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Tuesday, June 28, 2022

June 28, 2022

राकेश टिकैत ने युवक की आत्महत्या को अग्निपथ योजना से जोड़ा, यूजर्स बोले- अब आप ही हमारे तारनतार...

राकेश टिकैत ने युवक की आत्महत्या को अग्निपथ योजना से जोड़ा, यूजर्स बोले- अब आप ही हमारे तारनतार...

नई दिल्ली : भारतीय किसान यूनियन (Bharatiya Kisan Union) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना (Agneepath Scheme) पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने फतेहपुर (Fatehpur) में एक युवक की आत्महत्या (Suicide) को अग्निपथ योजना से जोड़ दिया है। राकेश टिकैत ने इस आत्महत्या के पीछे की वजह को मोदी सरकार (Modi Government) की संवादहीनता को जिम्मेदार ठहराया है। खास बात है कि फतेहपुर पुलिस (Fatehpur Police) ने भी राकेश टिकैत की ट्वीट पर रिप्लाई किया है और स्थिति स्पष्ट की है कि इस आत्महत्या का तालुक्क अग्निपथ योजना से नहीं है। यही नहीं, यूजर्स भी लगातार रिप्लाई कर राकेश टिकैत पर निशाना साध रहे हैं।  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अपने ट्वीट में लिखा, 'सरकार की योजनाओं को लागू करने से पहले संवादहीनता की वजह से किसान आंदोलन में 750 किसानों ने अपनी जान गवाई और अब अग्निपथ योजना का संवाद ना होने की वजह से पहले रोहतक में सचिन और अब फतेहपुर में विकास ने अपनी जान दे दी। ये बेहद दुःखद खबर है।' पुलिस ने किया रिप्लाई फतेहपुर पुलिस ने इस घटना के बाद पक्ष सामने रखा था। इसके बावजूद राकेश टिकैत ने इस आत्महत्या को सीधे अग्निपथ योजना से जोड़ दिया। राकेश टिकैत का ट्वीट वायरल हुआ तो फतेहपुर पुलिस ने रिप्लाई करते हुए दोबार से स्पष्ट किया गया कि इस युवक की आत्महत्या का अग्निपथ योजना से कोई संबंध नहीं है। फतेहपुर पुलिस ने थाना कल्यानपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम हरदौलपुर में घटित घटना के सम्बंध में क्षेत्राधिकारी बिंदकी द्वारा दी गई बाइट को भी शेयर किया है। थाना कल्यानपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम हरदौलपुर में घटित घटना के सम्बंध में क्षेत्राधिकारी बिंदकी द्वारा दी गयी बाइट।#UPPolice pic.twitter.com/vktRMR0y1o — FATEHPUR POLICE (@fatehpurpolice) June 25, 2022 यूजर्स भी भड़के ट्विटर यूजर्स को जब इस आत्महत्या की सच्चाई पता चली तो उन्होंने राकेश टिकैत पर निशाने साधने शुरू कर दिए। आलोक नामक यूजर ने लिखा, 'किसानों को उनके घर वालों ने जिन्दा भेजा था, आपके बुलावे पे। उनकी मौत के जिम्मेदार आप है। अब उनके घर के भरण पोषण की जिम्मेदारी आपकी है। भागिये मत जवाबदेही से। नेतागीरी सिर्फ उकसाने का नाम नही, जवाबदेही भी होनी चाहिये।' गौरव सिंह ने लिखा, 'अब तो आप ही हम सबका तारनहार बन सकते हो।' सरकार पर भी साधा निशाना बता दें कि ज्यादातर यूजर्स ऐसे भी हैं, जो सरकार पर भी प्रहार कर रहे हैं। इन यूजर्स का कहना है कि चाहे अग्निपथ योजना को लेकर आत्महत्या नहीं की, लेकिन आत्महत्या के पीछे की वजह तो नौकरी न मिलना ही था। राकेश धानीवाला ने लिखा, 'समय बदला है, सरकारें बदली हैं, नियम भी बदले हैं, तो लोगों को भी बदलने की जरूरत है ! आत्म हत्या किसी भी समस्या का अंतिम समाधान नहीं है। युवाओं को समझना होगा!!' इसी प्रकार अन्य यूजर्स ने भी लिखा कि युवाओं के लिए सबसे बड़ी परेशानी बेरोजगारी होती है। सरकार को इस बारे में सोचना चाहिए।
June 28, 2022

मूसेवाला के गीत के बाद अब किसानों पर एक्शन:किसान आंदोलन के दौरान बने किसान एकता मोर्चा और ट्रैक्टर टु ट्विटर अकाउंट भारत में बैन

मूसेवाला के गीत के बाद अब किसानों पर एक्शन:किसान आंदोलन के दौरान बने किसान एकता मोर्चा और ट्रैक्टर टु ट्विटर अकाउंट भारत में बैन

चंडीगढ़ : पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के SYL गीत के बाद किसान आंदोलन के वक्त बने ट्विटर अकाउंट पर एक्शन हुआ है। भारतीय कानूनों के तहत किसान एकता मोर्चा और ट्रैक्टर टु ट्विटर अकाउंट को बैन कर दिया गया है। यह दोनों कानून केंद्र सरकार के कृषि सुधार कानूनों के विरोध में बने थे। जिसके जरिए आंदोलन की अगुआई करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा की बात डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रखी जाती थी।

*किसान एकता मोर्चा का ट्विटर*

 अकाउंट भारत में बैन किया गया।
किसान एकता मोर्चा का ट्विटर अकाउंट भारत में बैन किया गया।
किसान एकता मोर्चा के 5 लाख फॉलोअर
किसान एकता मोर्चा के ट्विटर अकाउंट पर करीब 5 लाख फॉलोअर थे। वहीं ट्रैक्टर टु ट्विटर के 55 हजार फॉलोअर थे। इन दोनों अकाउंट के जरिए किसान आंदोलन के वक्त किसानों को बदनाम करने वालों को खूब जवाब दिया गया। इसके अलावा किसानों को जागरूक भी किया जाता रहा। ट्रैक्टर टु ट्विटर के जरिए आंदोलन के वक्त हर रोज हैशटेग दिए जाते थे। जिसके जरिए डिजिटल भी कृषि कानूनों के विरोध को ट्रेंड कराया जाता था। हालांकि, यह अकाउंट विदेशों में चलते रहेंगे।

ट्रैक्टर टू ट्विटर अकाउंट भारत में बैन करने और उसके ट्विटर की तरफ से बताए कारण।
Action on farmers after Moosewala's song: Kisan Ekta Morcha and Tractor to Twitter account created during farmers' agitation Haryana Bulletin News
*कांग्रेस ने उठाए सवाल*

जालंधर से कांग्रेस विधायक पूर्व मंत्री परगट सिंह ने इस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज उठाने वाला ट्विटर अकाउंट केंद्र सरकार के कहने पर ट्विटर इंडिया ने बंद कर दिया। यह बहुत शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि यह बोलने की आजादी के खिलाफ है।

*मूसेवाला के गीत पर इसलिए लगा बैन*

पंजाबी सिंगर मूसेवाला के गीत को यूट्यूब पर भारत में बैन लगा दिया गया। मूसेवाला ने हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ को मिलाकर संयुक्त पंजाब की बात की थी। इसके अलावा सतलुज-यमुना लिंक नहर का पानी न देने, बंदी सिखों को रिहा करने के साथ SYL का काम करने वाले अफसरों को कत्ल करने वाले बलविंदर जटाणा को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया था।

Saturday, June 25, 2022

June 25, 2022

30 जून तक बैंक खाते को आधार से लिंक व ई-केवाईसी करवाएं किसान, तभी मिलेगी सम्मान निधि की किस्त

30 जून तक बैंक खाते को आधार से लिंक व ई-केवाईसी करवाएं किसान, तभी मिलेगी सम्मान निधि की किस्त

