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Saturday, January 31, 2026

January 31, 2026

*69वें राष्ट्रीय स्कूल खेलों में वुड स्टॉक स्कूल के छात्र हार्दिक यादव ने जीता रजत पदक*

*69वें राष्ट्रीय स्कूल खेलों में वुड स्टॉक स्कूल के छात्र हार्दिक यादव ने जीता रजत पदक*
जींद : पुणे में आयोजित 69 वें राष्ट्रीय स्कूल खेल प्रतियोगिता में वुड स्टॉक स्कूल के होनहार छात्र हार्दिक यादव ने कराटे प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय और क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया। *कक्षा 11वीं के छात्र हार्दिक यादव, पुत्र श्री नवीन यादव, ने अंडर -19 (-82 किलोग्राम) कराटे वर्ग* में उत्कृष्ट खेल कौशल का परिचय देते हुए रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम किया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच हार्दिक ने अनुशासन, दृढ़ संकल्प और तकनीकी दक्षता का अद्भुत प्रदर्शन किया। उनकी इस सफलता से विद्यालय परिवार में हर्ष और गर्व का वातावरण व्याप्त है।
विद्यालय के निदेशक *डॉक्टर नरेंद्र नाथ शर्मा* जी ने हार्दिक यादव को इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त करना किसी भी विद्यार्थी के लिए अत्यंत गौरव का विषय होता है। हार्दिक की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और विद्यालय द्वारा प्रदान किए गए श्रेष्ठ मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थी विद्यालय की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करते हैं। उपनिदेशक *श्री आशुतोष शर्मा* जी ने कहा कि हार्दिक यादव ने कराटे प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह सिद्ध कर दिया है कि लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास से बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं। उनकी यह सफलता अन्य विद्यार्थियों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।विद्यालय की प्रधानाचार्या *श्रीमती सुकीर्ति गौतम* जी ने हार्दिक को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देता है। हार्दिक की यह उपलब्धि विद्यालय के लिए गर्व का विषय है और आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
इस अवसर पर सम्पूर्ण वुड स्टॉक स्कूल परिवार ने हार्दिक यादव को उनकी इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
January 31, 2026

राजकीय महिला महाविद्यालय जींद में अंतर-जिला विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन

राजकीय महिला महाविद्यालय जींद में अंतर-जिला विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन

छात्राओं के नवाचार और वैज्ञानिक सोच की हुई सराहना
जींद : राजकीय महिला महाविद्यालय, जींद में  अंतर-जिला विज्ञान प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य जय नारायण गहलावत ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम जींद सत्यवान मान उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि सत्यवान मान ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए छात्राओं द्वारा बनाए गए विज्ञान मॉडल देखे और उनसे विषय से संबंधित प्रश्न पूछे। उन्होंने छात्राओं की वैज्ञानिक समझ, प्रस्तुति कौशल और नवाचार की मुक्त कंठ से प्रशंसा की तथा ऐसे आयोजनों को भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
इस अंतर-जिला विज्ञान प्रदर्शनी की संयोजिका श्रीमती आशी मित्तल एवं सह-संयोजिका डॉ. मंजू शर्मा रहीं। प्रदर्शनी में राजकीय महिला महाविद्यालय जींद एवं चीका सहित राजकीय महाविद्यालय जींद, अलेवा, जुलाना, सफीदों, नरवाना और कैथल के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
निर्णायक मंडल की भूमिका में राजकीय महिला महाविद्यालय लाखन माजरा से डॉ. अनुराधा नांदल, डॉ. सोनाली, डॉ. मनीषा, राजकीय महाविद्यालय नारनोंद से डॉ. प्रवीण जैन तथा राजकीय महाविद्यालय हिसार से डॉ. प्रवीण बिश्नोई, डॉ. निर्मल कौशिक और डॉ. अनुपम शेरा शामिल रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य श्री जय नारायण गहलावत ने कहा कि इस प्रकार की विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। ये आयोजन नवाचार को बढ़ावा देते हैं और छात्राओं की छुपी प्रतिभा को सामने लाने का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय जींद के प्राचार्य श्री सत्यवान मलिक, राजकीय महाविद्यालय जुलाना के प्राचार्य श्री शमशेर सिंह सहित महिला महाविद्यालय जींद से श्री नरेंद्र कुमार, डॉ. जितेंद्र शर्मा, डॉ. संदीप शर्मा एवं डॉ. अल्पना शर्मा भी उपस्थित रहे।
अंतर-जिला विज्ञान प्रदर्शनी के परिणाम
महाविद्यालय की मीडिया प्रभारी डॉ. सुमिता आशरी ने बताया कि प्रदर्शनी के परिणाम इस प्रकार रहे—
मनोविज्ञान (Psychology):
प्रथम: रा. महिला महाविद्यालय चीका – सुनीता, दिव्यप्रीत
भूगोल (Geography):
प्रथम: रा. महिला महाविद्यालय जींद – इच्छा, रितिका
द्वितीय: रा. महाविद्यालय जींद – सूरज, विधि
सर्वश्रेष्ठ व्याख्याता: रा. महाविद्यालय जींद – सूरज
भौतिक विज्ञान (Physics):
प्रथम: केएम रा. महाविद्यालय नरवाना – हर्ष, भूपेश
द्वितीय: रा. महाविद्यालय जींद – तमन्ना, बबीता
तृतीय: रा. महिला महाविद्यालय जींद – अनुष्का, महक
सर्वश्रेष्ठ व्याख्याता: रा. महाविद्यालय जींद – हर्षिता
रसायन विज्ञान (Chemistry):
प्रथम: रा. महिला महाविद्यालय जींद – अंशिका, वैष्णवी
द्वितीय: रा. महाविद्यालय चीका – नेहा, प्रीती
सर्वश्रेष्ठ व्याख्याता: रा. महिला महाविद्यालय चीका – नेहा
कंप्यूटर विज्ञान:
प्रथम: रा. महाविद्यालय जींद – “स्मार्ट ब्रीफ (AI)” – भावना, तमन्ना
द्वितीय: रा. महिला महाविद्यालय चीका – “इन्फोबोट” – मंजीत कौर
सर्वश्रेष्ठ व्याख्याता: रा. महिला महाविद्यालय जींद – सलोनी
वनस्पति विज्ञान:
प्रथम: रा. महाविद्यालय सफीदों – गौरव, विनीत
द्वितीय: रा. महाविद्यालय जींद – वैशाली, चेष्ठा
सर्वश्रेष्ठ व्याख्याता: रा. महिला महाविद्यालय जींद – ओजसी सोनी
प्राणी विज्ञान:
प्रथम: केएम रा. महाविद्यालय नरवाना – अन्नू, मुस्कान
द्वितीय: रा. महाविद्यालय सफीदों – उज्जवल, सिमरन
सर्वश्रेष्ठ व्याख्याता: केएम रा. महाविद्यालय नरवाना – मुस्कान
कार्यक्रम के समापन पर विजेता छात्राओं को सम्मानित किया गया और सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
January 31, 2026

कुरुक्षेत्र के उमरी में 5 एकड़ भूमि पर 124 करोड़ रुपए से किया जाएगा गुरु रविदास धाम का निर्माण, 90 करोड़ रुपए के कामों के टेंडर किए जारी

गुरु रविदास जी के समानता, समरसता व सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर चलते हुए अंत्योदय के लिए वचनबद्ध है सरकार : नायब सिंह सैनी

कुरुक्षेत्र के उमरी में 5 एकड़ भूमि पर 124 करोड़ रुपए से किया जाएगा गुरु रविदास धाम का निर्माण, 90 करोड़ रुपए के कामों के टेंडर किए जारी

 20 वर्षों से एक स्थान पर रहने वाले अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों को पॉलिसी बनाकर दिया जाएगा मालिकाना हक: मुख्यमंत्री

एससी कम्पोनेंट प्लान के पैसों को एससी समाज के लिए ही प्रयोग करने के लिए सत्र में प्रावधान लाकर किया जाएगा लागू

