जींद के नागरिक अस्पताल में नही बुखार के लिए पेरासिटामोल की गोली
250 प्रकार की दवाइयों में से मात्र 100 उपलब्ध
नागरिक अस्पताल में एनक्वास टीम ने जांची सुविधाएं
लैब, टीकाकरण की स्थिति, इलाज करने की सुविधाएं, एंबुलेंस व्यवस्था का किया निरीक्षण
फार्मासिस्ट को आग बुझाने के सिलेंडर के काम करने की नही मिली जानकारी
जींद: जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं को जांचने के लिए एनक्वास कार्यक्रम के तहत टीम सोमवार को पहुंची। एनक्वास टीम में डा. दक्षेश कुमार सोलंकी, डा. मानवप्रीत कौर ढिल्लों, डा. मीना मित्तल शामिल हैं। टीम द्वारा अस्पताल में लैब, टीकाकरण की स्थिति, इलाज करने की सुविधाएं, एंबुलेंस व्यवस्था, स्टोर रूम, दवाइयों की उपलब्धता, सफाई व्यवस्था, एक्सीडेंट एंड इमरजेंसी, ब्लड बैंक, जनरल एडमिनिस्ट्रेशन, लेबर रूम, ओपीडी, आप्रेशन थिएटर, पोस्टमार्टम, रेडियोलॉजी, फार्मेसी की जांच की जाएगी। निरीक्षण के दौरान टीम को किसी तरह की कोई कमी न मिले, इसको लेकर अधिकारियों द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को पुख्ता किया गया। हालांकि सोमवार को छुट्टी थी, बावजूद इसके स्टाफ व स्वास्थ्य अधिकारियों को बुलाया गया था। तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन टीम यहां स्वासथ्य सेवाओं की गुणवत्ता को जांचने के साथ ही इमरजेंसी, गायनी, सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
फार्मासिस्ट को आग बुझाने के सिलेंडर के काम करने की नही मिली जानकारी
टीम को फार्मेसी विभाग की जांच के दौरान पता चला कि फार्मासिस्ट को आग बुझाने का सिलिंडर कैसे काम करता है, इसके बारे में पता ही नहीं। एक फार्मासिस्ट ने बाहर आकर एक कर्मचारी से इसके बारे में पूछा। फार्मेसी के बाहर पहली बार सभी प्रकार की दवाइयों के नाम लिखे बैनर नजर आए। इसमें 250 प्रकार की दवाइयों की सूची बनाई गई। इनमें से 100 प्रकार की दवाइयों के सामने उपलब्ध नही हैं, लिखा मिला। सबसे हैरानी की बात है कि आम बुखार की दवाई पेरासिटामोल 500 एमजी स्टोर में उपलब्ध नहीं है।
तीन हिस्सों में बंट कर किया निरीक्षण
सोमवार सुबह टीम तीन हिस्सों में बंट गई और अस्पताल का निरीक्षण करना शुरू किया। एक टीम ने इमरजेंसी वार्ड का मुआयना किया। यहां किए जा रहे इलाज के बारे में जानकारी ली। इमरजेंसी वार्ड में दवाइयों को रखने का तरीका, बायोमेडिकल वेस्ट, मेडिकल वेस्ट को निस्तारण की व्यवस्था का आंकलन किया। काफी हद तक पहले की अपेक्षा अस्पताल में सोमवार को व्यवस्था ठीक मिली। यहां निरीक्षण करने पहुंचे डा. दक्षेश कुमार सोलंकी ने काफी देर तक नर्सिंग आफिसर को दवाइयों के सही रखने के तरीकेए स्टाक रजिस्टर को लेकर बातचीत की।
पेरासिटामोल 500 एमजी उपलब्ध नहीं
इस बार अस्पताल प्रशासन ने फार्मेसी के सामने सभी दवाइयों की एक सूची बैनर के रूप में चस्पा की है। इसमें 250 प्रकार की दवाइयों के नाम लिखे हैं। इनके सामने उपलब्ध है या नही, इसके बारे में स्कैच से लिखा हुआ है। इस सूची में से 100 प्रकार की दवाइयों के सामने नो लिखा हुआ है। इस सूची में सहज रूप से मिलने वाली बुखार की पेरासिटामोल 500 एमजी उपलब्ध नहीं है। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि अस्पताल में दवाइयों की कितनी कमी है।
तीन दिन तक करेगी निरीक्षण
नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डा. रघुवीर पूनिया ने बताया कि एनक्वास की तीन सदस्यीय टीम तीन दिन तक अस्पताल का निरीक्षण करेगी। टीम द्वारा व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी और उसी आधार पर अस्पताल को रैंकिंग मिलेगी। इसी रैंकिंग के आधार पर कैश अवार्ड दिया जाता है।
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