नूंह : कृषि एवं किसान कल्याण विभाग नूंह के किसान सम्मान निधि योजना के जिला नोडल अधिकारी डॉ. अजय तोमर ने आग्रह करते हुए किसानों से कहा है कि अपने बैंक खाते को आधार से जल्द से जल्द लिंक करवा ले या बैक में जाकर ई-केवाईसी करवा ले , जिस कारण प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 11वी किस्त डली जा सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए सरकार द्वारा 30 जून तक का समय दिया गया है। इसलिए ऐसे किसानों को तुरंत बैंक में जाकर अपना खाता आधार नंबर से लिंक करवाने के साथ-साथ ई-केवाईसी भी करवानी चाहिए ताकि उनको किसान सम्मान निधि की किस्त मिलने में कोई परेशानी न हो। डॉ. तोमर ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत दो हजार रुपये की पेंशन राशि हर चार माह के अंतराल पर दी जाती है। अभी भारत सरकार की ओर से 11वीं किस्त 31 मई को जारी की है। परंतु विभाग के संज्ञान में आया है कि ऐसे अनेक किसान जिन्होंने इस योजना के तहत अपना पंजीकरण करवाया हुआ है, उन्होंने अपना बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक नहीं करवाया हुआ है या उनके संयुक्त खाता है। जबकि ऐसे अनेक किसान जिनका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है अथवा द्वारा ईकेवाईसी नहीं करवाई गई है, वे किस्त न मिलने के कारण कृषि विभाग के कार्यालयों के चक्कर काटते रहते है और बेवजह परेशान रहते हैं। इसलिए ऐसे किसानों को कार्यालय के चक्कर काटने की बजाय वे अपने जितने भी बैंक खाते हो सभी में जाकर आपनी किस्त चैक करवाएं एवं उक्त कार्य करवाएं ताकि किस्त की राशि खाता में आने में कोई दिक्कत न हो। आधार से लिंक न होने वाले खातों में यह राशि आने से रूक सकती है। इसलिए किसानों को तुरंत इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
June 25, 2022

Haryana Weather Update : हरियाणा में गर्मी फिर रिर्टन, पांच दिन बाद झमाझम बारिश के साथ होगी मानसून की एंट्री

Haryana Weather Update : हरियाणा में गर्मी फिर रिर्टन, पांच दिन बाद झमाझम बारिश के साथ होगी मानसून की एंट्री 

Haryana Weather Update : मैदानी राज्यों राजस्थान ,हरियाणा, एनसीआर दिल्ली में अभी मरूस्थलीय गर्म और शुष्क पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जिसकी वजह से सम्पूर्ण इलाके में तापमान में बढ़ोतरी और उमस और पसीने वाली गर्मी अपने तीखे तेवरों से आगाज किये हुए है साथ ही जिसकी वजह से वर्तमान समय में मानसून भी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। लेकिन आने वाले पांच छः दिनों में सम्पूर्ण इलाके में एक बार फिर से हवाओं का रूख बदल जाएगा और पूर्वी हवाएं चलेंगी और मानसून की गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी। मौसम विशेषज्ञ डॉ चंद्रमोहन ने बताया कि आने वाले पांच छः दिनों तक जिला महेंद्रगढ़ में मौसम शुष्क रहने वाला है और तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। उसके बाद हरियाणा एनसीआर दिल्ली में झमाझम बारिश के साथ मानसून की एंट्री होगी। वर्तमान परिदृश्य में अभी पश्चिमी शुष्क हवाओं का प्रभुत्व स्थापित हो गया है जिसकी वजह हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अभी मानसून को आगे बढ़ने के लिए अनुकूल नहीं है। जब तक हरियाणा एनसीआर दिल्ली में पश्चिमी हवाओं का जोर रहेगा तब तक मानसून आगे नहीं बढ़ सकता है। 28 जून के बाद हरियाणा एनसीआर दिल्ली में पूर्वी हवाओं का रूख पूर्वी नमी वाली पवनों का हों जाएगा और जिसकी वजह से सम्पूर्ण इलाके में मानसून आगे बढ़ सकेगा और 1 जुलाई तक हरियाणा एनसीआर दिल्ली का सम्पूर्ण इलाका मानसून की बारिश से सराबोर हो जाएगा। क्योंकि हवाओं की परिस्थितियां और दिशा भी मानसून की सक्रियता के लिए महत्वपूर्ण कारक होता है। गत वर्ष 2021 में भी पश्चिमी हवाओं की वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मानसून 13 जुलाई को रिकॉर्ड देरी से पहुंचा था। हरियाणा एनसीआर दिल्ली और विशेषकर जिला महेंद्रगढ़ में जैसे ही हवाएं के रूख में बदलाव होगा उसके साथ ही मानसून झूमकर आगे बढ़ेगा । लेकिन अभी एक सप्ताह का इंतजार करना होगा । इस दौरान अधिकतर हरियाणा एनसीआर के हिस्से में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है।प्रदेशभर से प्री-मानसून की बारिश गायब होते ही तापमान में उछाल आया है।

Saturday, May 14, 2022

May 14, 2022

टोल प्लाजा फ्री करवा फिर धरने पर बैठे किसान, विरोध देखकर खिसके कर्मचारी, जानें पूरा मामला

टोल प्लाजा फ्री करवा फिर धरने पर बैठे किसान, विरोध देखकर खिसके कर्मचारी, जानें पूरा मामला 

जींद : संयुक्त किसान मोर्चा खटकड़ टोल प्लाजा कमेटी के प्रवक्ता के साथ लुदाना टोल कर्मियों ने मारपीट की। घटना से खफा किसानों ने विरोधस्वरूप टोल प्लाजा फ्री करवा दिया और धरना शुरु कर दिया। घायल प्रवक्ता को सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। खटकड़ टोल प्लाजा के प्रवक्ता सुशील नरवाल शुक्रवार दोपहर बाद कार्यवश गोहाना की तरफ जा रहे थे। लुदाना टोल प्लाजा कर्मियों ने उन्हें टोल देने के लिए कहा। सुशील ने अपना परिचय देते हुए संगठन से संबंधित पहचान पत्र भी दिखाया। टोल प्लाजा कर्मियों ने उनके पहचान पत्र को मानने से मना कर दिया और गाली गलौच तथा हाथापाई पर उतर आए। टोल प्लाजा कर्मियों ने सुशील के साथ मारपीट की और खिंचकर केबिन के अंदर ले गए। जहां पर उसके साथ फिर से मारपीट की गई।  किसी तरह टोल कर्मियों के चंगुल से निकलकर सुशील अपने साथियों से संपर्क साधने में कामयाब हो गया। घटना की सूचना मिलते ही खटकड़ टोल प्लाजा कमेटी के सदस्य तथा अन्य कार्यकर्ता लुदाना टोल प्लाजा पर पहुंच गए। किसानों को एकजुट होता देख टोल कर्मी वहां से खिसक गए। किसानों ने विरोध जताते हुए टोल प्लाजा को फ्री करवा दिया और धरना शुरु कर दिया। किसानों का कहना था कि टोल कर्मियों की गुंडागर्दी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घायल सुशील को सामान्य अस्पताल लाया गया, जहां पर चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। खटकड़ टोल प्लाजा कमेटी ने मामले की शिकायत पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस से की है। खटकड़ टोल प्लाजा कमेटी के अध्यक्ष सतबीर पहलवान ने कहा कि टोल कर्मियों की यह सरासर गुंडागर्दी हे। उन्होंने सीसीटीवी फूटेज को देखा है जिसमे छह सात टोल कर्मी मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल मामले की शिकायत पुलिस को की जा रही है। असंध में शनिवार को होने वाली बैठक में कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी हरिओम ने बताया कि फ्री गुजरने को लेकर टोल प्लाजा कर्मियों से विवाद हुआ है। जिस पर किसान लामबद्ध हो गए, किसानों से बातचीत जारी है। शिकायत मिलते ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
May 14, 2022