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संत गुरु रविदास जी की 649 वीं जयंती के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को किया सम्बोधित
चंडीगढ़ - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की हैं कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के जो लोग 20 साल से एक स्थान पर निवास कर रहे है, उन्हें मालिकाना हक देने के लिए पॉलिसी बनाकर रियायत दी जाएगी। इसके अलावा एससी कम्पोनेंट प्लान के पैसों को एससी समाज के लिए ही प्रयोग करने के लिए  सत्र में प्रावधान लाकर लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शनिवार को कुरुक्षेत्र के उमरी में हरियाणा सरकार की संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रचार प्रसार योजना के अंतर्गत आयोजित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती पर राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस बीच कार्यक्रम संयोजक एवं प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री तथा खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार द्वारा रखी गई मांगों पर बोलते हुए कहा कि औद्योगिक व व्यावसायिक प्रयोग के लिए एचएसआईआईडीसी में पॉलिसी बनाकर छूट का प्रावधान भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति की नौकरियों की क्लास ए व बी में पदोन्नति व क्रीमीलेयर के मापदंडों को 31 मार्च 2026 तक निर्धारित किया जाना है, इसके लिए सुझाव प्रस्तुत किए जाएं, उन सुझावों के आधार पर मांग को पूरा किए जाने की कोशिश की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने इससे पहले कार्यक्रम में पहुंचने पर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन भी किया। वहीं, कार्यक्रम में मौजूद संत समाज से भी मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आर्शीवाद लिया।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी को नमन करते हुए कहा कि गुरु रविदास का व्यक्तित्व पूर्णिमा के चन्द्रमा की तरह शीतल एवं उज्ज्वल था। उनकी वाणी, उनके आदर्श और उनकी शिक्षाएं अजर-अमर हैं। वे केवल अपने युग के संत नहीं थे, बल्कि हर युग के लिए मानवता के मार्गदर्शक हैं। उन्होंने अपनी काव्य रचनाओं में सरल और व्यावहारिक भाषा का प्रयोग करके आमजन तक अपने विचार पहुंचाए। उन्होंने भक्ति आंदोलन से समाज सुधार करने का साहसिक और ऐतिहासिक काम किया, जिससे उस समय जाति-पाति, अंधविश्वास और ऊंच-नीच में उलझे समाज में एक नई जागृति आई। संत रविदास जी किसी एक जाति या सम्प्रदाय के गुरु नहीं थे। वे पूरी मानव जाति के पथ-प्रदर्शक थे।
उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी की समानता व सामाजिक न्याय की परिकल्पना कितनी प्रगतिशील है। वे ऐसा राज्य चाहते थे, जहां सभी को भर पेट अन्न मिले और छोटे-बड़े का कोई भेद न हो। मानव होने के नाते सभी बराबर हों, सभी का जीवन खुशमय व समृद्ध हो और सभी को विकास के समान अवसर मिलें। उनके इसी संदेश को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के महामंत्र में पिरोया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी जैसे संत-महात्माओं,ऋषि-मुनियों,पीर-पैगम्बरों और गुरुओं ने भूली-भटकी मानवता को जीवन का सच्चा रास्ता दिखाया है। ऐसी महान विभूतियों की शिक्षाएं पूरे मानव समाज की धरोहर हैं। उनकी विरासत को सम्भालने व सहेजने की जिम्मेदारी हम सबकी है। प्रदेश सरकार ‘संत-महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना’ के तहत संतों व महापुरुषों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रही हैं। इस योजना के तहत संत-महापुरुषों की जयंती को राज्य स्तर पर मनाया जाता है। यह राज्य स्तरीय समारोह भी इसी कड़ी में आयोजित किया गया है। 
*प्रदेश सरकार अंत्योदय के लिए वचनबद्ध हैं: मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार गुरु रविदास जी के समानता, समरसता व सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का अनुकरण करते हुए अंत्योदय के लिए वचनबद्ध हैं। उन्होंने इस दौरान मंच से सबसे अनुरोध करते हुए कहा कि अपने बच्चों को शिक्षित करें तथा जात-पात, ऊंच-नीच और साम्प्रदायिकता के भेदभाव को खत्म करने तथा प्रदेश के विकास के लिए मिलकर काम करें। यहीं, संत शिरोमणि गुरु रविदास जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की शिक्षाएं और उनका संदेश आज भी हमारे लिए उतने ही उपयोगी हैं, जितने उनके समय में थे। हम उनसे अब भी मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं। इसी के अनुरूप सरकार ने हरियाणा में ऐसी नीतियां बनाई हैं, जिससे गरीब से गरीब व्यक्ति का उदार हो,समाज के हर वर्ग का उत्थान हो। सरकार ने अनुसूचित जातियों के कल्याण और अधिकारों के संरक्षण के लिए “हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग” का गठन किया है। साथ ही अनुसूचित जातियों को प्रथम व द्वितीय श्रेणी के पदों में 20 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गरीब के सिर पर अपनी छत हो, यह सपना पूरा करने के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत 1 लाख 56 हजार मकान दिए गए हैं। साथ ही ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ के तहत शहरों व गांवों में 27 हजार से अधिक गरीब परिवारों को प्लॉट दिए हैं। गांवों में पंचायती भूमि पर बने 500 वर्ग गज तक के मकानों पर काबिज लोगों को मालिकाना हक दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारी अमीरी और गरीबी देखकर नहीं आती। इसलिए प्रदेश सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि धन के अभाव में कोई भी गरीब इलाज से वंचित नहीं रहेगा। ‘आयुष्मान भारत-चिरायु योजना’ के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज किया जाता है। अब तक 27 लाख लोगों का इलाज करवाया गया है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा, गंभीर बीमारियों को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने किडनी के रोग से पीड़ित रोगियों के लिए सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस की सेवाएं शुरू की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति के छात्रों को ‘डॉ. अम्बेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना’ के तहत मैट्रिक के बाद उच्च शिक्षा के लिए कक्षा अनुसार 8 हजार रुपये से लेकर 12 हजार रुपये तक की वार्षिक छात्रवृत्ति दी जा रही है। साथ ही अनुसूचित जाति के उन छात्र व छात्राओं, जिनकी पारिवारिक आय 2 लाख 50 हजार रुपये वार्षिक है, को विभिन्न उच्च प्रतियोगी व प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी हेतु निजी संस्थाओं के माध्यम से दो बार तक मुफ्त कोचिंग दिलवाई जाती है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति के पोस्ट मैट्रिक कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों को 2 हजार 500 रुपये से लेकर 13 हजार 500 रुपये प्रति वर्ष तक शैक्षणिक भत्ता दिया जाता है। इसके अलावा सभी अनिवार्य नॉन रिफंडेबल फीसों का भुगतान भी किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत अनुसूचित जाति के नौवीं व दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले डे-स्कॉलर विद्यार्थियों को 3 हजार 500 रुपये तथा छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को 7 हजार रुपये प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके अलावा, सफाई तथा जोखिम वाले व्यवसायों में लगे लोगों के बच्चों को डे-स्कॉलर पहली से 10वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को 3 हजार 500 रुपये और छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को 8 हजार रुपये छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। सरकार ने बहनों-बेटियों को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए ‘दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये दिये जाते हैं। अब तक तीन किस्तों में 8 लाख 63 हजार से अधिक बहन-बेटियों को 441 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।

*124 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा है धाम*

कुरुक्षेत्र के उमरी में 5 एकड़ भूमि में 124 करोड़ रुपए से गुरु रविदास धाम का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने प्रथम चरण में 90 करोड़ रुपए के कामों के टेंडर जारी किए हैं।

 *गुरु रविदास जी संत होने के साथ ही एक समाज सुधारक और विचारक थे : मनोहर लाल*

कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से जुड़े केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि गुरु रविदास जी संत तो थे ही, इसके साथ ही एक समाज सुधारक और विचारक भी रहे। संत रविदास का 15वीं शताब्दी में वाराणसी में जन्म हुआ था। अब वाराणसी में पूर्णिमा को मेले का आयोजन किया जाता है और दूर दराज से लोग वहां पर जाते हैं। यह समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने बहुत शिक्षाएं दी है, शिक्षाएं प्रासंगिक है। वह समय का पालन करते थे और वचनों के पक्के थे। उनका कहना था कि जान जाए पर वचन ना जाए।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जो नागरिक रविदास जी के संस्कारों व शिक्षाओं को मानते हैं, वो जाति से बाहर निकलें। रविदास के संस्कारों में दृढ़ता थी, वह जाति पाति में विश्वास नहीं रखते थे। उनकी शिक्षाओं में प्रचलित है। समाज के अंदर अच्छा व्यक्ति किसी भी जाति का हो सकता है। प्रत्येक व्यक्ति हमेशा संस्कारों और अपने अच्छे विचारों से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संतों की शिक्षाओं पर चलते हुए बिना खर्ची पर्ची के नौकरियां दी गई।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हर वर्ग के लिए योजनाएं तैयार की हैं और आगे भी प्रत्येक वर्ग के लिए योजनाओं को तैयार किया जाएगा। परिवार पहचान पत्र के तहत घर-घर तक सभी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को लागू किया है।

*समानता, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश आज भी प्रासंगिक: मंत्री कृष्ण लाल पंवार*

कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रदेश के विकास एवं पंचायत मंत्री तथा खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी द्वारा समाज को समानता, मानवता और सामाजिक समरसता का जो संदेश दिया गया, वह आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने इस दौरान 5 एकड़ भूमि में बनाएं जा रहे संत गुरु रविदास जी धाम के निर्माण हेतु 90 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। श्री पंवार ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह समारोह गुरु रविदास जी की विचारधारा और उनके अनुयायियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष समाज से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर एक मांग-पत्र भी पढ़कर सुनाया और विश्वास जताया कि प्रदेश सरकार संत गुरु रविदास जी के आदर्शों पर चलते हुए समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

*सामाजिक समरसता के संदेश को साकार करने की दिशा मे काम कर रही सरकार: मोहन लाल कौशिक*

 बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष श्री मोहन लाल कौशिक ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए समावेशी और जनहितकारी नीतियों के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और सामाजिक समरसता के संदेश को साकार करने की दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा गुरु रविदास जी धाम के निर्माण को लेकर शुरू किए गए कार्यों की सराहना की। श्री कौशिक ने कहा कि सरकार ने विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देते हुए जो कार्य किए हैं, उन्हीं का परिणाम है कि प्रदेश की जनता ने लगातार तीसरी बार भारी बहुमत देकर भाजपा सरकार को सेवा करने का अवसर प्रदान किया है।

