उद्यमिता जागरूकता सेमिनार में युवाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास एवं सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
उद्यमिता जागरूकता से युवाओं को मिलेगा आत्मनिर्भरता का मार्ग: डॉ. अंजू नरवाल
जींद : महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन, जींद द्वारा जिला रोजगार कार्यालय, जींद, हरियाणा के सहयोग से उद्यमिता पखवाड़ा के अंतर्गत उद्यमिता जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं युवाओं को उद्यमिता, स्वरोजगार, करियर अवसरों तथा सरकार द्वारा संचालित स्वरोजगार योजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला रोजगार अधिकारी डॉ. अंजू नरवाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के बदलते दौर में युवाओं को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने कौशल और नए विचारों के माध्यम से स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। विद्यार्थियों को अपने भीतर की प्रतिभा को पहचानकर नए अवसरों की तलाश करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी की तलाश करने वाला नहीं, बल्कि रोजगार के नए अवसर पैदा करने वाला बने। उन्होंने युवाओं को उपलब्ध सरकारी योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों तथा संबंधित विभागों द्वारा प्रदान की जा रही सहायता के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन के अध्यक्ष श्री राजकुमार भोला ने कहा कि युवाओं को जॉब सिकर के साथ-साथ जॉब क्रिएटर बनने की सोच विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करना है। भोला ने कहा आज के युवा के पास प्रतिभा और ऊर्जा दोनों हैं। आवश्यकता केवल सही दिशा, उचित मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराने की है। हमारा प्रयास है कि युवा अपने विचारों को अवसर में और अवसरों को सफल उद्यम में बदल सकें।
कार्यक्रम में ईको सिस्टम एक्सपर्ट मनदीप गुप्ता ने विद्यार्थियों को उद्योग जगत की वर्तमान आवश्यकताओं, रोजगार योग्य कौशल तथा उद्यमिता के व्यावहारिक पहलुओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है। युवाओं को कम्यूनिकेशन स्किल , डिजिटल स्किल्स , प्रॉब्लम सॉल्विंग, इनोवेशन एवं प्रैक्टिल स्किल्स पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने रुचि क्षेत्र की पहचान करने, आवश्यक कौशल विकसित करने और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर से शुरू किया गया प्रयास भी सही रणनीति और निरंतर मेहनत के साथ बड़े व्यवसाय का रूप ले सकता है।
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