16 मई से यहां बदल सकता है मौमस, IMD ने दिए राहत के संकेत

16 मई से यहां बदल सकता है मौमस, IMD ने दिए राहत के संकेत

नारनौल : भारत के उत्तरी मैदानी राज्यों राजस्थान, हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली में भीषण गर्मी अपने चरम शबाब पर है और नौतपा से 12 दिन पहले ही सम्पूर्ण इलाका तापमान में बढ़ोतरी से तप रहा है। नौतपा 25 मई से 3 जून तक रहता है क्योंकि 25 मई से सूर्य रोहिणी नक्षत्र में गोचर करेगा तब नौतपा शुरू हो जाएगा। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नौतपा साल के वह 9 दिन होते हैं जब सूर्य पृथ्वी के सबसे नजदीक रहता है जिस कारण से इन 9 दिनों में भीषण और प्रचण्ड गर्मी पड़ती है। कहा जाता है कि धरती जितनी ज्यादा गर्म होती है उतनी ज्यादा बारिश होती है इसके पीछे वैज्ञानिक तथ्य है कि ज्यादा तापमान बढ़ने से स्थल का वायु दबाव कम हो जाता है और सागर पर कम तापमान की वजह से सागर पर अधिक वायु दबाव हो जाता है और फैरल का नियम है पवनें हमेशा उच्च वायुदाब से निम्न वायु दबाव की और चलतीं है और इस नौतपा की वजह से सागरीय पवनों ग्रीष्म ऋतु में सागर से स्थल की ओर चलती हैं और शीत ऋतु में इससे विपरीत होता है यानी पवनें स्थल से सागर की ओर चलती हैं इन्हीं पवनों को मानसून पवनें कहा जाता है।  राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ चंद्रमोहन ने बताया कि भीषण और प्रचण्ड रिकॉर्ड तोड गर्मी का इस साल का चौथा दौर जारी है। इसके साथ राजस्थान, हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में तापमान जबरदस्त तरीके से छलांग लगा रहा है। शुक्रवार को राजस्थान में तापमान 48. 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि हरियाणा में 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया हैं। आने वाले तीन दिनों में भीषण आग उगलती और उमस भरी पसीने वाली गर्मी रिकॉर्ड बनाएगी और पूराने रिकॉर्ड तोड़ेगी और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होगी। वर्तमान में सम्पूर्ण इलाके पर बलुचिस्तान और थार मरुस्थल की गर्म और शुष्क हवाओं का का प्रभाव जारी है। साथ ही आज से एक अन्य मौसम प्रणाली बन गई है क्योंकि पश्चिमी राजस्थान व आसपास के क्षेत्रों के ऊपरी वायुमंडलीय स्तरों में कल रात से ही प्रति चक्रवातीय सरकुलेशन तंत्र के निर्माण से तथा वायुमंडल के निचले स्तरों में बलुचिस्तान और थार मरुस्थल की गर्म व शुष्क पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से राज्य में तीव्र हीट वेव की परिस्थिति बनी हुई है। जिसकी वजह से वर्तमान में चल रहे तीव्र हीटवेव का दौर अभी भी अगले 48 घंटों तक जारी रहेगा। भारतीय मौसम विभाग ने सम्पूर्ण इलाके पर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया हुआ है।  तत्पश्चात तापमान में हल्की गिरावट होने की सम्भावना है। क्योंकि एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से एक प्रेरित चक्रवातीय सरकुलेशन बनने जा रहा है जिसकी वजह से प्रति चक्रवातीय सर्कुलेशन कमजोर पड़ने और पवनों की दिशा दक्षिणी पूर्वी नमी वाली हों जाएगी जिसकी वजह से दिनांक 16 मई से अधिकतर स्थानों के तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट होगी। अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज होंगे तथा हीट वेव के दौर से 16 मई की रात से आफ़त वाली प्रचण्ड गर्मी से राहत मिलने की प्रबल संभावना है। हरियाणा के पश्चिमी दक्षिणी और दक्षिणी पूर्वी जिलों सिरसा, फतेहाबाद, हिसार भिवानी महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, रेवाड़ी, फरीदाबाद, गुड़गांव, पलवल, सोहना तावडू, सोनीपत, पानीपत, एनसीआर दिल्ली में भीषण गर्मी और हीट वेव लू चलने की संभावनाएं बन रही है। शेष हरियाणा में भी अब पूर्वी नमी वाली पवनों का प्रभाव हट गया है जिसकी वजह से सम्पूर्ण इलाके में भीषण गर्मी और प्रचण्ड हीट बेव अपना जलवा दिखा रही है। 14,15-16 मई के दौरान तेज धूलभरी हवाएं ( 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा ) चलने की संभावना है। सिमित स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी की गतिविधियां देखने को मिलेगी। शुक्रवार को हरियाणा के अधिकतर स्थानों पर अधिकतम तापमान 40.0 से 48.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। हरियाणा एनसीआर में सिरसा का अधिकतम तापमान 48.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है जो असामान्य स्थिति में पहुंच गया है। जबकि न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री से 30.5 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। आने वाले दो तीन दिनों तक हरियाणा एनसीआर व दिल्ली में इसी प्रकार की मौसम स्थितियां रहने वाली है। 16 मई से सम्पूर्ण हरियाणा व एनसीआर दिल्ली में मौसम गतिशील और परिवर्तनशील रहने की संभावनाएं हैं जिसकी वजह से तापमान में हल्की गिरावट देखी जाएगी और भीषण गर्मी और प्रचण्ड हीट बेव लू से आंशिक राहत मिलने की संभावनाएं हैं।

Thursday, April 28, 2022

April 28, 2022

फानों में लगाई आग से हादसा : धुएं में दो बाइक भिड़ी, महिला की मौत, चार लोग घायल

फानों में लगाई आग से हादसा : धुएं में दो बाइक भिड़ी, महिला की मौत, चार लोग घायल

जींद : गांव सिंघाना तथा मुआना के बीच खेतों में फूंके जा रहे गेहूं के फानों से उठे धुएं के कारण वहां से गुजर रहे बाइक की दूसरी बाइक ट्राली से भिड़त हो गई। जिसमें बाइक पर सवार एक महिला की मौत हो गई जबकि पति समेत चार लोग घायल हो गए। सदर थाना सफीदों पुलिस मामले की जांच कर रही है। गांव जुलानी निवासी प्रवीण, उसकी पत्नी सोनम (24), भाई दीपक (22), बेटा रेहान (डेढ़ वर्ष), बेटी वर्षा चार माह को बाइक पर लेकर अपनी ससुराल गांव रामपुरा जा रहा था। जब वे गांव सिंघाना तथा मुआना के बीच पहुंचे तो वहां पर फाने फूंके जाने के कारण धुआं फैला हुआ था। धुएं के बीच उनकी बाइक दूसरी बाइक ट्राली से जा भिड़ी। जिसमें प्रवीण समेत उसके परिवार के पांच सदस्य घायल हो गए। राहगीरों ने घायलों को सामान्य अस्पताल सफीदों पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने सोनम को मृत घोषित कर दिया। प्रवीण व परिवार के अन्य सदस्यों के हालात खतरे से बाहर हैं। घटना की सूचना पाकर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और हालातों का जायजा लिया। दूसरा चालक बाइक ट्राली को मौके पर छोड़ कर फरार हो गया।
मृतक के भाई दीपक ने बताया कि सड़क पर काफी धुआं था। दूसरी तरफ से बाइक ट्राली आ रही थी। जिसमें सरिया भरा गया था। धुआं होने के कारण उन्हें दिखाई नहीं दिया और दोनों के बीच भिड़ंत हो गई। जिसमें उसकी भाभी सोनम की मौत हो गई। सदर थाना सफीदों प्रभारी धर्मबीर ने बताया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां पर धुआं था। धुएं में दोनों चालक साफ नहीं देख पाए और हादसा हो गया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

Wednesday, April 27, 2022

April 27, 2022

हरियाणा में सूखे चारे पर राजनीति:किसान बोले- गेहूं में घाटा, तूड़ी बेचने से राहत; गौशाला वालों का तर्क- गाय मर जाएंगी

हरियाणा में सूखे चारे पर राजनीति:किसान बोले- गेहूं में घाटा, तूड़ी बेचने से राहत; गौशाला वालों का तर्क- गाय मर जाएंगी

करनाल : हरियाणा में तूड़ी को दूसरे प्रदेशों में भेजने पर लगी धारा 144 लगातार बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। ऐसे में प्रदेश से बाहर तूड़ी की सप्लाई नहीं हो सकती। सरकार प्रदेश में चारा की कमी बता रही है तो उनके साथ-साथ गौशाला इस आदेश को ठीक बता रही है। ऐसा न होने पर गौशाला के पशु भूखे मर जाएंगे।

वहीं किसान और विपक्ष इसको किसानों के विरोधी कानून बता रहे है। किसानों व कांग्रेस का मानना है कि गेहूं उत्पादन कम होने से किसानों को नुकसान हुआ है। वे तूड़ी बेचकर कुछ राहत पा सकते हैं। ऐसे में इस कानून को खत्म किया जाना चाहिए और हम कानून को खत्म करने की मांग करते हैं।
Politics on dry fodder in Haryana: Farmers said – loss in wheat, relief from selling stubble; The argument of the cowshed - the cow will die
*गौशाला प्रधान कृष्ण लाल तनेजा।*
*गायों के लिए ज्यादा रेट पर तूड़ी खरीदनी मुश्किल*

