वान का समर्थन करेगा, और एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
- जिन राज्यों में अभी चुनाव होने वाले है, उन राज्यो में SKM भारतीय जनता पार्टी (BJP) की किसान-विरोधी, गरीब-विरोधी नीतियों को दंडित करने के लिए जनता को एक अपील करेगा।  एसकेएम के प्रतिनिधि भी इस उद्देश्य के लिए इन राज्यों का दौरा करेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

- SKM पूरे भारत में एक "MSP दिलाओ अभियान" शुरू करेगा।  अभियान के तहत, विभिन्न बाजारों में किसानों की फसलों की कीमत की वास्तविकता को दिखाया जाएगा, जो मोदी सरकार व एमएसपी के झूठे दावों और वादों को उजागर करेगा।  यह अभियान दक्षिण भारतीय राज्यों कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शुरू किया जाएगा।  पूरे देश में किसानों भी इस अभियान में शामिल किए जाएंगे
- डॉ दर्शन पाल
*सयुंक्त किसान मोर्चा*

Friday, March 5, 2021

March 05, 2021

सिवाहा खून खराबे पर किसानों का जजपा विधायक पर निकाला गुस्सा-खटकड़ टोल प्लाजा पर पुतला फूंककर सरकार को चेताया

सिवाहा खून खराबे पर किसानों का जजपा विधायक पर निकाला गुस्सा


-खटकड़ टोल प्लाजा पर पुतला फूंककर सरकार को चेताया 
                                    -मुख्यमंत्री अपने मंत्री और विधायकों को रोकने का करें काम 
जींद /उचाना : कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन की राह पकड़े हुए अन्नदाताओं ने सत्ता पक्ष के विधायकों के खिलाफ पूरी गंभीरता से मोर्चा संभाल लिया हैं। गांव सिवाहा में जजपा विधायक के एक कार्यक्रम में शामिल होने के कारण उपजे विवाद के चलते खटकड़ टोल प्लाजा पर गुरूवार को अन्नदाताओं ने भारी रोष दिखाया। किसानों ने जुलाना के जजपा विधायक अमरजीत ढांडा का पुतला फूंकते हुए सरकार को चेतावनी दी कि अन्नदाताओं के आंदोलन को औच्छे तरीकों से दबाने और कुचलने की मंशा किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होने देंगे। अखिल भारतीय जाट महासभा के जिला अध्यक्ष विकास सफाखेड़ी और खेड़ाखाप के प्रधान सतबीर पहलवान ने कहा कि अगर जुलाना विधायक गांव सिवाहा में नहीं जाते तो वहां खून-खराबा कतई नहीं होता। कृषि कानूनों के खिलाफ अन्नदाताओं में इस कद्र रोष भरा पड़ा है कि जब मुख्यमंत्री का कार्यक्रम ही नहीं होने दिया तो विधायक कुछ भी। किसान नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल इस बात को समझे कि वोटों से इंसान नहीं बनता, जमीर से इंसान बनता हैं। इसलिए मुख्यमंत्री, हरियाणा के सांसदों, मंत्रियों और विधायकों को साफ निर्देश दें कि किसी गांव में जाने की कुचेष्ठा ना करें। अगर सत्ता पक्ष के मंत्री और विधायक गांव में जाते है तो इससे भाजपा सरकार की मंशा साफ हो जाएगी कि वह जानबूझकर खून-खराबा करा रही हैं।
March 05, 2021

कृषि कानूनों पर समर्थन पत्र:51 गावों के किसानों ने धनखड़ को सौंपा कृषि कानूनों का समर्थन पत्र

कृषि कानूनों पर समर्थन पत्र:51 गावों के किसानों ने धनखड़ को सौंपा कृषि कानूनों का समर्थन पत्र

चंडीगढ़ : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ से गुरुवार को पंचकूला में प्रदेश के 51 गावों के किसान मिलने पहुंचे। ये किसान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को कृषि कानूनों पर समर्थन पत्र देने आए थे। किसानों ने अपने-अपने गांव से सौ-सौ किसानों के लिखित समर्थन की कॉपी प्रदेशाध्यक्ष को सौंपते हुए कृषि कानूनों पर सरकार का आभार जताया। उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष को स्मृति रूप में एक हल और सम्मान स्वरूप पगड़ी पहनाकर अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि किसान इन कानूनों के फायदों को लेकर जागरूक हो रहे हैं।

Thursday, March 4, 2021

March 04, 2021

जेजेपी विधायक को गांव में बुलाने पर दो पक्षों में झगड़ा, फायरिंग में सात लोग घायल

