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Tuesday, October 27, 2026

बेटियों के हुनर को रोजगार से जोड़ना हमारा संकल्प : राजकुमार भोला

मेहंदी के रंगों से बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की अनूठी पहल, दो दिवसीय करवा चौथ मेहंदी उत्सव का शुभारंभ

बेटियों के हुनर को रोजगार से जोड़ना हमारा संकल्प : राजकुमार भोला
जींद। बेटियों को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने और उनके हुनर को आर्थिक अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से महात्मा गांधी शिक्षा एवं समाज विकास संगठन, जींद द्वारा हरियाणा नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचकेसीएल) के सहयोग से दो दिवसीय करवा चौथ मेहंदी उत्सव का शुभारंभ किया गया। अर्बन एस्टेट स्थित संगठन के कार्यालय में आयोजित इस उत्सव का उद्घाटन संस्था की साइकोलॉजिस्ट किरण सिंधु ने रिबन काटकर किया। इस अवसर पर डॉ. सुरभि रावल, डॉ. रुचि गुप्ता, अंकिता खटकड़ और मनदीप गुप्ता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

इस पहल का उद्देश्य कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बेटियों के हुनर को प्रोत्साहित करना और उन्हें स्वरोजगार एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। उत्सव के दौरान प्रशिक्षु बेटियां करवा चौथ के अवसर पर सुहागिन महिलाओं के हाथों पर आकर्षक मेहंदी लगाएंगी। इस गतिविधि से प्राप्त आय भाग लेने वाली बेटियों में वितरित की जाएगी, ताकि वे अपने हुनर के माध्यम से कमाई करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त कर सकें।

संस्था के अध्यक्ष राजकुमार भोला ने कहा कि वर्तमान समय में बेटियों को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना भी बेहद जरूरी है। संस्था का प्रयास है कि कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बेटियां अपने हुनर को पहचानें, उसका सदुपयोग करें और आत्मविश्वास के साथ आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि जब बेटियों के हुनर को सही अवसर और प्रोत्साहन मिलता है, तो वे न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनती हैं, बल्कि परिवार और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

संस्था की साइकोलॉजिस्ट किरण सिंधु ने कहा कि करवा चौथ मेहंदी उत्सव पारंपरिक त्योहार की खुशियों को महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास से जोड़ने की एक सार्थक पहल है। इस आयोजन से बेटियों को अपने हुनर का प्रदर्शन करने, लोगों से जुड़ने और अपनी मेहनत से आय अर्जित करने का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। ऐसे प्रयास बेटियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उनमें आत्मनिर्भर बनने की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने शहर की माताओं एवं बहनों से उत्सव में शामिल होकर प्रशिक्षु बेटियों का उत्साह बढ़ाने की अपील की।
संकल्प ग्लोबल पब्लिकेशन की सीईओ डॉ. सुरभि रावल ने कहा कि युवाओं और महिलाओं को शिक्षा, डिजिटल कौशल, स्वरोजगार तथा रोजगारोन्मुख गतिविधियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे, ताकि युवाओं और महिलाओं को अपनी क्षमताओं को निखारने तथा आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिल सकें। इस दो दिवसीय मेहंदी उत्सव के माध्यम से संगठन ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि पारंपरिक त्योहारों को कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

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