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Thursday, January 29, 2026

January 29, 2026

ह*त्या मामले में थाना पुंडरी पुलिस द्वारा दो आरोपी काबू, मामले में पहले ही दो अन्य आरोपी किए जा चुके काबू

ह*त्या मामले में थाना पुंडरी पुलिस द्वारा दो आरोपी काबू, मामले में पहले ही दो अन्य आरोपी किए जा चुके काबू
कैथल : थाना पुंडरी क्षेत्र में एक युवक की हत्या करने के मामले की जांच थाना पुंडरी पुलिस एसएचओ इंस्पेक्टर शिवकुमार की टीम द्वारा करते हुए आरोपी गांव बरसाना निवासी अरनल उर्फ अंशुल तथा गुरदीप को काबू कर लिया गया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि  गांव मोहना निवासी संजय कुमार की शिकायत अनुसार 22 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे अपने परिवार सहित घर पर दीपावली मना रहा था। इसी दौरान गांव मोहना निवासी गुलाब, छोटू, प्यौंत जिला करनाल निवासी कांटी व गांव बरसाना निवासी सागर उर्फ तरुण, अंकुश, पप्पू समेत 4–5 अन्य युवक हाथों में चाकू, गंडासी और तलवारें लेकर घर पर आ गए। आरोपियों ने आते ही उसके परिवार पर हमला कर दिया। झगड़े के दौरान उसके छोटे बेटे विशाल व पत्नी इंद्रा देवी को बुरी तरह पीटा गया, जिससे विशाल की दोनों बाहों की हड्डियां टूट गई तथा पैरों पर तेजधार हथियारों से वार किए गए। सभी आरोपी उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद घायल विशाल को परिजन कैथल के सरकारी अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया। वहां से विशाल को मोहाली के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया जहां इलाज दौरान 24 अक्तुबर को विशाल की मृत्यु हो गई। जिस बारे सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ थाना पूंडरी में मामला दर्ज कर लिया गया। उपरोक्त मामले में आरोपी अक्षय कुमार उर्फ अंकुश व साहिल उर्फ तरुण को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका हैं। आरोपी अरनल उक्त वारदात में साथ में शामिल था तथा आरोपी गुरदीप द्वारा अन्य आरोपियों को शरण दी गई व अन्य सहयात उपलब्ध करवाई गई थी। दोनो आरोपियों का व्यापक पूछताछ के लिए  1 दिन पुलिस रिमांड हासिल किया गया।
January 29, 2026

महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अपूर्णीय क्षति - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अपूर्णीय क्षति - मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

मुख्यमंत्री ने अजीत पवार के निधन पर जताया गहरा दुख

परिजनों, सहयोगियों एवं समर्थकों के साथ हैं उनकी संवेदनाएं
चण्डीगढ-- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री श्री अजीत पवार के निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि देश और विशेषकर महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान क्रैश में निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं उनके परिजनों, सहयोगियों एवं समर्थकों के साथ हैं। परमात्मा उनको श्रीचरणों में स्थान दें और पीड़ित परिवार को दुख सहने की शक्ति और धैर्य प्रदान करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री पवार राजनीति में बहुत ही सुलझे हुए व्यक्ति थे और उनका जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव था। उनकी मिलनसार शैली लोगों को सदैव स्मरणीय रहेगी।
January 29, 2026

लोकहित के कार्य सरकार की प्राथमिकता : श्याम सिंह राणा

लोकहित के कार्य सरकार की प्राथमिकता : श्याम सिंह राणा 
- कृषि मंत्री ने चरखी दादरी में जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक की अध्यक्षता की 
चंडीगढ़ - हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनता की भलाई के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई हुई हैं। आगामी बजट को लेकर स्वयं मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी गंभीर हैं। लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया जाएगा। किसानों के लिए भी बजट में बेहतरीन योजनाएं लाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जैविक एवं ऑर्गेनिक खेती का 20% तक लक्ष्य निर्धारित कर रखा है।

श्री राणा आज चरखी दादरी में जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। 

कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में जन शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निवारण के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि परिवेदना समिति की मासिक बैठकें शासन और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त मंच हैं, जहां आमजन अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। परिवादी की समस्या का समाधान करना हमारी प्राथमिकता है। सरकार जनकल्याण के लिए है और सरकार जनता की सुविधा के लिए कार्य कर रही है।

इस बैठक में कुल 12 शिकायतें सुनवाई के लिए रखी गईं, जिनमें से 10 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष दो परिवादों को आगामी सुनवाई हेतु लंबित रखा गया। इन शिकायतों के अतिरिक्त अन्य मौजूद नागरिकों की समस्याओं को भी सुना गया और अधिकारियों दिशा-निर्देश दिए गए।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों की जांच प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए तथा शिकायतकर्ता को हर चरण में शामिल रखा जाए, ताकि समाधान प्रभावी एवं संतोषजनक हो।
January 29, 2026

कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव खत्म करें, गरिमा सुनिश्चित करें : आरती सिंह राव

कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव खत्म करें, गरिमा सुनिश्चित करें : आरती सिंह राव
 
- आज से 13 फरवरी तक चलेगा "स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान" 

- हरियाणा के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कुष्ठ रोगियों का किया जाता है मुफ्त इलाज
 
- हरियाणा को कुष्ठ रोग-मुक्त बनाने का लक्ष्य 
चंडीगढ़-- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेश के लोगों से आह्वान किया कि कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव खत्म करें तथा उनकी गरिमा सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि "स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान" कल 30 जनवरी से शरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। 

स्वास्थ्य मंत्री ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी के अवसर पर उनको नमन करते हुए कहा कि महात्मा गांधी को कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के प्रति गहरा प्यार और करुणा थी। उनका मानना ​​था कि कुष्ठ रोग न तो कोई अभिशाप है और न ही कोई पाप, बल्कि यह एक आम बीमारी है। इसलिए, उन्होंने व्यक्तिगत रूप से सेवाग्राम आश्रम में कुष्ठ रोगियों की सेवा की, उनके घावों की देखभाल की और उनके साथ रहे, ताकि समाज यह समझ सके कि हमें बीमारी से लड़ना है, रोगी से नहीं। 
आरती सिंह राव ने बताया कि "स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान" वर्ष 2017 से हर साल राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आयोजित किया जा रहा है। हर साल, भारत सरकार इस अभियान के लिए एक खास थीम तय करती है। वर्ष 2026 की थीम है "भेदभाव खत्म करें, गरिमा सुनिश्चित करें।"

