Breaking

Tuesday, August 5, 2025

August 05, 2025

मायावती ने एक बार फिर कहा- किसी के साथ नहीं बसपा, पार्टी के लोग रहें सतर्क

मायावती ने एक बार फिर कहा- किसी के साथ नहीं बसपा, पार्टी के लोग रहें सतर्क
बसपा चीफ मायावती

नई दिल्ली : बहुजन समाज पार्टी की मुखिया और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और कांग्रेस नीत इंडिया अलायंस के साथ नहीं हैं. बसपा चीफ ने 5 अगस्त, मंगलवार को सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में स्पष्ट किया है कि बसपा किसी भी अलायंस के साथ नहीं है.
बसपा चीफ का यह बयान एक मीडिया रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें दावा किया गया है कि मायावती, बीजेपी के साथ आ गईं हैं. सोशल मीडिया साइट एक्स पर मायावती ने लिखा- जैसाकि सर्वविदित है कि बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) ना तो बीजेपी के एनडीए गठबंधन के साथ है और ना ही कांग्रेस के इण्डिया समूह (गठबंधन) के साथ है, तथा, ना ही अन्य किसी और भी फ्रन्ट के साथ है, बल्कि इन दोनों व अन्य और किसी भी जातिवादी गठबंधनों से अलग अपनी ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के अम्बेडकरवादी सिद्धान्त व नीति पर चलने वाली पार्टी है.
पूर्व सीएम ने लिखा कि लेकिन इसके बावजूद भी ख़ासकर दलित, आदिवासी एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विरोधी तथा इन वर्गों के प्रति जातिवादी मानसिकता रखने वाले कुछ मीडिया बी.एस.पी. की इमेज को बीच-बीच में धूमिल करने व राजनीतिक नुक़सान पहुँचाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ते हैं, जिसको लेकर पार्टी को लगातार अपने लोगों को इनसे सतर्क करते रहने की ज़रूरत पड़ती रहती है.
*किस वजह से मायावती ने फिर दी सफाई?*

एक मीडिया चैनल का नाम लिखते हुए बसपा चीफ ने लिखा कि इस शीर्षक से गलत, तथ्यहीन व विषैली ख़बर चलायी है, जबकि उसके भीतर न्यूज़ में कुछ और है.  इस प्रकार से चैनल द्वारा पार्टी की इमेज को ख़ासकर चुनाव के पूर्व इस प्रकार का आघात पहुँचाने का जो यह घिनौना प्रयास किया गया है उसकी जितनी भी निन्दा व भर्त्सना की जाये, वह कम है.
उन्होंने लिखा कि साथ ही, पार्टी के लोगों से यह विशेष आग्रह है कि वे राजनीतिक षडयंत्र के तहत् मीडिया के इस प्रकार के घिनौने हथकण्डों से हमेशा ज़रूर सावधान रहें और किसी के भी बहकावे में ना आये, क्योंकि जातिवादी तत्व अपने अम्बेडकरवादी कारवाँ को कमज़ोर करने के घिनौने षडयंत्र में हमेशा किसी ना किसी रूप में लगे रहते हैं.
August 05, 2025

हरियाणा सरकार की फिर मेहरबानी, राम रहीम को 14वीं बार 40 दिन की पैरोल, सिरसा डेरे में मनाएगा जन्मदिन

