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Friday, June 18, 2021

ग्रामीण अब किसान आंदोलनकारियों को खदेड़ने पर अड़े

ग्रामीण अब किसान आंदोलनकारियों को खदेड़ने पर अड़े 

बहादुरगढ़ : टिकरी बॉर्डर पर गांव कसार के मुकेश मुद्गल काे जिंदा जलाकर मारने के मामले में किसानों ने रोड जाम कर जमकर विरोध जताया। आरोप है कि किसान आंदोलन में आए चार किसानों ने अपने पंडाल के पास व्यक्ति को पेट्रोल डालकर जलाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन किसानों के प्रति नर्म व बहादुरगढ़ के ग्रामीणों के प्रति उदासीन रहा।
गुरुवार दोपहर को नाराज ग्रामीणों ने 5 घंटे शव सड़क के बीच में रख जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने किसानों को बहादुरगढ़ से भगाने की घोषणा कर दी। इस बीच माैके पर पहुंचे एसडीएम हितेंद्र कुमार ने ग्रामीणों काे उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर समझाया, लेकिन किसी ने एक न सुनी।
ग्रामीण डीसी व एसपी काे माैके पर बुलाने की मांग का रहे थे। ग्रामीणों ने डीसी को ज्ञापन सौंपकर गांव में सुरक्षा बढ़ाने की मांग के साथ किसानों की झोपड़ियों को गांव से 4 किलोमीटर दूर ले जाने की मांग की। मृतक परिवार से किसी एक को सरकारी नौकरी व बेटे की शिक्षा के साथ आर्थिक सहायता व परिवार को सुरक्षा दिलाने की मांग की गई। डीसी श्याम लाल पुनिया ने मांगें सरकार तक पहुंचा देंगें।
*सरकार-प्रशासन से ग्रामीणों की 3 मांगें*
1.किसानों की झोपड़ियों को बॉर्डर से हटाकर 4 किमी दूर शिफ्ट किया जाए
2.मृतक युवक के परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए
3.मृतक के बेटे की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद, परिवार को सुरक्षा दी जाए
*ग्रामीणों का आरोप- शाम होते ही आंदोलनकारियों की झोपड़ियों के अंदर सजाई जाती है शराब नशे की महफिल*
टिकरी बाॅर्डर पर तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन में बाईपास पर कसार गांव के पास सैकड़ों आंदोलनकारियों ने ट्राॅलियों व झोपड़ियों को घरनुमा बना रखा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शाम होते ही झोपड़ियों में शराब की महफिल सजती है। रात करीब 8 से 9 बजे के बीच किसानों के साथ बैठकर मुकेश शराब पी रहा था।
आरोप है कि दो किसानों ने नशा होने पर मुकेश पर पेट्रोल डाल आग लगा दी। माना जा रहा कि पेट्रोल भी वहीं पर साथ में लगते एचपी पंप से लाया गया था। वहीं, डीएसपी पवन ने बताया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इसी कसार गांव के लाेगाें ने किसान आंदाेलन के लिए जुटाया था चंदा, किसानों के लिए पहुंचाया था दूध-पानी

डीसी श्यामलाल पुनिया और एसपी राजेश दुग्गल ने ग्रामीणों को समझाया कि उनकी मांगें सरकार तक पहुंचा दी जाएंगी। आरोिपयों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

कसार के ग्रामीणों ने आंदोलनकारी किसानों को तुरंत प्रभाव से बहादुरगढ़ खाली करने को कहा है। किसानों का कहना है कि शुरू में किसानों के आंदोलन में कसार गांव में काफी चंदा एकत्र करके दिया था। किसानों के लिए दूध व पानी के साथ गांव के पास शौचालय तक की व्यवस्था की थी। आरोप लगाया कि अब किसानों के पंडालों में 24 घंटे नशे का काम होता है।
छह माह से गांव के महिलाओं का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। यहां हर रोज रात के समय किसान शराब व नशा करके गाने बजाते हैं। रातभर विवाद व झगड़ों में गालियां की आवाजें आती रहती है। शाम पांच बजे ग्रामीण हाईवे पर मुकेश के शव को लेकर बैठे थे, लेकिन प्रशासन ग्रामीणों को यह आश्वासन तक नहीं हो पाया कि आंदोलनकारी को बहादुरगढ़ से बाहर भेजा जाएगा।
इस मौके पर पूर्व विधायक नरेश कौशिक ने कहा कि बहादुरगढ़ में उद्योग धंधों व व्यापार को मिट्टी में मिलाने वाले बहादुरगढ़ के युवाओं को मुफ्त शराब व नशे की गिरफ्त में डाल वाले आंदोलनकारियों के बीच में बैठे असामाजिक तत्वों को पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। बाहरी आंदोलनकारी तुरंत प्रभाव से बहादुरगढ़ को छोड़ दे।

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