उन्होंने कहा, "कुष्ठ रोग के बारे में सही जानकारी की कमी के कारण, समाज में इस बीमारी के बारे में कई गलतफहमियां अभी भी मौजूद हैं। इन गलतफहमियों को दूर करने और जागरूकता फैलाने के लिए, "स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान (SLAC)" 30 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकना है।
आरती सिंह राव ने आगे कहा कि कुष्ठ रोग एक आम बीमारी है जो बैक्टीरिया (माइकोबैक्टीरियम) के कारण होती है, जो मुख्य रूप से त्वचा और नसों को प्रभावित करती है। यह सबसे कम संक्रामक बीमारियों में से एक है - यह आम सर्दी और खांसी से भी कम संक्रामक है। यह किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है, चाहे वे पुरुष हों या महिला। अगर इस बीमारी का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है और विकलांगता का कारण बन सकती है। हालांकि, अगर इलाज समय पर शुरू हो जाए, तो संक्रमण के फैलने को रोका जा सकता है। 
उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्ति पूरी तरह से सामान्य जीवन जी सकता है। अगर शुरुआती चरण में पता चल जाए, तो मल्टी-ड्रग थेरेपी (MDT) से कुष्ठ रोग को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। यह बीमारी 6 से 12 महीने के इलाज से पूरी तरह ठीक हो जाती है। हरियाणा के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ्त इलाज उपलब्ध है। पिछले 10 सालों में, राज्य में कुष्ठ रोग से प्रभावित 4,371 लोगों ने इलाज पूरा कर लिया है और वे अपने परिवारों के साथ सामान्य जीवन जी रहे हैं। जिस तरह राज्य चेचक-मुक्त और पोलियो-मुक्त हो गया है, उसी तरह आने वाले सालों में हरियाणा को कुष्ठ रोग-मुक्त बनाने का लक्ष्य है। 
स्वास्थ्य मंत्री ने जनता से अपील की है कि वे कुष्ठ रोग से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करें, इस बीमारी से प्रभावित लोगों के साथ भेदभाव खत्म करें और सुनिश्चित करें कि उनके साथ सम्मान से पेश आया जाए।

हरियाणा के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल ने कहा कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता संदिग्ध मामलों की जल्द पहचान करने के लिए घर-घर जाकर सर्वे करते हैं। त्वचा पर हल्के पीले, लाल या तांबे के रंग के धब्बे जिनमें सुन्नपन हो, वे कुष्ठ रोग के लक्षण हो सकते हैं। अगर ऐसे लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए। इलाज में देरी से विकलांगता हो सकती है। अगर आपको अपने आस-पास किसी में कुष्ठ रोग के लक्षण दिखें, तो उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य सुविधा केंद्र ले जाएं। जो व्यक्ति अधिकारियों को किसी संदिग्ध मामले के बारे में सूचित करता है और बाद में उसकी पुष्टि हो जाती है, उसे ₹250 का नकद प्रोत्साहन दिया जाता है।
डॉ. मनीष बंसल ने आगे बताया कि वर्तमान में, हरियाणा में 338 कुष्ठ रोगी इलाज करवा रहे हैं, जिनमें से अधिकांश पड़ोसी राज्यों के हैं। सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में कुष्ठ रोग की दवाएं मुफ्त में दी जाती हैं। इसके अलावा, जरूरत के अनुसार माइक्रो सेलुलर रबर (MCR) के जूते, सहायक दवाएं, कैलिपर्स, बैसाखी और सेल्फ-केयर किट भी मुफ्त में दिए जाते हैं।
January 29, 2026

कांग्रेस जिला अध्यक्ष ऋषिपाल ने चलाया "मनरेगा बचाओ संग्राम" अभियान


कांग्रेस जिला अध्यक्ष ऋषिपाल ने चलाया "मनरेगा बचाओ संग्राम" अभियान

सफीदों, जुलाना व उचाना विधानसभा क्षेत्रों में किया श्रमिक सभाओं को संबोधित
जींद : कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ऋषिपाल हैबतपुर ने भाजपा सरकार पर मनरेगा जैसी गरीब-मजदूरों की जीवन रेखा को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारें योजनाबद्ध तरीके से मजदूरों से उनका हक छीन रही हैं। "मनरेगा बचाओ संग्राम" अभियान के तहत बृहस्पतिवार को उन्होंने सफीदों विधानसभा क्षेत्र के लूदाना, जुलाना विधानसभा क्षेत्र के बुआना और उचाना विधानसभा क्षेत्र के शाहपुर गांव में आयोजित श्रमिक सभाओं को संबोधित करते हुए भाजपा की मजदूर विरोधी नीतियों पर तीखा हमला बोला।
ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए रोजी-रोटी और सम्मान का आधार है, लेकिन भाजपा सरकार ने इसमें ऐसे बदलाव कर दिए हैं जिनसे मजदूरों को काम मिलना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले 100 दिन का रोजगार अधिकार था, आज मजदूर काम के लिए भटक रहा है, भुगतान महीनों तक अटका रहता है और ऑनलाइन प्रक्रियाओं के नाम पर गरीबों को सिस्टम से बाहर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीयत शुरू से ही गरीब और मजदूर विरोधी रही है। "मनरेगा में बजट कटौती, काम में कमी और भुगतान में देरी इस बात का सबूत है कि भाजपा चाहती है कि गरीब मजबूर होकर शहरों की ओर पलायन करे और सस्ते मजदूर के रूप में शोषण झेले," उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने मनरेगा को कमजोर करने की साजिश बंद नहीं की तो कांग्रेस सडक़ों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। यह लड़ाई केवल मजदूरों की नहीं, बल्कि गांव, गरीब और रोजगार के अधिकार की लड़ाई है। "मनरेगा बचाओ संग्राम" इसी जनआंदोलन की शुरुआत है और इसे गांव-गांव, घर-घर तक ले जाया जाएगा। उन्होंने श्रमिकों से आह्वान किया कि वे भाजपा के झूठे वादों और जुमलों में न आएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ही मनरेगा जैसा ऐतिहासिक कानून बनाया था, जिसने ग्रामीण भारत को मजबूती दी, जबकि भाजपा उसे खत्म करने पर तुली हुई है। ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस मजदूरों के हक की इस लड़ाई को और तेज करेगी और भाजपा सरकार को जवाबदेह बनाएगी। सभाओं में बड़ी संख्या में ग्रामीण मजदूर मौजूद रहे, जिन्होंने एक स्वर में मनरेगा बचाने के संघर्ष में कांग्रेस का साथ देने का संकल्प लिया। इन श्रमिक सभाओं के आयोजन में लूदाना में विजय मोर, बुआना में सुधीर बुआना व शाहपुर में जयपाल मिडा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्रमिक सभाओं में वजीर गंगोली सांसद प्रतिनिधि सोनीपत लोकसभा, पवन दुहन जिला महासचिव (संगठन ) इशाक भट्टी कोषाध्यक्ष, सुरेश शर्मा जिला महासचिव, जेपी सिंह रूहील सोशल मिडिया जिला इंचार्ज,कमलेश,बलजीत मेट, नरेंद्र ओमप्रकाश, सूरजमल, सुभाष, सुरजीत, राकेश सरपंच, धर्मपाल,भतेरी आदि मौजूद रहे।


January 29, 2026

यह तीनों विमान दुर्घटना में मा*रे गए !

यह तीनों विमान दुर्घटना में मारे गए। अफसोस हम कभी भी इनके विमान के क्रैश होने की वास्तविक वजहों को नहीं जान पाएंगे। तीनों दिग्गज थे। तीनों के पास समकालीन राजनीति के सूत्र थे। 
अजीत पवार — 28 जनवरी 2026

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ राजनीतिक नेता अजीत पवार का एक चार्टर्ड लाइट जेट (Learjet 45) विमान दुर्घटना में निधन हो गया। 
विजय रूपाणी — 12 जून 2025

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी एक बड़े Air India Boeing 787-8 Dreamliner विमान दुर्घटना में शिकार हुए, जब विमान अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। 
जनरल बिपिन रावत — 8 दिसंबर 2021

भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और उनके कुछ सहयोगियों की भारतीय वायु सेना के Mi-17V-5 हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हुई थी।