हरियाणा सरकार की फिर मेहरबानी, राम रहीम को 14वीं बार 40 दिन की पैरोल, सिरसा डेरे में मनाएगा जन्मदिन
सिरसा : डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर हरियाणा सरकार ने 40 दिन की पैरोल दी है। मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे वह रोहतक की सुनारिया जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच सिरसा स्थित डेरे के लिए रवाना हुआ। यह 14वां मौका है जब राम रहीम पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आया है। सिरसा पहुंचते ही उसने अपने अनुयायियों के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उसने कहा, “आप लोग दर्शन करने आए, आप हर बार हमारी बात मानते हैं। हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि जैसा गाइड करेंगे, वैसी सेवा करनी है। अपनी-अपनी जगह पर रहें और सेवा के लिए बधाई।”
राम रहीम को दो साध्वियों के यौन शोषण के मामले में 25 अगस्त 2017 को 20 साल की सजा और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में 17 जनवरी 2019 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा, डेरा मैनेजर रणजीत सिंह हत्याकांड में अक्टूबर 2021 में उसे उम्रकैद हुई, हालांकि मई 2024 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले में उसे बरी कर दिया। सूत्रों के अनुसार, राम रहीम ने अपने 58वें जन्मदिन (15 अगस्त) को सिरसा डेरे में मनाने और पौधरोपण जैसे सामाजिक कार्यों के लिए पैरोल की मांग की थी।
राम रहीम का काफिला सात लग्जरी गाड़ियों, जिसमें दो बुलेटप्रूफ लैंड क्रूजर और दो फॉर्च्यूनर शामिल थीं, के साथ सिरसा डेरे पहुंचा। पैरोल की शर्तों के तहत उसे सिरसा डेरे में भीड़ जमा करने की अनुमति नहीं है, लेकिन वह वर्चुअली अपने अनुयायियों को संबोधित कर सकता है। इससे पहले 9 अप्रैल 2025 को 21 दिन की फरलो पर वह सिरसा डेरे में रहा था और डेरे का स्थापना दिवस मनाया था। राम रहीम की लगातार पैरोल को लेकर विवाद भी रहा है, खासकर जब यह चुनावों के समय दी जाती है।
हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स (टेम्परेरी रिलीज) एक्ट, 2022 के तहत राम रहीम को यह पैरोल दी गई है। पैरोल की शर्तों के अनुसार, उसे शांति बनाए रखने और स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेगी। राम रहीम अब तक 2017 के बाद से 14 बार पैरोल या फरलो पर बाहर आ चुका है, जिसमें इस साल जनवरी में 30 दिन की पैरोल और अप्रैल में 21 दिन की फरलो शामिल है।

August 05, 2025

ट्रंप ने भारत को दी टैरिफ बढ़ाने की नई धमकी, कांग्रेस बोली- प्रधानमंत्री के दोस्त ने दिया एक और झटका

ट्रंप ने भारत को दी टैरिफ बढ़ाने की नई धमकी, कांग्रेस बोली- प्रधानमंत्री के दोस्त ने दिया एक और झटका
नई दिल्ली : कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी दिए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निशाना साधा. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि कई बार गले मिलने के बावजूद प्रधानमंत्री के इस दोस्त ने एक और झटका दिया है.
ट्रंप ने रूसी तेल की खरीद का हवाला देते हुए भारत पर टैरिफ और बढ़ाने की धमकी दी है. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि शुल्क कब और कितना बढ़ाने की योजना है. अमेरिका ने पिछले दिनों भारत पर 25 फीसदी शुल्क और रूसी तेल खरीद पर जुर्माना लगाने की घोषणा की थी.
*प्रधानमंत्री के दोस्त ने दिया एक और झटका- कांग्रेस*

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, "हाउडी मोदी के लिए बहुत कुछ. नमस्ते ट्रंप के लिए बहुत कुछ. अब की बार ट्रंप सरकार के लिए बहुत कुछ. बीजेपी सांसद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत का तुरुप का इक्का बता रहे हैं." उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कई बार गले मिलने और हाथ मिलाने के बावजूद 'माई फ्रेंड डोलांड' ने एक और झटका दिया है.
जयराम रमेश ने सवाल किया, "ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में हमारे विदेश मंत्री के लिए बहुप्रतीक्षित अग्रिम पंक्ति की सीट मिलने का क्या हुआ? प्रधानमंत्री के पहले व्हाइट हाउस पहुंचने का क्या हुआ?"
'देश नीति राष्ट्रीय हित के बजाय छवि निर्माण पर केंद्रित'
उन्होंने कहा, "टैरिफ लगाए जा रहे हैं. बातचीत कहीं आगे नहीं बढ़ रही है, लेकिन पहलगाम हमले की भूमिका रचने वाले आसिम मुनीर को व्हाइट हाउस में दोपहर का भोज मिलता है. ऐसा तब होता है जब विदेश नीति राष्ट्रीय हित के बजाय छवि निर्माण के बारे में केंद्रित हो जाती है."
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (4 अगस्त 2025) को कहा कि वह भारत की ओर से अमेरिका को भुगतान किए जाने वाले आयात शुल्क को काफी हद तक बढ़ाएंगे. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट में कहा, "भारत रूस से भारी मात्रा में तेल सिर्फ खरीद ही नहीं रहा है, बल्कि उस तेल के बड़े हिस्से को खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा भी कमा रहा है."
ट्रंप ने कहा, "भारत को इस बात की कोई परवाह नहीं है कि यूक्रेन में रूस की युद्ध मशीन कितने लोगों की जान ले रही है. इसी वजह से मैं भारत से अमेरिका को दिए जाने वाले शुल्क को काफी बढ़ाने जा रहा हूं."
August 05, 2025