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, श्री कृष्ण बेदी, सांसद श्री नवीन जिंदल, सांसद श्री सुभाष बराला, चीफ व्हिप एवं विधायक श्री रामकुमार कश्यप, विधायक श्री भगवान दास कबीरपंथी, विधायक श्री पवन खरखौदा, विधायक श्री कृष्ण कुमार, विधायक श्री धनश्याम अरोड़ा, अनुसूचित समाज के प्रदेशाध्यक्ष सत्य प्रकाश, पूर्व मंत्री श्री कंवर पाल,  पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा, पूर्व मंत्री बनवारी लाल, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, पूर्व सांसद ईश्वर सिंह भी सहित काफी गणमान्य भी मौजूद थे।
January 31, 2026

भारतीय मिट्टी की खुशबू को बिखेरता है खो-खो खेल : नायब सिंह सैनी

भारतीय मिट्टी की खुशबू को बिखेरता है खो-खो खेल : नायब सिंह सैनी

 मुख्यमंत्री  ने खो-खो एसोसिएशन को 21 लाख रुपए देने की करी घोषणा

वर्ष 2036 के ओलंपिक तक देश को एक वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का प्रधानमंत्री का संकल्प

चंडीगढ़-हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि खो-खो केवल एक खेल नहीं हैयह हमारी मिट्टी की खुशबू है। यह ऐसा खेल है जो हमें सिखाता है कि संसाधनों की कमी कभी भी प्रतिभा के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती। इसमें न तो महंगे उपकरणों और न ही बड़े मैदानों की आवश्यकता होती है। इसमें फुर्तीरणनीतिटीम वर्कअनुशासन और तीव्र निर्णय क्षमता की आवश्यकता होती है।

 मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को केशव पार्क में 35वीं सब जूनियर नैशनल खो-खो चैम्पियनशिप (लडक़ेलड़कियां) के उदघाटन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधिवत रूप से खेलों के शुभारंभ की घोषणा की तथा एसोसिएशन को 21 लाख रुपए देने की घोषणा की और खिलाडिय़ों से मिलकर परिचय भी लिया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार और राज्यसभा के सासंद सुभाष बराला ने भी खिलाडिय़ों को सम्बोधित किया तथा आयोजकों को बेहतरीन आयोजन के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में खेलों के लिए एक स्पष्ट और दूरदर्शी विजन तैयार किया। इसका उद्देश्य था हर बच्चे को खेल से जोड़नाहर गांव में खेल का मैदान विकसित करना और हर उस युवा को अवसर देनाजिसमें खेल के प्रति जुनून और क्षमता है। इसी उद्देश्य से हम प्रदेश में वर्षभर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को वर्ष 2036 के ओलंपिक के लिए तैयार करने और देश को एक वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में स्थापित करने का सपना देखा है। खेलो इंडियाफिट इंडिया जैसे अभियान इसी सोच का परिणाम हैं। हरियाणा को खेलों की नर्सरी कहा जाता हैजहां से निकले खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मुझे अत्यंत हर्ष और गौरव का अनुभव हो रहा हैयह वही धरती है जहां युगों पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्मकर्तव्य और अनुशासन का अमर संदेश दिया था। इसी धरती से खो-खो जैसे भारतीय पारंपरिक खेल के माध्यम से अनुशासनसमर्पणटीम भावना और राष्ट्र एकता का संदेश पूरे देश में गूंज रहा है। यह केवल एक खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ नहीं हैबल्कि भारत की खेल संस्कृतियुवा शक्ति और उज्ज्वल भविष्य का उत्सव है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में इस स्तर की प्रतियोगिता हरियाणा में आयोजित हुई थी और आज लगभग 12-13 वर्षों के बाद हम पुन: इस राष्ट्रीय खेल महाकुंभ के साक्षी बन रहे हैं। भारत के सभी राज्यों एवं अन्य खेल इकाइयों की 34 टीमें इस प्रतियोगिता में भाग ले रही हैंजो यह दर्शाता है कि खो-खो जैसे पारंपरिक खेल के प्रति देशभर में कितना उत्साह है। यह प्रतियोगिता 5 दिवसीय है और इसका समापन आगामी 4 फरवरी को होगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तकगुजरात से लेकर पूर्वोत्तर भारत तकलगभग 1080 बालक एवं बालिका खिलाड़ी यहां अपनी प्रतिभापरिश्रम और आत्मविश्वास का प्रदर्शन करने आए हैं। इन खिलाडिय़ों के साथ-साथ 210 समर्पित कोच भी यहां मौजूद हैंजिन्होंने इन बच्चों को तैयार करने में वर्षों की मेहनत लगाई है। आज यहां भले ही भाषाएं अलग होंवेशभूषाएं अलग हों और संस्कृतियां अलग होंलेकिन आप सभी की भावना एक है और वह खेल भावना है। यही खेलों की सबसे बड़ी ताकत है कि वे भेदभाव की दीवारों को तोडक़र हमें एक सूत्र में बांधते हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज जब विश्व के कई देश हमारे पारंपरिक खेलों को अपनाने और उनसे सीखने की ओर अग्रसर हैंतब यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी बनती है कि हम अपनी इस अनमोल विरासत को संरक्षित भी करें और वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित भी करें। हमारे प्रदेश के खिलाडिय़ों ने ओलंपिकएशियाई खेलराष्ट्रमंडल खेल और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर भारत का तिरंगा गर्व से लहराया है।

 पहले दिन खो-खो के खेले गए कुल 40 मैच

 हरियाणा स्पोर्ट्स खो-खो एसोसिएशन के प्रधान जवाहर सिंह यादव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि यह प्रतियोगिता 5 दिन तक चलेगी और इस प्रतियोगिता में पूरे भारत से टीमें आई है। पहले दिन प्रतियोगिता में कुल 40 मैच खेले जा रहे है ।

खो-खो फेडरेशन आफ इंडिया के महासचिव उपकार सिंह विर्क ने कहा कि खो-खो मिट्टी में खेला जाता थालेकिन अब मिट्टी से लेकर अब यह खेल मैट पर खेला जाता है।

इस मौके पर भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल कौशिकपूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा,   खो-खो फेडरेशन आफ इंडिया के प्रधान सुधांशु मित्तल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। 

January 31, 2026

लोकल को ग्लोबल बनाकर आत्मनिर्भर भारत को दें नई पहचान - मुख्यमंत्री

शिल्पकारों की कला से दिखी 'अतुल्य भारत' की झलक

लोकल को ग्लोबल बनाकर आत्मनिर्भर भारत को दें नई पहचान - मुख्यमंत्री
चंडीगढ़ — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आत्मनिर्भरता की भावना से जोड़ रहा है। यह मेला ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को सशक्त आधार प्रदान करते हुए स्थानीय शिल्प, कला और कारीगरों को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इस वर्ष ‘लोकल टू ग्लोबल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत की पहचान’ थीम पर आधारित यह मेला प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उस विजन को धरातल पर उतारने का प्रयास है, जिसमें हर कारीगर के हुनर को सम्मान और बाजार दोनों मिलें।

मुख्यमंत्री शनिवार को उप राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा फरीदाबाद में 39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेले के उद्घाटन करने उपरांत उपस्थित जन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर, हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल, विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ. अरविन्द शर्मा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नगर, खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री मोहन लाल कौशिक भी उपस्थित थे। 

श्री नायब सिंह सैनी ने उप-राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन का विशेष रूप से स्वागत करते हुए कहा कि इस मेले में आने से देश-विदेश के शिल्पकारों को नई प्रेरणा मिली है। उन्होंने कहा कि आज हम कला और शिल्प के उस महाकुंभ के साक्षी बनने जा रहे हैं, जिसकी न केवल भारत में, बल्कि पूरे विश्व में विशेष पहचान है।

मुख्यमंत्री ने विदेशी मेहमानों का हरियाणा की धरा पर स्वागत करते हुए कहा कि सूरजकुंड शिल्प मेला हमारी प्राचीनता और आधुनिकता का संगम है। आज हम यहां उस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, जो पिछले 38 वर्षों से भारतीय लोक कला और संस्कृति को जीवित रखे हुए है।

 उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर का अर्थ केवल आर्थिक स्वतंत्रता नहीं है। इसमें अपनी संस्कृति पर गर्व करना, अपनी विरासत को सहेजना और उसे दुनिया के सामने शान से प्रस्तुत करना भी शामिल हैं। सूरजकुंड मेला इसी 'आत्मनिर्भरता' का जीता-जागता उदाहरण है। यहां मिट्टी के बर्तनों से लेकर हाथ से बुने हुए कपड़े तक, हर एक वस्तु में भारत की आत्मा बसती है। इस मेले के असली नायक हमारे शिल्पकार हैं।