जेजेपी विधायक को गांव में बुलाने पर दो पक्षों में झगड़ा, फायरिंग में सात लोग घायल

जींद : हरियाणा के जींद के सिवाहा गांव में बुधवार को दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। इसमें सरपंच के परिवार के 4 सदस्यों सहित 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का जींद के नागरिक अस्पताल में इलाज चल रहा है। डीएसपी पुष्पा खत्री ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

गांव के सरपंच वेदपाल ने आरोप लगाया कि 27 फरवरी को दादा खेड़ा के भंडारे में जुलाना से जननायक जनता पार्टी (जजपा) के विधायक अमरजीत ढांडा को बुलाया गया था। इस दौरान गांव के युवाओं ने किसान आंदोलन के चलते जजपा विधायक का विरोध किया। कार्यक्रम समापन के बाद कुछ लोगों ने नाराजगी जाहिर की थी।


इस मामले को लेकर गांव में कई दिनों से पंचायतें हो रही थीं। बुधवार को सरपंच के परिवार के अशोक, कुलविंद्र, राहुल और सतीश बाइक पर पिल्लूखेड़ा मंडी स्थित दुकान से गांव आ रहे थे। रास्ते में गांव के सुनील, देवीलाल, धर्मबीर, सचिन, अनूप और रौनक पहले से बैठे मिले।



इन लोगों ने सरपंच के परिवार के लोगों पर पहले गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। इसमें कामयाब नहीं होने पर फायरिंग कर दी। अशोक गोली लगने से घायल हो गया। संघर्ष के दौरान सरपंच पक्ष के चारों सदस्यों समेत दूसरे पक्ष के देवीलाल, सचिन और रौनक भी घायल हो गए। घटना की सूचना पाकर पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया।

इस फायरिंग में दोनों पक्षों के सात लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए जींद के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा पुलिस ने मौके पर पहुंच कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना को लेकर जींद की डीएसपी पुष्पा खत्री ने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर कार्रवाई कर रही है।

Tuesday, March 2, 2021

March 02, 2021

सरस्वती की जलधारा के लिए तीन गांवों के किसानों ने दी जमीन

सरस्वती की जलधारा के लिए तीन गांवों के किसानों ने दी जमीन

चण्डीगढ : - हरियाणा के खेल एवं युवा मामलेे राज्यमंत्री सरदार संदीप सिंह ने कहा कि सरस्वती नदी के प्रवाह को लेकर सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।  इसके लिए यमुनानगर जिले के तीन गांवों के किसानों ने दादूपुर नलवी के तीन किलोमीटर तक की भूमि सरकार को देने का निर्णय लिया है।
इस संबंध में खेल एवं युवा मामले राज्यमंत्री सरदार संदीप सिंह से आज चण्डीगढ स्थित निवास पर यमुनानगर जिले के किसानों का प्रतिनिधिमण्डल मिला। सरदार संदीप सिंह ने कहा कि हरियाणा में सरस्वती नदी की धारा लगातार सालभर बहे और किसानों को इसका पूरा लाभ मिले। मुख्यमंत्री का भी यह विजन है कि सरस्वती नदी का प्रवाह निरंतर चलता रहे। इसके लिए स्यालवा, झाड़ चन्दना व उंचा चंदना सहित 3 गांवों के किसानों ने खुद आगे आकर सरकार को भूमि देने की पहल की है। उन्होंने किसानों को आश्वासन देते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल से बातचीत कर किसानों की जायज मांगों पर चर्चा करेंगे।

