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Thursday, June 3, 2021

सचिव के दिल्ली बुलावे पर मोदी-ममता में ठनी

मुख्य सचिव के दिल्ली बुलावे पर मोदी-ममता में ठनी, केजरीवाल बोले- लड़ने के बजाय राज्यों की मदद करे केंद्र
नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय के पीएम मोदी द्वारा की गई समीक्षा बैठक में देर से पहुंचने के बाद केंद्र सरकार द्वारा उन पर बड़ी कार्रवाई की गई है। केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंधोपाध्याय को दिल्ली वापस बुला लिया है।
लेकिन पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार अलपन बंदोपाध्याय को लेकर एक बार फिर आमने सामने आ चुके हैं।
केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को सोमवार 10 बजे दिल्ली आकर रिपोर्ट करना था। लेकिन उनको सरकार ने उन्हें रिलीव नहीं किया।
बल्कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस संदर्भ में पीएम मोदी को पत्र लिखकर उनके फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए कहा है।
ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि वह केंद्र सरकार के इस फैसले से स्तब्ध और हैरान है। यह आदेश एकतरफा और असंवेधानिक है।
राज्य में चल रहे कोरोना महासंकट जैसे हालात में उन्होंने मुख्य सचिव अल्पना बंदोपाध्याय को रिलीव करने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा है कि वे केंद्र सरकार के आगे नहीं झुकेंगी।
केंद्र सरकार और ममता बनर्जी के बीच इस मुद्दे पर चल रही तनातनी के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट कर लिखा है कि “ये समय राज्य सरकारों से लड़ने का नहीं है, सबके साथ मिलकर करोना से लड़ने का है। ये समय राज्य सरकारों की मदद करने का है, उन्हें वैक्सीन उपलब्ध करवाने का है।
सभी राज्य सरकारों को साथ लेकर एक होकर टीम इंडिया बनकर काम करने का है। लड़ाई झगड़े और राजनीति करने को पूरी ज़िंदगी पड़ी है।”
आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंधोपाध्याय को केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक दिल्ली रिपोर्ट करने से पहले तकनीकी रूप से ममता सरकार द्वारा कार्यमुक्त होना जरूरी है। लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस ट्रांसफर को मंजूरी नहीं दी है।

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