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Monday, August 23, 2021

पेपर लीक घोटालों की जांच करे सीबीआई : दीपा शर्मा

पेपर लीक घोटालों की जांच करे सीबीआई  : दीपा शर्मा
चंडीगढ : ( ब्यूरो ) हरियाणा प्रदेश कांग्रेस की महासचिव दीपा शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बीजेपी-जेजेपी गठबंधन सरकार जनता को गुमराह करती है। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हुई मौतों से जुड़ी खबरों के बारे में कहा कि सरकार ने विधानसभा में गलत जानकारी दी है। सरकार का कहना है कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी से एक भी मौत नहीं हुई, जबकि उस वक्त की तमाम मीडिया कवरेज सच बयां कर रही हैं। हर गांव, गली,मोहल्ले में व्याप्त विलाप और अपनों की जान बचाने की जद्दोजहद में लगे लोगों की तस्वीरें आज भी सभी के जेहन में जिंदा हैं। उस वक्त कई जिलों के जेजेपी सांसद समेत कई भाजपा नेताओं ने माना था कि ऑक्सीजन की कमी के चलते हालात बेकाबू हो चुके थे। पूरा हरियाणा इस बात का गवाह है कि बहुत सारे लोगों की जान ऑक्सीजन की कमी के चलते दम घुटने से हुई थी। इतना ही नहीं, हजारों लोगों की जान इलाज, दवाई, हॉस्पिटल बेड और वेंटिलेटर के अभाव में चली गई। सरकार कोरोना से हुई कुल मौतों के आंकड़े भी छिपा रही है। सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों से कई गुना ज्यादा लोगों की मौतें हुई हैं। सरकार को सही संख्या का पता लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बनानी चाहिए, ताकि सभी पीड़ित परिवारों को सहायता दी जा सके।
दीपा शर्मा ने एक बार फिर पेपर लीक घोटालों की जांच सीबीआई से करवाने की मांग दोहराई है। उन्होंने कहा कि एक के बाद एक सामने आ रहे भर्ती घोटालों से प्रदेश के राजस्व और आम जनता को करोड़ों रुपये की चपत लग रही है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में गोपनीयता बनाए रखने के लिए हर साल करीब ₹25 करोड़ खर्च होते हैं। पेपर करवाने और तमाम भर्ती संबंधी प्रक्रियाओं के लिए भी करीब 100 करोड़ रुपये का बजट जारी किया जाता है। जबकि, यह संस्था पिछले कुछ सालों में शायद ही कोई पेपर बिना लीक हुए पूरा करवा पाई हो। जब खुद प्रदेश के गृह मंत्री कह रहे हैं कि इसकी जांच सीबीआई को सौंप देनी चाहिए, तो फिर सरकार इससे क्यों भाग रही है।

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