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Sunday, March 27, 2022

हरियाणा में 28 और 29 मार्च को नहीं चलेंगी रोडवेज बसें, जानिए कारण

हरियाणा में 28 और 29 मार्च को नहीं चलेंगी रोडवेज बसें, जानिए कारण
चंडीगढ़ :  हरियाणा में 28-29 मार्च को रोडवेज बसों का चक्का जाम किया जाएगा। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश ग्रेवाल, इन्द्र सिंह बधाना, दलबीर किरमारा, वीरेंद्र सिगरोहा, सरबत सिंह पूनिया, जयबीर घणघस, विनोद शर्मा, दिनेश हुड्डा, कृष्ण कादियान, रमेश श्योकन्द, आजाद गिल, सुरेंद्र सिंह, विरेन्द्र लोहिया, जयभगवान कादियान, प्रताप भनवाला, सुखविंदर बयाना, अमित महाराणा, अजमेर सिंह ने प्रदेश के डिपूओ का दौरा करने के बाद बताया 28-29 मार्च को ऐतिहासिक हड़ताल होगी। उन्होंने कहा कि सांझा मोर्चा की चार टीमें प्रदेश का दौरा कर हड़ताल की तैयारी पूर्ण कर चुकी है। मोर्चा नेताओं ने कहा सरकार की कर्मचारी व जनता विरोधी नीतियों के प्रति कर्मचारियों में भारी गुस्सा है तथा हड़ताल के प्रति भारी जोश है। कर्मचारी नेताओं ने कहा हरियाणा रोडवेज में पहली बार निजीकरण के विरोध में विभाग को बचाने के लिए व अपनी मांगों व अधिकारों की रक्षा के लिए विभाग की 10 यूनियनों की ऐतिहासिक व अभूतपूर्व एकता बनीं है। उन्होंने कहा हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के बैनर तले बनी व्यापक एकता सरकार एवं सरकार की सहायता करने वाले कुछ लोगों को हजम नहीं हो रही है। एक तरफ तो कुछ लोग हड़ताल में शामिल नहीं होने की बात कह रहे हैं,उसी बयान में वही लोग कर्मचारियों की लम्बित मांगें सरकार द्वारा लागू नहीं करने की दुहाई दे रहे हैं। 
*ऐसे लोगों से रोडवेज कर्मचारी पुछ रहे हैं, क्या हड़ताल व आंदोलन का विरोध करने से मांगें लागू होगी या एकजुट आंदोलन करने से?*

  उन्होंने कहा सरकार द्वारा फुट डालो राज करो की नीति से कर्मचारी सचेत रहे। मोर्चा से बहार कुछ संगठनों से बार-बार लिखीत में पत्र डालकर वह मीटिंग में बुलाकर "हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा" में शामिल होने की अपील कर चुके हैं। सांझा मोर्चा नेताओं ने एक बार फिर मोर्चा से बहार कुछ संगठनों से कर्मचारियों के हित में मोर्चा में शामिल होकर हड़ताल सफल बनाने की मार्मिक अपील की। उन्होंने कहा निजीकरण पर रोक लगाने, विभाग में 10 हजार सरकारी बसें शामिल करने, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, खाली पदों पर पक्की भर्ती करने, परिचालक व लिपिक का वेतनमान 35400 करने,1992 से 2003 के मध्य लगे कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का करने, 2016 भर्ती चालकों व कर्मशाला में कार्यरत कर्मचारियों को पक्का होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार 2016 भर्ती चालकों व कर्मशाला के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की बजाय हरियाणा कोशल रोजगार निगम के अधिन कर रही है, जिसका सांझा मोर्चा डटकर विरोध करेगा। कर्मचारी नेताओं ने कहा सभी यूनियनों ने सर्व सम्मति से फैसला लिया मोर्चा में शामिल सभी यूनियनों के जो पदाधिकारी व कार्यकर्ता हड़ताल में शामिल नहीं होंगे तो उन्हें यूनियन से बर्खास्त किया जाएगा।

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