शिल्पकारों की कला से दिखी 'अतुल्य भारत' की झलक

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार भी देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन करने आए हैं। चाहे वह पूर्वोत्तर भारत की बांस की कारीगरी हो, दक्षिण की सिल्क साड़ियां हों, पश्चिम की रंग-बिरंगी कढ़ाई हो या उत्तर भारत की लकड़ी की नक्काशी हो, पूरा 'अतुल्य भारत' आज यहां सूरजकुंड में सिमट आया है। उन्होंने कहा कि इस बार सहयोगी और भागीदार राज्य के रूप में उत्तर प्रदेश और मेघालय की विशेष उपस्थिति है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय पटल पर मित्र देश मिस्र की भागीदारी इस मेले को सही मायने में अंतर्राष्ट्रीय बनाती है। यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान ही है, जो देशों के बीच की दूरियों को मिटाता है और दिलों को जोड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। पर्यटन विकास का एक ऐसा इंजन है जो रोजगार के सबसे अधिक अवसर पैदा करता है। सूरजकुंड मेला इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। अगले 15 दिनों तक, यानी 15 फरवरी तक, यहां लाखों पर्यटकों के आने से न केवल शिल्पकारों को बाजार मिलेगा, बल्कि स्थानीय टैक्सी चालकों, होटल व्यवसायियों और छोटे दुकानदारों को भी रोजगार मिलेगा। जब यहां आए पर्यटक कोई वस्तु खरीदते हैं, तो वे केवल एक उत्पाद नहीं खरीदते, बल्कि एक शिल्पकार की कला का सम्मान करते हैं और 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र को सिद्ध करते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में शिल्पकला को बढ़ावा देने के लिए इसी तरह के मंच प्रदान किए जाते हैं। इस शिल्प मेले के अलावा जिला स्तर पर सरस मेले लगाए जाते हैं, जिनमें शिल्पकारों और बुनकरों को अपनी शिल्पों का प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है। यहीं पर हर साल दीपावली मेले का आयोजन भी किया जाता है। हर साल अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव और कुरुक्षेत्र में भी हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर भी भव्य सरस मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें देशभर के शिल्पकार शामिल होते हैं। सरकार ने माटी कला को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 'माटी कला बोर्ड' का गठन किया है। श्री विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय में भी परंपरागत शिल्पों में प्रशिक्षण दिया जाता है।

शिल्पकार कला को और अधिक निखारने के लिए आधुनिक तकनीक का करें प्रयोग

मुख्यमंत्री ने शिल्पकारों से अनुरोध करते हुए कहा कि वे अपनी कला को और अधिक निखारने के लिए आधुनिक तकनीक का भी प्रयोग करें। यह आधुनिक तकनीक का ही कमाल है कि दूर-दराज में बैठा एक शिल्पी आज ऑनलाइन बिक्री प्लेटफार्म से अपने उत्पादों को दुनिया के किसी भी कोने में बेच सकता है। इसी तरह से शिल्पकार हस्त उत्पादों की डिजाइनिंग में भी आधुनिक तकनीक का प्रयोग करें।

उन्होंने कहा कि सभ्यताएं समागम और सहयोग से ही समृद्ध होती हैं। इसलिए, इस दिशा में दुनिया के दूसरे सभी देशों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस मेले का आगे और भी विस्तार हो जिससे ज्यादा से ज्यादा संख्या में देश साथ आएं। देश और विदेशों से आए कलाकार और पर्यटक हरियाणा के अतिथि सत्कार की एक सुखद अनुभूति लेकर जाएंगे। यह अनुभूति उन्हें बार-बार हरियाणा आने के लिए प्रेरित करेगी।

 


January 31, 2026

39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला में 50 से अधिक देशों के 700 से ज्यादा विदेशी प्रतिनिधि और डेलीगेट्स ले रहे हिस्सा - डॉ. अरविंद शर्मा

39वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला में 50 से अधिक देशों के 700 से ज्यादा विदेशी प्रतिनिधि और डेलीगेट्स ले रहे हिस्सा - डॉ. अरविंद शर्मा
चंडीगढ़ : हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1987 से शुरू हुआ यह मेला आज देश-विदेश में भारतीय सांस्कृतिक विरासत, शिल्प और कला की एक सशक्त पहचान बन चुका है। सूरजकुंड मेला ‘लोकल टू ग्लोबल’ विजन का सशक्त मंच बनकर स्वदेशी उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प में हरियाणा का विशेष योगदान सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी निरंतर इसी दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जहां 44 देशों ने मेले में भागीदारी की थी, वहीं इस वर्ष 50 से अधिक देशों के 700 से ज्यादा विदेशी प्रतिनिधि और डेलीगेट्स हिस्सा ले रहे हैं। इस वर्ष का पार्टनर नेशन मिस्र (इजिप्ट) है, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और सुदृढ़ करेगा। यह मेला कलाकारों और शिल्पकारों को न केवल अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच देता है, बल्कि उन्हें अधिक राजस्व अर्जित करने और अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने का अवसर भी प्रदान करता है।

उन्होंने बताया कि हरियाणा में ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर है, जिनमें 7000 वर्ष पुरानी सभ्यता वाली राखीगढ़ी विश्व स्तर पर प्रदेश की पहचान को सुदृढ़ करती है।

इस अवसर पर विधायक श्री दिनेश अदलखा, श्री सतीश फ़ागना, श्री तेजपाल तंवर, श्री मूलचंद शर्मा, श्री रणधीर पणिहार, श्रीमती कृष्णा गहलोत, विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित अग्रवाल, निदेशक श्री पार्थ गुप्ता, फरीदाबाद के उपायुक्त श्री आयुष सिन्हा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

January 31, 2026

नाबालिग पुत्र से वाहन चलवाए जाने पर पिता गिरफ्तार

नाबालिग पुत्र से वाहन चलवाए जाने पर पिता गिरफ्तार
रुड़की :  नाबालिग द्वारा वाहन चलाए जाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, नाबालिग द्वारा वाहन चलाने के मामले में मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में चालान किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान  न्यायालय द्वारा नाबालिग के पिता तस्लीम खान के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था।
न्यायालय से प्राप्त वारंट की तामील के लिए प्रभारी अधिकारी के निर्देश पर उप निरीक्षक आनंद मेहरा के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने दबिश देकर तस्लीम खान पुत्र दीवान अमीन खान को उसके आवास सती मोहल्ला, रुड़की से गिरफ्तार किया। नाबालिग पुत्र से वाहन चलवाए जाने पर मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत चालान किया गया था। आरोपी का नाम तस्लीम खान पुत्र दीवान अमीन खान,सती मोहल्ला, निकट मदीना मस्जिद, रुड़की बताया गया है।पुलिस टीम उप निरीक्षक आनंद मेहरा,कांस्टेबल सुरेश तोमर कांस्टेबल जितेंद्र ध्यानी मौजूद रहे।
January 31, 2026

गणतंत्र दिवस दंगल में कुमार गट का जलवा!पहलवान श्लोक रितेश शिकोत्रे ने जीती हरियाणा कुमार दंगल किताब, गदा देकर हुआ सम्मान

गणतंत्र दिवस दंगल में कुमार गट का जलवा!
पहलवान श्लोक रितेश शिकोत्रे ने जीती हरियाणा कुमार दंगल किताब, गदा देकर हुआ सम्मान
गुरुग्राम (हरियाणा) : गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर 26 जनवरी को हरियाणा के गांव ताड़ू, जिला गुरुग्राम में भव्य दंगल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दंगल में दिल्ली सहित हरियाणा के विभिन्न जिलों से आए नामी पहलवानों ने जोर आजमाइश की।
इस प्रतिष्ठित दंगल में कुमार गट से भी कई पहलवानों ने भाग लिया। खास बात यह रही कि रेसलिंग टेक्नीक अकादमी, मोखरा (हरियाणा) के कोच सर वजीर शर्मा के शिष्य पहलवान श्लोक रितेश शिकोत्रे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया और हरियाणा कुमार दंगल किताब अपने नाम की।
पहलवान श्लोक रितेश शिकोत्रे की इस शानदार जीत पर दंगल आयोजन समिति और कमेटी के सदस्यों ने उन्हें गदा भेंट कर सम्मानित किया। उनकी इस उपलब्धि से न केवल कुमार गट, बल्कि उनके कोच वजीर शर्मा और अकादमी का नाम भी रोशन हुआ।
दंगल में बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे और पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन को सफल बनाने में दंगल कमेटी और ग्रामीणों की अहम भूमिका रही।
यह दंगल हरियाणा की पारंपरिक कुश्ती संस्कृति और युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है। 
January 31, 2026

8 मार्च को पंचकूला में होगा वैवाहिक परिचय सम्मेलन, रजिस्ट्रेशन करवाने की अंतिम तिथि 15 फरवरी