दिल्‍ली इतनी सुरक्षित! हाई‑सिक्योरिटी ज़ोन में बाइक सवारों लुटेरों ने कांग्रेस सांसद R. Sudha की चेनी छीनी

दिल्‍ली इतनी सुरक्षित! हाई‑सिक्योरिटी ज़ोन में बाइक सवारों लुटेरों ने कांग्रेस सांसद R. Sudha की चेनी छीनी
दिल्ली : दिल्ली के पॉश इलाके अशोक रोड में उस समय हड़कंप मच गया जब कांग्रेस सांसद आर सुदा के साथ सरेआम लूटपाट की वारदात हो गई। सांसद आर सुदा अपने पति के साथ गाड़ी से उतरकर बंगला नंबर 36 में प्रवेश कर रही थीं, तभी बाइक पर सवार दो बदमाशों ने उनकी सोने की चेन झपट ली और मौके से फरार हो गए। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसकी फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस हरकत में आई और तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, लेकिन पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए उनकी पहचान करने में जुटी है। आर सुदा का बयान भी दर्ज कर लिया गया है और यह मामला वीआईपी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर रहा है।

Monday, August 4, 2025

August 04, 2025

'ऐसे लोगों पर रोक लगनी चाहिए', कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर भड़के अनिल विज

'ऐसे लोगों पर रोक लगनी चाहिए', कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर भड़के अनिल विज
नई दिल्ली : कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के बयानों की निंदा करते हुए अनिल विज ने कहा कि ये हमारे समाज और संस्कृति को दूषित कर रहे हैं.
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के बयानों पर हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने कड़ी आपत्ति जाहिर की. उन्होंने एक निजी न्यूज़ से बातचीत में कहा कि उन्होंने जो बयान दिया है वो हमारी संस्कृति के विरुद्ध है. उनके खिलाफ अगर कोई कार्रवाई बनती है तो करनी चाहिए. वो महिलाओं के बारे में क्या कहना चाहते हैं, कैसी संस्कृति और कैसा देश बनाना चाहते हैं? ऐसे लोगों पर रोक लगनी चाहिए.
अनिल विज ने कहा, "इतनी बड़ी संख्या में लोग इनको सुनने जाते हैं. क्या ये सिखाएंगे हमको? हमें चुनना पड़ेगा. हमें ज्ञान चाहिए. लेकिन किससे ज्ञान चाहिए, जो ज्ञानी होगा न कि इस प्रकार के शब्दावलियों का जो प्रयोग करता होगा ऐसे व्यक्तिओं से हमको नहीं सुनना है. शास्त्रों के जानकार के पास जाना चाहिए."
*इनको अपनी वाणी पर नियंत्रण नहीं- विज*

इसके साथ ही हरियाणा के मंत्री ने कहा कि इनके इस तरह के प्रवचन देने पर रोक लगानी चाहिए. क्योंकि इनको अपनी वाणी पर नियंत्रण नहीं है. ये शब्दों का ठीक ढंग से इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं. विज ने कहा कि ये हमारे समाज और संस्कृति तो दूषित कर रहे हैं. ऐसे लोगों को हम किसी भी प्रकार से धर्म का प्रचारक नहीं मान सकते. 
*सनातन धर्म ने हमेशा महिलाओं की महिमा गाई- विज*

क्या अनिरुद्धाचार्य सनातन धर्म को नुकसान पहुंचा रहे हैं, इस पर अनिल विज ने कहा, "सनातन धर्म ने तो हमेशा महिलाओं की महिमा गाई है. हमेशा देवियों की तरह पूजा है. इनके बयान सनातन धर्म के विरुद्ध हैं. ऐसे लोगों पर रोक लगनी चाहिए."
*अनिरुद्धाचार्य के बिगड़े बोल*

पहले 14 वर्ष की उम्र में लड़कियों की शादी हो जाती थी, वो परिवार में घुल मिल जाती थीं लेकिन अब लड़कियां लाते हैं 25 साल की जो 4 जगह मुंह मार के आती हैं।

आज कल की पत्नियां जो ज्यादा पैसे कमाता है उसके साथ भाग जाती हैं. इन्हें चुराने रावण आता तो ये उचककर खुद बैठ जातीं. ये खुद रावण को लेटर लिखती कि हम यहां पर हैं, आ जाओ हमें चुराने के लिए। 