January 29, 2026

मनरेगा में बदलाव श्रमिकों के संवैधानिक अधिकार पर सीधा हमला: ऋषिपाल हैबतपुर

मनरेगा में बदलाव श्रमिकों के संवैधानिक अधिकार पर सीधा हमला: ऋषिपाल हैबतपुर

-कांग्रेस के नवनियुक्त पदाधिकारियों से किया गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान तेज करने का आह्वान
जींद : कांग्रेस पार्टी द्वारा देशभर में शुरू किए गए 'मनरेगा बचाओ संग्राम' अभियान के तहत बुधवार को जींद में कांग्रेस जिला अध्यक्ष ऋषिपाल हैबतपुर की अध्यक्षता में नवनियुक्त जिला पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मनरेगा में किए जा रहे बदलावों को गरीब, मजदूर और ग्रामीण भारत के खिलाफ बताया गया तथा इन्हें श्रमिकों के काम के संवैधानिक अधिकार पर सीधा हमला करार दिया गया। इस मौके पर ऋषिपाल हैबतपुर ने कांग्रेस पदाधिकारियों से गांव-गांव जाकर विशेष जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार ने मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना का न केवल नाम बदला है, बल्कि उसका पूरा स्वरूप ही बदल दिया गया है। इससे मजदूरों को मिलने वाला काम और मजदूरी दोनों असुरक्षित हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा के मूल उद्देश्य को खत्म कर इसे ठेकेदार-प्रधान व्यवस्था में बदलना चाहती है, जिससे ग्राम पंचायतों के अधिकार छीने जा रहे हैं और ठेकेदारों को सौंपे जा रहे हैं। यह बदलाव सीधे तौर पर ग्रामीण मजदूरों के शोषण को बढ़ावा देगा।
ऋषिपाल हैबतपुर ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार की गारंटी का कानून है, जिसे संविधान में निहित सामाजिक न्याय की भावना के तहत लागू किया गया था। लेकिन वर्तमान सरकार इसके अधिकार-आधारित स्वरूप को खत्म कर इसे एक सीमित और नियंत्रित योजना में बदल रही है। इससे देश में बेरोजगारी बढ़ेगी और लाखों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों, सरपंचों और मनरेगा मजदूरों से सीधा संपर्क करें तथा उन्हें मनरेगा में किए जा रहे बदलावों के दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दें। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि जन आंदोलन बनना चाहिए, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके। इसके साथ पदाधिकारियों द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा हस्ताक्षरित पत्र ग्राम सरपंचों को सौंपे जाएंगे, ताकि पंचायत स्तर पर भी मनरेगा बचाने की लड़ाई को मजबूती मिले।
इसी क्रम में कांग्रेस जिला अध्यक्ष ऋषिपाल हैबपुर अपनी कार्यकारिणी के साथ हैबतपुर गांव में पहुंचे, जहां उन्होंने मनरेगा मजदूरों से सीधा संवाद किया। उन्होंने मजदूरों को मनरेगा में बदलाव के बाद लागू किए जा रहे तथाकथित वीबीजी रामजी कानून की जानकारी दी और इसे गरीब विरोधी कदम बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां मजदूरों को अधिकार देने की बजाय उनसे अधिकार छीनने का काम कर रही हैं। ऋषिपाल हैबतपुर ने दो टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस मजदूरों और गरीबों के हितों की रक्षा के लिए सडक़ से संसद तक संघर्ष करेगी। उन्होंने मजदूरों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ें और मनरेगा जैसे ऐतिहासिक कानून को कमजोर न होने दें। इस दौरान सभी ने एक स्वर में मनरेगा बचाने के संकल्प को दोहराया और इस आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।
 इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता जगबीर डिगाना, राजू लखिना जिला उपाध्यक्ष, राजा कंडेला जिला उपाध्यक्ष, राममेहर निढ़ाना जिला उपाध्यक्ष, पवन दुहन संगठन महासचिव, इशाक भट्टी कोषाध्यक्ष, नवीन सांगवान जिला महासचिव, राजकुमार बाल्मीकि जिला महासचिव,संदीप सिंगला जिला महासचिव, सुरेश शर्मा जिला महासचिव,कुलवंत लाठर जिला सचिव,मंजीत दहिया जिला सचिव, बंसीलाल गोहिया जिला सचिव,सरदार निरवैरी जिला सचिव, जेपी सिंह रूहील सोशल मिडिया जिला इंचार्ज,नरेंद्र सांगवान, धर्मपाल कंडेला, राणा धारीवाल सफीदो, रामप्रसाद सरपंच,शिवा चौहान आजाद चौहान,भतेरी देवी मनरेगा मेट, माया देवी, सरोज रानी,छल्लो देवी, शांकुतला देवी, कमलेश, कैलाश रानी, बिरमी देवी आदि मौजूद रहे।

Wednesday, January 28, 2026

January 28, 2026

*संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती पर कुरुक्षेत्र के उमरी में होगा महाकुंभ: कृष्ण लाल पंवार*

*संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती पर कुरुक्षेत्र के उमरी में होगा महाकुंभ: कृष्ण लाल पंवार*

*प्रदेश सरकार 31 जनवरी को उमरी में राज्य स्तरीय जयंती कार्यक्रम का करेगी आयोजन, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल करेंगे कार्यक्रम में शिरकत*

*संत-महापुरुषों की शिक्षाओं और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचा रही सरकार*

 *प्रदेश स्तरीय समारोह में प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचेंगे सभी समाज के लोग*

 *उमरी में 124 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा संत शिरोमणि गुरु रविदास भवन व म्यूजियम*
चंडीगढ़ - हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि कुरुक्षेत्र के उमरी में आयोजित होने वाली संत शिरोमणि गुरु रविदास की 649वीं जयंती पर महाकुंभ होगा। गुरु रविदास जयंती के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय समारोह 31 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि तथा केंद्रीय ऊर्जा मंत्री श्री मनोहर लाल विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे, जबकि समारोह की अध्यक्षता विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार स्वयं करेंगे। इस समारोह में प्रदेशभर से भारी संख्या में नागरिकों के आने की उम्मीद है। इसके साथ ही अन्य प्रदेशों से प्रमुख संत समाज व बुद्धिजीवी भी समारोह में हिस्सा लेंगे।

विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार बुधवार को कुरुक्षेत्र के उमरी में समारोह स्थल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे थे। मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों, विधायकों, अन्य जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके साथ - साथ प्रदेश भर के सामाजिक, धार्मिक संगठनों और आम नागरिकों को भी इस समारोह में भाग लेने के लिए निमंत्रण दिया जाएगा, ताकि गुरु रविदास के विचारों और संदेशों को व्यापक स्तर पर जन - जन तक पहुंचाया जा सके।

श्री पंवार ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के महान संत थे। उन्होंने अपने उपदेशों और वाणी के माध्यम से समाज में व्याप्त भेदभाव, छुआछूत और जातिगत असमानता के विरुद्ध आवाज उठाई। गुरु रविदास के विचार आज भी समाज को एकजुट करने और समानता का संदेश देने के लिए एक सशक्त प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार संत - महापुरुषों की शिक्षाओं और आदर्शों को जन - जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘संत - महापुरुष विचार प्रसार एवं सम्मान योजना’ के तहत निरंतर उनकी जयंती और स्मृति समारोह आयोजित करती आ रही है।

मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि उमरी में 124 करोड़ रुपए की लागत से संत शिरोमणि गुरु रविदास भवन व म्यूजियम को बनाया जाएगा। जो संत रविदास के जीवन, शिक्षाओं और भक्ति आंदोलन को समर्पित होगा। इस परियोजना का निर्माण कार्य जल्द ही शुरू किया जाएगा।

