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Saturday, June 26, 2021

किसान आंदोलन: टिकैत की दो टूक, आज बोल दी बड़ी बात…अब सरकार क्या करेगी?

किसान आंदोलन: टिकैत की दो टूक, आज बोल दी बड़ी बात…अब सरकार क्या करेगी?
नई दिल्ली : तीन नए कृषि कानून के खिलाफ उपजे किसान आंदोलन को आज 7 महीने पूरे हो गए हैं। इस बीच कई बार सरकार और आंदोलनकारी किसान आपस में बैठक कर चुके हैं मगर परिणाम जीरो ही रहा है। बात बन नहीं पाई है। आंदोलनकारी किसान इस बात पर अड़े हैं कि तीन नए कृषि कानून को हर हाल में रद्द किया जाए। जबकि सरकार ऐसा करने को राजी नहीं है।
सरकार का कहना है कि तीन नए कृषि कानून में उनके द्वारा बताया गया उचित संसोधन किया जा सकता है या फिर एक तय समय के लिए इसके लागू होने पर रोक लगाई जा सकती है। पर तीन नए कृषि कानून को रद्द नहीं किया जा सकता है। जिसके बाद अब इसीलिए किसान आंदोलन लगातर जारी है। आंदोलनकारी किसान इस हठ पर हैं कि उनकी बात सरकार को माननी ही पड़ेगी और वह मनवाकर ही रहेंगे।
इधर, शनिवार 26 जून को आंदोलन को सात महीने पूरे होने पर आंदोलनकारी किसानों द्वारा रोष प्रदर्शन किया गया और अलग-अलग जगहों पर राजभवन में ज्ञापन देने के लिए यह आगे बढे जहाँ पुलिस और इनके बीच टकराव की स्थिति देखी गई। उधर, किसान आंदोलन की कमान संभाल रहे राकेश टिकैत ने शनिवार को सरकार को दो टूक बात कह डाली।
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हमारे जिन पदाधिकारियों को पकड़ा है उन्हें या तो तिहाड़ जेल भेजो या फिर राज्यपाल से इनकी मुलाकात कराओ। हम आगे बताएंगे कि दिल्ली का क्या इलाज करना है। दिल्ली बगैर ट्रैक्टर के नहीं मानती है। लड़ाई कहां होगी, स्थान और समय क्या होगा यह तय कर बड़ी क्राांति होगी।
टिकैत ने आगे कहा कि आज एक बैठक की गई है जिसमें हमने अपने आंदोलन को मजबूत करने का फैसला किया है। हमने दो और रैलियां करने का फैसला किया है। 9 जुलाई को ट्रैक्टर रैली होगी जिसमें शामली और बागपत के लोग मौजूद रहेंगे, 10 जुलाई को सिंघू बॉर्डर पहुंचेंगे। इसके अलावा एक और रैली 24 जुलाई को होगी, इसमें बिजनौर और मेरठ के लोग शामिल होंगे। 24 जुलाई की रात वे मेरठ टोल पर रुकेंगे और 25 जुलाई को रैली यहां (दिल्ली-गाजीपुर) पहुंचेगी।

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