किन बेटियों के टुकड़े हो रहे हैं? उन बेटियों के जिनके मां-बाप ने सही वक्त पर संस्कार नहीं दिए. काश संस्कार दिया होता. बेटियों ने अगर संस्कार को फॉलो किया होता तो उन लोगों के इतने टुकड़े नहीं होते।

आज कल की लड़कियां पढ़ाई के बहाने घर से निकलती हैं लेकिन वे गलत रास्ते पर चली जाती हैं. संस्कारों की कमी के कारण उनका भविष्य खराब होता है।

महिलाओं को नौकरी करने की जरूरत नहीं है. उनका काम घर संभालना और बच्चों को संस्कार देना है।

कलियुग में आप वेश्या को वेश्या नहीं कह सकते।
August 04, 2025

अनिरुद्धाचार्य के बिगड़े बोल

अनिरुद्धाचार्य के बिगड़े बोल

  • पहले 14 वर्ष की उम्र में लड़कियों की शादी हो जाती थी, वो परिवार में घुल मिल जाती थीं लेकिन अब लड़कियां लाते हैं 25 साल की जो 4 जगह मुंह मार के आती हैं.
  • आज कल की पत्नियां जो ज्यादा पैसे कमाता है उसके साथ भाग जाती हैं. इन्हें चुराने रावण आता तो ये उचककर खुद बैठ जातीं. ये खुद रावण को लेटर लिखती कि हम यहां पर हैं, आ जाओ हमें चुराने के लिए. 
  • किन बेटियों के टुकड़े हो रहे हैं? उन बेटियों के जिनके मां-बाप ने सही वक्त पर संस्कार नहीं दिए. काश संस्कार दिया होता. बेटियों ने अगर संस्कार को फॉलो किया होता तो उन लोगों के इतने टुकड़े नहीं होते.
  • आज कल की लड़कियां पढ़ाई के बहाने घर से निकलती हैं लेकिन वे गलत रास्ते पर चली जाती हैं. संस्कारों की कमी के कारण उनका भविष्य खराब होता है
  • महिलाओं को नौकरी करने की जरूरत नहीं है. उनका काम घर संभालना और बच्चों को संस्कार देना है
  • कलियुग में आप वेश्या को वेश्या नहीं कह सकते
August 04, 2025

यदि आपको आपके आस-पास के क्षेत्र मे कहीं भी कोई सन्देह जनक व्यक्ति या अवैध रुप से रह विदेशी नागरिक जैसे बांगलादेशी , पाकिस्तानी , रोहिंग्या मिले तो तुरन्त निम्न लिखित नम्बरों पर सुचना दें ।

यदि आपको आपके आस-पास के क्षेत्र मे कहीं भी कोई सन्देह जनक व्यक्ति या अवैध रुप से रह विदेशी नागरिक जैसे बांगलादेशी , पाकिस्तानी , रोहिंग्या मिले तो तुरन्त निम्न लिखित नम्बरों पर सुचना दें ।  8814011509, 8814011525,112 , 01681-246809 
जींद : पुलिस अधीक्षक जींद (SP JIND) कुलदीप सिंह भा.पु.से. ने बताया कि हर वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रुप में पूरे भारत  में बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है । इस वर्ष भी बडे  हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाएगा  इस अवसर पर विदेशी ताकतों व संदिग्ध व्यक्तियों द्दारा भारत की सम्प्रभूता , अंखडता को प्रभावित करने की कोशिश की जा सकती है । हाल ही मे कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में  स्थित पर्यटन स्थल बैसरन घाटी मे दिनांक 22.04.2025 को बड़ा आतंकी हमला हुआ था जिसमे 26 लोगो की मौत हो गई , जबकि कई लोग घायल हो गए थे । उक्त घटना को देखते हुए व स्वतंत्र दिवस के अवसर पर आप सभी सर्वसाधारण को सुचित किया जाता है कि यदि आपको आपके आस-पास के क्षेत्र मे कहीं भी कोई सन्देह जनक व्यक्ति या अवैध रुप से रह विदेशी नागरिक जैसे बांगलादेशी , पाकिस्तानी , रोहिंग्या मिले तो तुरन्त निम्न लिखित नम्बरों पर सुचना दें ।   8814011509 ,8814011525 ,112 , 01681-246809
August 04, 2025

जींद बार एसोसिएशन ने टाइपिस्टों से ओवरचार्जिंग रोकने का किया अनुरोध, कार्य के रेट तय