8 मार्च को पंचकूला में होगा वैवाहिक परिचय सम्मेलन, रजिस्ट्रेशन करवाने की अंतिम तिथि 15 फरवरी
जींद : अखिल भारतीय अग्रवाल समाज हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रमुख समाजसेवी डा. राजकुमार गोयल ने बताया कि विवाह योग्य अग्रवाल युवक युवतियों के लिए वैवाहिक रिश्तों का सशक्त मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी 8 मार्च को अग्रवाल भवन, सेक्टर 16 पंचकूला में वैवाहिक परिचय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। गोयल आज यहां अग्रवाल समाज के पदाधिकारियों की एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर सावर गर्ग, रामधन जैन, पवन बंसल, सोनू जैन, रजत सिंगला, गोपाल जिंदल, सुनिल गोयल इत्यादि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन अग्रवाल विकास संगठन पंचकूला द्वारा किया जा रहा है।
गोयल ने कहा कि आज के समय में जब रिश्ते तय करने की प्रक्रिया जटिल होती जा रही है ऐसे में वैवाहिक परिचय सम्मेलन समाज के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। यहां परिवार एक ही स्थान पर बच्चों की शिक्षा, योग्यता, संस्कार और पारिवारिक पृष्ठभूमि की सही जानकारी प्राप्त कर पाते हैं जिससे रिश्ते सोच समझकर तय किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन केवल विवाह योग्य युवक युवतियों का परिचय भर नहीं है बल्कि समाज को जोड़ने, पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने और नई पीढ़ी को सही दिशा देने का एक सार्थक प्रयास है। इससे समय, धन और अनावश्यक दिखावे की प्रवृत्ति से भी बचा जा सकता है।
इस अवसर पर सावर गर्ग व रामधन जैन ने बताया कि इस सम्मेलन में देशभर से काफी संख्या में विवाह योग्य अग्रवाल युवक-युवती भाग लेंगे। इस परिचय सम्मेलन में रजिस्ट्रेशन करवाने की अंतिम तिथि 15 फरवरी है। उन्होंने विवाह योग्य प्रत्याशियों के परिजनों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में परिचय सम्मेलन में भाग लें और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं। इन्होने कहा कि आज के आधुनिक और व्यस्त जीवन में उपयुक्त जीवनसाथी का चयन एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे समय में वैवाहिक परिचय सम्मेलन समाज के लिए एक अत्यंत उपयोगी और सार्थक पहल साबित हो रहे हैं।
इस मौके पर पवन बंसल, सोनू जैन व मनीष गर्ग ने कहा कि परिचय सम्मेलन न केवल विवाह योग्य युवक युवतियों को एक मंच प्रदान करते हैं बल्कि सामाजिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों को भी सुदृढ़ करते हैं। वैवाहिक परिचय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य योग्य रिश्तों को सम्मानजनक और पारदर्शी वातावरण में मिलवाना होता है। इन सम्मेलनों में विभिन्न परिवार एकत्रित होकर अपने बच्चों का परिचय देते हैं जिससे आपसी संवाद और समझ को बढ़ावा मिलता है। यह प्रक्रिया पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ साथ आधुनिक सोच का भी संतुलित रूप प्रस्तुत करती है। ऐसे सम्मेलनों से समय, धन और मानसिक तनाव की भी बचत होती है। साथ ही समाज के प्रतिष्ठित और जिम्मेदार लोगों की उपस्थिति से सम्मेलन की गरिमा और विश्वासनीयता और अधिक बढ़ जाती है।
January 31, 2026

मां जयंती के दरबार में 11 हजार कन्याओं का आज होगा पूजन ,सांसद कार्तिकेय शर्मा और सांसद सतपाल ब्रह्मचारी करेंगे शिरकत

मां जयंती के दरबार में 11 हजार कन्याओं का आज होगा पूजन
सांसद कार्तिकेय शर्मा और सांसद सतपाल ब्रह्मचारी करेंगे शिरकत
जींद : गुप्त नवरात्रों में मानव कल्याण एवं सुख समृद्धि के लिए महाभारत कालीन जयंती देवी मंदिर में पिछले कई दिनों से चले आ रहे सवा लाख नवार्ण मंत्रों का जाप और पूजा पाठ आज 11 हजार कन्याओं के भव्य पूजन एवं विशाल भंडारे के साथ संपन्न होगी। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा, सोनीपत सांसद सतपाल ब्रह्मचारी समेत अनेको संत-महात्मा शिरकत करेंगे। श्री जयन्ती देवी मन्दिर सिद्धपीठ के पुजारी नवीन कुमार शास्त्री ने बताया कि श्री जयन्ती महायज्ञ कन्या पूजन उत्सव 2026 खास होगा। 31 जनवरी को सुबह 9.00 बजे पूर्ण आहुति व 11 हजार कन्याओं का पूजन आरंभ होगा।
January 31, 2026

छह पटवारियों के निलंबन के विरोध में जींद में पटवारी–कानूनगो का सांकेतिक धरना, 2 फरवरी से बड़े आंदोलन की चेतावनी

छह पटवारियों के निलंबन के विरोध में जींद में पटवारी–कानूनगो का सांकेतिक धरना, 2 फरवरी से बड़े आंदोलन की चेतावनी
जींद : दि रेवन्यू पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर शुक्रवार को जिला जींद के सभी पटवारी एवं कानूनगो पटवार भवन जींद में एकत्रित हुए और हरियाणा सरकार द्वारा छह पटवारियों को निलंबित किए जाने के विरोध में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया।
यह धरना प्राकृतिक आपदा से खराब हुई फसलों के मुआवज़ा वितरण से संबंधित क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फोटो अपलोड करने के मामले में छह पटवारियों को निलंबित किए जाने के विरोध में दिया गया। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान बहन सर्वेश पटवारी ने की, जबकि मंच संचालन नरेश पटवारी (पूर्व जिला प्रधान) ने किया।
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राज्य कोषाध्यक्ष सनी डागर पटवारी ने हरियाणा सरकार के इस फैसले को अनैतिक बताते हुए कड़ी निंदा की और निलंबित पटवारियों को जल्द से जल्द बहाल करने की मांग की। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।
धरने को समर्थन देने के लिए AHPCWU के शहरी प्रधान राजेश, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के जिला जींद ब्लॉक प्रधान मंदीप नेहरा एवं जिला प्रधान संजीव ढांडा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पटवारियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से निलंबन तुरंत रद्द करने की अपील की और चेतावनी दी कि यदि समय रहते निलंबित कर्मचारियों को बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन ने हरियाणा सरकार को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि निलंबित पटवारियों को बहाल नहीं किया गया तो 2 फरवरी 2026 से 4 फरवरी 2026 तक पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
संघ ने स्पष्ट किया कि यदि आंदोलन के चलते आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।
January 31, 2026

वकील व मेडिकल संचालक के बीच झगड़े के मामले में मुख्य आरोपी को घर पर शरण देने वाला युवक काबू ।

वकील व मेडिकल संचालक के बीच झगड़े के मामले में मुख्य आरोपी को घर पर शरण देने वाला युवक काबू ।
सिरसा : सिरसा में वकील केवल सिंह और मेडिकल संचालक के भाई के बीच हुई हाथापाई मामले में मुख्य आरोपी को अपने घर पर शरण देने के मामले में एक अन्य युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए सिविल लाइन थाना प्रभारी ने बताया कि बीती 17 जनवरी को केवल कंबोज पुत्र देशराज निवासी गली नंबर 2 प्रेम नगर सिरसा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया की प्रमोद टाक निवासी गांव चौबुर्जा हाल प्रेम नगर सिरसा में परचुन की दुकान चलाता है दवाईयों के बिल को लेकर आपस में झगड़ा हो गया और झगड़े का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसमे वकील और प्रमोद हाथापाई करते और थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी ने बताया कि मामला जैसे ही पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आया उन्होंने तुरंत प्रभाव से मामला दर्ज आरोपी को शीघ्र अति शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिए है । उन्होंने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी । जांच के दौरान सिविल लाइन थाना की एक पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण सुराग जुटाते हुए आरोपी को शरण देने वाले एक अन्य आरोपी अमित कुमार पुत्र शिवलाल निवासी रिसालिया खेड़ा हाल कंगनपुर रोड़ भारत नगर सिरसा को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी से पूछताछ कर घटना के मुख्य आरोपी की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। पुलिस जांच जारी है,घटना में संलिप्त मुख्य आरोपी शीघ्र ही पुलिस गिरफ्त में होगा ।

Friday, January 30, 2026

January 30, 2026

हरियाणा में चार आईएएस अधिकारियों का तबादला

हरियाणा में चार आईएएस अधिकारियों का तबादला
चंडीगढ़—हरियाणा सरकार ने तत्काल प्रभाव से चार आईएएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति  आदेश जारी किए हैं।

डॉ. राजा शेखर वुंडरू, जो वर्तमान में मत्स्य पालन विभाग तथा परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं, को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वे परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव भी रहेंगे।

श्री डी. सुरेश, जो वर्तमान में हरियाणा भवन, नई दिल्ली में रेजिडेंट कमिश्नर,  तथा खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत हैं, को हरियाणा भवन, नई दिल्ली में रेजिडेंट कमिश्नर तथा मत्स्य पालन विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है।

थानेसर के उप मंडल अधिकारी (नागरिक) श्री शाश्वत सांगवान को श्री जयदीप कुमार के स्थान पर स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) का मिशन डायरेक्टर लगाया गया है।

श्री जयदीप कुमार के नियुक्ति आदेश बाद में जारी किए जाएंगे। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के मिशन डायरेक्टर के कार्यभार  से मुक्त होने के बाद वे अपनी ज्वाइनिंग रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे।
January 30, 2026