राधाकृष्ण गौशाला प्रधान कृष्णलाल तनेजा ने बताया कि हम 20 साल से गौशाला चला रहे हैं। 1170 पशु हैं। आज तक हमें तूड़ी की चारे की कोई समस्या नहीं आई। पीछे नवंबर से तूड़ी का रेट काफी बढ़ गया है। सीजन में 300 से 350 रुपए में तूड़ी मिलती थी। गौशाला में 30 से 35 क्विंटल तूड़ी लगती है।

चारा भी 400 से 500 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। आने वाले समय में समस्या और ज्यादा होगी। सीजन में 880 रुपए के हिसाब से तूड़ी खरीदी है। सरकार से निवेदन है कि तूड़ी के प्रदेश से बाहर जाने पर रोक लगाई जाए। रेट पर भी अंकुश लगाए। गौशाला को हानि हो रही है।
Politics on dry fodder in Haryana: Farmers said – loss in wheat, relief from selling stubble; The argument of the cowshed - the cow will die
डीसी अनीश यादव।
*भविष्य को देखते हुए सरकार का आदेश*

डीसी अनीश यादव ने बताया कि इस बार गेहूं की पैदावार कम है। करीब 30 फीसदी कम हुआ है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि गेहूं के उत्पादन के साथ चारा भी कम रहेगा। भविष्य को देखते हुए एतिहयात बरतने जा रहे हैं। इसके लिए धारा 144 लागू की है।

*सरकार समझे- अनाज कम, तूड़ी ज्यादा है*

विधायक शमशेर गोगी ने कहा कि यह सरकार का तानाशाही आदेश है। एक किसान मेहनत कर रहा है। सरकार की गलती की वजह से भुगतान कर रहा है। सरकार ने समय पर यूरिया और डीएपी मुहैया नहीं करवाया, जिसका किसानों की फसल की पैदावार पर 30 फीसदी तक असर हुआ है। उस पर बोनस देने की बजाए सरकार तूड़ी पर भी बैन लगा रही है।

सरकार के पास तूड़ी कम है। इस बार तो दाने कम हुए हैं, तूड़ी ज्यादा है। लोग स्टॉक कर रहे हैं। आज तूड़ी नहीं बिकने दोगे तो आने वाले समय बारिश में तूड़ी भीग कर खराब हो जाएगी। किसान को फिर से सस्ते दामों में बेचना पड़ेगा। भाजपा की नीयत व राष्ट्रवाद पर सवाल उठाता हूं। हम सब राष्ट्रवादी हैं। सरकार से अपील है कि इस आदेश को वापस ले लो। किसानाें को मारने का काम न करो।
Politics on dry fodder in Haryana: Farmers said – loss in wheat, relief from selling stubble; The argument of the cowshed - the cow will die
*असंध कांग्रेस विधायक शमशेर गोगी।*
*बोनस की बजाए, तूड़ी पर रोक*

किसान संदीप ने बताया कि सरकार को यह आदेश गलत है। इस बार किसानों की पैदावार कम हुई है। तूड़ी व पराली से किसान दो पैसे बना लेता तो क्या फर्क पड़ जाएगा। इससे उसका नुकसान की कुछ भरपाई हो जाएगी। हमारे लिए तो बहुत ही बहुत बढ़िया है। जब सरकार ने पॉलिसी बनाई है कि वह फसल को कहीं भी बेच सकते हैं।

अब धारा 144 लगाकर सरकार अपनी की पॉलिसी पर बैन लगा रही है। बाहर तूड़ी बेचने से उन्हें पैसा ज्यादा मिलता। किसानों को गेहूं का उत्पादन कम होने पर बोनस नहीं दिया। जब तूड़ा का रेट बढ़ गया तो व्यापारियों की फट सुन ली। फसल जलने के बाद सरकार कोई मुआवजा नहीं देती। और तो और किसानों को फायर ब्रिगेड का पैसा तक नहीं देती।
Politics on dry fodder in Haryana: Farmers said – loss in wheat, relief from selling stubble; The argument of the cowshed - the cow will die
*गेहूं उत्पादन की जानकारी देते किसान।*
*तूड़ी बेचकर हो सकता था घाटा कम*

किसान विजय कुमार ने बताया कि जमींदार की अपनी चीज है, वह अपनी चीज को कहीं भी बेच सकती है। अब सरकार यह गलत आदेश लाई है। हर बार गेहूं की फसल प्रति एकड़ 24 क्विंटल होती थी। इस बार 15-16 क्विंटल तक ही सिमट गई। ऐसे में वह तूड़ी बेचकर घाटे को कुछ कम कर सकता था।

Tuesday, April 26, 2022

April 26, 2022

जिला जीन्द के गांव तारखा में किसान भागीदारी प्राथमिकता हमारी अभियान का आयोजन किया गया

जिला जीन्द के गांव तारखा में किसान भागीदारी प्राथमिकता हमारी अभियान का आयोजन किया गया  

जींदः- गांव तारखा में आज बागवानी विभाग, जींद द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के तहत किसान भागीदारी प्राथमिकता हमारी अभियान का आयोजन किसान ज्ञानीराम तारखा के खेत में किया गया। जिसमें तारखा फार्मर प्रोड्यूसर ऑरगनाईजेषन के किसान व जिला जींद के लगभग 82 किसानों ने भाग लिया। इस दौरान    डा. विजय पानू, जिला उद्यान अधिकारी, जींद ने बताया कि देष की राजधानी दिल्ली का काफी क्षेत्र हरियाणा राज्य की सीमायें कवर करती हैं, परन्तु फिर भी राजधानी पंहुचने वाले फल व सब्जियों मे हरियाणा का केवल 10 से 12 प्रतिषत हिस्सा है। उन्होने फल व सब्जियों का क्षेत्र बढाने के साथ-साथ फल व सब्जियों के भण्डारण के लिए किसानो को कोल्ड स्टोर, सी.ए. स्टोर, ईन्टीग्रेटिड पैक हाऊस बनाने के लिए प्रेरित किया ताकि फल व सब्जियों के भण्डारण न होने के कारण होने वाले नुकसान को कम करके किसान की आमदनी बढाई जा सके और कोल्ड स्टोर,  सी.ए. स्टोर इत्यादि बनाने पर विभाग द्वारा दी जाने वाली अनुदान राषी के बारे में विस्तारपूर्वक बताया । डा. कमल सैनी, विषय वस्तु विषेषज्ञ, रोहतक ने किसानो को बागवानी विभाग की महत्तवपुर्ण स्कीमो के बारे में किसानो को विस्तारपूर्वक बताया तथा किसानो की आय् दोगुना करने हेतू माननीय प्रधानमन्त्री द्वारा चलाई जा रही स्कीमों के बारे में सुझाव दिऐ। उन्होने किसानों को फलों के बाग लगाने हेतु प्रेरित करते हुये किस्में, पौधे लगाने का समय, पौधे से पौधे की दूरी, बेल वाली सब्जियों की खेती बॉस के साथ करने के लाभ के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। उन्होने प्राकृतिक खेती पर विषेष ध्यान देते हुये किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिये जागरूक किया। इस अवसर पर  डा. असीम कुमार, जिला बागवानी सलाहकार, डा.दीपक, उद्यान विकास अधिकारी, नरवाना  किसान ज्ञानी राम, तारखा, सुरेन्द्र श्योंकंद सफा खेडी, हरिकेष काब्रछा, सतबीर सुरबरा, सुरेष सुरबरा, कृष्ण बच्ची, जस्सा डोहाना खेडा, नफा सरंपच, बलमत, बलजीत धस्सो, राजेष झील, सुरेन्द्र नंबरदार, उपस्थित रहें।
जिला उद्यान अधिकारी,
जींद।
April 26, 2022

तेज आंधी में धूं धूं कर जलता रहा रोहतक, शुगर मिल सहित 40 जगह लगी आग, कई जगह फसल राख

तेज आंधी में धूं धूं  कर जलता रहा रोहतक, शुगर मिल सहित 40 जगह लगी आग, कई जगह फसल राख