जींद बार एसोसिएशन ने टाइपिस्टों से ओवरचार्जिंग रोकने का किया अनुरोध, कार्य के रेट तय
जींद: जींद बार एसोसिएशन ने टाइपिस्टों द्वारा अत्यधिक शुल्क वसूलने की बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बड़ा कदम उठाया है। एसोसिएशन ने टाइपिस्टों से अनुरोध किया है कि वे ओवरचार्जिंग बंद करें और निर्धारित दरों का पालन करें। प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि टाइपिस्ट छोटे-मोटे काम, जिनकी वास्तविक कीमत 20 से 50 रुपये है, के लिए 400 से 500 रुपये तक वसूल रहे हैं। इन शिकायतों के मद्देनजर, बार एसोसिएशन ने टाइपिंग कार्यों के लिए उचित रेट तय किए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि यह कदम वकीलों और आम लोगों को अनुचित शुल्क से राहत दिलाने के लिए उठाया गया है। टाइपिस्टों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित दरों का सख्ती से पालन करें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी को आर्थिक बोझ न उठाना पड़े। बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में ओवरचार्जिंग की शिकायतें मिलीं, तो संबंधित टाइपिस्टों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय स्थानीय वकील समुदाय और आम जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

Sunday, August 3, 2025

August 03, 2025

यमुना तो दिल्ली में भी है, फिर शाहजहां ने आगरा में ही क्यों बनवाया ताजमहल?

यमुना तो दिल्ली में भी है, फिर शाहजहां ने आगरा में ही क्यों बनवाया ताजमहल?
नई दिल्ली : कुछ कहानियां इतिहास बनाती हैं, तो वहीं कुछ कहानियां इतिहास सुनती हैं. मुगल बादशाह शाहजहां ने जब अपनी बेगम मुमताज महल के लिए ताजमहल बनवाया तो उसके पीछे की यही सोच थी कि वो दुनिया का सबसे खास और नायाब मकबरा तैयार करवाए, जिससे कि आने वाली दुनिया मुमताज के साथ-साथ ताजमहल की खूबसूरती भी समझ पाए. ताजमहल की सुदंरता उसके विस्तृत मकबरे के साथ-साथ उसकी वास्तुकला, विशालता और सुंदर नक्काशी में छिपी हुई है. 
यह उच्च कला का अद्वितीय उदाहरण है. ताजमहल को सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्यार का प्रतीक माना जाता है. लेकिन क्या कभी यह सोचा है कि ताजमहल को आगरा में ही क्यों बनवाया गया, जबकि यमुना नदी तो दिल्ली में भी हैं. चलिए इसका कारण जानते हैं. 
*कब बना था ताजमजहल*

ताजमहल एक सुंदर आकर्षण है, जहां हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं और वे इस महान एतिहासिक मकबरे की सुंदरता और महत्व का आनंद लेते हैं. ताजमहल को बनने में तकरीबन 22 साल का वक्त लगा था. इसके निर्माण का काम 1632 ई. में शुरू हुआ था और यह 1653 में पूरा हुआ था. इस खूबसूरत वास्तुकला के बनाए जाने में 20 हजार से ज्यादा मजदूरों, शिल्पकारों, वास्तुकारों और कारीगरों का अहम योगदान था. ताजमहल को बहुत मेहनत से बनाया गया था, जो कि इसे आदर्श आर्किटेक्चरल मास्टरपीस बनाता है.
*आगरा में ही क्यों बना ताज*

ताजमहल के सिर्फ आगरा में बनाए जाने के पीछे के कई कारण थे. आगरा उस वक्त मुख्य रूप से मुगल साम्राज्य की राजधानी हुआ करती थी और शाहजहां का दरबार भी वहीं पर था. इसके अलावा यमुना नदी के किनारे एक स्थान उपयुक्त था, संगमरमर की आपूर्ति, कुशल कारीगरों की उपलब्धता भी आगरा में ताजमहल के होने का मुख्य कारण है. इसके अलावा आगरा में यमुना नदी का बहाव उपयुक्त था, जो कि ताजमहल को सुंदर बनाता है और इस पानी से इमारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है. 
*नदी का प्रभाव*

इतिहासकार अब्दुल हामिद लाहौरी की मानें तो शाहजहां ने आगरा में यमुना के किनारे ताजमहल बनाया जाने का स्थान जानबूझकर चुना था, क्योंकि यमुना नदी का मोड़ ताजमहल को बाढ़ या फिर कटाव से भी बचाता है. बाद में शाहजहां ने अपनी राजधानी बदलकर आगरा से दिल्ली ट्रांसफर कर दी, लेकिन ताजमहल आगरा में ही रहा और आज भी वास्तुकला का अनूठा नमूना बनकर देश की शान बढ़ा रहा है.
August 03, 2025