इस परियोजना की टेंडर प्रक्रिया चली हुई है, इसके बाद इसे हाई पावर परचेज कमेटी से पास करवाकर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करवाया जाएगा। भवन में सबसे ऊपर गुरु रविदास की 38 मीटर की मूर्ति लगाई जाएगी, जो नेशनल हाईवे से आने-जाने वालों को स्पष्ट नजर आएगी। पांच एकड़ जगह में 124 करोड़ रुपए की लागत से गुरु रविदास भवन व म्यूजियम का निर्माण करवाया जाए। इस परियोजना का करीब 90 करोड़ रुपए की लागत के कार्यों की टेंडर प्रक्रिया चली हुई है।
January 28, 2026

ऑर्गेनिक फसलों की उपज के प्रमाणीकरण हेतु लैब स्थापित करने की दिशा में कदम उठाएं : मुख्यमंत्री

ऑर्गेनिक फसलों की उपज के प्रमाणीकरण हेतु लैब स्थापित करने की दिशा में कदम उठाएं : मुख्यमंत्री 
-"हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण" की चौथी बैठक की अध्यक्षता की 
चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अधिकारी ऑर्गेनिक फसलों की उपज के प्रमाणीकरण हेतु लैब स्थापित करने की दिशा में कदम उठाएं ताकि प्रमाणीकरण के बाद किसानों को उपज की अच्छी कीमत मिल सके। 

मुख्यमंत्री आज "हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण" की चौथी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर पर्यावरण एवं वन मंत्री राव नरबीर सिंह , सहकारिता मंत्री श्री अरविंद शर्मा , कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा , सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी, खाद्य , नागरिक एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री श्री राजेश नागर, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री वीरेंद्र बढ़खालसा भी उपस्थित थे। 

बैठक के बाद , मुख्यमंत्री द्वारा मत्स्य पालन विभाग की पुस्तिका " Report of Working group on Fisheries Development in Haryana " का विमोचन भी किया गया। 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करें, इसके लिए सबसे पहले पायलट योजना के तहत करीब 5 हजार एकड़ में "स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन" तैयार करें। इस जोन  के किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए जागरूक करें कि उनको खेती में घाटा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वैसे तो इस उपज की किसानों को बेहतरीन कीमत मिलेगी , फिर भी आमदनी में नुकसान हुआ तो राज्य सरकार इसकी भरपाई करेगी। 

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक खेती की उपज के प्रमाणीकरण के लिए जल्द से जल्द एक लैब स्थापित करें ताकि प्रमाणित फसल के अच्छे दाम मिल सकें। उन्होंने अधिकारियों को उक्त स्मार्ट एग्रीकल्चर जोन में जल प्रबंधन करके सूक्ष्म सिंचाई की प्रणाली को अपनाने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को फसलों के उत्तम किस्म के बीज तैयार करने के भी निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किसानों के बीच ज्ञान और नीतिगत पहलुओं के प्रसार के लिए ब्लॉक स्तर तक किसान गोष्ठियों , कार्यशालाओं , सेमिनारों , प्रशिक्षण कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों का कैलेंडर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन अभियानों के दौरान किसानों को रासायनिक दवाओं एवं खाद के प्रयोग से होने वाले नुकसान तथा प्राकृतिक खेती के फायदों के लिए भी जागरूक करें। 

श्री नायब सिंह सैनी ने "हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण" द्वारा पायलट सहकारी खेती के कलस्टर , जल निकासी तकनीक के उपयोग ,पीएम कुसुम योजना के तहत फीडरों के सोलराइजेशन , फसल विविधीकरण , सांझी डेयरी परियोजना, झींगा मछली पालन, बकरी एवं भेड़ पालन को बढ़ावा देने , खरीफ फसल तिलहन और दालों को बढ़ावा देने जैसे मामलों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अधिक से अधिक योजनाएं महिला -केंद्रित बनाएं। 

इस अवसर पर बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता , मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री साकेत कुमार , सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल ,हरियाणा सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, खाद्य , नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रधान सचिव श्री डी. सुरेश, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज अग्रवाल , पशु पालन विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया ,उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग , कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के महानिदेशक श्री राजनारायण कौशिक समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
January 28, 2026

दुनिया के सांस्कृतिक एवं पर्यटन मानचित्र पर मजबूत दस्तक देगा सूरजकुंड शिल्प महोत्सव : डॉ. अरविंद शर्मा

दुनिया के सांस्कृतिक एवं पर्यटन मानचित्र पर मजबूत दस्तक देगा सूरजकुंड शिल्प महोत्सव : डॉ. अरविंद शर्मा

: सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव का उपराष्ट्रपति करेंगे उद्घाटन

: विशिष्ट अतिथि के तौर पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रहेंगे मौजूद

: पार्टनर नेशन इजिप्ट, थीम स्टेट उत्तर प्रदेश–मेघालय समेत 50 से अधिक देशों की भागीदारी से सजेगा महोत्सव

: बुनकरों, हस्तशिल्पियों और कलाकारों को स्थानीय से वैश्विक मंच देगा सूरजकुंड मेला
चंडीगढ़ —हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव दुनिया के सांस्कृतिक एवं पर्यटन मानचित्र पर मजबूत दस्तक देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत संकल्प को सिद्धि तक ले जाने के उद्देश्य के साथ यह शिल्प महोत्सव राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कलाकारों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करेगा तथा वैचारिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देगा। इसके लिए मूल मंत्र “लोकल से ग्लोबल – आत्मनिर्भर भारत” की पहचान होगा।

 विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने आज हरियाणा सिविल सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव की तैयारियों को लेकर विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल तथा निदेशक पर्यटन श्री पार्थ गुप्ता के साथ पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि 31 जनवरी को देश के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन फरीदाबाद के सूरजकुंड में शिल्प महाकुंभ का उद्घाटन करेंगे, जबकि केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उन्होंने कहा कि 16 दिन तक चलने वाले शिल्प महोत्सव का समापन 15 फरवरी को होगा, जिसमें राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष मुख्य अतिथि होंगे।

पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव केवल एक आयोजन भर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता का उत्सव, शिल्प कौशल और आत्मनिर्भरता के विचार की आत्मा साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हरियाणा प्रदेश की विरासत के संरक्षण, होनहार कारीगरों व हस्तशिल्पियों की स्थायी आजीविका तथा अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक गठजोड़ की प्रतिबद्धता पर खरा उतरेगा।

उन्होंने बताया कि पार्टनर नेशन के तौर पर इजिप्ट चौथी बार शिल्प महोत्सव में अपनी प्राचीन कला एवं संस्कृति के साथ पर्यटकों को आकर्षित करेगा, जबकि थीम स्टेट उत्तर प्रदेश और मेघालय की समृद्ध सांस्कृतिक एवं लोक कलाओं का प्रदर्शन मेला परिसर में किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि गत वर्ष 44 देशों के 635 प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था, जबकि इस वर्ष 50 से अधिक देशों के लगभग 800 प्रतिभागी शामिल होंगे।

विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि शिल्प महोत्सव में 1200 से अधिक स्टॉल राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बुनकरों, शिल्पकारों तथा पारंपरिक शिल्प प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पद्मश्री कैलाश खेर, पंजाबी गायक गुरदास मान, पद्मश्री महाबीर गुड्डू सहित कई प्रख्यात कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