रोहतक :  कल शाम रोहतक में चली तेज आंधी के चलते भाली स्थित शुगर मिल सहित 40 जगह खेतों में आग लग गई। ज्यादातर जगह गेहूं के फाने व सूखी घास में आग लगने से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन गाड़ियों की कमी से परेशान फायर ब्रिगेड के पसीने छूट गए। उधर, सांपला के गिझी मार्ग पर खेत में आग से करीब 4 एकड़ ईख की फसल जल गई।
रात करीब साढ़े 8 बजे तेज हवा चलनी लगी। उस समय खेतों में किसानों ने गेहूं की फांस जलाने के लिए आग लगा रखी थी। तेज हवा के चलते आग तेजी से फैलने लगी। कहीं आग बेकाबू न हो जाएं, इसके चलते फायर ब्रिगेड को फोन घनघनाने लगा। एक घंटे के अंदर 40 जगह से फायर ब्रिगेड कार्यालय में कॉल आई। सुनारिया, गरनावठी, सुंदरपुर, टिटौली, कच्चा चमारिया रोड, गांधरा मोड़, पहरावर, खरावड़ बाईपास, चुनियाना मोड़, बैंसी, पटवापुर, मुरादपुर टेकना, काहनौर, रोहतक रोड महम, चांदी व गिझी के खेतों में गेहूं के फांस व सड़क किनारे ग्रीन बेल्ट में आग लग गई। रात करीब साढ़े 9 बजे भाली स्थित शुगर मिल में खुले के अंदर पड़ी खोई में आग सुलग गई।

देर रात तक फायर ब्रिगेड के हेल्पलाइन नंबर 101 की घंटी बजती रही। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने कई फोन करने वालों से सॉरी बोला, कहा सभी गाड़ी आग बुझाने गई हुई हैं। इंतजार करना होगा। विभाग के पास मात्र आठ गाड़ियां हैं। इसमें एक महम व एक सांपला में खड़ी होती है। जबकि तीन गाड़ी सेक्टर पांच व तीन सोनीपत स्टैंड स्थित फायर स्टेशन पर खड़ी रहती हैं। विभाग की तीन गाड़ियां 10 साल पुरानी हो चुकी हैं। ऐसे में सोमवार को गाड़ियों की काफी कमी महसूस हुई।

वहीं सांपला में गिझी मार्ग पर करीब 4 एकड़ ईख की फसल में आग लग गई। इससे किसान को आर्थिक नुकसान हो गया है। मौके पर जेसीबी मशीन व फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी पहुंची, लेकिन आंधी के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इस्माईला गांव के किसान ने सांपला गिझी मार्ग पर करीब चार एकड़ में ईख की फसल उगा रखी थी। दोपहर बाद अचानक फसल में आग लग गई। इसी दौरान आए तेज हवा के कारण आग की लपटों ने पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना की सूचना पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी गई। आग को रोकने के लिए जेसीबी मशीन की भी मदद ली गई, लेकिन आंधी की वजह से प्रशासन और किसान का प्रयास नाकाम रहा। इससे किसान को लाखों रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। आग आसपास के खाली खेतों में भी फैल गई। किसान ने हाल में फसल की कटाई का काम भी शुरू कर दिया था। किसान ने प्रशासन से आर्थिक सहायता देने की मांग की है। वहीं जुलियाना मोड़ रेलवे फाटक के पास भी आग लग गई, वहां भी फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने मौके पर पहुंचकर करीब आधे घंटे के प्रयास से आग पर काबू पाया।

Monday, April 25, 2022

April 25, 2022

हरियाणा के कृषि मंत्री बोले - सरकारी नौकरी के पीछे ना भागें युवा

हरियाणा के कृषि मंत्री बोले - सरकारी नौकरी के पीछे ना भागें युवा

भिवानी : प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरी की बजाए स्वरोजगार अपनाना चाहिए। जिससे न केवल स्वयं को रोजगार मिले बल्कि दूसरों को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के 2 गांवों में सौ-सौ गायों से भ्रूण हस्तांतरण तकनीक (एंब्रियो ट्रांसफर टेक्नोलॉजी) से बछड़ी उत्पन्न करने वाली पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना जाएगा। इस तकनीक के तहत गायों से प्रौजनी टेस्टिंग गाय और सांड का भ्रूण सामान्य गाय के पेट में छोड़ा जाएगा। जिससे 20 लीटर दूध देने वाली उत्तम नस्ल की बछड़ी तैयार हो सकेगी। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि वे परंपरागत खेती की बजाय पॉली हाउस व नेट हाउस बनाकर सब्जी तथा बागवानी का उत्पादन करें और इसके साथ पशुपालन, मछली पालन व्यवसाय को भी अपनाएं। इससे किसानों की आय और रोजगार में बढ़ोतरी हो सकेगी।
कृषि मंत्री जेपी दलाल रविवार को गांव सिरसी के निजी फैक्ट्री का शुभारंभ करने के उपरांत उपस्थित किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए रियायती दरों पर ऋण मुहैया करवा रही है। इसके साथ साथ रोजगार प्रदान करने के लिए अनुदान भी दिया जा रहा है। कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा देश के दूसरे राज्यों से किसानों को अधिक सुविधा देने में सबसे आगे है। परंतु फिर भी किसान पूरे भारत में जाकर के अवलोकन करें और जो भी किसान हित में योजना है, उन्हें जानकारी दें। उस योजना को हरियाणा में भी लागू किया जाएगा। कृषि मंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात को सुना और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को नई तरक्की के लिए प्रोत्साहित करते रहते हैं और उन्हें शिक्षा संस्कार व राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते रहते हैं। उन्होंने विपक्ष द्वारा बिजली के मुद्दे पर लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष का ध्यान ही घपलों में रहता है पर भाजपा जनहित व जनसेवा में विश्वास रखती है। जनसेवा व अंतोदय की भावना से कार्य कर रही है। सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन का काम किया है। उन्होंने किसानों को अंधाधुध रासायनिक उर्वरक डालकर ली जाने वाली जहरीली खेती के स्थान पर ऑर्गेनिक व प्राकृतिक खेती करने का अनुरोध किया। जिससे कि सभी लोग स्वस्थ रहे और जहर मुक्त खेती से छुटकारा मिल सके।

Sunday, April 24, 2022

April 24, 2022

भाजपा के लिए एसवाईएल केवल चुनावी स्टंट: किरण चौधरी

भाजपा के लिए एसवाईएल केवल चुनावी स्टंट: किरण चौधरी

कहा चौधरी बंसीलाल ने बनवाई थी नहर, नहर पॉट किसानों को दिया जा चुका है मुआवजा
किरण चौधरी ने कहा खेती के लिए ना तो पानी मिला ना खाद किसानों को गेंहू की फसल पर बोनस दे सरकार

भिवानी :  पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रसी नेत्री किरण चौधरी ने प्रदेश सरकार से किसानों को गेहूं पर 500 रूपए प्रति क्विंटल बोनस देने की मांग की है। आज स्थानीय अनाजमण्डी में व्यापारियों व किसानों से मुलाकात के बाद पत्रकारो से बातचीत करते हुए श्रीमती चौधरी ने कहा कि किसानों की फसल अब की बार मौसम की मार झेल रही है और उत्पादन काफी कम हो गया है। 
 उन्होंने कहा कि किसानों की फसल का उत्पादन 5 से 7 क्विंटल प्रति एकड़ कम हो गया है। खाद व बिजली व पानी की कमी तथा मौसम की मार के चलते किसानों का उत्पादन कम हुआ है। ऐसे में सरकार का दायित्व बनता है कि किसानों के नुकसान की भरपाई की जाए। 
उन्होंने सरकार की किसान व व्यापारी विरोधी नीतियों के लिए आलोचना की और कहा कि न केवल किसान बल्कि लघु उद्योग भी पूरे प्रदेश में दम तोड़ रहे हैं। रबी फसलों की खरीद के बाद उन्हें रखने की पर्याप्त रखने की व्यवस्था नहीं है जो कि सरकार की नाकामयाबी को दर्शाता है। 
 उन्होंने कहा कि हरियाणा में आज महंगाई चरम सीमा पर है। सब्जियां महंगी है और गैस सिलेंडर महंगा हो चुका है। बेरोजगारी बढ़ रही है लेकिन किसी का ध्यान नही है। गरीब आदमी मारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि नींबू आज 300 रुपये किलो हो चुके है। मंहगाई से ध्यान हटाने के लिए तरह तरह के स्टंट कर रही है सरकार। 
 चौधरी ने कहा कि हरियाणा में बिजली पानी की भारी किल्लत है जिस कारण लोगो को परेशानी का सामना करना  पड़ रहा है। पानी की लड़ाई नुमाईंदे को लडऩी चहिये लेकिन नॉमाईन्दे चुप है। जब कांग्रेस की सरकार थी तब सामान बटवारा था। अब हरियाणा में पानी का सामान बटवारा नही है। किरण चौधरी ने कहा कि अधेर नगरी चौपट राजा हो चुका है।
 उन्होंने कहा कि जब कोई कुछ बोलता है तो चंडीगढ़ का मुद्दा या फिर एसवाईएल का मुद्दा उठा लेते है। जब कि एसवाईएल का मुद्दा अब ठंडे बस्ते में है। एसवाईएल पर भाजपा केवल राजनीति करती है। उन्होंने सरकार पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का काम होता है लोगो को राहत देना लेकिन लोगों को राहत नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि भिवानी जिले के बापोड़ा में सबसे बड़ा वाटर वक्र्स चौधरी बंसीलाल ने बना कर दिया था जिसमे 78 गांव को पानी दिया जाता था लेकिन अब उसके हालात खराब हो चुके है। अब पानी 4 से 5 दिन में आता है। 
किरण चौधरी ने कहा कि एसवाईएल का पानी अब हरियाणा में आने वाला नही है। पानी का मुद्दा केवल राजनीतिक मुद्दा है। एसवाईएल को लाने का प्रयास पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल ने किया था। आज नहर ही नही बची तो कैसे आएगी एसवाईएल। न्यायालय ने भी हरियाणा के हक  में फैसला दे दिया उसके बाद भी केंद्र ने कुछ नही किया।
     इस अवसर पर अमर सिंह हालुवासिया, नंद किशोर अग्रवाल, सुरेश कुमार गोयल, राजेंद्र प्रधान अनाजमण्डी, हनुमान प्रसाद, रामनिवास सिवानीवाले, कृष्ण कुमार, कृष्ण लेघां, परमजीत मडडू, अमन तंवर राघव, अशोक ढोला, कल्लू भटट, शीशराम मेचू, हरीसिंह सांगवान, शीशराम चेयरमैन, मीनू अग्रवाल, विष्णु केडिया, बजरंग लाल बहलिया, देवकी नंदन, नरेश बापोडिय़ा, अशोक झोझूवाला, पप्पू दिनोद सहित अनेक कार्यकर्ता व व्यापारी उपस्थित थे।
April 24, 2022

