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Saturday, August 28, 2021

हर 6 महीने में चाहिए नया दूल्हा, 8 को छोड़ा, 9वीं शादी पर चढ़ी पुलिस के हत्थे

इस दुल्हन को हर 6 महीने में चाहिए नया दूल्हा, 8 को छोड़ा, 9वीं शादी पर चढ़ी पुलिस के हत्थे

हिसार : ये है लुटेरी दुल्हन की हैरान करने वाली दास्तान।  जिसका पर्दाफाश हुआ तो सब दंग रह गए। इन दुल्हन की करतूत जानकर आपको ये कहानी फिल्मी लग सकती है। एक बारगी ये भी लग सकता है कि क्या ऐसा सचमुच की ज़िंदगी में हो सकता है भला? लेकिन आप जो सोच नहीं सकते, हरियाणा से लेकर पंजाब तक इस लुटेरी दुल्हन ने अलग-अलग हिस्सों में हाथ मारे हैं। वो दूल्हों का सबकुछ हथियाने के लिए कुछ भी कर सकती हैं। 

जिस दुल्हन का जिक्र हम कर रहे हैं वह लग्जरी लाइफ जीने व पैसे कमाने के लिए शादी कर पतियों को लूटने वाली आठ शादियां करने के बाद नौवीं शादी करने की तैयारी में थी। नौवीं शादी की तैयारी से पहले पटियाला पुलिस ने गैंग सहित उसे गिरफ्तार कर लिया है। शादी करके ब्लैकमेलिंग के इस खेल में उसकी मां भी साथ देती थी। आरोपित लुटेरी दुल्हन वीरवाल कौर सुहागरात के अगले दिन ही वह झगड़ा शुरू कर देती थी। ठगी के लिए की जाने वाली शादी में वह पहली शादी व बच्चों का जिक्र नहीं करती थी। इसके बाद गैंग के मास्टरमाइंड की मदद से ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू होता था। वह अब तक हरियाणा के तीन और पंजाब के 5 लोगों को निशाना बना चुकी थी और 9वीं शादी की तैयारी में थी।  
एसपी सिटी आइपीएस वरुण शर्मा ने बताया कि मामले में लुटेरी दुल्हन 30 वर्षीय वीरपाल कौर, मास्टरमाइंड रणवीर सिंह राणा निवासी गांव ढडरियां पटियाला, वीरपाल कौर की मां परमजीत कौर और उमा निवासी पावला, थाना डांड, जिला कैथल (हरियाणा) को गिरफ्तार किया गया है। इनसे 20  हजार रुपये कैश और करीब 12 तोले सोना मिला है। उनके मोबाइल फोन में पुरानी शादी के वीडियो व फोटोज भी मिले हैं। 

इस गिरोह का पर्दाफाश उस समय हुआ जब हरियाणा के तीन पीड़ित शिकायत लेकर पंजाब पुलिस के पास पहुंचे। एसपी सिटी वरुण शर्मा ने बताया कि प्रदीप कुमार निवासी गांव पूंडरी जिला कैथल, दर्शन कुमार निवासी गांव रेहड़ा जिला कैथल व संजू उर्फ संजय निवासी हिसार (हरियाणा) इस लुटेरी दुल्हन के शिकार हुए हैं। अन्य लोग पटियाला के हैं। ये लोग अभी पुलिस के पास शिकायत लेकर नहीं आए हैं। गिरोह ने शुरुआती पूछताछ में बताया कि ये लोग अब तक आठ फर्जी शादियां कर चुके हैं। 
आरोपितों ने पंजाब के अलावा हरियाणा में नेटवर्क फैला रखा था, जहां पर तलाकशुदा व 30 से 40 साल की आयु वाले कुंवारे लोगों को तलाशते थे। गुरुद्वारा साहिब या मंदिर में जाकर शादी करवाने के कुछ दिन बाद ही वीरपाल झगड़ा शुरू कर देती थी, जिसके बाद अलग होने व पुलिस केस करने की धमकियां देती थी। तब मास्टरमाइंड राणा की एंट्री होती थी, जो समझौते का प्रस्ताव रखता था। बदनामी के डर से शादी करने वाला व्यक्ति समझौता करके इन लोगों को पैसे व गहने दे देता था। गिरोह एक लाख रुपये से लेकर तीन लाख रुपये तक लेने के बाद समझौता करता था। इसके लिए वीरपाल कौर ने फर्जी आधार कार्ड, राणा ने दो अलग नंबर के आधार कार्ड, वोटर कार्ड व पहचान पत्र बना रखे थे।

वीरपाल कौर ने वर्ष 2010 में पहली शादी की थी। इससे उसे तीन बच्चे हैं जिनकी उम्र 7 से 9 साल के बीच है। वीरपाल ने ठगी के लिए बाकी शादियां पिछले 4 साल में की हैं। फिलहाल, उसका असली पति लापता है। उसने वीरपाल से तलाक भी नहीं लिया है।

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