*क्षेत्र में जलस्तर बढ़ेगा*

खेल मंत्री ने कहा कि सरस्वती नदी से किसानों की आस्था जुड़ी हुई है। लेकिन दादूपुर नलवी के लगभग 3 किलोमीटर के दायरे में इस नदी का प्रवाह नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों का सरकार को भूमि देने के लिए स्वयं आगे आना सरकार के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि दादूपुर नलवी नहर का पानी सरस्वती नदी से जुड़ेगा तो इस क्षेत्र में जलस्तर स्तर भी बढ़ेगा।
अब जलधारा में कोई बाधा नहीं रहेगी
किसानों के प्रतिनिधि मण्डल ने बताया कि यमुनानगर के इन तीन गांवों की लगभग 60 एकड़ भूमि पर लिंक नहर न बनने के कारण सरस्वती नदी के प्रवाह में बाधा आ रही थी। इसलिए किसानों ने आगे आकर जमीन देने के लिए रुचि दिखाई है तथा दादूपुर नलवी नहर का यह क्षेत्र सरस्वती नदी से जुडऩे से अब सरस्वती नदी की जलधारा में कोई बाधा नहीं रहेगी। किसानों का कहना है कि अपनी आने वाली पीढिय़ों को जल उपलब्ध कराने के लिए वह हर प्रकार का त्याग करने को तैयार हैं। सरस्वती नदी के धरातल पर आने से उनके क्षेत्र के साथ-साथ हरियाणा के अन्य जिलों में भी पानी की समस्या दूर होगी। प्रतिनिधि मण्डल में सुभाष चौहान, रामपाल सिंह, जितेन्द्र सिंह, तेलू भगत, महावीर सिंह, वेदपाल, कवंरपाल, इन्द्रजीत, जोगेन्द्र सिंह, प्रताप सिंह महल आदि शामिल थे।

Monday, March 1, 2021

March 01, 2021

पूर्व मंत्री कविता जैन का दादरी में विरोध, किसानों ने दिखाए काले झंडे

पूर्व मंत्री कविता जैन का दादरी में विरोध, किसानों ने दिखाए काले झंडे

चरखी दादरी : जैन मंदिर में एक समारोह में शिरकत करने पहुंची भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री कविता जैन को किसानों के गुस्से का सामना करना पड़ा। किसानों ने तीनों कृषि बिलों के विरोध में कविता जैन को काले झंडे दिखाए। पुलिस ने किसी तरह किसानों की भीड़ को समारोह स्थल से दूर किया। रविवार को भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री कविता जैन दादरी में एक समारोह में शिरकत करने पहुंची थी। किसानों को कविता जैन के आगमन की खबर लगी तो समारोह स्थल के समीप एकत्रित हो गए। कविता जैन की गाड़ी समारोह स्थल के समीप पहुंची तो किसानों ने काले झंडे दिखाने शुरू कर दिए और उनकी गाड़ी को रोकने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मोर्चा संभाला तथा बड़ी मुश्किल से जैन को वहां से निकाला। किसान नेता राजू मान ने कहा कि किसान 3 महीनों से कृषि बिलों के विरोध में सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं। मगर भाजपा नेता आज भी राजनीति चमकाने के लिए कार्यक्रम में शिरकत करने हैं। इनको किसानों के हितों से सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा या जजपा नेता दादरी में प्रवेश करेगा उसका विरोध किया जाएगा। बता दें कि फोगाट व सांगवान खाप ने कृषि बिलों के विरोध में भाजपा व जजपा नेताओं का बहिष्कार कर प्रवेश पर पाबंदी लगा रखी है। कुछ गांव के बाहर तो पोस्टर लगा रखे हैं।
March 01, 2021

कोर कमेटी का फैसला:मोर्चे की बैठक अब 2 को, आज पंजाब की यूनियन करेंगी मीटिंग, तीसरे चरण के कार्यक्रमों की सहमति अटकी

कोर कमेटी का फैसला:मोर्चे की बैठक अब 2 को, आज पंजाब की यूनियन करेंगी मीटिंग, तीसरे चरण के कार्यक्रमों की सहमति अटकी