हरियाणवी संस्कृति एवं लोक कला की पुरानी परंपराओं को जीवंत रखने के लिए प्रादेशिक कलाकार विभिन्न मंचों पर प्रस्तुति देंगे, जिनमें इकतारा, सारंगी और ढेरू जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्र भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि मेला परिसर में हर वर्ष बढ़ते पर्यटकों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए लगभग पौने पांच करोड़ रुपये की राशि खर्च कर ढांचागत विकास किया गया है। इसमें मेला परिसर का सौंदर्यीकरण, मार्गों का चौड़ीकरण, 127 नए हटों का निर्माण, पुरानी हटों की मरम्मत तथा झूला क्षेत्र का विस्तार शामिल है।

कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के क्रैश लैंडिंग में असामयिक निधन पर गहरा शोक भी व्यक्त किया।

पत्रकार वार्ता में विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला केवल एक मेला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान वाला आयोजन है। इस मेले में देश के कोने-कोने से कारीगर भाग लेते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी व्यापक भागीदारी रहती है। उन्होंने बताया कि मेले में शिल्प उत्पादों की निरंतर मांग और विविधता देखने को मिलती है।

डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि सूरजकुंड मेला किसी व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि शिल्पकारों और उनकी शिल्प कला को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जाता है। यह आयोजन आत्मनिर्भरता को सशक्त करता है, निर्यात क्षमता को बढ़ाता है और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करते हुए “लोकल से ग्लोबल” की अवधारणा को साकार करता है।
January 28, 2026

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई एचपीडब्ल्यूसी बैठक, 127.87 करोड़ रुपये की शहरी अवसंरचना परियोजनाओं को मिली मंज़ूरी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई एचपीडब्ल्यूसी बैठक, 127.87 करोड़ रुपये की शहरी अवसंरचना परियोजनाओं को मिली मंज़ूरी

बैठक में लगभग 8.77 करोड़ रुपये की हुई बचत

 मुख्यमंत्री ने शहरी अवसंरचना परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया जोर
चंडीगढ़ -- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को हरियाणा निवास में शहरी स्थानीय निकाय विभाग की हाई-पावर्ड वर्क्स कमेटी (एचपीडब्ल्यूसी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान, प्रदेशभर में प्रमुख शहरी अवसंरचना और विकास परियोजनाओं से संबंधित प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल भी मौजूद रहे।

बैठक में कुल लगभग 136.64 करोड़ रुपये की 3 निविदाओं पर विचार किया गया, जबकि चौथी परियोजना के लिए पुनः निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए। इन तीनों निविदाओं में बोलीदाताओं के साथ विस्तृत बातचीत के उपरांत कार्यों की लागत लगभग 127.87 करोड़ रुपये निर्धारित की गई, जिससे इस पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 8.77 करोड़ रुपये की बचत सुनिश्चित हुई।

मंज़ूर की गई परियोजनाओं में अमृत योजना के तहत फरीदाबाद शहर में नागरिक सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी वाले क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रणाली प्रदान करने के लिए निविदा और अंबाला शहर नगर निगम में सड़कों की मशीनीकृत और मैनुअल सफाई का काम शामिल है, जिसका उद्देश्य सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना और शहरी स्वच्छता में सुधार करना है। इसके अलावा, बैठक में गुरुग्राम में श्री माता शीतला देवी मंदिर परिसर के पुनर्विकास के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं, इलेक्ट्रिकल, एचवीएसी और अग्निशमन प्रणालियों से संबंधित शेष कार्यों को भी मंज़ूरी दी गई।

बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहरी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बनाने और सार्वजनिक कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव और आयुक्त एवं सचिव, शहरी स्थानीय निकाय डॉ. साकेत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
January 28, 2026

कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी ने आगामी बजट को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक

कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी ने आगामी बजट को लेकर अधिकारियों के साथ की बैठक

 मंत्री ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से दिसंबर महीने तक खर्च हुए बजट की ली पूरी जानकारी

विभाग के बचे शेष बजट का सही और प्रभावी तरीके से किया जाए उपयोग

नए बजट के लिए पहले से ही योजना की जाए तैयार
चण्डीगढ़ - हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी ने अगामी बजट को लेकर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विभाग द्वारा अब तक किए गए कार्यों, बजट के उपयोग और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

श्रीमती श्रुति चौधरी ने अधिकारियों से दिसंबर महीने तक खर्च हुए बजट की पूरी जानकारी ली और यह भी समीक्षा की कि अभी जो बजट शेष बचा है, उसका सही और प्रभावी तरीके से कैसे उपयोग किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य यह है कि हर रुपये का उपयोग जनता के हित में हो और कोई भी राशि छूट न जाए।

उन्होंने अधिकारियों को कहा कि जो नया बजट आने वाला है, उसका नियोजन पहले से ही ठीक तरह से किया जाए, ताकि सिंचाई परियोजनाओं, नहरों की मरम्मत, जल संरक्षण और किसानों से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके। सभी योजनाएं जमीन पर दिखाई देनी चाहिए, सिर्फ कागजों में सीमित नहीं रहनी चाहिए। श्रीमती श्रुति चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से अपने कार्य करें। यदि कोई अधिकारी अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन नहीं करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने कहा कि विभाग किसानों और प्रदेश की अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता है कि जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो, सिंचाई सुविधाएं मजबूत हों और किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से आपसी समन्वय बनाकर काम करने, फील्ड में जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति देखने और जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के भी निर्देश दिए।

इस अवसर पर विभाग के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल सहित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
January 28, 2026

39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव दुनिया के सांस्कृतिक एवं पर्यटन मानचित्र पर मजबूत दस्तक देगा : डॉ अरविंद शर्मा

39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव दुनिया के सांस्कृतिक एवं पर्यटन मानचित्र पर मजबूत दस्तक देगा : डॉ अरविंद शर्मा 
चंडीगढ़ —हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव दुनिया के सांस्कृतिक एवं पर्यटन मानचित्र पर मजबूत दस्तक देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत संकल्प को सिद्धि तक ले जाने के उद्देश्य के साथ यह शिल्प महोत्सव राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कलाकारों, हस्तशिल्पियों और बुनकरों की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करेगा तथा वैचारिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देगा। इसके लिए मूल मंत्र “लोकल से ग्लोबल – आत्मनिर्भर भारत” की पहचान होगा।

 विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने आज हरियाणा सिविल सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव की तैयारियों को लेकर विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल तथा निदेशक पर्यटन श्री पार्थ गुप्ता के साथ पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि 31 जनवरी को देश के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन फरीदाबाद के सूरजकुंड में शिल्प महाकुंभ का उद्घाटन करेंगे, जबकि केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उन्होंने कहा कि 16 दिन तक चलने वाले शिल्प महोत्सव का समापन 15 फरवरी को होगा, जिसमें राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष मुख्य अतिथि होंगे।

पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि 39वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव केवल एक आयोजन भर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता का उत्सव, शिल्प कौशल और आत्मनिर्भरता के विचार की आत्मा साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हरियाणा प्रदेश की विरासत के संरक्षण, होनहार कारीगरों व हस्तशिल्पियों की स्थायी आजीविका तथा अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक गठजोड़ की प्रतिबद्धता पर खरा उतरेगा।

उन्होंने बताया कि पार्टनर नेशन के तौर पर इजिप्ट चौथी बार शिल्प महोत्सव में अपनी प्राचीन कला एवं संस्कृति के साथ पर्यटकों को आकर्षित करेगा, जबकि थीम स्टेट उत्तर प्रदेश और मेघालय की समृद्ध सांस्कृतिक एवं लोक कलाओं का प्रदर्शन मेला परिसर में किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि गत वर्ष 44 देशों के 635 प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था, जबकि इस वर्ष 50 से अधिक देशों के लगभग 800 प्रतिभागी शामिल होंगे।

विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि शिल्प महोत्सव में 1200 से अधिक स्टॉल राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बुनकरों, शिल्पकारों तथा पारंपरिक शिल्प प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पद्मश्री कैलाश खेर, पंजाबी गायक गुरदास मान, पद्मश्री महाबीर गुड्डू सहित कई प्रख्यात कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

हरियाणवी संस्कृति एवं लोक कला की पुरानी परंपराओं को जीवंत रखने के लिए प्रादेशिक कलाकार विभिन्न मंचों पर प्रस्तुति देंगे, जिनमें इकतारा, सारंगी और ढेरू जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्र भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि मेला परिसर में हर वर्ष बढ़ते पर्यटकों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए लगभग पौने पांच करोड़ रुपये की राशि खर्च कर ढांचागत विकास किया गया है। इसमें मेला परिसर का सौंदर्यीकरण, मार्गों का चौड़ीकरण, 127 नए हटों का निर्माण, पुरानी हटों की मरम्मत तथा झूला क्षेत्र का विस्तार शामिल है।

 कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के क्रैश लैंडिंग में असामयिक निधन पर गहरा शोक भी व्यक्त किया।

पत्रकार वार्ता में विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला केवल एक मेला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान वाला आयोजन है। इस मेले में देश के कोने-कोने से कारीगर भाग लेते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी व्यापक भागीदारी रहती है। उन्होंने बताया कि मेले में शिल्प उत्पादों की निरंतर मांग और विविधता देखने को मिलती है।

 डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि सूरजकुंड मेला किसी व्यावसायिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि शिल्पकारों और उनकी शिल्प कला को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जाता है। यह आयोजन आत्मनिर्भरता को सशक्त करता है, निर्यात क्षमता को बढ़ाता है और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करते हुए “लोकल से ग्लोबल” की अवधारणा को साकार करता है।
January 28, 2026

जीटी रोड पर ढाबों में जल संरक्षण व प्रदूषण नियंत्रण नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी: राव नरबीर सिंह

जीटी रोड पर ढाबों में जल संरक्षण व प्रदूषण नियंत्रण नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी: राव नरबीर सिंह

मुरथल के ढाबा संचालकों के साथ वन एवं पर्यावरण मंत्री की अहम बैठक
चंडीगढ़-- हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने जीटी रोड, विशेषकर मुरथल क्षेत्र के ढाबा संचालकों से केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पानी के संरक्षण एवं पुनः उपयोग (री-यूज) को सुनिश्चित करने के लिए सभी ढाबों में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) एवं सीटीपी (कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट) की स्थापना अनिवार्य है।

श्री राव नरबीर सिंह आज विधायक श्री देवेंद्र कादियान के नेतृत्व में आए मुरथल के ढाबा मालिकों के साथ बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि जो ढाबा संचालक बिना सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) के ढाबा चला रहे हैं, उन्हें नगर निगम से संबंधित टैक्स एवं अन्य वैधानिक शुल्क से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण करने होंगे। वहीं, जिन ढाबों के पास सीएलयू स्वीकृत है, उन्हें भी हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सभी नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई एवं जुर्माना लगाया जाएगा।

 

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधनों की सुरक्षा और कानून के तहत सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव श्री योगेश कुमार को निर्देश दिए कि इस विषय में बोर्ड के चेयरमैन से शीघ्र बातचीत कर समग्र समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएँ।

बैठक के दौरान मंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि एनजीटी एवं अन्य संबंधित संस्थानों द्वारा निरीक्षण के दौरान जब किसी ढाबे के विरुद्ध क्लोजर आदेश जारी किया जाता है, तो ढाबे के निर्माण की तिथि से लेकर निरीक्षण की तिथि तक की अवधि के आधार पर जुर्माने की गणना की जाती है। इस पर मंत्री ने कहा कि सभी संचालक समय रहते नियमों का पालन करें ताकि किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।

उन्होंने ढाबा संचालकों से अपील की कि वे स्वेच्छा से पर्यावरण हितैषी उपाय अपनाएं और सरकार व प्रशासन का सहयोग करें, ताकि मुरथल क्षेत्र को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके।
January 28, 2026

नागरिक अस्पताल जींद के डा. बिजेंद्र ढांडा बने एचसीएमएस महासचिव , प्रदेश कार्यकारिणी में जींद की हिस्सेदारी पर चिकित्सकों में खुशी की लहर

नागरिक अस्पताल जींद के डा. बिजेंद्र ढांडा बने एचसीएमएस महासचिव
प्रदेश कार्यकारिणी में जींद की हिस्सेदारी पर चिकित्सकों में खुशी की लहर
जींद : हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएस) की प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर चुनाव गत दिवस संपन्न हुआ। इस चुनाव में जींद नागरिक अस्पताल से डा. बिजेंद्र ढांडा महासचिव चुने गए हैं। बुधवार को जींद पहुंचने पर नागरिक अस्पताल में कार्यकारी प्रधान चिकित्सा अधिकारी डा. रघुवीर पूनिया, डिप्टी एमएस डा. राजेश भोला सहित अन्य चिकित्सकों ने डा. बिजेंद्र ढांडा का स्वागत किया गया। इस चुनाव में प्रधान डा. अनिल यादव रेवाड़ी से, वरिष्ठ उप प्रधान डा. नितिन सोनीपत से, उप प्रधान डा. रिंकू सांगवान पानीपत, संयुक्त सचिव डा. पियूष, कोषाध्यक्ष डा. विपुल को चुना गया है। 
नवनिर्वाचित डा. बिजेंद्र ढांडा ने कहा कि हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएस) ने जो जिम्मेवारी दी है, उस पर वो खरा उतरने की कोशिश करेंगे। यूनियन पहले भी चिकित्सकों की मांगों को जोर-शोर से उठाती आई है और और नई कार्यकारिणी इससे भी ज्यादा असरदार तरीकों से चिकित्सकों की मांगों को उठाएगी। डा. बिजेंद्र ढांडा ने बताया कि यह चुनाव कालेजियम के माध्यम से हुए थे। छह पदों के लिए प्रदेशभर से 18 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्हें महासचिव पद के लिए चुना गया है। एचसीएमएस कैडर के सम्मान, अधिकारों और संगठनात्मक मजबूती के लिए पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। यह चुनाव केवल पदों का नही बल्कि विश्वास, एकता, लोकतंत्र और संगठनात्मक चेतना का रहा है। यह टीम संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
January 28, 2026

गुरुग्राम के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंपई-मेल में लिखा— ‘हरियाणा खालिस्तान है’, पुलिस और एजेंसियां अलर्ट

गुरुग्राम के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप
ई-मेल में लिखा— ‘हरियाणा खालिस्तान है’, पुलिस और एजेंसियां अलर्ट
गुरुग्राम : हरियाणा के गुरुग्राम जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब कई निजी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिला। धमकी भरे संदेश में भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिखा गया— “हरियाणा खालिस्तान है”। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और बम निरोधक दस्ते को अलर्ट कर दिया गया।
प्रशासन के अनुसार, जिन स्कूलों को धमकी मिली, वहां तुरंत बच्चों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया और स्कूल परिसरों को खाली कराकर गहन तलाशी अभियान चलाया गया। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और साइबर सेल की टीमें मौके पर पहुंचीं और हर कोने की जांच की गई। शुरुआती जांच में किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला गंभीर है और इसे हल्के में नहीं लिया जा रहा। ई-मेल की तकनीकी जांच के लिए साइबर सेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि धमकी भेजने वाला कौन है और इसका उद्देश्य क्या था।
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से मजबूत है। वहीं, सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि धमकी के पीछे किसी शरारती तत्व की हरकत है या फिर किसी संगठित साजिश की कोशिश।
फिलहाल, मामले में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।