भाजपा गठबंधन सरकार चारे की आड़ में किसानों को लूट रही है: अभय चौटाला

भाजपा गठबंधन सरकार चारे की आड़ में किसानों को लूट रही है: अभय चौटाला

चंडीगढ़ : इनेलो प्रधान महासचिव एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने भाजपा गठबंधन सरकार पर किसानों को प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पशुओं के लिए तूड़ी ले जा रहे किसानों को भाजपा सरकार के अधिकारी और पुलिस किसानों के साथ हाथापाई कर रहे हैं। सरकार के अधिकारी जबरदस्ती तूड़ी से भरी ट्रालियों को गौशाला में खाली करवा रहे हैं। बीते दिनों में सैकड़ों किसानों को प्रशासन की इस जबरदस्ती  लूट के कारण लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
गौशाला में पशुओं के लिए चारा उपलब्ध करवाना सरकार की जिम्मेवारी है, लेकिन किसानों से जबरदस्ती चारा लूट रही है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण इस बार गेहूं की पैदावार घटी है। किसान अपनी मेहनत और खर्चा करके गेहूं के अवशेष की तूड़ी बना कर बेचता है। किसान को तूड़ी 780 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से पड़ती है, जिस पर 50 रूपए लोडिंग और किराया देना पड़  रहा है। लेकिन भाजपा सरकार के अफसर 500 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से जबरदस्ती तूड़ी की ट्राली को गौशाला में खाली करवा रहे हैं। किसान अपने पशुओं के लिए चारा खरीदने दूसरे राज्यों से भी आते हैं। पुलिस किसानों के ट्रैक्टर और ट्रालियों का 50 हजार से लेकर 1 लाख 50 हजार तक का चालान काट रही है।  
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार को 500 रूपए में किसानों की तूड़ी जबरदस्ती लूटने के बजाय किसानों को गेहूं पर 500 रूपए बोनस देना चाहिए क्योंकि किसान पहले ही कम पैदावार की मार झेल रहा है। जिन किसानों से जबरन तूड़ी खाली करवाई गई है उनको भाजपा सरकार तुरंत पूरा भुगतान करे और जिन पुलिस अधिकारियों ने किसानों के साथ मारपीट की है उन पर केस दर्ज करके कार्रवाई करे।

Sunday, April 17, 2022

April 17, 2022

मंडी से गोदाम तक पहुंचते-पहुंचते ट्रक का 20 क्विंटल वजन हो गया कम, डीएम बोले- इंस्पेक्टर की गलती

मंडी से गोदाम तक पहुंचते-पहुंचते ट्रक का 20 क्विंटल वजन हो गया कम, डीएम बोले- इंस्पेक्टर की गलती

कैथल : कैथल की अतिरिक्त अनाज मंडी से लोड हुआ सरकारी गेहूं का ट्रक का वजन हैफेड गोदाम पहुंचते-पहुंचते 20 क्विंटल कम हो गया। जैसे ही आढ़ती को वजन कम होने का पता चला तो उन्होंने बवाल खड़ा कर दिया तथा आढ़ती एसोसिएशन के साथ हैफेड कार्यालय में जा धमके। हालांकि शुरुआती दौर में तो हैफेड के अधिकारी बात करने को तैयार नहीं थे लेकिन जैसे ही मामला तूल पकड़ते देखा तो हैफेड के डीएम बैकफुट पर आ गए तथा उन्होंने माना कि यह इंस्पेक्टर की गलती से हुआ है। वे इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई करेंगे तथा आढ़ती को पूरा वजन की रसीद भी दी जाएगी। हूआ यूं कि अनाज मंडी कैथल के आढ़ती देवेंद्र सिंगला ने अनाज मंडी में जगह कम होने के कारण किसानाें की गेहूं अतिरिक्त अनाज मंडी में डलवाई थी। वहां पर गेहूं को हैफेड एजेंसी को बेच दिया। शुक्रवार को उसने अपने गेहूं को तीन ट्रकों में लोड करवा दिया। प्रत्येक ट्रक में 683 बैग थे जिनमें प्रत्येक में करीब 345 क्विंटल वजन था। शाम के समय ट्रक का कांटा करवाते हुए उसे लाइन में हैफेड में खड़ा कर दिया। सुबह के समय उसे ट्रक चालक ने बताया कि गाड़ी का वजन 326 क्विंटल बताया गया है। एक गाड़ी से 20 क्विंटल वजन कम होने के कारण आढ़तियों में रोष फैल गया। आढ़ती एकत्रित होकर हैफेड कार्यालय में जा धमके। शुरुआती दौर में तो अधिकारियों ने आनाकानी की तथा कोई बात नहीं की। जैसे ही मीडिया वहां पर पहुंचा तो हैफेड अधिकारियों की सांसे थम गई। 
 *हो सकता है बढ़ा गोलमाल*

 आढ़तियों ने कहा कि हैफेड में वजन में बढ़ा गोलमाल हो सकता है। प्रतिदिन हजारों क्विंटल गेहूं गोदाम पहुंच रहा है। जब एक ट्रक से 20 क्विंटल वजन कम किया जा सकता है तो फिर पूरे दिन में यह हजारों क्विंटल हो सकता है। आखिर कहां गया 20 क्विंटल गेहूं विचारणीय प्रश्न यह है कि जब हैफेड अधिकारियों द्वारा ट्रक चालक को रिसीप्ट भी 683 बैग की दी है तो फिर 20 क्विंटल गेहूं धरती निगल गई या आसमान। आखिर कहां गया 20 क्विंटल गेहूं। जब सायं को वजन पूरा था तो यह सुबह कम कैसे हो गया। कौन होगा जिम्मेवार वजन कम होने की बात को लेकर अधिकारी एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करते नजर आए। सभी अपनी जिम्मेवारी से बचते नजर आ रहे थे। ऐसे में अब यह बात सामने आती थी है आखिरकार कम वजन का जिम्मेवार कौन है।
 *इंस्पेक्टर ने की है गलती*

 सुरेश कुमार हैफेड के जिला प्रबंधक सुरेश कुमार ने कहा कि पहली बात तो यह है कि मामला इतना बड़ा है ही नहीं है। आढती को पहले मैनेजर व मेरे को शिकायत करनी चाहिए थी। इंस्पेक्टर की गलती है, उसने कम वजन की गाड़ी को उतारा कैसे। मैं उसके खिलाफ भी कार्रवाई करूंगा। उसने 20 क्विंटल कम माल कैसे ले लिया कंडे से। अगर उसने कम वजन लिया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। वहीं दूसरी तरफ उसने कहा कि आढ़ती का कोई कसूर नहीं है। उसका वजन पूरा माना जाएगा। संबंधित इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