बहादुरगढ़ : तीनों कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे किसानों ने शनिवार को गुरु रविदास जयंती और शहीद चंद्रशेखर आजाद के शहीदी दिवस पर मजदूर किसान एकता दिवस मनाया। इस दौरान नगर कीर्तन भी निकाला गया। वहीं, सोनीपत-गोहाना रोड पर किसान मजदूर संघर्ष समिति ने 35 किलोमीटर लंबी ट्रैक्टर-ट्राॅली शृंखला बनाई, लेकिन मोर्चे की तरफ से बॉर्डर कूच के आह्वान का असर दिखाई नहीं दिया।
शुक्रवार को कुंडली बॉर्डर पर संयुक्त मोर्चा की कोर कमेटी के 7 सदस्यों ने बैठक की। इसमें आंदोलन के तीसरे चरण को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद 28 फरवरी को होने वाली मोर्चे की बैठक को स्थगित कर दिया गया, जो 2 मार्च को होगी। रविवार को अब पंजाब की यूनियनों की बैठक होगी।
सूत्रों के अनुसार मोर्चा तीसरे चरण के कार्यक्रमों पर आम सहमति नहीं बना पा रहा है। मोर्चे के सामने सबसे बड़ा चैलेंज अपने नेताओं को बॉर्डर पर मीटिंग में बुलाना है। किसान नेता अब भी अपने कार्यक्रमों में व्यस्त हैं, जिसके चलते मोर्चे की बड़ी बैठक नहीं हो रही है और आगे के कार्यक्रमों पर फैसला नहीं हो पा रहा है। सूत्रों का कहना है कि मोर्चा वार्ता व समाधान को लेकर भी कुछ प्लान कर रहा है। इसकी चर्चा कोर कमेटी की बैठक में हुई। अगर रविवार को पंजाब की यूनियनें कार्यक्रमों व इस प्लान पर मुहर लगाती हैं तो 2 मार्च को मोर्चे की बड़ी बैठक करके सभी की इन पर सहमति ली जाएगी।
14 और किसानों को मिली जमानत, अब तक 78 आ चुके बाहर, मोर्चे ने मदद के नाम पर पैसा न देने की अपील की
*दिल्ली सीपी को ई-मेल से भेजा जवाब* : दिल्ली पुलिस की तरफ से अलग-अलग संगठनों के लोगों को 26 जनवरी हिंसा के मामले में नोटिस भेजे हुए हैं। इनके जवाब को लेकर भी कोर कमेटी की बैठक में चर्चा हुई। इसके बाद मोर्चे की तरफ से इन सभी नोटिस का एक संयुक्त जवाब ईमेल के माध्यम से दिल्ली सीपी को भेजा गया है, जिसमें मोर्चे ने कहा है कि नोटिस में जो आरोप लगाए गए हैं वे गलत हैं, हमने कोई नियम नहीं तोड़ा।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक में जो नियम तय हुए थे, हमने उनकी पालना की। हम तय रूट पर चले और व्यवस्था के लिए वालिंटियर भी लगाए थे। कुछ अन्य संगठन अलग रूट पर गए और हमें जैसे ही पता चला तो हमने परेड को वहीं रोक दिया। मोर्चे ने अपने जवाब में पुलिस के नोटिस को पूरी तरह गलत बताया है।

Sunday, February 28, 2021

February 28, 2021

आज होगी संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक, बड़े फैसले लेने पर रहेगा जोर

आज होगी संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक, बड़े फैसले लेने पर रहेगा जोर

नई दिल्ली : किसान आंदोलन की अगली रणनीति आज संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में तय होगी। इसमें बड़े फैसले लिए जाने का जोर दिया जा रहा है, जिससे केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जा सके। इस बीच बॉर्डर पर शनिवार को आंदोलनकारी किसानों ने शहीद चंद्रशेखर आजाद का बलिदान दिवस व संत गुरु रविदास की जयंती मनाई। जींद में पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश ने कहा कि किसान आंदोलन सही दिशा में जा रहा है। सरकार को किसानों की मांगें माननी होंगी।
इधर, पंजाब में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के आह्वान पर पांच मार्च को हजारों किसान दिल्ली धरने के लिए रवाना होंगे। सूबे के जलालाबाद में संयुक्त किसान मोर्चा ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं अबोहर में भाजपा नेताओं के गांव में घुसने पर प्रतिबंध लगाने का ग्रामीणों ने फैसला किया है। ग्रामीणों का कहना है कि भाजपा नेता उनके गांव में वोट मांगने न आए। कोई भाजपा नेता गांव में वोट मांगने आता है तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
किसानों के समर्थन में सोनीपत में बड़वासनी से गोहाना तक ट्रैक्टर मार्च निकाला गया। किसानों ने सोनीपत-गोहाना नेशनल हाईवे पर धरना दिया। झज्जर के आसपास के गांवों से किसान ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार होकर ढांसा व टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन को समर्थन देने के लिए पहुंचे। वहीं पंजाब से दो रेलगाड़ियों से सैकड़ों किसान टीकरी बॉर्डर पहुंचे।
शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा है कि कृषि कानूनों के माध्यम से सरकार ने किसानों को मंडी के साथ-साथ अन्य जगह अपनी फसल बेचने के विकल्प दिए हैं। कृषि कानून किसानों के लिए विकल्प हैं, बाध्यता नहीं हैं।

शिक्षामंत्री शनिवार को भाजपा कार्यालय में राज्यसभा सांसद जनरल डीपी वत्स व विधायक विनोद भयाना के साथ पार्टी पदाधिकारियों व प्रबुद्घजनों के साथ कृषि कानूनों को लेकर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मौका परस्त ताकतें अपने हित साध रही हैं। एक बड़ा भ्रम पैदा किया जा रहा है कि कांट्रैक्ट फार्मिंग जैसे प्रावधानों से किसानों की जमीन छीन ली जाएगी।