पिछड़ा वर्ग के लोगों में आ रही संवैधानिक व सामाजिक जागृति: कर्मवीर सैनी


पिछड़ा वर्ग के लोगों में आ रही संवैधानिक व सामाजिक जागृति: कर्मवीर सैनी
हरियाणा राज्य सूचना आयुक्त का बैरागी समाज ने से जींद में किया नागरिक अभिनंदनजींद : हरियाणा राज्य सूचना आयुक्त कर्मवीर सैनी ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के लोगों में आज संवैधानिक और सामाजिक जागृति आ रही है। आज समाज के लोग बड़े-बड़े पदों पर विराजमान हो रहे हैं। यह सिलसिला रुकना नहीं चाहिए, बल्कि एकजुटता के साथ और भी जागरूक होकर युवा पीढ़ी के भविष्य को उज्जवल बनाने में पूरी जी-जान लगानी चाहिए। कर्मवीर सैनी रविवार को जींद शहर की बैरागी धर्मशाला में बैरागी समाज द्वारा आयोजित अपने अभिनंदन समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे। समारोह की अध्यक्षता पूर्व मंत्री रामकिशन बैरागी ने की, जबकि मंच संचालन डा. नरेश बैरागी ने किया। समारोह में कनाडा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष के सलाहकार गुलाब सैनी विशेष तौर पर शामिल हुए। इस दौरान आयोजकों द्वारा हरियाणा राज्य सूचना आयुक्त कर्मवीर सैनी कर्मवीर सैनी का फूल मालाओं, पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह,चद्दर इत्यादि से गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया और भविष्य में जरूरत पड़ने पर समाज की ओर से हर संभव सहयोग व समर्थन देने का विश्वास दिलाया। अपने संबोधन में हरियाणा राज्य सूचना आयुक्त कर्मवीर सैनी ने कहा कि अतीत में सामंतवादी और जागीरदारों ने पिछड़ा वर्ग के लोगों को जमकर शोषण किया। उसके बाद अंग्रेजों ने भी शोषण करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन पिछड़ा वर्ग के कर्मठ लोग अपनी मेहनत और महापुरुषों के दिखाये रास्ते पर चलते हुए आगे बढ़ते गये। जिसके परिणाम स्वरूप आज पिछड़ा वर्ग के लोग किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि समाज में आगे बढ़ने के साथ-साथ वे सामाजिक बुराइयों को जड़ मूल से समाप्त करने का भी प्रयास करें। क्योंकि आज नशाखोरी से समाज खोखला होता जा रहा है। शुद्ध पर्यावरण और स्वच्छता की कमी के कारण जन-जीवन पर विपरीत असर पड़ रहा है। दहेज प्रथा और अनपढ़ता जैसी बुराइयां समाज में किसी अभिशाप से कम नहीं हैं। ऐसे में हम सभी को मिलकर इन सभी सामाजिक बुराईयों पर अंकुश लगाना चाहिए।  हरियाणा राज्य सूचना आयुक्त कर्मवीर सैनी ने कहा कि आरटीआई कानून के तहत जितनी भी उन्हें संवैधानिक ताकत उन्हें मिली है, उसका ईमानदारी के साथ पूरी निष्ठा से पालन किया जाएगा। उनकी कलम से हर पात्र व्यक्ति को न्याय मिलेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीआरएसयू के वीसी प्रो. रामपाल सैनी ने शिक्षा नीति 2020 की विस्तृत जानकारी देते हुए शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। इस मौके हरियाणा बैरागी सभा के प्रधान शिव कुमार बैरागी, भाजपा नेत्री उषा प्रियदर्शनी, निर्मला बैरागी चेयरमैन,कैप्टन योगेश बैरागी पूर्व प्रत्याशी जुलाना, बख्शीराम सैनी चेयरमैन दादरी, महेंद्र सिंह खटकड़, कृष्ण स्वामी पार्षद गुरुग्राम, एडवोकेट सुरेंद्र खटकड़ पार्षद जुलाना,समय सिंह, सुनील बैरागी पार्षद नारनौंद,डा. दीपक स्वामी दादरी,ज्ञानीराम प्रधान आदि प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।

Saturday, August 2, 2025

August 02, 2025

गुरुग्राम में रेस्टोरेंट में स्क्रैप कारोबारी की हत्या: लिव-इन पार्टनर ने चाकू घोंपकर ली जान, दिल्ली की महिला गिरफ्तार

