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Tuesday, May 4, 2021

ऑक्सीजन को लेकर सीएम ने की उपायुक्तों की खिंचाई

ऑक्सीजन को लेकर सीएम ने की उपायुक्तों की खिंचाई

चंडीगढ़ : हरियाणा में आक्सीजन का कोटा लगातार बढऩे के बावजूद ऑक्सीजन को लेकर मारामारी है। बुरी तरह गड़बड़ाई ऑक्सीजन की आपूर्ति का सबसे बड़ा कारण पोर्टल पर मरीजों का आंकड़ा पूरी तरह मिस मैच होना है। कुरुक्षेत्र सहित कई जिलों में निजी अस्पतालों में दाखिल मरीजों तथा पोर्टल पर पंजीकृतों का डाटा मेल नहीं खा रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी मामला संज्ञान में आने पर उपायुक्तों से लेकर सिविल सर्जनों व ऑक्सीजन निगरानी कमेटी के अधिकारियों को लताड़ लगाई है।हरियाणा में कोरोना के सक्रिय केसों की संख्या एक लाख को पार कर चुकी है। इनमें से 1400 मरीज ऐसे हैं, जिनकी सांसें ऑक्सीजन के सहारे चल रही हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में कुल 13 हजार 100 ऑक्सीजन बेड हैं, जिनमें से 2800 से ज्यादा खाली हैं। इसके साथ ही आइसीयू व वेंटिलेटर बेड 1399 हैं, जिनमें से 499 खाली हैं। मगर पोर्टल पर ऑक्सीजन बेडों का पंजीकरण मरीजों की संख्या के हिसाब से नहीं है।
इसी कारण ऑक्सीजन की आपूर्ति पूरी तरह गड़बड़ाई हुई है। सिविल सर्जनों की मिलीभगत के चलते प्राइवेट अस्पताल अंदर खाते ऑक्सीजन बेडों की संख्या बढ़ा रहे हैं, लेकिन उसे पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करवा रह हैं। इस गड़बड़ी के चलते प्रदेश में ऑक्सीजन की किल्लत लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में ऑक्सीजन आपूर्ति की बात की जाए तो शनिवार को 121.83 टन सप्लाई हुई थी, जो रविवार को बढक़र 144.75 टन पहुंच गई है।मुख्यमंत्री को शिकायत मिली थी कि पोर्टल पर पंजीकृत मरीजों की तुलना में प्राइवेट अस्पतालों में दाखिल मरीजों की संख्या कहीं ज्यादा है। इसी गड़बड़ को जांचने के लिए सीएम ने रविवार को कुरुक्षेत्र, सोनीपत, सिरसा, भिवानी व गुरुग्राम जिलों का दौरा किया। यहां पर मुख्यमंत्री ने आलाधिकारियों के साथ कोरोना प्रबंधों की समीक्षा में पोर्टल पर पंजीकृत मरीजों व जिला सिविल सर्जन की सूची में मरीजों की संख्या का मिलान किया तो पूरा खेल उजागर हो गया। इसके बाद उन्होंने डीसी से लेकर सीएमओ व ऑक्सीजन निगरानी कमेटी के अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई।
मुख्यमंत्री ने सभी जिला उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऑक्सीजन बेडों की संख्या को पोर्टल पर अपडेट रखें, ताकि ऑक्सीजन की आपूर्ति में किसी तरह की परेशानी न आए। जीटी रोड बेल्ट के निजी अस्पतालों में दिल्ली के मरीजों की भरमार जीटी रोड बेल्ट के निजी अस्पतालों में दिल्ली के मरीजों की भरमार है। इससे भी ऑक्सीजन की आपूर्ति गड़बड़ाई हुई है। निजी अस्पताल पोर्टल पर दाखिल मरीजों की सही संख्या पंजीकृत नहीं करा रहे और ऑक्सीजन की डिमांड निर्धारित कोटे से ज्यादा कर रहे हैं। सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला सहित यमुनानगर व कैथल के प्राइवेट अस्पतालों में दिल्ली के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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