ई-नीलामी से पूर्व विकास कार्य पूर्ण करना आवश्यक: राइट टू सर्विस कमीशन

ई-नीलामी से पूर्व विकास कार्य पूर्ण करना आवश्यक: राइट टू सर्विस कमीशन

एचएसवीपी ई-नीलामी मामले में आयोग के दिशा-निर्देश
चंडीगढ़– हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने सेक्टर 77 फरीदाबाद में एचएसवीपी द्वारा किए गए एक ई-नीलामी प्रकरण की समीक्षा करते हुए यह स्पष्ट किया है कि किसी भी प्लॉट को ई-नीलामी में शामिल करने से पूर्व सभी आवश्यक विकास कार्यों का पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है। आयोग ने कहा कि यह प्रक्रिया आवंटियों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निहित रूप से आवश्यक है।

आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आम नागरिक सरकार पर विश्वास कर ई-नीलामी प्रक्रिया में भाग लेते हैं। ऐसे में यह अपेक्षित है कि संबंधित विभाग द्वारा सभी आधारभूत सुविधाओं एवं विकास कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाए, जिससे आवंटी बिना किसी असुविधा के निर्माण कार्य आरंभ कर सकें।

मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने यह भी संज्ञान लिया कि आवंटन पत्र की शर्तों के अनुरूप, समय पर कब्जा न दिए जाने की स्थिति में देय ब्याज का भुगतान विलंब से किया गया। आयोग के हस्तक्षेप के पश्चात इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की गई। आयोग ने एस्टेट ऑफिसर को निर्देश दिए हैं कि आवंटी को देय विलंबित ब्याज का भुगतान किया जाए, कब्जे की तिथि में आवश्यक संशोधन किया जाए तथा वसूली गई एक्सटेंशन फीस नियमानुसार वापस की जाए। इस संबंध में अनुपालना रिपोर्ट 05 फरवरी 2026 तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

ई-नीलामी से संबंधित अभिलेखों की समीक्षा में यह तथ्य भी सामने आया कि संबंधित प्लॉट को “क्लियर” दर्शाया गया था, जबकि उसके सामने की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में थी। आयोग ने इस विषय पर प्रशासनिक स्तर पर और अधिक सावधानी एवं समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया है। इस संपूर्ण प्रकरण की जानकारी हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव के संज्ञान में भी लाई गई है, ताकि आवश्यक प्रशासनिक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

आयोग ने प्रभावित आवंटी श्री मनोज वशिष्ठ को हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट, 2014 के प्रावधानों के तहत 5,000 रुपये तक का मुआवज़ा प्रदान करने के आदेश दिए हैं, जिसका भुगतान एचएसवीपी द्वारा 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। साथ ही, विभाग को यह स्वतंत्रता दी गई है कि नियमानुसार यह राशि संबंधित अधिकारियों से वसूल की जा सके।

राइट टू सर्विस कमीशन ने आशा व्यक्त की है कि भविष्य में एचएसवीपी द्वारा ई-नीलामी प्रक्रिया में सभी विकास कार्यों को पूर्ण करने के उपरांत ही नीलामी की जाएगी तथा आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा या मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
January 30, 2026

हरियाणा कृषि ऋण में लालफीताशाही खत्म करेगा, आरबीआई समर्थित डिजिटल क्रेडिट सिस्टम जल्द आएगा

हरियाणा कृषि ऋण में लालफीताशाही खत्म करेगा, आरबीआई समर्थित डिजिटल क्रेडिट सिस्टम जल्द आएगा
चंडीगढ़ - हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि   कृषि लोन में लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक दिक्कतों को दूर करने के मकसद से एक बड़े सुधार के तहत, हरियाणा सरकार एक पारदर्शी, टेक्नोलॉजी पर आधारित ग्रामीण क्रेडिट सिस्टम शुरू करने जा रही है, जिससे किसानों को लोन से जुड़े दस्तावेज़ीकरण (डॉक्यूमेंटेशन) के लिए बैंकों और राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।

राज्य सरकार जल्द ही भारत के सबसे एडवांस्ड इंटीग्रेटेड फार्म क्रेडिट सिस्टम में से एक को विकसित करने के लिए रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के साथ एक एमओयू साइन करेगी। इस फ्रेमवर्क के तहत, कृषि लोन की मंजूरी सीधे डिजिटाइज़्ड ज़मीन के रिकॉर्ड से जुड़ी होगी, जिससे वित्तीय संस्थानों और राजस्व प्रशासन के बीच बिना किसी रुकावट के समन्वय पक्का होगा।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि यह नया सिस्टम जिस तरह से कृषि क्रेडिट दिया जाता है, उसमें एक बड़ा बदलाव है। उन्होंने बताया कि अब किसानों को लोन लेने के लिए सिर्फ़ अपने आधार नंबर की ज़रूरत होगी, क्योंकि ज़मीन से जुड़ी सभी जानकारी राज्य के डिजिटल रिकॉर्ड से अपने आप मिल जाएगी।

“यह सिर्फ़ एक प्रौद्योगिकी अपग्रेड नहीं है, बल्कि किसानों के लिए सार्वजनिक सेवा वितरण का पूरी तरह से नया तरीका है। उन्होंने कहा ‘पटवारी-तहसील-बैंक का जो पुराना सिस्टम था, जिसकी वजह से देरी होती थी, उसे खत्म कर दिया जाएगा।

यह प्रोजेक्ट दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में किसान क्रेडिट कार्ड लोन पर ध्यान दिया जाएगा, जो हरियाणा में खेती के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला क्रेडिट साधन है। आधार प्रमाणीकरण के बाद, ज़मीन की विवरण अपने आप मिल जाएंगी, लोन से जुड़ी एंट्रीज़ अपने आप ज़मीन के रिकॉर्ड में दर्ज हो जाएंगी और भुगतान करने पर गिरवी की एंट्रीज़ तुरंत हटा दी जाएंगी। यह पूरी प्रक्रिया बिना किसी मानवीय दखल के काम करेगी, जिससे ज्यादा से ज्यादा पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। दूसरे चरण में, इस सिस्टम को बढ़ाकर सभी तरह के कृषि और ग्रामीण लोन को शामिल किया जाएगा, जिससे पूरे राज्य में एक यूनिफाइड डिजिटल क्रेडिट इकोसिस्टम बनेगा।

उन्होंने कहा कि इस पहल से सभी स्टेकहोल्डर्स को काफी फायदे होंगे। किसानों का समय बचेगा, उन्हें तेज़ी से क्रेडिट मिलेगा, और लोन स्टेटस और ज़मीन के रिकॉर्ड की रियल-टाइम ट्रैकिंग से पूरी पारदर्शिता मिलेगी। बैंकों और फाइनेंशियल संस्थानों को रियल टाइम में वेरिफाइड ज़मीन का डेटा मिलेगा, जिससे धोखाधड़ी वाले आवेदनों से जुड़े जोखिम कम होंगे और परिचालन क्षमता (ऑपरेशनल एफिशिएंसी) बेहतर होगी। राजस्व प्रशासन को खुद-ब-खुद अपडेट होने वाले रिकॉर्ड, कम गलतियों और ज़मीन के रिकॉर्ड की बेहतर विश्वसनीयता से फायदा होगा।

राजस्व रिकॉर्ड और लोन देने वाली संस्थाओं के बीच रियल-टाइम इंटीग्रेशन धोखाधड़ी और गलत कामों के खिलाफ एक मज़बूत सुरक्षा कवच का काम करेगा। उन्होंने कहा कि जाली दस्तावेज़ों या पुराने रिकॉर्ड का इस्तेमाल करने की कोई भी कोशिश सिस्टम द्वारा अपने आप पकड़ ली जाएगी, जिससे लोन देने वालों और असली किसानों दोनों की सुरक्षा होगी।
January 30, 2026

20 एचसीएस अधिकारियों को मिला सुपर टाइम स्केल, सरकार ने जारी किए आदेश

20 एचसीएस अधिकारियों को मिला सुपर टाइम स्केल, सरकार ने जारी किए आदेश
चंडीगढ़- हरियाणा सरकार ने हरियाणा सिविल सर्विस (कार्यकारी शाखा) के 20 अधिकारियों को सुपर टाइम स्केल (ACPL-18) प्रदान करने के आदेश जारी किए हैं। यह वेतनमान लाभ 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए है। सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश में जिन एचसीएस अधिकारियों को यह लाभ दिया है, उनमें श्रीमती मनीषा शर्मा, श्रीमती कमल प्रीत कौर, श्री अमित कुमार-I, श्री प्रदीप कुमार-II, डॉ. सुशील कुमार, श्रीमती अनु, श्रीमती निशु नी नम्रता सिंगल, श्री विराट, श्री विवेक चौधरी, श्री दलबीर सिंह, श्री अश्वनी मलिक, श्री नरेंद्र पाल मलिक, श्रीमती शालिनी चेतल, श्रीमती पूजा चांवरिया, श्री सतीश कुमार, श्री त्रिलोक चंद, श्री विवेक कालिया, श्री अजय चोपड़ा, श्री मनोज खत्री और श्री गौरव कुमार शामिल हैं।
January 30, 2026

2 फरवरी से ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं सैकेण्डरी व सीनियर सैकेण्डरी प्रायोगिक परीक्षा एवं आंतरिक मूल्याकंन के अंक

