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Monday, August 31, 2020

सीआरएसयू में यूजी व पीजी के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा आज से होंगी शुरु

सीआरएसयू में यूजी व पीजी के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा आज से होंगी शुरु

--आॅफ लाइन व आॅन लाइन मोड से परीक्षा दे सकेंगे विद्यार्थी
--आॅफ या आॅन लाइन में एक विकल्प चुन सकेंगे विद्यार्थी, विकल्प चयन के बाद नहीं कर सकेंगे बदलाव
--आॅन लाइन परीक्षा देने वाले विद्यार्थी को स्वयं करनी पड़ेगी इंटरनेट व लेपटाप की व्यवस्था
--नकल रोकने के लिए परीक्षा के दौरान होगी विद्यार्थी की रिकोर्डिंग

जींद, 31 अगस्त (संजय तिरँगाधारी) : चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय द्वारा एक सितंबर से पीजी व यूजी के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। विद्यार्थी आॅफ लाइन व आॅन लाइन किसी भी तरीके से परीक्षा दे सकते हैं। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। दोनों विकल्पों में से विद्यार्थियों को एक विकल्प का चयन करना होगा। एक बार विकल्प का चयन करने के बाद विद्यार्थी उसमें फेरबदल नहीं कर सकेंगे। आॅन लाइन परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को इंटरनेट व लैपटाप की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।
कुलपति प्रो. राजबीर सोलंकी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि आॅन लाइन परीक्षा के दौरान नकल को रोकने के लिए पूरी परीक्षा के दौरान विद्यार्थी की वीडियो रिकार्डिंग होगी। यदि विद्यार्थी वीडियो रिकार्डिंग के दौरान नकल करते पकड़ा जाता है तो उसका यूएमसी बना दिया जाएगा। सीआरएसयू द्वारा एक सितंबर से आॅफ लाइन परीक्षा का आयोजन किया जाएगा तथा लगभग 15 सितंबर के आस-पास आॅन लाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी। यदि विद्यार्थी दोनों परीक्षाओं में से किसी में भी भाग नहीं लेता है तो उसको फेल कर दिया जाएगा। सीआरएसयू व इसके अधीन आने वाले सभी कॉलेजों के 16 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें लगभग 6700 विद्यार्थी स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की परीक्षाएं देंगे। विश्वविद्यालय आॅफलाइन एवं आॅनलाइन मोड दोनों तरीके से परीक्षाएं आयोजित करवा रहा है जिसमें 1 सितंबर से परीक्षाएं होंगी और 24 सितंबर तक चलेंगी। विश्वविद्यालय ने आॅनलाइन परीक्षाओं के विषय में विशेष रूप से कहा कि आॅनलाइन परीक्षा के दौरान विद्यार्थी कॉल नेटवर्क या डॉक्युमेंट स्कैनिंग में आ रही परेशानी विद्यार्थी की स्वयं की होगी और परीक्षा के दौरान चेयर छोड़ने पर यूएमसी बना दी जाएगी। आॅनलाइन का रिजल्ट भी 15 दिन देरी से आएगा। 24 सितंबर के बाद रिपेयर की परीक्षा आयोजित की जाएगी। कोरोना से बचाव के लिए परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से पहले हर विद्यार्थी का तापमान चैक कर स्क्रीनिंग की जाएगी। यदि स्क्रीनिंग के दौरान किसी विद्यार्थी का तापमान ज्यादा आता है तो उसको अलग कमरे में परीक्षा देने की सुविधा दी जाएगी। अगर वह विद्यार्थी असलियत में बहुत ज्यादा बीमार है तो विश्वविद्यालय उसकी परीक्षाएं बाद में आयोजित करेगा ताकि इन विकट परिस्थितियों में किसी भी विद्यार्थी को कोई समस्या न हो। हर विद्यार्थी परीक्षा के दौरान मास्क पहनना होगा व हर कक्षा में केवल 15 से 20 विद्यार्थी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही परीक्षाएं दे पाएंगे जिसमें हर कक्षा को सैनिटाइज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान विश्वविद्यालय कॉलेज बंद रहे परंतु इस दौरान आॅनलाइन पढ़ाई करवाई गई लेकिन इसका ध्यान रखते हुए विश्वविद्यालय में पेपर में बदलाव करते हुए 9 में से कोई भी पांच प्रश्न हल करने की छूट दी है। विश्वविद्यालय यूजीसी गाइडलाइन से ही इन परीक्षाओं को करवाएगा। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए विश्वविद्यालय सीआरएसयू की वेबसाइट पर एक दिन पहले ही सीटिंग प्लान भी डालेगा ताकि विद्यार्थियों को सीटिंग प्लान को लेकर किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। विश्वविद्यालय 30 सितंबर तक इन परीक्षाओं का रिजल्ट निकाल देगा ताकि नए सत्र के एडमिशन में देरी न हो। परीक्षाओं के दौरान जितने भी कक्षा अनुसार निरीक्षक होंगे वह मुंह पर मास्क व हाथों में दस्ताने डाले होंगे। इस दौरान विश्वविद्यालय परीक्षा नियंत्रक डॉ राजेश बंसल, डीन आॅफ एकेडमिक अफेयर प्रोफेसर एसके सिन्हा भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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