गुरुग्राम में रेस्टोरेंट में स्क्रैप कारोबारी की हत्या: लिव-इन पार्टनर ने चाकू घोंपकर ली जान, दिल्ली की महिला गिरफ्तार
गुरुग्राम : हरियाणा के गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-3 थाना क्षेत्र में स्थित दाना चुगा रेस्टोरेंट में शुक्रवार देर रात एक सनसनीखेज हत्याकांड ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। स्क्रैप कारोबारी हरीश शर्मा (45) की उनकी लिव-इन पार्टनर यशमीत कौर ने खाना खाते वक्त छाती में चाकू घोंपकर हत्या कर दी। पुलिस ने दिल्ली के अशोक विहार निवासी यशमीत कौर को गिरफ्तार कर लिया है और उसे रविवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस के अनुसार, हरीश शर्मा शुक्रवार रात दाना चुगा रेस्टोरेंट में खाना खाने गए थे। इस दौरान उनकी लिव-इन पार्टनर यशमीत कौर के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। गुस्से में आकर यशमीत ने हरीश की छाती में चाकू घोंप दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। डीएलएफ फेज-3 थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या का कारण निजी विवाद प्रतीत हो रहा है। पुलिस पूछताछ में यशमीत कौर ने बताया कि हरीश शादीशुदा थे और उनकी दो बेटियां हैं। उनकी पत्नी लंबे समय से बीमार थी जिसके चलते दोनों के बीच लिव-इन रिलेशनशिप शुरू हुई थी। यशमीत ने कहा मुझे हरीश का अपने घर जाना पसंद नहीं था। इस बात को लेकर हमारा अक्सर झगड़ा होता था। शुक्रवार को भी रेस्टोरेंट में इसी बात पर विवाद हुआ और गुस्से में मैंने उसकी छाती में चाकू मार दिया। दोनों डीएलएफ फेज-3 में किराए के मकान में साथ रह रहे थे। हरीश के भतीजे ने पुलिस को बताया कि हरीश एक कंपनी में काम करते थे और फरीदाबाद व बेंगलुरु में उनकी स्क्रैप की फैक्ट्रियां थीं। भतीजे ने कहा 1 अगस्त को गांव का विजय उर्फ सेठी चाचा को लेने आया था। चाचा ने मुझसे 7 लाख रुपये मांगे जो मैंने दे दिए। इसके बाद वे विजय के साथ गाड़ी में चले गए। भतीजे ने बताया कि रात को हरीश ने फोन कर 1650 रुपये की पेमेंट करने को कहा, जो उसने कर दी। शनिवार सुबह यशमीत ने फोन कर हरीश की मौत की सूचना दी। भतीजे ने यशमीत और विजय पर हत्या का आरोप लगाया है। हरीश के पिता बाल किशन ने बताया कि उनका बेटा शुक्रवार रात 10 बजे दाना चुगा रेस्टोरेंट खाना खाने की बात कहकर घर से निकला था। उन्होंने कहा रात 12 बजे हरीश से मेरी बात हुई थी। लेकिन साढ़े 3 बजे डीएलएफ फेज-3 पुलिस ने उसकी मौत की सूचना दी। मुझे बताया गया कि रेस्टोरेंट में किसी के साथ उसका विवाद हुआ जिसके बाद उस पर चाकू से हमला किया गया। बाल किशन ने बेटे की हत्या पर गहरा दुख जताया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। 
डीएलएफ फेज-3 पुलिस ने यशमीत कौर को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या के कारणों की गहन जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस मामले में विजय उर्फ सेठी की कोई भूमिका थी। यशमीत को रविवार को स्थानीय कोर्ट में पेश किया जाएगा। 


August 02, 2025

हज और उमराह में क्या होता है फर्क? जानिए इस्लाम में दोनों का महत्व

हज और उमराह में क्या होता है फर्क? जानिए इस्लाम में दोनों का महत्व
हज और उमराह में क्या फर्क है

नई दिल्ली : इस्लाम धर्म में हज और उमराह दो महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राएं हैं. हर मुसलमान के दिल में ये तमन्ना होती है कि अपनी जिंदगी में वो एक बार हज करने जरूर जाएगा क्योंकि हज करना शुभ माना जाता है. दुनिया के कोने-कोने से लोग हज करने सऊदी अरब जाते हैं. यहां मक्का-मदीना में हज करके अपने दिल की मुराद पूरी करते हैं.  लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों में क्या अंतर है? हज, उमराह से किस तरह अलग है और इनका इस्लामी परंपराओं में क्या महत्व है? आइये जानते हैं.
*क्या होती है हज यात्रा?*