Saturday, February 27, 2021

February 27, 2021

युवाओं ने पीएम, राष्ट्रपति के नाम खून से चिठ्ठी लिख कहा तीनों कृषि कानून रद्द करें

युवाओं ने पीएम, राष्ट्रपति के नाम खून से चिठ्ठी लिख कहा तीनों कृषि कानून रद्द करें

-खटकड़ टोल पर किसानों ने मनाया युवा दिवस, युवाओं ने किया मंच संचालन

जींद :( संजय तिरँगाधारी )
खटकड़ टोल पर शुक्रवार को धरनारत किसानों ने युवा दिवस मनाया। युवाओं ने तीन कृषि कानून रद्द करने की मांग को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति को खून से चि_ी लिखी। युवा दिवस होने के चलते किसान धरने की अध्यक्षता से लेकर मंच संचालन तक युवाओं ने किया। आंदोलन शुरू होने से लेकर अब तक युवाओं की भूमिका किसान आंदोलन में अहम होने के चलते संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर युवा दिवस शुक्रवार को मनाया गया। खटकड़ टोल पर भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की रैली में व्यवस्था को बनाने के लिए कार्य करने वाले युवाओं, महिलाओं को सम्मानित किया गया। मंच संचालन संयुक्त रूप से अनीष खटकड़, महिला भाकियू जिलाध्यक्ष सिक्किम सफा खेड़ी ने किया। अध्यक्षता भारता खटकड़, कुलवीर जुलानी, जयभगवान खटकड़ ने संयुक्त रूप से की।  

*खून निकाल कर लिखी चिट्ठी*

खटकड़ टोल पर पहुंचे युवाओं ने पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति को खून से पत्र लिखा। यहां पर पहले युवाओं को खून इंजेक्शन के माध्यम से निकाला गया। पत्र पर पीएम नरेंद्र मोदी के नाम युवाओं द्वारा दिए गए खून के बाद पत्र लिखा गया। भाकियू युवा जिलाध्यक्ष दीपक गिल, युवा हलकाध्यक्ष अनूप करसिंधु, अनीष खटकड़ ने कहा कि आज खेती घाटे का सौदा बन रही है। किसान फसलों के एमएसपी पर कानून बनाने की मांग कर रहे है तो तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे है।
ये कानून किसानों के लिए केंद्र सरकार लेकर आई है लेकिन जब किसानों को ये कानून नहीं चाहिए तो क्यों लागू किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नाम युवाओं ने खून से चिट्ठी लिख कर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग की है। युवा निरंतर अपने बड़ों के आदेशों पर अब तक आंदोलन को चला रहे है। युवाओं को जैसे बड़े आदेश करेंगे वैसे युवा आंदोलन चलाएंगे। सरकार को चाहिए कि वो अपनी जिद्द को छोड़े। किसी की मांग को मानने से किसी तरह की अपमान नहीं होता बल्कि किसानों की मांग केंद्र सरकार मानती है तो यह किसानों का सम्मान के साथ-साथ केंद्र सरकार का भी किसान हितैषी होने का प्रमाण होगा।  

*अपनी खड़ी फसल की जुताई न करें किसान : सिक्किम*

सिक्किम सफा खेड़ी ने कहा कि किसानों को चाहिए कि वो खेतों में अपनी खड़ी  फसल की जुताई ट्रैक्टर से न करें। आज किसान भावुक होकर इस तरह के फैसले न ले। किसानों को चाहिए कि वो आंदोलन में अधिक से अधिक लोगों को जोड़े। यह आंदोलन जन आंदोलन बन चुका है जिससे हर कोई आज जुड़ रहा है। किसान की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है क्योंकि खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। केंद्र सरकार इंसानियत नहीं हो किसानियत के नाते तीनों कृषि कानूनों को रद्द करें।
February 27, 2021

किसान आंदोलन में टिकैत के बयानों से संयुक्त मोर्चा ने किया किनारा, सामने आई खींचतान

किसान आंदोलन में टिकैत के बयानों से संयुक्त मोर्चा ने किया किनारा, सामने आई खींचतान



