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Saturday, May 22, 2021

मध्य प्रदेश से नशा खरीद कर पंजाब व हरियाणा में करता था सप्लाई

मध्य प्रदेश से नशा खरीद कर पंजाब व हरियाणा में करता था सप्लाई

कैथल : सीआईए-टू पुलिस ने एक अंतराज्जीय नशा तस्करी रैकेट को भंडाफोड़ कर ड्रेन पुल चीका रोड कैथल के पास से एक बंद बॉडी आयशर कैंटर चालक को काबू किया है। वहीं कैंटर की बॉडी अंदर स्पेशल तौर पर नशा तस्करी के लिए तैयार करवाए गए गुप्त केबिन से करीब 6.50 लाख रुपये मूल्य का 128 किलो 600 ग्राम डोडापोस्त बरामद किया गया। सीआईए-टू प्रभारी इंस्पेक्टर सोमबीर की अगुवाई में सहायक उपनिरिक्षक प्रदीप कुमार की टीम सरकारी गाड़ी पर रात्रीकालीन गश्त दौरान ड्रेन पुल चीका रोड़ कैथल के पास मौजूद थी। गोपनीय सूत्रों से जानकारी मिलने उपरांत पुलिस द्वारा यहीं पर नाकाबंदी करके कैथल साइड से आने वाले बंद बॉडी आयशर कैंटर की विशेष तौर पर निगरानी करनी शुरू की गई। जहां कुछ समय बाद कैंटर नंबर एचआर38आर-7691 के चालक सोहन लाल उर्फ मोनी निवासी अगौंध हाल निवासी चीका को काबू कर लिया गया
एसपी ने बताया कि पुलिस द्वारा दी गई सूचना उपरांत मौके पर पहुंचे एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार कैथल ईश्वर सिंह के समक्ष रात्रि समय संदिगध कैंटर व चालक की नियमानुसार कार्रवाई तहत तलाशी ली गई। जिसके दौरान बंद बॉडी का लॉक खुलवाने उपरांत बंद बॉडी अंदर मात्र 8 पुराने टायर पड़े मिले। पुलिस ने जब बारीकी से जांच की तो जांच के दौरान बंद बॉडी कैंटर अंदर लोहे की चद्दर वैल्ड करवा कर एक गुप्त केबिन बने होने का शक हुआ। इसके बाद पुलिस द्वारा बंद बॉडी के उपर से तिरपाल हटाकर चेक करने उपरांत लोहा प्लेट पर दो नट लगे हुए मिले। दोनों नटों को खोलकर उपरी लोहा प्लेट हटाने उपरांत उक्त गुप्त केबिन के अदंर खुले तौर पर भरा गया डोडा पोस्त बरामद हुआ। इसको जांच के दौरान डोडा पोस्त को 7 कट्टों में भरकर वजन किया गया तो तस्कर के कब्जे से करीब 6.5 लाख रुपये मूल्य का 128 किलो 600 ग्राम डोडापोस्त बरामद हुआ। 

थाना शहर में मामला दर्ज करके आरोपी को मौके पर पहुंचे सीआईए-टू पुलिस के सहायक उपनिरिक्षक दलशेर सिंह द्वारा गिरफ्तार करके डोडा पोस्त व कैंटर को जब्त कर लिया गया। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आयशर कैंटर के मालिक गुरमीत सिंह उर्फ मीतु निवासी अगौंध के द्वारा नशे की तस्करी करने के लिए अपने उपरोक्त आयशर कैंटर की खुली बॉडी उतरवा कर बंद बॉडी लगवाई गई। इसके दौरान बॉडी के अगले हिस्से में लोहे की चद्दर वैल्ड करवा कर गोपनीय केबिन तैयार करवाया गया था। गुप्त केबिन में कैंटर बॉडी की अगली साइड बाई तरफ अंदर रखे नशे की निकासी के लिए विशेष जगह बनाई गई थी। नशे की तस्करी करने के लिए आरोपी गुरमीत द्वारा कैंटर पर माहिर चालक मोहन लाल को बतौर चालक नियुक्त किया हुआ था, जो मध्य प्रदेश से नशा खरीद कर पंजाब व हरियाणा में नशा सप्लाई का धंधा करते थे।

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