2 फरवरी से ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं सैकेण्डरी व सीनियर सैकेण्डरी प्रायोगिक परीक्षा एवं आंतरिक मूल्याकंन के अंक
चंडीगढ़ - हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा संचालित करवाई जाने वाली सैकेण्डरी एवं सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक) वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2026 के लिए राजकीय व अराजकीय स्थाई/अस्थाई मान्यता प्राप्त विद्यालय तथा गुरूकुल/विद्यापीठ परीक्षार्थियों के प्रायोगिक परीक्षा के अंक तथा आंतरिक मूल्यांकन के अंक 02 फरवरी, 2026 से www.bseh.org.in पर दिये गये लिंक पर ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं।
इस आशय की जानकारी देते हुए बोर्ड प्रवक्ता ने बताया कि सैकेण्डरी एवं सीनियर सैकेण्डरी (शैक्षिक) वार्षिक परीक्षा फरवरी/मार्च-2026 हेतु प्रायोगिक परीक्षाओं का आयोजन  02 फरवरी से 16 फरवरी, 2026 तक करवाया जा रहा है। राजकीय व अराजकीय स्थाई/अस्थाई मान्यता प्राप्त विद्यालय तथा गुरूकुल/विद्यापीठ परीक्षार्थियों के प्रायोगिक परीक्षा के अंक तथा  INA/GLS(General Awareness and Life Skills Grade)/Co-Curricular Activity Grading के अंक बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर दिये गये लिंक पर लॉगिन आई.डी./पासवर्ड से लॉगिन करते हुए 02 फरवरी से 19 फरवरी, 2026 तक ऑनलाइन अपलोड करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने आगे बताया कि जो विद्यालय निर्धारित तिथि तक प्रायोगिक परीक्षा के अंक एवं INA/GLS(General Awareness and Life Skills Grade)/Co-Curricular Activity Grading के अंक नहीं भरते हैं तो ऐेसे विद्यालय 500/- रूपये प्रति परीक्षार्थी व अधिकतम 5000/- रूपये जुर्माने सहित 20 फरवरी से 23 फरवरी, 2026 तक ऑनलाइन अंक अपलोड कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि सम्बन्धित विद्यालय मुखिया समय रहते अंक अपलोड करना सुनिश्चित करें। इसके उपरान्त किसी भी प्रतिवेदन पर कोई विचार नहीं किया जाएगा, जिसके लिए सम्बन्धित विद्यालय मुखिया स्वंय जिम्मेवार होंगे।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त यदि राज्य/राष्ट्रीय/अन्र्तराष्ट्रीय स्तर के खेलों में चयन होने पर परीक्षार्थी परीक्षाओं की निर्धारित तिथियों में किसी विषय/विषयों की परीक्षाओं में अपीयर नहीं हो सकते हैं, तो संबंधित विद्यालय मुखिया ऐसे परीक्षार्थियों की सूची आवश्यक साक्ष्यों सहित बोर्ड कार्यालय में परीक्षाओं के आरम्भ होने से 10 दिन पूर्व उपलब्ध करवाएं ताकि उनकी पुन: परीक्षाएं आयोजित करवाई जा सके।
January 30, 2026

राज्य सरकार का मुख्य फ़ोकस प्रदेश से एनीमिया और कैंसर को समाप्त करने पर रहेगा : आरती सिंह राव

राज्य सरकार का मुख्य फ़ोकस प्रदेश से एनीमिया और कैंसर को समाप्त करने पर रहेगा : आरती सिंह राव

- हरियाणा सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध
चंडीगढ़ -हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि आगामी समय में राज्य सरकार का मुख्य फ़ोकस प्रदेश से एनीमिया और कैंसर को समाप्त करने पर रहेगा। कैंसर की जांच करने से संबंधित टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाएंगी।  

स्वास्थ्य मंत्री आज चंडीगढ़ में पत्रकारों से बात कर रही थी। 

आरती सिंह राव ने कैंसर के मरीजों की बढ़ती संख्या के प्रति चिंता जाहिर करते हुए कहा कि कैंसर रोगियों और एक सहायक को कैंसर-उपचार के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही स्टेज-3 और स्टेज-4 के कैंसर रोगियों को  ₹3,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जा रही है। कैंसर उपचार को और सशक्त बनाने के लिए अंबाला कैंट के सिविल अस्पताल में 50 बिस्तरों वाला अटल कैंसर केयर सेंटर स्थापित किया गया है, जिसमें मैमोग्राफी, सीटी सिम्युलेटर और लिनियर एक्सेलेरेटर जैसे अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हैं। यह केंद्र हरियाणा ही नहीं पड़ोसी राज्यों के मरीजों को भी समग्र कैंसर देखभाल सेवाएं प्रदान कर रहा है।

 उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य बजट में ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। जहां वित्त वर्ष 2014-15 में स्वास्थ्य बजट ₹2,646 करोड़ था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में इसे बढ़ाकर ₹9,942 करोड़ कर दिया गया है, जो कि 275 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

आरती सिंह राव ने बताया कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए 746 मेडिकल ऑफिसर्स और 845 आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर्स को नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत 346 मेडिकल ऑफिसर्स और 154 विशेषज्ञ भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि पांच जिलों में एमआरआई (MRI) स्कैन की सुविधा उपलब्ध है, जबकि पानीपत और कुरुक्षेत्र के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं और शेष 9 जिलों के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं। 

स्वास्थ्य मंत्री ने एक प्रश्न के उत्तर में जानकारी दी कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों में सीनियर सिटीजन कॉर्नर और फिजियोथेरेपी यूनिट्स कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों के आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च को कम करने के लिए 17 अक्टूबर 2024 से  हरियाणा के निवासियों को मुफ्त डायलिसिस सेवा प्रदान की जा रही है। सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। 

एक अन्य सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य में प्रसूत और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सभी जिला अस्पतालों में अलग और अत्याधुनिक मदर एन्ड चाइल्ड हैल्थ (MCH) विंग स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य का लक्ष्य सभी जिला अस्पतालों में अत्याधुनिक अलग MCH विंग स्थापित करना है ताकि प्रजनन, मातृ, नवजात, शिशु और किशोर स्वास्थ्य सेवाओं के पूरे परिप्रेक्ष्य को एक ही छत के नीचे कवर करते हुए गुणवत्तापूर्ण मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें। पंचकूला में इस विंग का निर्माण पूरा हो चुका है, पानीपत में कार्य अंतिम चरण में है, जबकि फरीदाबाद और सोनीपत में निर्माण कार्य सितंबर 2025 से शुरू किया गया है। पलवल, सिरसा और कैथल के लिए ₹20 करोड़ प्रति इस विंग की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है।

आरती सिंह राव ने बताया कि एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत राज्य में तेजी से काम किया जा रहा है  जिसके कारण प्रदेश में एनीमिया की दर 59 प्रतिशत से घटकर 53 प्रतिशत हो गई है और राष्ट्रीय रैंकिंग में हरियाणा 5वें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) के तहत राज्य के 22 जिलों के सभी सिविल अस्पतालों में जनऔषधि केंद्र कार्यरत हैं, जिससे मरीजों को कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध हो रही हैं।

खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में भी राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। चंडीगढ़ और करनाल में फूड टेस्टिंग लैब्स कार्यरत हैं, जबकि 5 "मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब" विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं। साथ ही अंबाला, करनाल, हिसार और गुरुग्राम में स्वच्छ और सुरक्षित स्ट्रीट फूड हब विकसित किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य एक मजबूत, जन-केंद्रित और आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली विकसित करना है, जिससे प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं समय पर और बिना आर्थिक बोझ के उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन, आधुनिक उपकरणों और आवश्यक दवाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
January 30, 2026

मुख्यमंत्री ने श्री गुरु गोबिन्द सिंह कॉलेज, चंडीगढ़ के 61 वें स्थापना दिवस समारोह में की शिरकत

मुख्यमंत्री ने श्री गुरु गोबिन्द सिंह कॉलेज, चंडीगढ़ के 61 वें स्थापना दिवस समारोह में की शिरकत

दसवें पातशाह के धर्म, शौर्य और बलिदान को समर्पित रहा समारोह
चण्डीगढ- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं का आह्वान किया कि वे ज्ञान, विनम्रता, सफलता, संवेदनशीलता और शक्ति के साथ सेवा भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। यही हमारे महान गुरुओं का संदेश और जीवन का मार्गदर्शन है।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को चण्डीगढ के श्री गुरु गोबिन्द सिंह कॉलेज के 61 वें स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने सिख एजुकेशन सोसायटी को 11 लाख रुपए देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने सिख एजुकेशन सोसायटी की सराहना करते हुए कहा कि समारोह में आकर उन्हें अत्यंत गर्व और गौरव की अनुभूति हो रही है। यह समारोह धर्म, शौर्य और बलिदान के प्रतीक दसवें पातशाह, श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी के प्रकाश पर्व को समर्पित है।