नई दिल्ली :  कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान नेता राकेश टिकैत  तगड़ा झटका दिया है। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान नेता राकेश टिकैत के बयान, जिसमें 40 लाख ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली कूच करने की बात कही गई थी। उसे उनकी निजी राय बताते उससे पल्ला झाड़ लिया है। मोर्चा के सदस्य जगजीत सिंह दल्लेवाला ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा का फिलहाल दिल्ली कूच का कोई कार्यक्रम नहीं है और न ही इसकी कोई तैयारी की जा रही है। मोर्चा की आगामी बैठक में यह तय होगा कि अगले 15 दिनों के क्या कार्यक्रम रहेंगे।
फिलहाल मोर्चा के 27 फरवरी तक के कार्यक्रम तय हैं और 28 फरवरी को होने वाली बैठक में अगली रणनीति तय की जाएगी। इससे पहले उनके फसलों को तबाह करने के बयान का भी विरोध हो चुका है और किसान संगठन फसलों को तबाह नहीं करने की अपील कर रहे हैं। राकेश टिकैत द्वारा फसलों को आग लगाने के बयान के बाद से अब तक दर्जनभर किसान अपनी फसलों को तबाह कर चुके हैं, जिससे संयुक्त किसान मोर्चा की चिंता बढ़ गई है। किसान नेताओं का मानना है कि राकेश टिकैत के हर बयान पर पूरी दुनिया की नजर रहती है  इसलिए उनको ऐसे बयान देने से बचना चाहिए और उन्होंने इसे उनका निजी बयान बताया। 
इसको लेकर बृहस्पतिवार को कुंडली धरने पर मौजूद अखिल भारतीय स्वामीनाथन कमेटी संघर्ष समिति के प्रमुख विकल्प आचार्य ने कहा कि फसलों में आग लगाना, उन्हें तबाह करना या आत्महत्या करना आंदोलन का कोई तरीका नहीं है। फसलें हमारे बच्चों की तरह है। कोई भी व्यक्ति ऐसा न करें। फसलें तबाह करना किसी का निजी बयान हो सकता है, यह संयुक्त मोर्चा का फैसला नहीं है। इसके अलावा मोर्चा के सदस्य जगजीत सिंह दल्लेवाला ने साफ किया कि संयुक्त किसान मोर्चा का फिलहाल दिल्ली कूच का कोई कार्यक्रम नहीं है और न ही इसकी कोई तैयारी की जा रही है। मोर्चा की आगामी बैठक में यह तय होगा कि अगले 15 दिनों के क्या कार्यक्रम रहेंगे।

जगजीत सिंह दल्लेवाला ने यह भी स्पष्ट किया कि फसल बर्बाद करने का कोई कार्यक्रम मोर्चा की ओर से नहीं सुझाया गया है। मोर्चा तो किसानों को यही सलाह दे रहा है कि किसी भी सूरत में अपनी फसल बर्बाद न करें। वहीं, गुरनाम चढ़ूनी ने भी कहा कि किसान अपनी फसलों को बच्चे की तरह पालते हैं, ऐसे में उन्हें बर्बाद किया जाना सरासर गलत है। मोर्चे के नेताओं ने राकेश टिकैत को इस तरह के बयान नहीं देने की नसीहत तक दी है। उनका मानना है कि इतने बड़े किसान नेता कोई बयान देते हैं तो उस पर अमल भी होना चाहिए। इस तरह से केवल बयान देने से गलत संदेश जाता है और उनके बयान को इस समय काफी अहम माना जाता है। 
किसान नेताओं की अपील का असर किसानों पर नहीं हो रहा है। वे अपनी फसलों को तबाह कर रहे हैं। आज सिलाना गांव में तीन किसानों ने अपने खेत मे खड़ी गेहूं की फसल को नष्ट किया। किसान मंजीत ने फसल पर ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया तो किसान संजय व बलजीत ने गेहूं की फसल को दरांती से काट दिया। इससे पहले सेहरी गांव निवासी बलवान नंबरदार ने भी अपनी दो एकड़ खड़ी फसल में ट्रैक्टर चला दिया था।
February 27, 2021

किसान आंदोलन के बीच बड़ी खबर:गेहूं, सरसों और सूरजमुखी समेत 6 फसलों को MSP पर खरीदेगी

किसान आंदोलन के बीच बड़ी खबर:गेहूं, सरसों और सूरजमुखी समेत 6 फसलों को MSP पर खरीदेगी हरियाणा सरकार, जौ पहली बार शामिल


