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Tuesday, September 1, 2026

पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में हरियाणा का दबदबा! 26 साल पहले जींद के भूपेंद्र बूरा ने लहराया था परचम, अब उचाना के अंकित बिधान ने रचा इतिहास

पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में हरियाणा का दबदबा! 26 साल पहले जींद के भूपेंद्र बूरा ने लहराया था परचम, अब उचाना के अंकित बिधान ने रचा इतिहास
जींद : पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की छात्र राजनीति में हरियाणा के युवाओं ने एक बार फिर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। जींद निवासी अंकित बिधान के छात्र संघ अध्यक्ष चुने जाने के साथ ही पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में हरियाणा से अध्यक्ष बनने वाले विद्यार्थियों की संख्या 5 हो गई है। खास बात यह है कि इन पांच अध्यक्षों में से तीन का सीधा संबंध जींद जिले से है। ऐसे में पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में जींद का नाम लगातार मजबूती से उभरकर सामने आया है।

हरियाणा के लिए यह सफर करीब 26 वर्ष पहले शुरू हुआ था। वर्ष 2000-01 में जींद के भूपेंद्र बूरा 'भूप्पी' पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष बनने वाले हरियाणा के पहले विद्यार्थी बने थे। उस समय पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में पंजाब के छात्र संगठनों का मजबूत प्रभाव माना जाता था। ऐसे माहौल में हरियाणा के एक युवा का शीर्ष पद तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि थी।

भूपेंद्र बूरा ने दिखाई थी पहली राह

भूपेंद्र बूरा की जीत की खास बात यह रही कि उन्हें किसी राजनीतिक दल का प्रत्यक्ष समर्थन हासिल नहीं था। उन्होंने छात्र इकाइयों के समर्थन से चुनाव मैदान में उतरकर जीत दर्ज की और पंजाब यूनिवर्सिटी में हरियाणा का परचम लहराया।

उनकी जीत ने हरियाणा के विद्यार्थियों के बीच यह विश्वास पैदा किया कि ग्रामीण और छोटे शहरों से आने वाला युवा भी बड़े विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में अपनी पहचान बना सकता है। भूपेंद्र बूरा की सफलता केवल एक चुनावी जीत नहीं थी, बल्कि इसने हरियाणा के युवाओं के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में आगे बढ़ने का रास्ता खोल दिया।

26 साल में हरियाणा से 5 अध्यक्ष

पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र परिषद की छात्र राजनीति में वर्ष 1997 से अब तक कुल 27 अध्यक्ष बने हैं। इनमें हरियाणा से 5 विद्यार्थी अध्यक्ष पद तक पहुंचे हैं।

2000-01 — भूपेंद्र बूरा 'भूप्पी' — जींद

2015-16 — दिव्यांशु बुद्धिराजा — NSUI

2022-23 — आयुष खटकड़ — आम आदमी पार्टी के समर्थन से

2024-25 — अनुराग दलाल

2026 — अंकित बिधान — ABVP


इस सूची में सबसे खास बात यह है कि भूपेंद्र बूरा, आयुष खटकड़ और अंकित बिधान का संबंध जींद जिले से है। यानी पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में हरियाणा की उपलब्धियों में जींद जिले की हिस्सेदारी बेहद महत्वपूर्ण रही है।

गांव पेगा से पंजाब यूनिवर्सिटी के शीर्ष पद तक पहुंचे अंकित

अब इस विजय सफर को आगे बढ़ाने का काम उचाना क्षेत्र के गांव पेगा निवासी अंकित बिधान ने किया है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर पंजाब यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की छात्र राजनीति के सर्वोच्च पद तक पहुंचना क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि मानी जा रही है।

अंकित बिधान ने ABVP के उम्मीदवार के तौर पर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर हरियाणा से अध्यक्ष बनने वाले विद्यार्थियों की सूची में अपना नाम शामिल किया है। उनकी जीत के साथ ही एक बार फिर यह चर्चा तेज हो गई है कि पंजाब यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में हरियाणा के युवा लगातार अपनी जगह मजबूत कर रहे हैं।

जींद का कनेक्शन बना सबसे खास

पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र परिषद के अध्यक्ष पद के इतिहास पर नजर डालें तो हरियाणा से जुड़े पांच अध्यक्षों में तीन का संबंध जींद जिले से होना अपने आप में उल्लेखनीय है। वर्ष 2000 में भूपेंद्र बूरा से शुरू हुआ यह सफर अब 2026 में अंकित बिधान तक पहुंच गया है।

जींद के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले युवाओं ने राज्य की सीमाओं से बाहर जाकर राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में छात्र नेतृत्व की पहचान बनाई है।

ग्रामीण युवाओं के लिए बना प्रेरणा का संदेश

अंकित बिधान की जीत ने उचाना और जींद जिले के युवाओं के बीच खास उत्साह पैदा किया है। गांव पेगा जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर चंडीगढ़ की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में शीर्ष पद हासिल करना यह संदेश देता है कि नेतृत्व क्षमता और मेहनत के दम पर ग्रामीण पृष्ठभूमि का युवा भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकता है।

भूपेंद्र बूरा ने 26 साल पहले जिस सफर की नींव रखी थी, आज उसी सफर में अंकित बिधान ने एक नया अध्याय जोड़ दिया है। हरियाणा के पांच अध्यक्षों में तीन का जींद से होना इस पूरे इतिहास में जिले की मजबूत भूमिका को दर्शाता है।

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