Wednesday, April 13, 2022

April 13, 2022

किसान भवन में चलती थी कर्मचारियों की हुक्का और ताश पार्टी, सचिव ने जड़वा दिया ताला

किसान भवन में चलती थी कर्मचारियों की हुक्का और ताश पार्टी, सचिव ने जड़वा दिया ताला

फतेहाबाद : मार्किट कमेटी के अधीन आने वाले किसान भवन व दमकल विभाग भवन में मार्केटिंग बोर्ड के स्थाई व अस्थाई कर्मचारियों द्वारा ताश खेलने व हुक्का पीने के साथ ही अवैध रूप से रिहायश बनाने के आरोपों के चलते मार्किट कमेटी के सचिव विकास सेतिया ने बुधवार को किसान रैस्ट हाऊस पर ताला जड़ दिया। इसके विरोध स्वरूप मार्किटिंग बोर्ड (कंस्ट्रक्शन विंग) के कर्मचारियों ने कार्यकारी अभियंता के नेतृत्व में अपना कामकाज छोड़ मार्किट कमेटी सचिव के रवैये पर रोष जताया। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों ही विंगों के विभागाध्यक्षों ने अपने-अपने मुख्यालय को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत करवाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अनाज मण्डी के पीछे मार्किट कमेटी का फायर बिग्रेड भवन है, जिसके साथ ही किसान भवन बना हुआ है। इसके संचालन का जिम्मा मार्किट कमेटी ने मार्किटिंग बोर्ड को दिया हुआ है। मुख्य प्रशासक पंचकूला को भेजे पत्र में मार्किट कमेटी के सचिव विकास सेतिया ने बताया कि उन्होंने 11 अप्रैल को किसान भवन का दौरा किया तो बोर्ड के स्थाई कर्मचारी व आऊटसोर्सिंग कर्मचारी किसान भवन में ताश खेल रहे थे व हुक्का पी रहे थे। किसान भवन के बाहर ही र्इंटों से चूल्हा बनाकर हुक्का भरने के लिए आग जलाई गई थी। किसान भवन का सोफा भी खस्ता हालत में पाया गया। किसान भवन का सामान, सैम्पलिंग मशीन, उद्घाटन बोर्ड व अन्य सामान टूटा-फूटा पड़ा था वहीं फायर बिग्रेड भवन में अस्थाई कर्मचारियों ने दो कमरों पर अवैध कब्जा कर रखा है। मंगलवार को दोबारा उन्होंने निरीक्षण किया तो बोर्ड के कर्मचारियों ने जिस जगह सफाई नहीं की गई थी, वहां पड़े कचरे में आग लगा दी। यह बता दें कि किसान भवन की बुकिंग मार्किट कमेटी द्वारा की जाती है जबकि कंस्ट्रक्शन व देखरेख का जिम्मा कंस्ट्रक्शन विंग का है। पत्र में बताया गया है कि मार्किट कमेटी कालोनी में रिहायशी मकान खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा लगाए गए तालों से छेड़छाड़ ना की जाए। कर्मचारी चाहे तो उन्हें यह मकान विधिवत अलॉट किए जा सकते हैं। उधर, मार्केटिंग बोर्ड कंस्ट्रक्शन विंग के कार्यकारी अभियंता के नेतृत्व में कर्मचारी मार्किट कमेटी सचिव के रवैये के खिलाफ सामने आ गए और कामकाज ठप्प कर रोष जाहिर किया। बोर्ड के कार्यकारी अभियंता आनंद कुमार का कहना है कि सचिव विकास सेतिया का रवैया ठीक नहीं है। सचिव ने उनकी गाड़ी को आफिस से बाहर निकलवा दिया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। आनंद कुमार ने बताया कि उन्होंने विभाग के चीफ इंजीनियर को सारे मामले से अवगत करवा दिया है।
April 13, 2022

बिजली संकट प्रदेश सरकार की अदूरदर्शिता का नतीजा : सैलजा

बिजली संकट प्रदेश सरकार की अदूरदर्शिता का नतीजा : सैलजा

- गर्मी की शुरूआत में हाहाकार मचा तो और भी बुरे दिनों की संभावना
- न दो घड़ी आराम कर सकते न रोशनी में रोटी खा सकते

चंडीगढ़ :  हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में बना बिजली संकट भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार की अदूरदर्शिता का नतीजा है। गर्मी का सीजन हर साल आता है, लेकिन इसके लिए पहले से तैयारी न करना सरकार का जनविरोधी नजरिया दिखाता है। गर्मी की शुरुआत में ही पूरे प्रदेश में बिजली कटों से हाहाकर मचा है तो आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं।

मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व में किए गए बिजली समझौते के अनुसार बड़े बिजली सप्लायरों से अपने हिस्से ही बिजली लेने में नाकाम रही है। इनसे बिजली की मांग भी नहीं की जा रही। बिजली देने वाली इन कंपनियों के संचालक अत्यधिक पावरफुल हैं और केंद्र सरकार व भाजपा के शीर्ष लोगों के साथ इनकी सीधी पैठ है। ऐसे में प्रदेश सरकार इनसे हरियाणा का हक मांगने में डरती है और इस बात से भी आशंकित है कि कहीं ऊपर से ये सरकार की खिंचाई न करवा दें। 
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बिजली जरूरतों को पूरा करने में प्रदेश सरकार बड़ा हिस्सा अडानी से खरीदता है। काेयले के दामों में बढ़ोतरी की वजह से अडानी हरियाणा को बिजली देने में फिसड्डी साबित हो रहा है। 

कुमारी सैलजा ने कहा कि इस समय प्रदेश का शहरी व ग्रामीण, कोई भी क्षेत्र बिजली कटों से अछूता नहीं है। गांवों में गेहूं कटाई का सीजन चल रहा है और दिनभर खेत में मेहनत के बाद रात को किसान अपने घर में बिजली न होने से दो घड़ी चैन से सो भी नहीं पा रहे हैं। यह हाल शहरों में है। लंबे-लंबे कटों के कारण इंवर्टर तक फेल होने लगे हैं। शाम को खाना खाने के वक्त बिजली गुल हो जाती है। दिनभर की थकान व नौकरी के बाद रात को बिजली न होने से लोग अंधेरे में खाना खाने को मजबूर हैं। 

हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सप्ताह भर से हालात ज्यादा ही खराब हो रहे हैं और इनमें किसी तरह का सुधार न होना, प्रदेश सरकार के गैर जिम्मेदार होने का प्रमाण है। आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ेगी और जून में धान की रोपाई के लिए भी बिजली की डिमांड पीक पर होगी। ऐसे में प्रदेश में बिजली न होने से हालात किस तरह से बिगड़ सकते हैं, यह सोचने भर से रूह कांपने लगती है।

Tuesday, April 12, 2022

April 12, 2022

गेहूं पर 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे सरकार : भूपेंद्र सिंह हुड्डा

गेहूं पर 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे सरकार : भूपेंद्र सिंह हुड्डा

चंडीगढ़ :  पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए एमएसपी पर कम से कम 500 प्रति क्विंटल बोनस देने की मांग की है। हुड्डा का कहना है कि इस बार पहले बेमौसम बारिश और फिर गर्मी के जल्दी आगमन की वजह से गेहूं उत्पादक किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इस बार गेहूं का दाना लगभग 10% छोटा हुआ और उत्पादन में करीब 5 से 10 क्विंटल प्रति एकड़ की कमी भी आई है। ऊपर से डीजल, पेट्रोल, खाद, दवाई, बीज और अन्य चीज़ों की महंगाई के चलते किसानी की लागत बहुत ज्यादा बढ़ी है। इसलिए किसानों को सरकारी मदद की दरकार है। किसानों को 500 प्रति क्विंटल बोनस देकर कुछ हद तक उसके नुकसान की भरपाई हो सकती है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि गर्मी आते ही सरकार ने बिजली की दरों में बढ़ोतरी और उत्पादन में कटौती कर दी है। जिससे पूरे हरियाणा के लोग भारी बिजली संकट झेल रहे हैं। लंबे-लंबे पावर कट ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए खेदड़, पानीपत, झाड़ली और यमुनानगर में 4 पावर प्लांट बनवाए थे। जबकि बीजेपी या बीजेपी-जेजेपी सरकार में एक भी प्लांट नहीं लगाया गया। ऊपर से खेदड़, पानीपत और झाड़ली पावर प्लांट की 3 इकाइयों में उत्पादन पूरी तरह बंद कर दिया गया। आज प्रदेश में क्षमता से बेहद कम या कहें कि नाममात्र का बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को लंबे-लंबे पावर कट और बिजली की महंगी दरों के रूप में भुगतना पड़ रहा है। निजी कंपनियों से महंगी दरों पर बिजली खरीदकर आम उपभोक्ता को ऊंचे रेट पर बेची जा रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पावर कट की वजह से ना सिर्फ आम जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, बल्कि लोगों के व्यापार धंधों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। किसानों को भी बिजली कटौती की वजह से भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। खास तौर पर सब्जी उत्पादक किसानों को इस सीजन में बिजली की आवश्यकता होती है, ताकि वक्त पर फसलों की सिंचाई की जा सके। लगातार 2 साल से कोरोना महामारी के चलते सब्जी उत्पादक किसान भारी घाटा झेल रहे हैं। इस बार बिजली के अनियमित शेड्यूल के चलते उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
April 12, 2022