पंचकूला : हरियाणा के डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला ने ऐलान किया है कि आगामी सीजन में छह फसलों को सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदेगी और 48 घंटे के भीतर किसानों के खातों में रकम आ जाएगी। इन फसलों में गेहूं, सरसों, दलहन और सूरजमुखी के साथ-साथ चना और जौ की फसल को भी शामिल किया गया है। दुष्यंत चौटाला ने बताया कि हरियाणा के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा, जब जौ की फसल को भी MSP पर खरीदा जाएगा।
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि राज्य सरकार फसल खरीद सीजन को लेकर पूरी तरह तैयार है। हरियाणा में आगामी सीजन में छह फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की जाएगी। इन फसलों में गेहूं, सरसों, दलहन और सूरजमुखी के साथ-साथ चना और जौ की फसल को भी शामिल किया गया है। इतिहास में पहली बार होगा जब जौ की फसल को MSP पर खरीदा जाएगा।
उन्होंने कहा कि मंडियों में किसानों की फसल खरीद के लिए बेहतर व्यवस्था की जाएगी और इस बार 48 घंटे में किसानों के खातों में फसल की राशि डाली जाएगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत हर किसान की फसल का एक-एक दाने को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद करने का काम किया जाएगा, इसलिए किसानों से अपील है कि वे अपनी फसल का 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूर करवाएं, ताकि उनकी फसल एक-एक दाना खरीदा जा सके। उन्होंने कहा कि फसल भुगतान के लिए इस बार किसानों को आई फॉर्म कटने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जैसे ही आढ़ती किसानों का J-फॉर्म काटेगा, उसके 48 घंटे में किसानों की फसल के भुगतान की राशि की अदायगी कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि पिछले सीजन में सरकार ने सदृढ व्यवस्थाओं के बीच एक-एक किसान की धान की फसल की खरीद करने का काम किया और खरीदी गई फसल का समय पर भुगतान किया गया। डिप्टी CM ने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों को समृद्ध बनाने की दिशा में पहले भी काम किया है और आगे भी किसान हितैषी कार्य जारी रहेंगे।

*सबके हित में होगा प्रदेश का आगामी बजट*

बजट को लेकर बोलते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 36 बिरादरी के हित तथा युवाओं से लेकर बुजुर्गों के मान-सम्मान को ध्यान में रख कर बजट पेश होगा। इसके साथ-साथ बजट में प्रदेश के इंफ्रास्टक्चर को सुदृढ बनाने के लिए काम किया जाएगा। सरकार द्वारा विभागीय बैठकें कर सुझाव लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधारभूत ढांचे को मजबूत करने वाला मॉडल बजट पेश होगा, जिसमें सभी वर्गों को लाभ मिलेगा।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिस प्रकार प्रदेश सरकार द्वारा आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए पिछली बार भी एक मॉडल बजट पेश किया गया था, जिसके परिणाम स्वरूप ही कोरोना महामारी के बावजूद प्रदेश का टैक्स कलैक्शन भी सरप्लस रहा। इसके अलावा कोरोना महामारी के दौरान आमजन को सरलता से सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई और आम आदमी पर किसी प्रकार का कोई बोझ भी नहीं पड़ने दिया।
February 27, 2021

तीन कृषि कानूनों को लेकर बाबा रामदेव ने दी ये सलाह, बोले- गतिरोध खत्म करना जरुरी

तीन कृषि कानूनों को लेकर बाबा रामदेव ने दी ये सलाह, बोले- गतिरोध खत्म करना जरुरी



पानीपत : कृषि कानूनों को लेकर किसानों का संघर्ष जारी है और इसी बीच योग गुरु बाबा रामदेव की भी कृषि कानूनों को लेकर प्रतिक्रिया सामने आई। बाबा रामदेव ने कहा कि तीन साल के लिए कृषि कानूनों को स्थगित कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों और सरकार को बैठकर किसानों व देश के हित की नीतियों को लेकर चर्चा कर कानून बनाना चाहिए।

बाबा रामदेव ने आगे कहा कि वो सरकार के प्रवक्ता नहीं है और ना ही वे खुद कॉन्ट्रैक्ट खेती करना चाहते। लेकिन सुधार की जरूरत हर क्षेत्र में है । दरअसल, बाबा रामदेव समालखा में एक कारोबारी के शादी समारोह में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कृषि कानूनों को लेकर सलाह दी और कहा कि किसान और सरकार के बीच चल रहे गतिरोध को खत्म करने की जरूरत है।

बाबा रामदेव ने कहा कि सरकार डेढ़ साल के लिए इन कानूनों को लागू ना करने की बात कह चुकी है ऐसे में अगर किसानों को ये समय कम लगता है तो इसे तीन साल तक बढ़ा देना चाहिए और बातचीत के जरिए ऐसा कानून बनाना चाहिए जो देश के हितों के लिए है।