Tuesday, January 27, 2026

January 27, 2026

अवैध हथियार सहित युवक काबू

अवैध हथियार सहित युवक काबू

जिला जींद पुलिस ने अपराध व असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसते हुए एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया  है। 
जींद: डिटेक्टिव स्टाफ जींद इंचार्ज उप निरीक्षक कमल कुमार  ने बताया कि डिटेक्टिव  स्टाफ  की एक टीम नई अनाज में मंडी मौजूद थे कि मुखबर खास ने सूचना दी की प्रवीण वासी  जुलाना कलोदा जो पीले रंग की जर्सी , व काले रंग का लोअर  पहने हुए हैं जो लीजवाना रोड पुल के नीचे खड़ा है रेड की जाये तो असला सहित काबू आ सकता है। 

पुलिस टीम ने त्वरित रेड की। मौके पर मुखबर के बताए हुलिया अनुसार एक युवक खड़ा दिखाई दिया ।जिसको काबू करके नाम पता पूछा तो युवक ने अपना नाम प्रवीण वासी जुलाना  बताया जिसकी नियमानुसार तलाशी लेने पर उसकी पहनी हुई पेंट की दाहिनी डब से एक पिस्तौल देसी .315 बोर बरामद किया जिसे खोल कर चैक  किया  तो एक जिंदा रौंद .315 बोर लोड मिला । आरोपी हथियार संबंधी कोई लाइसेंस/ वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

 बरामद पिस्तौल व राउंड को नियमानुसार कब्ज़ा पुलिस में लिया गया ।  तथा आरोपी के खिलाफ थाना जुलाना  में  धारा 25(1-B), 54 व 59 आर्म्स एक्ट के तहत  मामला दर्ज किया गया । आरोपी को माननीय अदालत में पेश करके आगामी कार्यवाही नियमानुसार अमल में लाई जा रही है ।
January 27, 2026

बड़ी खबर: नेशनल हाईवे अधिकारियों पर एफआईआर, पत्रकार की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला

बड़ी खबर: नेशनल हाईवे अधिकारियों पर एफआईआर, पत्रकार की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला
दिनांक : नेशनल हाईवे से जुड़े गंभीर लापरवाही के मामलों को लेकर आखिरकार पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। पत्रकार प्रवीण बंसल की शिकायत पर नेशनल हाईवे के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले आम नागरिकों को हो रही लगातार परेशानियों, संपत्ति के नुकसान और जान के जोखिम से जुड़ा हुआ है।
पत्रकार प्रवीण बंसल ने बताया कि वह बीते लगातार चार वर्षों से नेशनल हाईवे पर मौजूद खामियों, अव्यवस्थाओं और सुरक्षा से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को अवगत कराते आ रहे थे। उन्होंने यह मुद्दा NH PD हिसार और NH RO सहित अन्य संबंधित विभागों के संज्ञान में कई बार लिखित और मौखिक रूप से दिया, लेकिन इसके बावजूद किसी भी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
उनका कहना है कि हाईवे पर गड्ढे, अधूरे निर्माण कार्य, अव्यवस्थित डायवर्जन, खराब ड्रेनेज सिस्टम और संकेतकों की कमी के कारण न केवल लोगों को भारी असुविधा हो रही थी, बल्कि कई मामलों में वाहन क्षतिग्रस्त हुए और दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहा। इसके चलते आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जान-माल का जोखिम भी उठाना पड़ रहा था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, लगातार अनदेखी के बाद उन्होंने इस गंभीर विषय को कई वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष भी उठाया। संबंधित विभागों से बातचीत और पत्राचार भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद नेशनल हाईवे अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन और लीपापोती ही देखने को मिली।
यह मामला उचाना विधानसभा क्षेत्र के मौजूदा विधायक के संज्ञान में भी कई बार लाया गया, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी समाधान नहीं किया गया। नतीजतन, हाईवे पर स्थिति जस की तस बनी रही और आम लोगों का नुकसान लगातार बढ़ता गया।
लगातार प्रयासों और सबूतों के आधार पर अब पुलिस प्रशासन ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए संबंधित नेशनल हाईवे अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पत्रकार प्रवीण बंसल ने आम जनता और दर्शकों से अपील की है कि इस खबर को अधिक से अधिक साझा किया जाए, ताकि यह मामला देश के शीर्ष स्तर तक पहुंचे और प्रधानमंत्री कार्यालय तक इसकी जानकारी जा सके। उनका कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती।
यह मामला न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
January 27, 2026

बजट से हरियाणा के हर नागरिक के चेहरे पर विश्वास और उम्मीद की मुस्कान आएगी - मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी

बजट से हरियाणा के हर नागरिक के चेहरे पर विश्वास और उम्मीद की मुस्कान आएगी - मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी

*आगामी राज्य बजट आंकड़ों का नहीं बल्कि जन आकांक्षाओं का दस्तावेज होगा*

*मुख्यमंत्री ने हरियाणा विजन 2047 कार्य योजना पर मंत्री, सांसद और विधायकों के साथ बजट पूर्व किया परामर्श*

*प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार एक हजार एकड़ भूमि पर स्थापित करेगी स्मार्ट जोन*

*बजट तैयार करने में आईटी और एआई की रहेगी अहम भूमिका*
चंडीगढ़-- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जनता और विधायकों द्वारा दिए गए सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार कर ऐसा बजट तैयार करेंगे जिससे हरियाणा के हर नागरिक के चेहरे पर विश्वास और उम्मीद की मुस्कान आएगी। उन्होंने कहा कि 2026-27 के बजट तैयार करने में आईटी और एआई की अहम भूमिका रहेगी। 6 जनवरी से आंरभ की गई एआई आधारित ऐप पर बजट पूर्व परामर्श के माध्यम से 9 हजार से अधिक सुझाव अब तक प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से अच्छे सुझावों को बजट में पिछले वर्ष की तरह शामिल किया जाएगा।

 मुख्यमंत्री मंगलवार को पंचकूला में हरियाणा विजन 2047 कार्य योजना पर मंत्री, सांसद और विधायकों के साथ बजट पूर्व परामर्श कर रहे थे। बैठक में राज्यसभा, लोकसभा सांसदों, विधायकों एवं मंत्रियों ने बजट को लेकर विस्तार से सुझाव दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी नागरिक आगामी 31 जनवरी तक पोर्टल के माध्यम से अपने सुझाव सरकार को भेज सकते हैं। उन पर अवश्य ही अमल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बजट पूर्व परामर्श की ये बैठकें 6 जनवरी, 2026 को गुरुग्राम में शुरू की गई थी, जिसका अंतिम चरण आज संपूर्ण हो गया है। अभी तक कुल 12 बैठकें हो चुकी हैं, जिसमें लगभग 1597 हितधारकों से विचार विमर्श हुआ, जिसमें कुल 1513 सुझाव प्राप्त हुए। यह बैठकें उद्योग क्षेत्र, शिक्षा वर्ग, महिला वर्ग, स्वास्थ क्षेत्र, किसान, सरंपच व पार्षद, युवा व विभिन्न संगठनों के साथ की गई।

