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Wednesday, July 7, 2021

जींद के किरायेदार दुकानदारों को मिलेगा मालिकाना हक, शुरू हो गए आनलाइन आवेदन

जींद के किरायेदार दुकानदारों को मिलेगा मालिकाना हक, शुरू हो गए आनलाइन आवेदन
जींद : ( संजय कुमार ) शहर में नगर परिषद की दुकानों पर 20 साल से ज्यादा समय से किराये पर बैठे 289 दुकानदारों को मालिकाना हक मिलेगा। मालिकाना हक लेने के लिए दुकानदारों को पोर्टल पर आनलाइन आवेदन करना होगा। सोमवार से पोर्टल खुल चुका है। आवेदक को दुकान के एग्रीमेंट की कापी व प्रोपर्टी का नक्शा व अन्य कागजात, आधार कार्ड, फैमिली आइडी आनलाइन आवेदन में लगानी होगी। उसके बाद नगर परिषद की टीम मौके पर जाकर निरीक्षण करेगी। जिसके लिए पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। इस टीम में एमई, जेई, अकाउंटेंट, प्रोपर्टी टैक्स से संबंधित कर्मचारी शामिल किए गए हैं। 
नगर परिषद ने जो दुकान बनाकर किराये पर दी थी। उससे अतिरिक्त किया गया निर्माण अतिक्रमण माना जाएगा। बहुत से दुकानदारों ने बाद में ऊपर भी निर्माण कर लिया। उन्हें अतिरिक्त निर्माण की एवज में प्रति गज के हिसाब अतिरिक्त राशि जमा करानी होगी। पांच सदस्यीय कमेटी निरीक्षण कर ईओ को रिपोर्ट देगी। नगर परिषद कार्यालय में हेल्प डेस्क भी बना दिया गया है। जहां प्रोपर्टी मालिक आवेदन से संबंधित किसी भी तरह की जानकारी ले सकते हैं। 
बहुत से दुकानदारों के पास नहीं एग्रीमेंट की प्रति ज्यादातर दुकानदारों के पास दुकान की एग्रीमेंट की कापी नहीं है। एग्रीमेंट की कापी लेने के लिए सोमवार से ही वे नगर परिषद कार्यालय आ रहे हैं। दुकानदारों को किसी तरह की परेशानी हो। इसके लिए ईओ सुशील कुमार ने स्टाफ को आदेश दिए हैं कि संबंधित दुकानदार को एग्रीमेंट की फोटो कापी मोहर लगाकर दी जाए। ताकि बाद में किसी तरह की कोई गड़बड़ी ना हो। एग्रीमेंट की फोटो कापी लेने के लिए दुकानदार को ईओ के नाम एप्लीकेशन लिखनी होगी और साथ में प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड और फैमिली आइडी की प्रति लगानी होगी। 
ईओ ने ली अधिकारियों की मीटिग सोमवार को बहुत से दुकानदार नगर परिषद कार्यालय में आकर एग्रीमेंट कापी की मोबाइल में फोटो खींच कर ले गए। ईओ ने स्पष्ट किया कि आवेदन में एग्रीमेंट की वही फोटो कापी स्वीकार की जाएगी, जिस पर नगर परिषद की मोहर लगी होगी। ताकि एग्रीमेंट कापी का किसी तरह से दुरुपयोग ना हो। ईओ ने एमई, जेई, अकाउंटेंट और संबंधित स्टाफ की मीटिग लेकर निर्देश दिए कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार काम किया जाए। किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। जो भी पोर्टल पर आवेदन आता है, उसे चेक करें, ताकि कोई खामी होने पर आवेदक से दुरुस्त कराया जा सके।

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