इस दौरान बाबा रामदेव ने कृषि कानूनों को काला कानून बताने वाले लोगों को लेकर कहा कि कानून नहीं काला-सफेद तो आदमी की नीयत पर निर्भर करता है।

 
February 27, 2021

नवविवाहित जोड़े का किसानों को खास समर्थन, शादी में मिला शगुन किसान आंदोलन को किया भेंट

नवविवाहित जोड़े का किसानों को खास समर्थन, शादी में मिला शगुन किसान आंदोलन को किया भेंट


बहादुरगढ़ : कृषि कानूनों को लेकर एक ओर जहां किसान सड़कों पर है तो वहीं लोग भी किसानों का अपने-अपने तरीके से समर्थन कर रहे हैं। ऐसी एक तस्वीर टीकरी बॉर्डर से भी सामने आई जहां शुक्रवार को पंजाब से मानसा से नवदंपती पहुंचे और अपनी शादी में मिला शगुन किसान आंदोलन को भेंट किया।

दरअसल, किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं और किसानों को किसी तरह की तकलीफ ना हो इसको लेकर लोग हर संभव मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं कोई नगदी देकर किसानों का सहयोग कर रहा है तो कोई खाने की चीजें देकर । वहीं लोग विदेशों से भी किसानों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं।

पंजाब के मानसा से टीकरी बॉर्डर पहुंचे नवदंपती ने भी अपनी शादी में मिला शगुन किसान आंदोलन को भेंट किया। इस खास समर्थन को करने के लिए बलजीत सिंह और मानवीर कौर आगे आए। इस दौरान नवविवाहिता मनवीर कौर ने कहा कि अपनी शगुन राशि को किसानों के लिए भेंट करके वह सुखी जीवन का आशीर्वाद ले रही है । आंदोलन की सफलता से किसानों का भला होगा, और किसानों के भले से ही हम सबका भला होगा मनवीर कौर के पति बलजीत सिंह ने कहा कि खेती की सफलता में ही हमारी खुशी है।

 
 

 

Friday, February 26, 2021

February 26, 2021

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को आंदोलनरत किसानों ने दिखाए काले झंडे

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को आंदोलनरत किसानों ने दिखाए काले झंडे


सिरसा : केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन जारी है। इसी कड़ी में किसानों द्वारा शुक्रवार को भूमणशाह चौक पर किसानों ने डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला का पुतला फूंका। इसके साथ-साथ पुलिस लाइन में डिप्टी सीएम के हेलीकॉप्टर में चढ़ते वक्त काले झंडे लहराए। वहीं शिक्षा मंत्री के कार्यक्रम को भी किसानों के विरोध के चलते रद्द कर दिया गया। डिप्टी सीएम के आगमन को लेकर किसानों के विरोध को देखते हुए काफी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा। सर्वप्रथम दिल्ली में सिंघु बॉर्डर पर एक युवा किसान के सुबह शहीद होने पर दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी गई। हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर निर्णय लिया गया है कि प्रदेश में कहीं भी भाजपा नेताओं के कार्यक्रम होंगे, उनका विरोध किया जाएगा। राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों में कोई किसान नहीं जाएगा। 
उन्होंने बताया कि डिप्टी सीएम के सिरसा दौरे पर कार्यक्रम को लेकर किसानों ने भूमणशाह चौक पर उनका पुतला फूंका और पुलिस लाइन में उनके हेलीकॉप्टर को जाते वक्त काले झंडे दिखाकर विरोध जताया। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने किसानों को बरगलाकर वोट हथिया लिए और अब दोनों सत्तासीन भाजपा के साथ मिल गए। वे बार-बार एक ही मांग कर रहे हैं कि दोनों नेता इस्तीफा देकर किसानों के समर्थन में आए, लेकिन दोनों नेताओं को किसान नहीं, बल्कि कुर्सी अधिक प्यारी है। भारूखेड़ा ने कहा कि काठ की हांडी एक बार ही चढ़ती है, बार-बार नहीं। जनता ऐसे नेताओं की हकीकत जान चुकी है और उन्हें सबक सिखाने के लिए तैयार है। समय बदल चुका है और अब वोट बैंक की राजनीति करने वालों के दिन लद चुके हैं। उन्होंने बताया कि आगामी समय में आंदोलन को तेज किया जाएगा। क्योंकि सरकार आसानी से मानने वाली नहीं है।