बदलेगा मौसम का मिजाज, आग बरसती गर्मी से मिलेगी राहत

बदलेगा मौसम का मिजाज, आग बरसती गर्मी से मिलेगी राहत

नारनौल : वर्तमान में हरियाणा और एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर तापमान लगातार बढ़ है और साथ ही रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी के साथ गंभीर हीट वेव लू अपने तीखे और प्रचण्ड तेवरों से आगाज किये हुए है। इस आफ़त भरी गर्मी से बचने के लिए लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं और दिन के समय सड़कें और बाजार सुनसान दिखने लगे हैं। लंबे समय के अंतराल के बाद अब मौसम में हल्का ही सही लेकिन बदलाव की संभावना बन रही है। एक मध्यम दर्जे का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है जो पश्चिमी हिमालय क्षेत्र को मंगलवार 12 अप्रैल की रात्रि से प्रभावित करना शुरू करेगा। जिसकी वजह से पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिमी पंजाब के पास एक कमजोर साइक्लोनिक सर्कुलेशन विकसित होने की वजह से हवाओं की गति और दिशा में बदलाव होने की संभावनाएं बन रही है। हवाओं की दिशा पश्चिम से बदलकर 13 -14 अप्रैल को दक्षिण पूर्व हो जाएगी जिसकी वजह से अरब सागर से हवा में नमी बढ़ेगी। जो काफी दिनों से प्रति चक्रवातीय सर्कुलेशन की वजह से सम्पूर्ण इलाके से नदारद थी और और भीषण उष्ण तीक्ष्ण गर्मी और थार मरुस्थल की हीट बेव लू चल रही थी उसमें कुछ समय ( दो- तीन दिनों ) के लिए लगाम लगेगी। इसके अलावा हवाओं की गति भी 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की और अनेक स्थानों पर आंधी और अंधड़ चलने की प्रबल संभावनाएं बन रही है। 13 और 14 अप्रैल को मध्यम दर्जे की बारिश इस दौरान पछुआ पवनों का मिलन दक्षिणी पूर्वी नमी वाली पवनों से होने की वजह से इलाके में आंशिक बादलवाही देखने को मिलेगी। बादलवाही और तेज़ गति से हवाएं चलने की वजह से सम्पूर्ण हरियाणा व एनसीआर दिल्ली में तापमान में 3.0 से 4.0 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जाएगी। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में संभावित बदलाव 13 और 14 अप्रैल को पर्वतीय क्षेत्रों में विशेषकर जम्मू, कश्मीर, लेह लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिलेगा। दोनों दिन इन स्थानों पर दोपहर से रात के बीच गरज चमक के बादलों का निर्माण होगा और मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की जाएगी, एक दो स्थानों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की जा सकती है। बादलवाही और तेज़ हवाएं चलने से लगातार बढ़ते तापमान और हीट वेव लू में कमी आएगी। जबकि मैदानी राज्यों में इस प्रणाली का सीमित प्रभाव ही देखने को मिलेगा। वर्तमान मौसम प्रणाली शसक्त नहीं है इसलिए प्रेरित चक्रवातीय सर्कुलेशन कमजोर बनने की संभावनाएं हैं, लेकिन वर्तमान में प्रचंड गर्मी में हल्के से बदलाव यानी नमी बढ़ने से और वातावरण में थोड़ी सी भी अस्थिरता होने पर नमी बादलों के विकास में अग्नि में घी का काम करती है । जिसकी वजह से मैदानी राज्यों में विशेषकर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी गरज चमक के बादलों का निर्माण हो सकता है।  *हरियाणा में कैसा रहेगा मौसम* 

उत्तरी राजस्थान, उत्तरी हरियाणा, पंजाब, दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी उत्तरप्रदेश के सीमित हिस्सों में बादलों का निर्माण हो सकता है और हल्की बारिश की गतिविधियां और धूलभरी आंधी, चलने के साथ छिटपुट जगहों पर कहीं हल्की तो कहीं तेज़ बारिश के दौर दर्ज किए जा सकते हैं। संपूर्ण सूबे में बादलों का आना-जाना होगा, चंडीगढ, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर के 25 से 50% हिस्सों में गरज चमक के साथ बारिश की गतिविधियां के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की प्रबल संभावनाएं बन रही हैं। जबकि शेष हरियाणा में केवल बादलवाही के साथ दक्षिणी जिलों में धूल भरी आंधी और सिमित स्थानों पर कहीं कहीं हल्की बारिश और बुंदाबांदी की गतिविधियां देखने को मिल सकती है। 15 अप्रैल से सम्पूर्ण हरियाणा एनसीआर दिल्ली में एक बार फिर से गर्मी और हीट बेव लू अपने तीखे तेवरों से आगाज करेंगी। क्योंकि जैसे ही चक्रवातीय सर्कुलेशन समाप्त हो जाएगा उसकी जगह प्रति चक्रवातीय सर्कुलेशन ले लेगा और फिर से मौसम करवट लेगा और भीषण गर्मी और प्रचण्ड व गंभीर हीट बेव लू चलने की प्रबल संभावनाएं बन रही है। हरियाणा का तापमान सोमवार को हरियाणा में अधिकतर स्थानों पर अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस से 42.0 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया और अधिकतर स्थानों पर न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस और 25.7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। हिसार Aws 45.4℃, फरीदाबाद 45.3℃, रेवाड़ी 45.3, बालसमंद, हिसार 45.2℃, सिरसा Aws 44.9℃, सिवानी, भिवानी 44.2℃, हिसार 44.2℃, गुड़गांव 44.2℃, नारनौल 43.8℃, सिरसा 43.7℃, जींद 43.6℃, मानेसर, गुड़गांव 43.5℃, महेंद्रगढ़ 43.1℃

Monday, April 11, 2022

April 11, 2022

मारपीट में भाकियू नेता गुणीप्रकाश चोटिल, पीजीआई रेफर, जानें पूरा मामला

मारपीट में भाकियू नेता गुणीप्रकाश चोटिल, पीजीआई रेफर, जानें पूरा मामला

कैथल : हरियाणा के कैथल जिले के गांव फरल मे पुरानी रंजिश को लेकर हुई मारपीट में भाकियू प्रधान गुणीप्रकाश घायल हो गए। उनको पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले में पांच व्यक्तियाें को नामजद किया है। पुलिस को दी शिकायत में गुणीप्रकाश ने बताया कि वह किसान यूनियन हरियाणा के प्रधान हैं। उन्हाेंने बताया कि 8 अप्रैल को सिरसा का एक युवक गांव फरल की लड़की को भगा कर ले गया था। इस घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। 9 अप्रैल रात करीब साढ़े सात बजे वह उस व्यक्ति के घर गया था, जिसकी लडकी गई थी। वह उसे समझा रहा था कि लड़की वापस घर आ जाएगी और पुलिस आरोपी युवक को पकड़ लेगी। इसके बाद करीब साढ़े आठ बजे वहां गांव के ही आरोपी जैसा, कश्मीर, महेंद्र, कुलदीप व प्रदीप कुछ अन्य युवकों के साथ प्रदीप हथियार लेकर आए तथा उस पर हमला कर दिया। झगड़े का शोर सुनकर गांव के अन्य लोग वहां पर आए तो आरोपी मौके से भाग गए। जाते हुए उनको जान से मारने की धमकी दी गई है। उनको ग्रामीणों ने अस्पताल में दाखिल करवाया जहां ज्यादा चोंटे होने के कारण डाक्टरों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। पूंडरी थाना प्रभारी शिवकुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की आगामी जांच कर रही है।