उन्होंने कहा कि यह बजट सरकार का नहीं हरियाणा की 2 करोड़ 80 लाख जनता का होगा और यह बजट आंकड़ों का नहीं, आकांक्षाओं का दस्तावेज होगा। यह वर्तमान की जरूरतों और भविष्य के सपनों के बीच एक मजबूत सेतू का काम करेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में जन-प्रतिनिधियों के सहयोग और जनता के विश्वास के साथ, हम निश्चित रूप से विकसित भारत-विकसित हरियाणा-2047 के संकल्प को साकार करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 11 वर्षों में ई-गवर्नेस, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और टेक्नोलॉजी-आधारित निगरानी के माध्यम से शासन को और अधिक पारदर्शी बनाया है, लेकिन जब विपक्ष के नेता हरियाणा की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाते हैं, तो लगता है कि वे आंकड़ों से नहीं, बल्कि आशंकाओं और राजनीतिक हताशा से संवाद कर रहे हैं। प्रदेश की जनता सच्चाई जानती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट पूर्व परामर्श बैठक में सभी विधायकों और सांसदों को निमंत्रण भेजा गया था। परंतु इसमें विपक्ष के नेता नहीं आए। यदि वे इस बैठक में भाग लेते तो कोई बेहतर सुझाव हरियाणा के विकास के लिए देते।

 उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष बजट पूर्व परामर्श बैठकों के दौरान 1592 सुझाव आए थे, जिनमें से 706 सुझावों को बजट में शामिल किया गया था। इनमें से विधायक एवं सांसदों ने 651 सुझाव दिए, 254 सुझावों को बजट में शामिल किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आगामी बजट से हरियाणा के हर किसान की आय बढ़े, खेती लाभ का व्यवसाय बने, जल संरक्षण हो और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन मिले। इसके अलावा कृषि आधारित उद्योगों के नए अवसर पैदा हों। प्रदेश में ऐसा वातावरण बने, जिससे बजट हर युवा के सपनों के अनूकूल हो और उन्हें रोजगार के अवसर सुलभ हों। महिलाओं का सशक्तिकरण शासन की दैनिक सोच होनी चाहिए। इसके अलावा, यह भी प्रयास रहेगा कि गरीब, वंचित, पिछड़े और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाएगा। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के विराट संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री का संदेश है कि आने वाले 25 वर्ष भारत के अमृतकाल के हैं। ऐसा काल जिसमें हर नागरिक का जीवन बेहतर होगा, हर क्षेत्र में अवसर बढेंगे और शासन की हर नीति का केंद्र जन-कल्याण होगा। प्रधानमंत्री के इस राष्ट्रीय संकल्प की एक सशक्त कड़ी हरियाणा बन रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब राज्यों के बजट भी विकसित भारत के विजन के अनुरूप बनेंगे। सरकार का दायित्व है कि हम उनके विजन को धरातल पर उतारें और उनकी इसी प्रेरणा के अनुरूप हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट-2047 तैयार किया गया है।

एक सुझाव के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ करवाने के लिए प्रदेश के 23 जिलों में सभी सुविधाओं से सुसज्जित अस्पताल तैयार कर रही है। इन अस्पतालों में एमआरआई, सिटी स्कैन, डिजिटल एक्स रे, प्राईवेट वार्ड जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। अब तक 10 जिलों में इस तरह के अस्पताल तैयार किए जाने से 48 प्रतिशत आयुष्मान भारत की राशि जारी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक हजार एकड़ भूमि पर स्मार्ट जोन स्थापित करेगी। इस जोन में बिना खाद व कीटनाशक दवाओं के प्राकृतिक खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा, पीएम सूर्य घर योजना के तहत 3 किलोवाट तक के सोलर प्लांट लगाने के लिए सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये के बजट का अलग से प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत लाभ लेने वाले लोगों को अब पूरी राशि देने की आवश्यकता नहीं है।

बैठक में परिवहन मंत्री श्री अनिल विज, विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण मंत्री श्री रणबीर गंगवा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी, सिंचाई मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता राज्य मंत्री श्री राजेश नागर और खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम भी उपस्थित रहे। इसके अलावा सांसद और विधायकों ने भी मूल्यवान सुझाव दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
January 27, 2026

एमडीयू के दृश्य कला विभाग ने रचा इतिहास, 500 वर्ग फीट की विशाल भारत माता पेंटिंग का निर्माण

एमडीयू के दृश्य कला विभाग ने रचा इतिहास, 500 वर्ग फीट की विशाल भारत माता पेंटिंग का निर्माण
रोहतक : महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के दृश्य कला विभाग के विद्यार्थियों ने गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर कला के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। विभाग के विद्यार्थियों द्वारा लगभग 500 वर्ग फीट आकार की विशाल भारत माता की पेंटिंग का निर्माण किया गया, जो अपने भव्य आकार, कलात्मक प्रस्तुति और भावनात्मक प्रभाव के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
दृश्य कला विभाग के अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने बताया कि यह विशाल कलाकृति कैनवास पर तैयार की गई है, जिसे अब तक निर्मित भारत माता की पेंटिंग्स में दुर्लभ और विशिष्ट माना जा रहा है। पेंटिंग में भारतीय पारंपरिक रंगों के साथ-साथ यूरोपीय रंग शैली का सुंदर और संतुलित समन्वय देखने को मिलता है, जो इस कृति को राष्ट्रीय भावना के साथ वैश्विक कला दृष्टिकोण से भी जोड़ता है।
विद्यार्थियों ने भारत माता के स्वरूप को सशक्त, गरिमामय और सांस्कृतिक चेतना से परिपूर्ण रूप में प्रस्तुत किया है। रचना में रंगों का संयोजन, संरचना की सुदृढ़ता और भावों की अभिव्यक्ति दर्शकों को गहराई से प्रभावित करती है। यह पेंटिंग विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता, समर्पण और कलात्मक समझ का उत्कृष्ट उदाहरण है।
26 जनवरी को इस विशाल भारत माता पेंटिंग को एमडीयू के टैगोर सभागार के बाहर प्रदर्शित किया गया, जहां विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा आगंतुकों ने इसे अत्यंत सराहा। अनेक दर्शकों ने इसे देशप्रेम, कला और सांस्कृतिक गौरव का प्रभावशाली प्रतीक बताया। दृश्य कला विभाग के अध्यक्ष डॉ संजय कुमार ने इस पेंटिंग बारे जानकारी दी।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि दृश्य कला विभाग द्वारा किया गया यह प्रयास युवा प्रतिभा, रचनात्मक सोच और राष्ट्रीय चेतना का सुंदर संगम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कलात्मक गतिविधियां न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारती हैं, बल्कि उनमें देश के प्रति गौरव, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करती हैं। कुलपति ने विद्यार्थियों और विभाग के शिक्षकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर भारतीय पुनर्वास परिषद की पूर्व चेयरमैन डॉ. शरणजीत कौर, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस. सी. मलिक, कुलसचिव डॉ. कृष्णकांत सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी तथा अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। दृश्य कला विभाग द्वारा किया गया यह सराहनीय प्रयास विद्यार्थियों की मेहनत, सामूहिक सहयोग और समकालीन कला दृष्टि को उजागर करता है। यह उपलब्धि न केवल विभाग बल्कि पूरे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है और भविष्य में ऐसे और रचनात्मक प्रयासों के लिए प्रेरणा प्रदान करती है।