उन्होंने कहा कि जब हम श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का स्मरण करते हैं, तो आंखों के सामने एक वीर योद्धा का स्वरूप उभर कर आता है जिन्होंने अपना पूरा जीवन मानवता, धर्म और न्याय के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने हमें सिखाया कि सिर कटाया जा सकता है, पर सिद्धांत नहीं, शरीर मिट सकता है, पर आत्मसम्मान नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉलेज का यह स्थापना दिवस उस महान परंपरा, विचारधारा और चेतना का उत्सव है, जिसने सदियों से भारत की आत्मा को जागृत रखा है, जो कॉलेज के स्थापना वर्ष 1966 में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के नाम पर की गई थी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गुरु जी ने त्याग, साहस व मानवता का संदेश दिया, उसी प्रकार इस कॉलेज का उद्देश्य विद्यार्थियों में गुरु जी के महान गुणों का विकास करना है और यही इस कॉलेज की आत्मा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भी अहम भूमिका होती है जो केवल पाठ्यक्रम ही नहीं पढ़ाते बल्कि जीवन का मार्ग भी दिखाते हैं। इसके अलावा गुरु परम्परा का निर्वहन करते हुए शिक्षक ज्ञान के साथ साथ बच्चों को संस्कारवान बनाने का भी कार्य करते हैं।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्री गुरु गोबिन्द सिंह कॉलेज केवल शिक्षा ज्ञान प्रदान करने का माध्यम ही नहीं है, बल्कि चरित्र निर्माण, राष्ट्र निर्माण और मानव निर्माण में भी अहम भूमिका निभा रहा है। इस काॅलेज ने देश को ऐसे प्रतिभाशाली महानुभाव दिए हैं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में बड़ा नाम कमाया है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना कर अन्याय के विरुद्ध खड़ा होना ही सच्चा धर्म बताते हुए डर से नहीं, धर्म से जियो, स्वार्थ से नहीं, सेवा से जियो का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संस्थान की नींव ही त्याग, बलिदान, साहस और सत्य जैसे मूल्यों पर रखी गई है। हरियाणा सरकार भी प्रदेश के हर युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नैतिक मूल्य और रोजगार के समान अवसर दिलाने के लिए कृतसंकल्प है। इसके लिए हरियाणा में शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप, खेल और रोजगार आदि हर क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर सृजित किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि युवाओं को उच्चतर शिक्षा, अनुसंधान एवं शोध के लिए हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष बनाया गया, जिसमें अब तक 360 से अधिक परियोजना प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी के अनुरूप ढालने के लिए रोडमैप तैयार किया गया है। हर जिले में एक राजकीय मॉडल संस्कृति महाविद्यालय तथा 20 किलोमीटर के दायरे में एक काॅलेज खोलने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति की सफलता, प्रभावी मापनीय व समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु पंचकूला में इंटेलिजेंट डेटा ड्रिवन डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, नीव पोर्टल शुरू किया गया है जो नीति निर्माण और संस्थागत क्रियान्वयन के बीच की दूरी को समाप्त करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत देश वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाएं और भी अधिक प्रासंगिक हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार गुरुओं की शिक्षाओं व सिद्धातों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अनेक प्रयास कर रही है। कुरुक्षेत्र में आयोजित श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें राज्य स्तरीय शहीदी समागम में प्रधानमंत्री ने श्री गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित सिक्के, डाक टिकट और कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इसके अलावा असंध कॉलेज का नामकरण बाबा फतेह सिंह जी तथा नाडा साहिब से कपालमोचन तक राज्य राजमार्ग का नाम भी श्री गुरु गोबिन्द सिंह जी मार्ग रखा गया है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार भावी पीढ़ी को रोजगारपरक, चरित्रवान, और नैतिक गुणों से युक्त शिक्षा मुहैया करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए युवाओं को पढ़ाई के प्रति गंभीर करने और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मेहनत करने पर बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिना पर्ची, खर्ची के एक लाख 80 हजार युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं। कार्यक्रम में पहुंचने पर सोसायटी के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

इस अवसर पर सिख एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष सरदार गुरदेव सिंह बराड़, उपाध्यक्ष सरदार कुलबीर सिंह, सचिव कर्नल जसमेर सिंह बाला, प्राधानाचार्य जसविन्दर सिंह सहित शिक्षक एवं युवा उपस्थित रहे।
January 30, 2026

पंचकूला से आई टीम ने पिल्लूखेड़ा में दो घी की फैक्ट्रियों पर दी दबिश , 839 लीटर घी को सीज किया, दोनों फर्मों को दिए नोटिस

पंचकूला से आई टीम ने पिल्लूखेड़ा में दो घी की फैक्ट्रियों पर दी दबिश
839 लीटर घी को सीज किया, दोनों फर्मों को दिए नोटिस
जींद : पिल्लूखेड़ा में मिलावटी घी बनाए जाने की सूचना पर पंचकूला से आई टीम ने दो फैक्ट्रियों पर दबिश दी। टीम ने यहां मौजूद घी के तीन सैंपल लेकर जांच के लिए लैबोरेटरी भेज दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दोनों फर्मों में अनियमितताएं पाए जाने पर उन्हें नोटिस भी जारी किए गए हैं। 
पंचकूला से एक टीम ज्वायंट कमिश्नर फूड एंड सेफ्टी हरियाणा पृथ्वी सिंह के नेतृत्व में पिल्लूखेड़ा पहुंची। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. राजेश वर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. संदीप कुमार और अन्य सदस्य मौजूद रहे। टीम ने पिल्लूखेड़ा मंडी में स्थित दो निर्माण इकाइयों मेसर्स जय दुर्गा फूड प्रोडक्ट्स और मेसर्स तायल ट्रेडिंग कंपनी का निरीक्षण किया गया। दोनों ही जगहों पर देशी घी को तैयार किया जा रहा था। टीम ने देशी घी के तीन सैंपल और वनस्पति घी का एक सैंपल लेकर जांच के लिए लैबोरेटरी भेजा। टीम ने दोनों जगहों से 272 लीटर देशी घी, प्रशांत एगमार्क गाय का घी 168 लीटर, एमएस तायल ट्रेडिंग कंपनी से 32 लीटर घी सहित कुल 839 लीटर घी को सीज किया है।  
पंचकूला से एक टीम ज्वायंट कमिश्नर फूड एंड सेफ्टी हरियाणा पृथ्वी सिंह ने बताया कि दोनों फैक्ट्रियों से लिए गए सैंपल को विश्लेषण के लिए खाद्य विश्लेषक हरियाणा चंडीगढ़ सरकारी खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। एफएसएसएआई और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग हरियाणा की ऑनलाइन खाद्य सुरक्षा अनुपालन प्रणाली की जांच की भी यहां जांच की गई है। जिसमें कई अनियमितताएं पाई गईं और दोनों फर्मों को नोटिस जारी किए गए। इन सैंपलों की विश्लेषण रिपोर्ट और खाद्य व्यवसाय संचालकों के जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
January 30, 2026

बांगर की बेटी रिद्धिमा कौशिक बनी किक बॉक्सिंग में वल्र्ड में नंबर वन

बांगर की बेटी रिद्धिमा कौशिक बनी किक बॉक्सिंग में वल्र्ड में नंबर वन
वल्र्ड एसोसिएशन ऑफ  किक बॉक्सिंग आग्र्रेनाइजेशन द्वारा जारी रैकिंग में पाया पहला रैंक
जींद : हाल में जारी की गई वल्र्ड एसोसिएशन ऑफ किक बॉक्सिंग आग्र्रेनाइजेशन द्वारा वल्र्ड रैकिंग में बांगर की बेटी रिद्धिमा कौशिक ने पहली रैकिंग प्राप्त कर बांगर के साथ देश, प्रदेश का नाम रोशन किया। किक लाइट 55 किलोग्राम में पहली रैकिंग प्राप्त की तो किक लाइट 60 किलोग्राम में भी पहली रैकिंग प्राप्त की है। वल्र्ड एसोसिएशन ऑफ किक बॉक्सिंग आग्र्रेनाइजेशन द्वारा हर कुछ माह बाद ये टॉप टेन की रैंकिंग जारी की जाती है। अब तक इस रैंकिंग में इंडिया के किसी खिलाड़ी ने पहली रैंकिंग प्राप्त नहीं की है। बांगर की बेटी ने ये उपलब्धि प्राप्त करके पूरी दुनिया में बांगर, इंडिया का नाम रोशन करने का काम किया है। रिद्धिमा अलग-अलग वर्गों में प्रथम रैकिंग प्राप्त करने वाली इंडिया की पहली खिलाड़ी बनी। पोती की इस उपलब्धि पर दादा ओमप्रकाश भौंगरा पिता सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि बेटी ने बांगर क्षेत्र का नाम पूरी दुनिया में रोशन करने का काम किया है। बेटी आज बेटों से कम नहीं है। शुरू से ही बेटे की तरह दोनों बेटियों को खेल में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। निरंतर किक बॉक्सिंग के खेल में गोल्ड मेडल जीत कर दोनों बेटियां नाम रोशन कर रही है।  विधिका कौशिक,  रिद्धिमा कौशिक ने बीते 10 साल में 50 से अधिक गोल्ड मेडल जीते है। रिद्धिमा कौशिक ने कहा कि हमेशा दादा, पिता, माता ने खेलों में लिए प्रोत्साहित किया है। ताजा जो रैकिंग वल्र्ड एसोसिएशन ऑफ किक बॉक्सिंग आग्र्रेनाइजेशन द्वारा जारी की है उसमें नंबर 1 रैकिंग मिली है। वाको इंडिया किक बॉक्सिंग फैडरेशन के अध्यक्ष संतोष कुमार अग्रवाल ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए रिद्धिमा कौशिक के उज्जवल भविष्य की कामना की।