सबसे पहले बात करते हैं हज की. हज इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है और इसे हर उस मुसलमान के लिए अनिवार्य माना जाता है, जो शारीरिक और आर्थिक रूप से सक्षम हो. हज यात्रा इस्लामिक कैलेंडर के आखिरी महीने में की जाती है और यह कई दिनों तक चलता है. यह एक सामूहिक तीर्थयात्रा है जिसमें लाखों लोग शामिल होते हैं. हज और उमराह दोनों के लिए मुसलमान सऊदी अरब के शहर मक्का जाते हैं. हज के दौरान तीर्थयात्री कई अनुष्ठान करते हैं जैसे तवाफ (काबा के चारों ओर सात चक्कर लगाना), सई (सफा और मारवाह पहाड़ियों के बीच सात बार दौड़ना) और अराफात में प्रार्थना. यह तीर्थयात्रा पैगंबर इब्राहिम और उनके परिवार की याद में की जाती है और इसे पापों से मुक्ति का एक रास्ता माना जाता है. हज यात्रा कई दिनों तक चलती है और ज्यादा खर्चीली भी होती है.
*हज से कैसे अलग है उमराह?*

दूसरी ओर मक्का की जियारत को उमराह कहते हैं. उमराह को हज का ही छोटा रूप भी कहा जाता है. उमराह का मतलब आबादी वाली जगह से है जहां एक साथ बड़ी आबादी इकट्ठा होती है. उमराह में हज के कुछ मुख्य अनुष्ठानों को ही शामिल किया जाता है जैसे तवाफ. इसमें लोग काबा के चारों तरफ तवाफ करते हैं जिनका तवाफ पूरा हो जाता है उनका उमराह मुकम्मल माना जाता है. हज के मुकाबले उमराह कम समय में पूरा किया जा सकता है और कम खर्चीला होता है. उमराह के दौरान कुरान पढ़ी जाती है और अल्लाह की इबादत सच्चे मन से की जाती है. उमराह भले ही छोटा हो, लेकिन इसका आध्यात्मिक महत्व कम नहीं है. यह अल्लाह के प्रति भक्ति और विनम्रता का प्रतीक है.

Friday, August 1, 2025

August 01, 2025

हरियाणा सरकार ने किए 9 IPS अधिकारी बदले, देखिए किसे कहां भेजा गया

हरियाणा सरकार ने किए 9 IPS अधिकारी बदले, देखिए किसे कहां भेजा गया
चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने 01 अगस्त 2025 को बड़ा प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए IPS और HPS अधिकारियों के तबादले किए हैं। कुल 9 अधिकारियों को नई पोस्टिंग दी गई है, जिनमें 2022 और 2023 बैच के नव-प्रशिक्षित IPS अधिकारी शामिल हैं। आदेश के अनुसार, ये सभी अधिकारी SVPNPA हैदराबाद में बेसिक ट्रेनिंग का दूसरा चरण पूरा करने के बाद जिलों में अपनी नई तैनाती पर रिपोर्ट करेंगे।
इस सूची में सबसे पहले Ms. Uttam (IPS 2022 बैच) को अम्बाला का एएसपी बनाया गया है। प्रतीक अग्रवाल (IPS 2022) को रोहतक, फैसल खान (IPS 2022) को सिरसा, और आयुष यादव (IPS 2022) को नूंह का ASP बनाया गया है। इनके अलावा कांची सिंघल (IPS 2022) को करनाल, दिव्यांशी सिंघला (IPS 2023) को फतेहाबाद, हर्षित गोयल (IPS 2023) को पानीपत, और मयंक मुद्गिल (IPS 2023) को हिसार में ASP नियुक्त किया गया है।
वहीं हरियाणा पुलिस सेवा (HPS) की अधिकारी ममता खर्ब को पलवल में एडिशनल एसपी (SCB) पद से हटाकर Addl. SP, Palwal लगाया गया है। यह नियुक्ति एक रिक्त पद के विरुद्ध की गई है।
इस आदेश पर हस्ताक्षर हरियाणा सरकार की अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग) डॉ. सुमिता मिश्रा द्वारा किए गए हैं और यह आदेश 01 अगस्त 2025 से लागू हो गया है। आदेश की कॉपी राज्यपाल, मुख्य सचिव, डीजीपी, सभी संबंधित एडीजीपी, DIPR व संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दी गई है।